926आयुर्वेद पदों पर RPSC भर्ती की मांग,डेपुटेशन व्यवस्था के विरोध में प्रदेशभर में प्रदर्शन जयपुर, 1 अगस्त। राजस्थान में 926 रिक्त आयुर्वेद चिकित्सा अधिकारी पदों पर नियमित भर्ती के बजाय सेवानिवृत्त चिकित्सकों की संविदा नियुक्ति के विरोध में प्रदेशभर के बेरोजगार आयुर्वेद चिकित्सकों ने कैंडल मार्च, रैली और शांतिपूर्ण प्रदर्शन किए। चिकित्सकों ने मांग की कि सभी रिक्त पदों पर RPSC के माध्यम से नियमित भर्ती जल्द शुरू की जाए। साथ ही, राजकीय आयुर्वेद महाविद्यालयों में प्रोफेसर, रीडर एवं असिस्टेंट प्रोफेसर के पदों पर वर्षों से चल रही डेपुटेशन व्यवस्था समाप्त कर नियमित भर्ती की जाए। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि डेपुटेशन व्यवस्था से योग्य एम.डी./एम.एस. आयुर्वेद विशेषज्ञों के रोजगार के अवसर प्रभावित हो रहे हैं तथा आयुर्वेद शिक्षा और विद्यार्थियों के क्लीनिकल प्रशिक्षण पर भी असर पड़ रहा है। आयुर्वेद चिकित्सक डॉ. वीरेंद्र सिंह ने कहा कि यदि सरकार जल्द सकारात्मक निर्णय नहीं लेती है तो प्रदेशभर के आयुर्वेद चिकित्सक जयपुर में अनिश्चितकालीन धरना शुरू करेंगे। उन्होंने स्पष्ट किया कि आंदोलन पूरी तरह शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक रहेगा।
926आयुर्वेद पदों पर RPSC भर्ती की मांग,डेपुटेशन व्यवस्था के विरोध में प्रदेशभर में प्रदर्शन जयपुर, 1 अगस्त। राजस्थान में 926 रिक्त आयुर्वेद चिकित्सा अधिकारी पदों पर नियमित भर्ती के बजाय सेवानिवृत्त चिकित्सकों की संविदा नियुक्ति के विरोध में प्रदेशभर के बेरोजगार आयुर्वेद चिकित्सकों ने कैंडल मार्च, रैली और शांतिपूर्ण प्रदर्शन किए। चिकित्सकों ने मांग की कि सभी रिक्त पदों पर RPSC के माध्यम से नियमित भर्ती जल्द शुरू की जाए। साथ ही, राजकीय आयुर्वेद महाविद्यालयों में प्रोफेसर, रीडर एवं असिस्टेंट प्रोफेसर के पदों पर वर्षों से चल रही डेपुटेशन व्यवस्था समाप्त कर नियमित भर्ती की जाए। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि डेपुटेशन व्यवस्था से योग्य एम.डी./एम.एस. आयुर्वेद विशेषज्ञों के रोजगार के अवसर प्रभावित हो रहे हैं तथा आयुर्वेद शिक्षा और विद्यार्थियों के क्लीनिकल प्रशिक्षण पर भी असर पड़ रहा है। आयुर्वेद चिकित्सक डॉ. वीरेंद्र सिंह ने कहा कि यदि सरकार जल्द सकारात्मक निर्णय नहीं लेती है तो प्रदेशभर के आयुर्वेद चिकित्सक जयपुर में अनिश्चितकालीन धरना शुरू करेंगे। उन्होंने स्पष्ट किया कि आंदोलन पूरी तरह शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक रहेगा।
