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संत शिरोमणि आचार्य श्री विद्यासागर जी महाराज के परम शिष्य पूज्य मुनि श्री मार्दव सागर जी महाराज और नवदीक्षित मुनि श्री सहजानंद सागर जी महाराज ससंघ का शनिवार प्रातः तेज बारिश के बीच आष्टा नगर में मंगल प्रवेश हुआ। कन्नौद रोड स्थित कृषि उपज मंडी गेट से शुरू हुए इस भव्य प्रवेश में जैन समाज के बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए। झमाझम वर्षा के बावजूद श्रद्धालुओं की आस्था और उत्साह में कोई कमी नहीं दिखी, जिससे संपूर्ण वातावरण धर्ममय और भक्तिमय हो उठा। मंगल प्रवेश के बाद पूज्य मुनि संघ की आहारचर्या किला मंदिर से संपन्न हुई। इसके बाद श्री चंद्रप्रभु दिगंबर जैन मंदिर, गंज में आयोजित धर्मसभा में मुनि श्री मार्दव सागर जी महाराज ने प्रेरणादायी आशीर्वचन प्रदान किए। समाज के नरेन्द्र गंगवाल ने यह जानकारी दी। मुनि श्री ने धर्म, संस्कार, स्वाध्याय, संयम और बच्चों के भविष्य से जुड़े महत्वपूर्ण संदेश दिए, विशेष रूप से माता-पिता को बाल्यकाल से ही बच्चों पर ध्यान देने की आवश्यकता पर जोर दिया। अपने आशीर्वचनों में मुनि श्री ने कहा कि बच्चों को संस्कार, धर्म और अध्ययन की ओर प्रेरित करना चाहिए, न कि छोटी उम्र में मोबाइल फोन देकर उनके जीवन और भविष्य को खराब करना। उन्होंने बताया कि मोबाइल की लत बच्चों के मानसिक, शारीरिक और आध्यात्मिक विकास में बाधा बन रही है। मुनि श्री ने नई पीढ़ी को धर्म और संस्कारों से जोड़कर समाज का भविष्य उज्ज्वल करने, धार्मिक ग्रंथों के अध्ययन, गुरुओं का सान्निध्य और श्रेष्ठ संस्कार प्रदान करने को समय की सबसे बड़ी आवश्यकता बताया। उन्होंने मानव मात्र के प्रति दया, प्रेम और सौहार्द रखने, आपसी प्रेम और भाईचारा बढ़ाने तथा धर्म को केवल पूजा-पाठ तक सीमित न रखकर व्यवहार में भी उतारने का आह्वान किया। त्याग, तपस्या और संयम को आत्मकल्याण का मार्ग बताते हुए, उन्होंने इंद्रियों को वश में कर संयमपूर्वक जीवन जीने की बात कही। मुनि श्री ने जैन समाज द्वारा अपने महत्वपूर्ण तीर्थ क्षेत्रों पर अपेक्षित ध्यान न दिए जाने पर चिंता व्यक्त की, जिससे कई ऐतिहासिक और महत्वपूर्ण तीर्थ स्थल समाज के हाथों से निकलते जा रहे हैं। उन्होंने तीर्थों, मंदिरों और धार्मिक धरोहरों के संरक्षण के लिए गंभीर प्रयास करने की आवश्यकता पर बल दिया। स्वाध्याय के महत्व को पूजा-पाठ से भी अधिक बताते हुए, उन्होंने कहा कि धर्मग्रंथों के अध्ययन से ही धर्म का वास्तविक स्वरूप समझ आता है और बिना ज्ञान के श्रद्धा अधूरी रहती है। उन्होंने महापुराण सहित अन्य जैन ग्रंथों के नियमित अध्ययन और जिनवाणी के अनुसार जीवन जीने की प्रेरणा दी। णमोकार महामंत्र को अनंत शक्तियों का स्रोत बताते हुए, मुनि श्री ने इसके नियमित जाप पर जोर दिया और कई लोगों को इसके सही उच्चारण का ज्ञान न होने पर चिंता जताई। उन्होंने समाज से बच्चों और युवाओं को धर्म की मूल शिक्षाओं से जोड़ने का आग्रह किया। मुनि श्री ने कहा कि जैन धर्म प्राप्त होना अत्यंत दुर्लभ है और इस मानव जीवन को सार्थक बनाने के लिए निरंतर श्रवण, स्वाध्याय, साधना और धर्मचिंतन करते रहना चाहिए। तीर्थंकर भगवान के जीवन से प्रेरणा लेने और आत्मा की पहचान करने का प्रयास करने का संदेश देते हुए, उन्होंने गुरु, शास्त्र और देव के प्रति अटूट श्रद्धा बनाए रखने की बात कही। अंत में, मुनि श्री ने समाजजनों से भगवान की यात्रा, रथयात्रा जैसे धार्मिक आयोजनों और साधु-संतों के आगमन पर सभी कार्य छोड़कर सहभागिता करने का आह्वान किया, क्योंकि जैन धर्म की प्रभावना प्रत्येक व्यक्ति का कर्तव्य है। मुनि संघ के मंगल प्रवेश और आशीर्वचनों से संपूर्ण नगर धर्ममय वातावरण में सराबोर हो गया।

