हजरतगंज का ‘प्रेस’नामा: जब क्लीनर भाई बने ‘चौथी दुनिया’ के सिपहसालार! लखनऊ के पॉश इलाके हजरतगंज की सड़क पर इन दिनों एक अजीबोगरीब ‘महाभारत’ छिड़ी हुई है। ट्रैफिक पुलिस या प्रशासन नहीं, बल्कि खुद को पत्रकार बताने वाले कुछ संभ्रांत मुंशी टाइप लोग सड़कों पर उतर आए हैं और फर्जी ‘प्रेस’ लिखे वाहनों की ऐसी हवा निकाल रहे हैं कि अच्छे-अच्छों का पसीना छूट जाए। वीडियो का नजारा कुछ ऐसा है कि मानो सड़क पर कोई ‘प्रेस कॉन्फ्रेंस’ कम और यूपीएससी का इंटरव्यू चल रहा हो। एक भाई साहब अपनी हीरो स्पलेंडर बाइक (UP32 DT 4938) पर ऐसे शान से बैठे हैं, जैसे कल ही उन्होंने ‘दैनिक भ्रष्टाचार टाइम्स’ में कोई खूंखार इन्वेस्टिगेटिव रिपोर्ट छापी हो। तभी हमारे मुख्य अन्वेषक (जांचकर्ता) साहब प्रकट होते हैं और बड़े ही शालीनता से पूछते हैं— "भैया, काम क्या करते हो?" भाई साहब थोड़ा झिझकते हुए कहते हैं— "जी, क्लीनर का..." बस, फिर क्या था! हमारे जर्नलिज्म के ठेकेदार भड़क उठे— "क्लीनर का काम करते हो और आगे ‘प्रेस’ लिखकर घूमते हो? बर्फ बेचने वाले भी अब प्रेस लिखेंगे क्या?!" अब जरा सोचिए! बेचारी बर्फ और क्लीनर की सफाई का इस महान प्रेस की स्वतंत्रता से क्या लेना-देना? लेकिन जनाब मानने को तैयार कहां। वे तो मौके पर ही चालान काटने और तुरंत बाइक से ‘प्रेस’ का स्टीकर खुरचवाने पर अड़े हैं। बेचारे क्लीनर भाई हाथ जोड़कर, गिड़गिड़ाकर ‘सॉरी-सॉरी’ बोल रहे हैं, मानों उन्होंने लखनऊ की जगह सीधे अमेरिका के व्हाइट हाउस में सेंध लगा दी हो। आलम यह है कि वाहन पर ‘प्रेस’ लिखा होना अब लखनऊ में किसी आर्म्स लाइसेंस से कम खतरनाक नहीं रह गया है। ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन हो न हो, लेकिन अगर गाड़ी पर गलती से भी ‘प्रेस’ चिपक गया, तो मुंशी जी आकर आपकी गाड़ी का ऐसा ‘पोस्टमॉर्टम’ करेंगे कि आप जीवनभर भूल जाएंगे कि प्रेस आखिर होता क्या बला है! खैर, अंततः जनता यही सोच रही है कि भाईसाहब असली पत्रकार कौन हैं और नकली कौन—यह तय करने का ठेका आखिर इन जनाब को किसने दिया? तब तक के लिए हजरतगंज की सड़क पर यह ‘प्रेस प्रेम’ यूं ही बपौती बना घूम रहा है!