- वक्फ़ के नाम पर चल रही धांधली बंद होनी चाहिए-डॉ. सुरेन्द्र जैन विहिप केंदीय सयुक्त महामंत्री डॉ सुरेन्द्र जैन ने पत्रकार वार्ता में कहा सीमांत क्षेत्र के अतिक्रमण हटाना राष्ट्र की सुरक्षा के लिए जरूरी जोधपुर | विश्व हिंदू परिषद जोधपुर प्रान्त कार्यसमिति की दो दिवसीय बैठक में भाग लेने जोधपुर प्रवास पर आये विहिप के संयुक्त महामंत्री डॉ सुरेंद्र जैन ने रविवार दोपहर हाउसिंग बोर्ड के अग्रसेन भवन में हुई पत्रकार वार्ता को सम्बोधित करते हुए कहा कि यह वर्ष विहिप के श्रद्धेय अशोक जी सिंहल का जन्म शताब्दी वर्ष है, इस शताब्दी वर्ष को विहिप अशोक जी सिंघल को समर्पित करते हुए जोधपुर प्रान्त धूमधाम से मनाएगा, अशोक जी का जोधपुर से अत्यंत गहरा नाता रहा है, आगामी 27 सितंबर से आरम्भ हो रहे इस वर्ष के उद्घाटन पर जोधपुर में एक बड़ा हिंदू सम्मेलन कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा तथा प्रान्त के सभी जिलों में भी हिन्दू सम्मेलन किये जायेंगे। इसी कड़ी में जिलों में दुर्गावाहिनी के शौर्य संचलन एवं युवा सम्मेलन का आयोजन होगा। उन्होंने युवाओं में बढ़ रही नशे की प्रवृत्ति पर कहा कि राजस्थान इसकी गिरफ्त में तेजी से आ रहा है हम बजरंग दल एवं दुर्गावाहिनी के माध्यम से नशामुक्ति अभियान में तेजी लाएंगे और प्रदेश की युवा पीढी का भविष्य सुरक्षित करेंगे। डॉ जैन ने राजस्थान में वक़्फ़ के नाम पर चल रही धांधली एवं मनमानी पर कहा की अब यह खुलकर सामने आ रही है, हजारों एकड़ सरकारी भूमि पर अवैध कब्जा करके उसको उम्मीद पोर्टल के माध्यम से पंजीकृत करवाने का जो षड्यंत्र सामने आया है वो अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है, यदि केंद्र सरकार ने वक़्फ़ कानून में संशोधन नहीं किया होता तो यह सारे देश पर ही कब्जा कर लेते। संयुक्त महामंत्री ने कहा कि राजस्थान में इसकी धांधली पकड़ में आ गई है इसका केंद्र बिंदु वक्फ बोर्ड का मुख्य कार्यकारी अधिकारी अबू सूफियान बताया जा रहा है, साथ ही वक्फ़ बोर्ड स्टॉफ के कई सदस्य इस अपराध में संलिप्त है, विश्व हिंदू परिषद मांग करती है कि गत 16 वर्ष से अपने पद पर कायम मुख्य कार्यकारी अधिकारी को अविलंब हटाया जाए एवं उसके स्टॉफ जो कि सब मुसलमान है उन्हें भी बदला जाए। साथ ही इस प्रकरण की गहन जांच कर दोषियों को कठोर दंड देना चाहिए।1
- रायसिंहनगर ब्लॉक कांग्रेस की सभा में उमड़ा जनसैलाब, निकाय व पंचायत चुनाव की तैयारियों को लेकर कार्यकर्ताओं में दिखा जोश रायसिंहनगर: निकाय एवं पंचायत चुनावों की तैयारियों को लेकर रायसिंहनगर ब्लॉक कांग्रेस द्वारा आयोजित सभा में बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं और समर्थकों की मौजूदगी देखने को मिली। सभा में उमड़े जनसैलाब ने आगामी चुनावों को लेकर कांग्रेस की सक्रियता और उत्साह का संदेश दिया। कार्यक्रम के दौरान पार्टी नेताओं ने संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत करने, कार्यकर्ताओं को एकजुट होकर चुनावी तैयारियों में जुटने और जनता के बीच पार्टी की नीतियों को पहुंचाने का आह्वान किया। वक्ताओं ने कहा कि आगामी निकाय और पंचायत चुनावों में कांग्रेस पूरी मजबूती के साथ मैदान में उतरेगी। सभा में स्थानीय मुद्दों, संगठन विस्तार और चुनावी रणनीति पर भी चर्चा की गई। बड़ी संख्या में मौजूद कार्यकर्ताओं ने पार्टी नेतृत्व के प्रति विश्वास जताते हुए चुनाव में बेहतर प्रदर्शन का संकल्प लिया। राजस्थान में निकाय और पंचायत चुनावों की तैयारियां सभी प्रमुख दलों द्वारा तेज की जा रही हैं।1