18 hrs ago
user_Rajendra Gangwal
Rajendra Gangwal
Ashta, Sehore•
18 hrs ago

संत शिरोमणि आचार्य श्री विद्यासागर जी महाराज के परम शिष्य पूज्य मुनि श्री मार्दव सागर जी महाराज और नवदीक्षित मुनि श्री सहजानंद सागर जी महाराज ससंघ का शनिवार प्रातः तेज बारिश के बीच आष्टा नगर में मंगल प्रवेश हुआ। कन्नौद रोड स्थित कृषि उपज मंडी गेट से शुरू हुए इस भव्य प्रवेश में जैन समाज के बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए। झमाझम वर्षा के बावजूद श्रद्धालुओं की आस्था और उत्साह में कोई कमी नहीं दिखी, जिससे संपूर्ण वातावरण धर्ममय और भक्तिमय हो उठा। मंगल प्रवेश के बाद पूज्य मुनि संघ की आहारचर्या किला मंदिर से संपन्न हुई। इसके बाद श्री चंद्रप्रभु दिगंबर जैन मंदिर, गंज में आयोजित धर्मसभा में मुनि श्री मार्दव सागर जी महाराज ने प्रेरणादायी आशीर्वचन प्रदान किए। समाज के नरेन्द्र गंगवाल ने यह जानकारी दी। मुनि श्री ने धर्म, संस्कार, स्वाध्याय, संयम और बच्चों के भविष्य से जुड़े महत्वपूर्ण संदेश दिए, विशेष रूप से माता-पिता को बाल्यकाल से ही बच्चों पर ध्यान देने की आवश्यकता पर जोर दिया। अपने आशीर्वचनों में मुनि श्री ने कहा कि बच्चों को संस्कार, धर्म और अध्ययन की ओर प्रेरित करना चाहिए, न कि छोटी उम्र में मोबाइल फोन देकर उनके जीवन और भविष्य को खराब करना। उन्होंने बताया कि मोबाइल की लत बच्चों के मानसिक, शारीरिक और आध्यात्मिक विकास में बाधा बन रही है। मुनि श्री ने नई पीढ़ी को धर्म और संस्कारों से जोड़कर समाज का भविष्य उज्ज्वल करने, धार्मिक ग्रंथों के अध्ययन, गुरुओं का सान्निध्य और श्रेष्ठ संस्कार प्रदान करने को समय की सबसे बड़ी आवश्यकता बताया। उन्होंने मानव मात्र के प्रति दया, प्रेम और सौहार्द रखने, आपसी प्रेम और भाईचारा बढ़ाने तथा धर्म को केवल पूजा-पाठ तक सीमित न रखकर व्यवहार में भी उतारने का आह्वान किया। त्याग, तपस्या और संयम को आत्मकल्याण का मार्ग बताते हुए, उन्होंने इंद्रियों को वश में कर संयमपूर्वक जीवन जीने की बात कही। मुनि श्री ने जैन समाज द्वारा अपने महत्वपूर्ण तीर्थ क्षेत्रों पर अपेक्षित ध्यान न दिए जाने पर चिंता व्यक्त की, जिससे कई ऐतिहासिक और महत्वपूर्ण तीर्थ स्थल समाज के हाथों से निकलते जा रहे हैं। उन्होंने तीर्थों, मंदिरों और धार्मिक धरोहरों के संरक्षण के लिए गंभीर प्रयास करने की आवश्यकता पर बल दिया। स्वाध्याय के महत्व को पूजा-पाठ से भी अधिक बताते हुए, उन्होंने कहा कि धर्मग्रंथों के अध्ययन से ही धर्म का वास्तविक स्वरूप समझ आता है और बिना ज्ञान के श्रद्धा अधूरी रहती है। उन्होंने महापुराण सहित अन्य जैन ग्रंथों के नियमित अध्ययन और जिनवाणी के अनुसार जीवन जीने की प्रेरणा दी। णमोकार महामंत्र को अनंत शक्तियों का स्रोत बताते हुए, मुनि श्री ने इसके नियमित जाप पर जोर दिया और कई लोगों को इसके सही उच्चारण का ज्ञान न होने पर चिंता जताई। उन्होंने समाज से बच्चों और युवाओं को धर्म की मूल शिक्षाओं से जोड़ने का आग्रह किया। मुनि श्री ने कहा कि जैन धर्म प्राप्त होना अत्यंत दुर्लभ है और इस मानव जीवन को सार्थक बनाने के लिए निरंतर श्रवण, स्वाध्याय, साधना और धर्मचिंतन करते रहना चाहिए। तीर्थंकर भगवान के जीवन से प्रेरणा लेने और आत्मा की पहचान करने का प्रयास करने का संदेश देते हुए, उन्होंने गुरु, शास्त्र और देव के प्रति अटूट श्रद्धा बनाए रखने की बात कही। अंत में, मुनि श्री ने समाजजनों से भगवान की यात्रा, रथयात्रा जैसे धार्मिक आयोजनों और साधु-संतों के आगमन पर सभी कार्य छोड़कर सहभागिता करने का आह्वान किया, क्योंकि जैन धर्म की प्रभावना प्रत्येक व्यक्ति का कर्तव्य है। मुनि संघ के मंगल प्रवेश और आशीर्वचनों से संपूर्ण नगर धर्ममय वातावरण में सराबोर हो गया।