हजरतगंज का ‘प्रेस’नामा: जब क्लीनर भाई बने ‘चौथी दुनिया’ के सिपहसालार! लखनऊ के पॉश इलाके हजरतगंज की सड़क पर इन दिनों एक अजीबोगरीब ‘महाभारत’ छिड़ी हुई है। ट्रैफिक पुलिस या प्रशासन नहीं, बल्कि खुद को पत्रकार बताने वाले कुछ संभ्रांत मुंशी टाइप लोग सड़कों पर उतर आए हैं और फर्जी ‘प्रेस’ लिखे वाहनों की ऐसी हवा निकाल रहे हैं कि अच्छे-अच्छों का पसीना छूट जाए। वीडियो का नजारा कुछ ऐसा है कि मानो सड़क पर कोई ‘प्रेस कॉन्फ्रेंस’ कम और यूपीएससी का इंटरव्यू चल रहा हो। एक भाई साहब अपनी हीरो स्पलेंडर बाइक (UP32 DT 4938) पर ऐसे शान से बैठे हैं, जैसे कल ही उन्होंने ‘दैनिक भ्रष्टाचार टाइम्स’ में कोई खूंखार इन्वेस्टिगेटिव रिपोर्ट छापी हो। तभी हमारे मुख्य अन्वेषक (जांचकर्ता) साहब प्रकट होते हैं और बड़े ही शालीनता से पूछते हैं— "भैया, काम क्या करते हो?" भाई साहब थोड़ा झिझकते हुए कहते हैं— "जी, क्लीनर का..." बस, फिर क्या था! हमारे जर्नलिज्म के ठेकेदार भड़क उठे— "क्लीनर का काम करते हो और आगे ‘प्रेस’ लिखकर घूमते हो? बर्फ बेचने वाले भी अब प्रेस लिखेंगे क्या?!" अब जरा सोचिए! बेचारी बर्फ और क्लीनर की सफाई का इस महान प्रेस की स्वतंत्रता से क्या लेना-देना? लेकिन जनाब मानने को तैयार कहां। वे तो मौके पर ही चालान काटने और तुरंत बाइक से ‘प्रेस’ का स्टीकर खुरचवाने पर अड़े हैं। बेचारे क्लीनर भाई हाथ जोड़कर, गिड़गिड़ाकर ‘सॉरी-सॉरी’ बोल रहे हैं, मानों उन्होंने लखनऊ की जगह सीधे अमेरिका के व्हाइट हाउस में सेंध लगा दी हो। आलम यह है कि वाहन पर ‘प्रेस’ लिखा होना अब लखनऊ में किसी आर्म्स लाइसेंस से कम खतरनाक नहीं रह गया है। ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन हो न हो, लेकिन अगर गाड़ी पर गलती से भी ‘प्रेस’ चिपक गया, तो मुंशी जी आकर आपकी गाड़ी का ऐसा ‘पोस्टमॉर्टम’ करेंगे कि आप जीवनभर भूल जाएंगे कि प्रेस आखिर होता क्या बला है! खैर, अंततः जनता यही सोच रही है कि भाईसाहब असली पत्रकार कौन हैं और नकली कौन—यह तय करने का ठेका आखिर इन जनाब को किसने दिया? तब तक के लिए हजरतगंज की सड़क पर यह ‘प्रेस प्रेम’ यूं ही बपौती बना घूम रहा है!
- पुलिस अधीक्षक संदीप कुमार मीना ने पहले जवानों संग दौड़कर बढ़ाया मनोबल, फिर सड़क सुरक्षा के लिए दो इंटरसेप्टर वाहनों को दिखाई हरी झंडी फिटनेस, अनुशासन और हाईटेक पुलिसिंग पर एसपी संदीप कुमार मीना का जोर संतकबीरनगर, 31 जुलाई। जनपद में अनुशासित, फिट और तकनीक से लैस पुलिसिंग को बढ़ावा देने के उद्देश्य से पुलिस अधीक्षक संदीप कुमार मीना ने शुक्रवार को कई महत्वपूर्ण पहल कीं। एक ओर उन्होंने रिजर्व पुलिस लाइन में आयोजित साप्ताहिक शुक्रवार परेड का निरीक्षण कर स्वयं जवानों के साथ दौड़ लगाकर उनका उत्साहवर्धन किया, वहीं दूसरी ओर सड़क सुरक्षा को नई मजबूती देने के लिए दो नए दोपहिया इंटरसेप्टर वाहनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।रिजर्व पुलिस लाइन स्थित परेड ग्राउंड में आयोजित साप्ताहिक शुक्रवार परेड की सलामी लेने के बाद पुलिस अधीक्षक ने अधिकारी एवं कर्मचारियों के टर्नआउट, अनुशासन, वर्दी की गुणवत्ता, ड्रिल तथा शारीरिक दक्षता का गहन निरीक्षण किया। उन्होंने सभी पुलिसकर्मियों को साफ-सुथरी वर्दी पहनने, अनुशासित कार्यशैली अपनाने तथा आमजन के साथ विनम्र, संवेदनशील और सम्मानजनक व्यवहार बनाए रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अनुशासन, शारीरिक दक्षता और उत्कृष्ट व्यवहार ही पुलिस की सबसे बड़ी पहचान हैं।