- चुनावों की तैयारियों को लेकर हनुमान मंदिर धर्मशाला में ब्लॉक कांग्रेस कमेटी और नगर मंडल की महत्वपूर्ण बैठक श्री गंगानगर के रायसिंहनगर पंचायत राज और नगर निकाय चुनावों की तैयारियों को लेकर हनुमान मंदिर धर्मशाला में ब्लॉक कांग्रेस कमेटी और नगर मंडल की महत्वपूर्ण बैठक संपन्न हुई। मुख्य अतिथि और मौजूद रहे गणमान्य बैठक में पूर्व विधायक दौलत राज नायक और पूर्व विधायक सोना बावरी मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए इस दौरान महिला कांग्रेस सेवा दल जिला अध्यक्ष गोगा देवी नाई, श्यामलाल मुथ्था, दिनेश ठोलिया, जगतार सिंह समरा, संतोष उप-प्रधान* सहित बड़ी संख्या में महिला कार्यकर्ता व अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे बैठक के प्रमुख निर्णय बूथ स्तर तक संगठन मजबूत करने* पर जोर। हर वार्ड में चुनाव प्रबंधन कमेटी गठित करने का निर्णय। महिला शक्ति को आगे लाने पर सहमति। महिला कांग्रेस सेवा दल जिला अध्यक्ष गोगा देवी नायक ने कहा कि महिलाएं चुनाव में कांग्रेस की जीत की आधारशिला बनेंगी। घर-घर जनसंपर्क अभियान चलाकर सरकार की जनविरोधी नीतियों को उजागर करने और कांग्रेस की उपलब्धियां बताने का प्रस्ताव एकजुटता का संकल्प*। सभी नेताओं ने गुटबाजी भुलाकर एकजुट होकर चुनाव मैदान में उतरने पर जोर दिया। पूर्व विधायक दौलत राज नायक ने कहा - "जब कार्यकर्ता और महिला शक्ति साथ होगी तो रायसिंहनगर में कांग्रेस का परचम लहराना तय बैठक के अंत में संगठन को मजबूत करने और आगामी चुनावों में जीत का संकल्प लिया गया1
- की मांग को लेकर ग्रामीणों का अनिश्चितकालीन धरना शुरू ,,,,,, मनरेगा की मांग को लेकर ग्रामीणों का अनिश्चितकालीन धरना शुरू 14 जुलाई के ग्रामीण सेवा शिविर से उठी मांग, 29 जुलाई को VDO को ज्ञापन के बाद भी नहीं हुई कार्रवाई सादुलशहर। ग्राम पंचायत धर्मसिंहवाला में मनरेगा कार्य शुरू कराने की मांग को लेकर ग्रामीणों ने सोमवार, 3 अगस्त को धरना स्थल पर बैठकर अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन शुरू कर दिया। ग्रामीणों का कहना है कि लगातार मांग उठाने के बावजूद उनकी समस्या का समाधान नहीं होने से उन्हें आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ा है। ग्रामीणों के अनुसार 14 जुलाई को ग्राम पंचायत धर्मसिंहवाला में आयोजित ग्रामीण सेवा शिविर में उन्होंने मौके पर मौजूद अधिकारियों को मनरेगा कार्य शुरू नहीं होने की समस्या से अवगत कराया था। इसके बाद भी