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    संत शिरोमणि आचार्य श्री विद्यासागर जी महाराज के परम शिष्य पूज्य मुनि श्री मार्दव सागर जी महाराज और नवदीक्षित मुनि श्री सहजानंद सागर जी महाराज ससंघ का शनिवार प्रातः तेज बारिश के बीच आष्टा नगर में मंगल प्रवेश हुआ। कन्नौद रोड स्थित कृषि उपज मंडी गेट से शुरू हुए इस भव्य प्रवेश में जैन समाज के बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए। झमाझम वर्षा के बावजूद श्रद्धालुओं की आस्था और उत्साह में कोई कमी नहीं दिखी, जिससे संपूर्ण वातावरण धर्ममय और भक्तिमय हो उठा।

मंगल प्रवेश के बाद पूज्य मुनि संघ की आहारचर्या किला मंदिर से संपन्न हुई। इसके बाद श्री चंद्रप्रभु दिगंबर जैन मंदिर, गंज में आयोजित धर्मसभा में मुनि श्री मार्दव सागर जी महाराज ने प्रेरणादायी आशीर्वचन प्रदान किए। समाज के नरेन्द्र गंगवाल ने यह जानकारी दी। मुनि श्री ने धर्म, संस्कार, स्वाध्याय, संयम और बच्चों के भविष्य से जुड़े महत्वपूर्ण संदेश दिए, विशेष रूप से माता-पिता को बाल्यकाल से ही बच्चों पर ध्यान देने की आवश्यकता पर जोर दिया।

अपने आशीर्वचनों में मुनि श्री ने कहा कि बच्चों को संस्कार, धर्म और अध्ययन की ओर प्रेरित करना चाहिए, न कि छोटी उम्र में मोबाइल फोन देकर उनके जीवन और भविष्य को खराब करना। उन्होंने बताया कि मोबाइल की लत बच्चों के मानसिक, शारीरिक और आध्यात्मिक विकास में बाधा बन रही है। मुनि श्री ने नई पीढ़ी को धर्म और संस्कारों से जोड़कर समाज का भविष्य उज्ज्वल करने, धार्मिक ग्रंथों के अध्ययन, गुरुओं का सान्निध्य और श्रेष्ठ संस्कार प्रदान करने को समय की सबसे बड़ी आवश्यकता बताया। उन्होंने मानव मात्र के प्रति दया, प्रेम और सौहार्द रखने, आपसी प्रेम और भाईचारा बढ़ाने तथा धर्म को केवल पूजा-पाठ तक सीमित न रखकर व्यवहार में भी उतारने का आह्वान किया। त्याग, तपस्या और संयम को आत्मकल्याण का मार्ग बताते हुए, उन्होंने इंद्रियों को वश में कर संयमपूर्वक जीवन जीने की बात कही।