परेड के उपरांत पुलिस अधीक्षक स्वयं जवानों के साथ दौड़ में शामिल हुए और नियमित व्यायाम व फिटनेस का संदेश दिया। साथ ही टोलीवार ड्रिल का अभ्यास कराते हुए समन्वय, एकरूपता और टीम भावना पर विशेष बल दिया। इसके बाद उन्होंने पुलिस लाइन परिसर का भ्रमण कर मेस, शस्त्रागार, डायल-112 कार्यालय, यातायात कार्यालय, आर्मी बैरक सहित विभिन्न शाखाओं का निरीक्षण किया तथा साफ-सफाई, अभिलेखों के रखरखाव और सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।इसके बाद पुलिस अधीक्षक ने पुलिस लाइन्स परिसर में उत्तर प्रदेश शासन द्वारा उपलब्ध कराए गए दो नए दोपहिया इंटरसेप्टर वाहनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इन वाहनों को प्राप्त करने के लिए नामित यातायात पुलिसकर्मियों को सुरक्षित यात्रा एवं निर्धारित दिशा-निर्देशों का पालन करने के निर्देश दिए गए। एसपी संदीप कुमार मीना ने कहा कि इंटरसेप्टर वाहनों के जनपद में शामिल होने से ओवरस्पीडिंग, यातायात नियमों के उल्लंघन और सड़क दुर्घटनाओं पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करने में मदद मिलेगी। साथ ही सड़क सुरक्षा अभियान को नई गति मिलेगी और आमजन को सुरक्षित एवं सुगम यातायात व्यवस्था उपलब्ध कराना और अधिक आसान होगा। फिटनेस, अनुशासन और आधुनिक तकनीक को एक साथ जोड़ते हुए संतकबीरनगर पुलिस की यह पहल बेहतर पुलिसिंग और जनसुरक्षा की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।1
- महुली थाने का औचक निरीक्षण, ऑनलाइन ड्यूटी समेत व्यवस्थाओं की अपर पुलिस अधीक्षक ने की समीक्षा लंबित विवेचनाओं के शीघ्र निस्तारण, जनसुनवाई में संवेदनशीलता एवं अपराध नियंत्रण को लेकर दिए आवश्यक निर्देश संतकबीरनगर। जनपद के अपर पुलिस अधीक्षक सुशील कुमार सिंह ने गुरुवार को थाना महुली का औचक निरीक्षण कर थाना परिसर की व्यवस्थाओं एवं ऑनलाइन ड्यूटी सहित विभिन्न प्रशासनिक एवं तकनीकी कार्यों की गहन समीक्षा की। निरीक्षण के दौरान उन्होंने कानून-व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाए रखने तथा शासन की प्राथमिकताओं के अनुरूप कार्यों के समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण के निर्देश दिए। अपर पुलिस अधीक्षक ने निरीक्षण के दौरान ऑनलाइन ड्यूटी, सीसीटीएनएस कार्य, ई-समन की प्रगति, आईजीआरएस प्रकरणों के निस्तारण, लंबित विवेचनाओं तथा महिला एवं बाल अपराधों से संबंधित मामलों में की गई कार्रवाई का बारीकी से परीक्षण किया। इसके अलावा अपराध नियंत्रण, थाना कार्यालय के अभिलेखों एवं अन्य महत्वपूर्ण कार्यों की भी समीक्षा की गई। उन्होंने थाना परिसर की साफ-सफाई, शस्त्रागार, मालखाना, बंदीगृह, आगंतुक कक्ष एवं अन्य व्यवस्थाओं का निरीक्षण करते हुए सभी अभिलेखों को अद्यतन रखने तथा तकनीकी कार्यों में दक्षता बढ़ाने के निर्देश दिए। साथ ही ऑनलाइन ड्यूटी के दौरान सतर्कता एवं अनुशासन बनाए रखने पर विशेष बल दिया। अपर पुलिस अधीक्षक ने कहा कि जनसुनवाई में आने वाले प्रत्येक फरियादी की शिकायत को संवेदनशीलता, निष्पक्षता एवं पारदर्शिता के साथ सुना जाए तथा उसका त्वरित एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने बीट पुलिसिंग को और अधिक सुदृढ़ बनाने, नियमित गश्त, प्रभावी वाहन चेकिंग एवं अपराधियों पर सतत निगरानी बनाए रखने के भी निर्देश दिए। आगामी पर्व-त्योहारों एवं विशेष अवसरों के मद्देनजर पुलिस बल को अतिरिक्त सतर्कता बरतने के निर्देश देते हुए उन्होंने कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए समन्वित एवं जिम्मेदार पुलिसिंग पर जोर दिया। निरीक्षण के अंत में अपर पुलिस अधीक्षक ने थाना महुली पुलिस को अनुशासित, जनोन्मुखी एवं उत्तरदायी पुलिसिंग की भावना के साथ कार्य करते हुए आमजन का विश्वास बनाए रखने तथा कानून-व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश प्रदान किए। #संतकबीरनगर #महुली_थाना #अपर_पुलिस_अधीक्षक #सुशील_कुमार_सिंह #औचक_निरीक्षण #UPPolice #SantKabirNagarPolice #जनसुनवाई #कानून_व्यवस्था #बीट_पुलिसिंग #ऑनलाइन_ड्यूटी #CCTNS #ई_समन #IGRS #अपराध_नियंत्रण #महिला_सुरक्षा #पुलिस_प्रशासन #जनहित_में_पुलिस #उत्तरप्रदेश_पुलिस #liveuponenews1