मांग पूरी नहीं होने पर ग्रामीणों ने 29 जुलाई को VDO भोम सिंह इंदा को ज्ञापन सौंपकर मनरेगा कार्य शुरू कराने की मांग को दोबारा उठाया। ग्रामीणों का कहना है कि ग्रामीण सेवा शिविर को आज 20 दिन हो चुके हैं, लेकिन अभी तक उनकी मांग पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। रोजगार के अभाव में ग्रामीण परिवार परेशान हैं और मजदूरों के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो रहा है। इसी के चलते ग्रामीणों ने 3 अगस्त से अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर दिया है। धरने पर बैठे ग्रामीणों की मुख्य मांग है— “मनरेगा चलाओ, नहीं तो बेरोजगारी भत्ता दो।” ग्रामीणों ने कहा कि वे अपनी मांग को लेकर शांतिपूर्ण तरीके से धरने पर बैठे हैं और प्रशासन से समय रहते समस्या का समाधान करने की मांग कर रहे हैं। ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर जल्द निर्णय नहीं लिया गया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। ग्रामीणों ने स्पष्ट चेतावनी देते हुए कहा कि मांगें नहीं मानी गईं तो वे अनशन पर बैठने को मजबूर होंगे। पहली वार्ता भी रही विफल धरना शुरू होने के बाद ग्रामीणों और प्रशासन के बीच मांगों को लेकर वार्ता भी हुई, लेकिन पहली वार्ता विफल रही। मांगों पर ठोस सहमति नहीं बनने के कारण ग्रामीणों ने धरना जारी रखने का निर्णय लिया है। अब ग्रामीणों की नजर प्रशासन की अगली कार्रवाई पर है। देखना होगा कि प्रशासन मनरेगा कार्य शुरू कराने को लेकर क्या कदम उठाता है और ग्रामीणों का आंदोलन कब तक जारी रहता है।4
- धर्मसिंहवाला में उबला जनाक्रोश, 2 साल से ठप मनरेगा के खिलाफ ग्रामीणों का हल्ला बोल, कल से अनिश्चितकालीन धरना... भूख हड़ताल की चेतावनी से हिला प्रशासन1
- ताल छापर में RLP कार्यालय के उद्घाटन में हंगामा: अव्यवस्था पर बिफरे हनुमान बेनीवाल, बीच में ही माइक फेंक कर रवाना हुए स्थान: ताल छापर (चूरू) विशेष संवाददाता राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी (RLP) के सुप्रीमो और नागौर सांसद हनुमान बेनीवाल ताल छापर में पार्टी के नए कार्यालय का उद्घाटन करने पहुंचे, जहाँ कार्यक्रम के दौरान भारी अव्यवस्थाओं और कार्यकर्ताओं की हुड़दंगबाज़ी से वे बेहद नाराज हो गए। मंच से कार्यकर्ताओं को समझाने के बावजूद जब स्थिति नियंत्रित नहीं हुई, तो RLP सुप्रीमो ने गुस्से में माइक फेंक दिया और संबोधन बीच में ही छोड़कर वापस लौट गए। क्या था पूरा मामला? जानकारी के अनुसार, ताल छापर में RLP के स्थानीय कार्यालय का भव्य उद्घाटन कार्यक्रम आयोजित किया गया था। इस दौरान पार्टी के संयोजक और सांसद हनुमान बेनीवाल का मुख्य अतिथि के रूप में स्वागत किया गया। कार्यालय उद्घाटन के बाद जब वे मंच से मौजूद समर्थकों और कार्यकर्ताओं को संबोधित करने पहुँचे, तो मंच के पास और सामने