मुनि श्री ने जैन समाज द्वारा अपने महत्वपूर्ण तीर्थ क्षेत्रों पर अपेक्षित ध्यान न दिए जाने पर चिंता व्यक्त की, जिससे कई ऐतिहासिक और महत्वपूर्ण तीर्थ स्थल समाज के हाथों से निकलते जा रहे हैं। उन्होंने तीर्थों, मंदिरों और धार्मिक धरोहरों के संरक्षण के लिए गंभीर प्रयास करने की आवश्यकता पर बल दिया। स्वाध्याय के महत्व को पूजा-पाठ से भी अधिक बताते हुए, उन्होंने कहा कि धर्मग्रंथों के अध्ययन से ही धर्म का वास्तविक स्वरूप समझ आता है और बिना ज्ञान के श्रद्धा अधूरी रहती है। उन्होंने महापुराण सहित अन्य जैन ग्रंथों के नियमित अध्ययन और जिनवाणी के अनुसार जीवन जीने की प्रेरणा दी।

णमोकार महामंत्र को अनंत शक्तियों का स्रोत बताते हुए, मुनि श्री ने इसके नियमित जाप पर जोर दिया और कई लोगों को इसके सही उच्चारण का ज्ञान न होने पर चिंता जताई। उन्होंने समाज से बच्चों और युवाओं को धर्म की मूल शिक्षाओं से जोड़ने का आग्रह किया। मुनि श्री ने कहा कि जैन धर्म प्राप्त होना अत्यंत दुर्लभ है और इस मानव जीवन को सार्थक बनाने के लिए निरंतर श्रवण, स्वाध्याय, साधना और धर्मचिंतन करते रहना चाहिए। तीर्थंकर भगवान के जीवन से प्रेरणा लेने और आत्मा की पहचान करने का प्रयास करने का संदेश देते हुए, उन्होंने गुरु, शास्त्र और देव के प्रति अटूट श्रद्धा बनाए रखने की बात कही। अंत में, मुनि श्री ने समाजजनों से भगवान की यात्रा, रथयात्रा जैसे धार्मिक आयोजनों और साधु-संतों के आगमन पर सभी कार्य छोड़कर सहभागिता करने का आह्वान किया, क्योंकि जैन धर्म की प्रभावना प्रत्येक व्यक्ति का कर्तव्य है। मुनि संघ के मंगल प्रवेश और आशीर्वचनों से संपूर्ण नगर धर्ममय वातावरण में सराबोर हो गया।
    user_Rajendra Gangwal
    Rajendra Gangwal
    Ashta, Sehore•
    18 hrs ago
  • देवास के उज्जैन रोड बाईपास पर स्थित रेलवे ओवर ब्रिज के ऊपर शनिवार को एक स्कूल वैन में अज्ञात कारणों के चलते आग लग गई। इस वैन में स्कूली बच्चे सवार थे, जिन्हें राहगीरों की तत्परता और मदद से समय रहते सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। यह वैन 'द डेल्टा स्कूल' की बताई जा रही है। आग लगने से वैन में चारों ओर धुआं भर गया था, लेकिन समय पर बच्चों को निकाले जाने से एक बड़ा हादसा टल गया। इस पूरी घटना का एक वीडियो रविवार शाम 6 बजे से सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
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    देवास के उज्जैन रोड बाईपास पर स्थित रेलवे ओवर ब्रिज के ऊपर शनिवार को एक स्कूल वैन में अज्ञात कारणों के चलते आग लग गई। इस वैन में स्कूली बच्चे सवार थे, जिन्हें राहगीरों की तत्परता और मदद से समय रहते सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। यह वैन 'द डेल्टा स्कूल' की बताई जा रही है।