कार्यकर्ताओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। भाषण के दौरान ही कार्यकर्ता आपस में धक्का-मुक्की करने लगे और मंच पर चढ़ने की होड़ मच गई। बेनीवाल ने कई बार माइक से कार्यकर्ताओं को शांत रहने, अनुशासन बनाए रखने और बैठने की हिदायत दी। अनुशासनहीनता पर जताई कड़ी नाराजगी बार-बार समझाने के बाद भी जब भीड़ बेकाबू होने लगी और अव्यवस्था बढ़ती चली गई, तो बेनीवाल का पारा चढ़ गया। उन्होंने कहा कि "यदि कार्यकर्ता पार्टी का अनुशासन ही नहीं बनाए रख सकते, तो ऐसी अव्यवस्था का कोई मतलब नहीं है।" नाराज़गी इतनी बढ़ गई कि उन्होंने हाथ में लिया माइक सीधे मंच पर फेंक दिया और बिना भाषण पूरा किए गाड़ी में बैठकर वहां से रवाना हो गए। कार्यकर्ताओं में मचा हड़कंप सांसद बेनीवाल के इस तरह अचानक गुस्से में माइक फेंक कर चले जाने से मौके पर मौजूद पार्टी पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं में हड़कंप मच गया। वरिष्ठ नेताओं ने उन्हें रोकने और मनाने का प्रयास किया, लेकिन वे बिना रुकी अपनी गाड़ी में बैठकर निकल गए। घटना के बाद कार्यक्रम स्थल पर सन्नाटा पसर गया और कार्यकर्ता मायूस होकर लौटने लगे। गौरतलब है कि हनुमान बेनीवाल अपनी साफ़गोई और मंच से सीधे तौर पर अनुशासनहीनता का विरोध करने के लिए जाने जाते हैं। इस घटना का वीडियो और खबर क्षेत्र में चर्चा का विषय बनी हुई है।1
- 926आयुर्वेद पदों पर RPSC भर्ती की मांग,डेपुटेशन व्यवस्था के विरोध में प्रदेशभर में प्रदर्शन जयपुर, 1 अगस्त। राजस्थान में 926 रिक्त आयुर्वेद चिकित्सा अधिकारी पदों पर नियमित भर्ती के बजाय सेवानिवृत्त चिकित्सकों की संविदा नियुक्ति के विरोध में प्रदेशभर के बेरोजगार आयुर्वेद चिकित्सकों ने कैंडल मार्च, रैली और शांतिपूर्ण प्रदर्शन किए। चिकित्सकों ने मांग की कि सभी रिक्त पदों पर RPSC के माध्यम से नियमित भर्ती जल्द शुरू की जाए। साथ ही, राजकीय आयुर्वेद महाविद्यालयों में प्रोफेसर, रीडर एवं असिस्टेंट प्रोफेसर के पदों पर वर्षों से चल रही डेपुटेशन व्यवस्था समाप्त कर नियमित भर्ती की जाए। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि डेपुटेशन व्यवस्था से योग्य एम.डी./एम.एस. आयुर्वेद विशेषज्ञों के रोजगार के अवसर प्रभावित हो रहे हैं तथा आयुर्वेद शिक्षा और विद्यार्थियों के क्लीनिकल प्रशिक्षण पर भी असर पड़ रहा है। आयुर्वेद चिकित्सक डॉ. वीरेंद्र सिंह ने कहा कि यदि सरकार जल्द सकारात्मक निर्णय नहीं लेती है तो प्रदेशभर के आयुर्वेद चिकित्सक जयपुर में अनिश्चितकालीन धरना शुरू करेंगे। उन्होंने स्पष्ट किया कि आंदोलन पूरी तरह शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक रहेगा।1
- स्वर्ण पद्द पैदल यात्रा को प्रशासन का रोकने का प्रयास महिपाल सिंह मकराना और उनके सभी सहयोगियो का जनसैलाब जो युजीसी का विरोध कर रहा है पुरा स्वर्ण समाज। सुत्रो से।1