आग लगने से वैन में चारों ओर धुआं भर गया था, लेकिन समय पर बच्चों को निकाले जाने से एक बड़ा हादसा टल गया। इस पूरी घटना का एक वीडियो रविवार शाम 6 बजे से सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
    user_Rajendra shreevas
    Rajendra shreevas
    Local News Reporter कन्नौद, देवास, मध्य प्रदेश•
    16 hrs ago
  • सीहोर की अहमदपुर पुलिस ने तत्परता और सूझबूझ का परिचय देते हुए घर से लापता हुए एक नाबालिग किशोर को उज्जैन रेलवे स्टेशन से सकुशल ढूंढ निकाला और उसे उसके परिजनों को सौंप दिया। इस पूरे मामले में सीहोर की साइबर सेल ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। ग्राम दूरगांव निवासी रामदयाल तंवर ने अहमदपुर थाने में सूचना दी थी कि उनका 16 वर्ष 11 माह का बेटा 1 जुलाई 2026 को बिना बताए घर से कहीं चला गया है। इस सूचना के आधार पर थाना अहमदपुर में अपराध क्रमांक 178/26 धारा 137(2) के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई। मामले की गंभीरता को देखते हुए, सीहोर के पुलिस अधीक्षक और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में तत्काल कार्रवाई की गई। एसडीओपी देहात सीहोर के मार्गदर्शन में एक पुलिस टीम का गठन कर संभावित स्थानों पर किशोर की तलाश की गई। साइबर सेल सीहोर की मदद से पुलिस ने नाबालिग को उज्जैन रेलवे स्टेशन से सकुशल बरामद कर लिया। पूछताछ में किशोर ने बताया कि वह नवोदय बोर्डिंग स्कूल श्यामपुर नहीं जाना चाहता था, और इसी वजह से वह अपनी मर्जी से घर से निकल गया था। उसने रास्ते में अपने मोबाइल फोन की सिम निकालकर फेंक दी और बस से भोपाल पहुंचा। वहां से ऑटो के जरिए रेलवे स्टेशन जाकर रात बिताई और फिर ट्रेन से उज्जैन चला गया। किशोर ने आगे बताया कि घर वालों की डांट के डर से उसने उज्जैन रेलवे स्टेशन पर वाई-फाई का इस्तेमाल कर इंस्टाग्राम के माध्यम से अपनी बहन को 5 लाख रुपये की मांग वाला संदेश भेजा। उसने अपने अपहरण की एक झूठी कहानी भी गढ़ी, ताकि घर लौटने पर उसे डांट न पड़े। पुलिस जांच में यह स्पष्ट हुआ कि किशोर अपनी मर्जी से घर से गया था और उसके साथ किसी प्रकार की कोई घटना या दुर्घटना नहीं हुई। आवश्यक पूछताछ और कार्रवाई के बाद उसे सकुशल परिजनों को सौंप दिया गया। इस सराहनीय कार्रवाई में निरीक्षक रमन सिंह ठाकुर, उप निरीक्षक पुष्पेंद्र सिंह यादव, प्रधान आरक्षक राजेश मालवीय, आरक्षक पवन वर्मा, आरक्षक अभिषेक मालवीय, सैनिक बलराम और सैनिक तेजसिंह ने महत्वपूर्ण योगदान दिया।
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    सीहोर की अहमदपुर पुलिस ने तत्परता और सूझबूझ का परिचय देते हुए घर से लापता हुए एक नाबालिग किशोर को उज्जैन रेलवे स्टेशन से सकुशल ढूंढ निकाला और उसे उसके परिजनों को सौंप दिया। इस पूरे मामले में सीहोर की साइबर सेल ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। ग्राम दूरगांव निवासी रामदयाल तंवर ने अहमदपुर थाने में सूचना दी थी कि उनका 16 वर्ष 11 माह का बेटा 1 जुलाई 2026 को बिना बताए घर से कहीं चला गया है। इस सूचना के आधार पर थाना अहमदपुर में अपराध क्रमांक 178/26 धारा 137(2) के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई।

मामले की गंभीरता को देखते हुए, सीहोर के पुलिस अधीक्षक और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में तत्काल कार्रवाई की गई। एसडीओपी देहात सीहोर के मार्गदर्शन में एक पुलिस टीम का गठन कर संभावित स्थानों पर किशोर की तलाश की गई। साइबर सेल सीहोर की मदद से पुलिस ने नाबालिग को उज्जैन रेलवे स्टेशन से सकुशल बरामद कर लिया। पूछताछ में किशोर ने बताया कि वह नवोदय बोर्डिंग स्कूल श्यामपुर नहीं जाना चाहता था, और इसी वजह से वह अपनी मर्जी से घर से निकल गया था। उसने रास्ते में अपने मोबाइल फोन की सिम निकालकर फेंक दी और बस से भोपाल पहुंचा। वहां से ऑटो के जरिए रेलवे स्टेशन जाकर रात बिताई और फिर ट्रेन से उज्जैन चला गया।

किशोर ने आगे बताया कि घर वालों की डांट के डर से उसने उज्जैन रेलवे स्टेशन पर वाई-फाई का इस्तेमाल कर इंस्टाग्राम के माध्यम से अपनी बहन को 5 लाख रुपये की मांग वाला संदेश भेजा। उसने अपने अपहरण की एक झूठी कहानी भी गढ़ी, ताकि घर लौटने पर उसे डांट न पड़े। पुलिस जांच में यह स्पष्ट हुआ कि किशोर अपनी मर्जी से घर से गया था और उसके साथ किसी प्रकार की कोई घटना या दुर्घटना नहीं हुई। आवश्यक पूछताछ और कार्रवाई के बाद उसे सकुशल परिजनों को सौंप दिया गया।

इस सराहनीय कार्रवाई में निरीक्षक रमन सिंह ठाकुर, उप निरीक्षक पुष्पेंद्र सिंह यादव, प्रधान आरक्षक राजेश मालवीय, आरक्षक पवन वर्मा, आरक्षक अभिषेक मालवीय, सैनिक बलराम और सैनिक तेजसिंह ने महत्वपूर्ण योगदान दिया।
    user_रिपोर्टर देवेन्द्र सिंह मीना
    रिपोर्टर देवेन्द्र सिंह मीना
    Local News Reporter सीहोर नगर, सीहोर, मध्य प्रदेश•
    3 hrs ago
  • शाजापुर शहर के कोतवाली थाना क्षेत्र में रविवार को एक महिला के साथ जेवर ठगी की घटना सामने आई है। ग्राम खेड़ा पहाड़ की निवासी कैलाशबाई बंजारा साप्ताहिक हाट बाजार आई थीं, तभी दो अज्ञात युवकों ने उन पर स्प्रे छिड़क दिया। पीड़िता कैलाशबाई बंजारा के अनुसार, स्प्रे के प्रभाव से उन्हें चक्कर आने लगे, जिसका फायदा उठाकर बदमाशों ने बातों में उलझाकर उनकी सोने की नथ और मंगलसूत्र लेकर फरार हो गए। होश में आने पर महिला ने तत्काल पुलिस को सूचना दी। कोतवाली पुलिस ने शिकायत दर्ज कर ली है और आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगालकर मामले की जांच में जुट गई है।
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    शाजापुर शहर के कोतवाली थाना क्षेत्र में रविवार को एक महिला के साथ जेवर ठगी की घटना सामने आई है। ग्राम खेड़ा पहाड़ की निवासी कैलाशबाई बंजारा साप्ताहिक हाट बाजार आई थीं, तभी दो अज्ञात युवकों ने उन पर स्प्रे छिड़क दिया।

पीड़िता कैलाशबाई बंजारा के अनुसार, स्प्रे के प्रभाव से उन्हें चक्कर आने लगे, जिसका फायदा उठाकर बदमाशों ने बातों में उलझाकर उनकी सोने की नथ और मंगलसूत्र लेकर फरार हो गए। होश में आने पर महिला ने तत्काल पुलिस को सूचना दी। कोतवाली पुलिस ने शिकायत दर्ज कर ली है और आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगालकर मामले की जांच में जुट गई है।
    user_सत्य एक्सप्रेस न्यूज
    सत्य एक्सप्रेस न्यूज
    पत्रकार Shujalpur, Shajapur•
    6 hrs ago
  • मध्य प्रदेश के शाजापुर जिले के गुलान क्षेत्र में पानी लपक कर बारिश हो रही है।
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    मध्य प्रदेश के शाजापुर जिले के गुलान क्षेत्र में पानी लपक कर बारिश हो रही है।
    user_Vasim khan
    Vasim khan
    गुलाणा, शाजापुर, मध्य प्रदेश•
    19 hrs ago
  • भोपाल के थाना स्टेशन बजरिया क्षेत्र में पुलिस ने शराब तस्करों के खिलाफ एक महत्वपूर्ण कार्रवाई की है। थाना स्टेशन बजरिया पुलिस ने इस अभियान के तहत एक शराब तस्कर को गिरफ्तार करने में सफलता प्राप्त की है। पुलिस द्वारा आरोपी से बरामद सामग्री के संबंध में और मामले की आगे की जांच लगातार जारी है।
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    भोपाल के थाना स्टेशन बजरिया क्षेत्र में पुलिस ने शराब तस्करों के खिलाफ एक महत्वपूर्ण कार्रवाई की है। थाना स्टेशन बजरिया पुलिस ने इस अभियान के तहत एक शराब तस्कर को गिरफ्तार करने में सफलता प्राप्त की है।

पुलिस द्वारा आरोपी से बरामद सामग्री के संबंध में और मामले की आगे की जांच लगातार जारी है।
    user_Naved khan
    Naved khan
    हुजूर, भोपाल, मध्य प्रदेश•
    1 hr ago
  • दिल्ली में भाजपा सरकार सड़कों पर एक विशेष प्रदूषण नियंत्रण उपकरण स्थापित कर रही है, जिसका मुख्य उद्देश्य वाहनों से निकलने वाले धुएं और हवा में मौजूद प्रदूषक कणों को प्रभावी ढंग से नियंत्रित करना है। यह अभिनव उपकरण इन हानिकारक कणों और धुएं को अपनी ओर खींचकर उन्हें फिल्टर करता है। फिल्टर प्रक्रिया पूरी होने के बाद, यह प्रणाली स्वच्छ हवा को वापस वातावरण में छोड़ती है, जिससे समग्र प्रदूषण के स्तर को कम करने में सहायता मिलती है। इस पहल को स्वच्छ पर्यावरण सुनिश्चित करने, बेहतर स्वास्थ्य को बढ़ावा देने और आने वाली पीढ़ियों के लिए एक सुरक्षित भविष्य बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास बताया गया है, जिसे भाजपा सरकार की 'स्वस्छ और स्वस्थ दिल्ली' के लिए एक अभिनव पहल के रूप में सराहा जा रहा है। पोस्ट में पाठकों से यह भी पूछा गया है कि क्या उन्होंने दिल्ली में इससे पहले ऐसे प्रयास देखे हैं और उन्हें अपनी राय कमेंट्स में बताने का आग्रह किया गया है।
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    दिल्ली में भाजपा सरकार सड़कों पर एक विशेष प्रदूषण नियंत्रण उपकरण स्थापित कर रही है, जिसका मुख्य उद्देश्य वाहनों से निकलने वाले धुएं और हवा में मौजूद प्रदूषक कणों को प्रभावी ढंग से नियंत्रित करना है। यह अभिनव उपकरण इन हानिकारक कणों और धुएं को अपनी ओर खींचकर उन्हें फिल्टर करता है।

फिल्टर प्रक्रिया पूरी होने के बाद, यह प्रणाली स्वच्छ हवा को वापस वातावरण में छोड़ती है, जिससे समग्र प्रदूषण के स्तर को कम करने में सहायता मिलती है। इस पहल को स्वच्छ पर्यावरण सुनिश्चित करने, बेहतर स्वास्थ्य को बढ़ावा देने और आने वाली पीढ़ियों के लिए एक सुरक्षित भविष्य बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास बताया गया है, जिसे भाजपा सरकार की 'स्वस्छ और स्वस्थ दिल्ली' के लिए एक अभिनव पहल के रूप में सराहा जा रहा है। पोस्ट में पाठकों से यह भी पूछा गया है कि क्या उन्होंने दिल्ली में इससे पहले ऐसे प्रयास देखे हैं और उन्हें अपनी राय कमेंट्स में बताने का आग्रह किया गया है।
    user_Rajesh kumar Kundan
    Rajesh kumar Kundan
    Photographer कालापीपल, शाजापुर, मध्य प्रदेश•
    4 hrs ago
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