- एकबार अपनी समस्या को बताकर और चर्चा करके तो देखें समझ में ना आएं तो कहना1
- *"जब अपनों का साया छूट गया... तब पुलिस बनी अपनापन, विश्वास और सहारे की छांव"* पुलिस अधीक्षक संतकबीरनगर संदीप कुमार मीना के निर्देशन में जनपद पुलिस द्वारा कानून-व्यवस्था के साथ-साथ मानवीय संवेदनाओं को भी सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है। इसी क्रम में थाना महुली क्षेत्र के ग्राम कलान में चार मासूम बच्चों की अत्यंत मार्मिक स्थिति प्रकाश में आई, जिनके सिर से माता-पिता दोनों का साया उठ चुका है। जीवन की विषम परिस्थितियों में ये बच्चे असहाय होकर अपने भविष्य को संवारने के लिए संघर्षरत हैं। इन बच्चों की पीड़ा को समझते हुए ग्राम के सामाजिक एवं प्रतिष्ठित नागरिकों ने आगे बढ़कर उनके रहने, भोजन एवं देखभाल की व्यवस्था कर मानवता और सामाजिक उत्तरदायित्व का अनुकरणीय उदाहरण प्रस्तुत किया है। आज थाना महुली पुलिस टीम ने बच्चों से आत्मीय मुलाकात कर उनका कुशलक्षेम जाना तथा उन्हें यह भरोसा दिलाया कि वे स्वयं को कभी अकेला न समझें। संतकबीरनगर पुलिस हर परिस्थिति में उनके साथ खड़ी है और उनकी सुरक्षा एवं सहायता के लिए सदैव तत्पर रहेगी। थानाध्यक्ष महुली ने बच्चों से स्नेहपूर्वक बातचीत कर उनकी आवश्यकताओं की जानकारी ली तथा अपना मोबाइल नंबर उपलब्ध कराते हुए कहा कि किसी भी समय किसी प्रकार की समस्या या आवश्यकता होने पर वे अथवा उनके संरक्षक तत्काल थाना महुली पुलिस से संपर्क करें। पुलिस द्वारा हरसंभव सहायता एवं सुरक्षा उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया गया। इस अवसर पर गांव के सम्मानित नागरिकों एवं आसपास के लोगों से भी अपील की गई कि वे इन बच्चों को अपने परिवार का सदस्य मानते हुए उनकी शिक्षा, सुरक्षा, स्वास्थ्य एवं अन्य आवश्यकताओं का विशेष ध्यान रखें तथा किसी भी प्रकार की समस्या या संदिग्ध स्थिति की सूचना तत्काल थाना महुली पुलिस को दें।4
- डोमाडिह अमृत सरोवर पर मार्ग बनाने के लिए डीएम ने दिया आदेश - सरकारी बंजर भूमि से नया रास्ता बनाने के लिए ग्राम पंचायत को किया निर्देशित - पैमाईश करा कर अतिक्रमण की गई सरकारी भूमि कराई जाएगी खाली - मंगलवार को अमृत सरोवरों के स्थलीय सत्यापन के लिए डोमाडीह पहुंचे थे जिलाधिकारी नाथनगर ब्लॉक क्षेत्र के ग्राम पंचायत देवकली खुर्द के राजस्व गांव डोमाडीह में बने अमृत सरोवर के लिए रास्ता निर्माण की कवायद शुरू हो गई है। जिलाधिकारी के निर्देश पर पैमाईश करा कर सरकारी भूमि का चिन्हांकन किया जाएगा। सरकारी भूमि पर अगर अवैध अतिक्रमण पाया मिला तो प्रशासन का बुल्डोजर खाली कराने के लिए तैयार रहेगा। जिलाधिकारी आलोक कुमार मंगलवार को वित्तीय वर्ष 2020-21 में देवकली खुर्द के राजस्व गांव डोमाडीह में बने अमृत सरोवर का निरीक्षण करने पहुंचे थे। मुख्य सड़क से उतर कर बाग की पगडंडी हो कर पोखरे तक पहुंचना पड़ा। जिस पर जिलाधिकारी ने बीडीओ कुलदीप कुमार और प्रधान प्रतिनिधि दुर्गेश तिवारी से रास्ता नहीं बनने का कारण पूछा। प्रधान प्रतिनिधि दुर्गेश तिवारी ने बताया कि पोखरे तक पहुंचने के लिए कोई रास्ता नहीं है। जिस पर जिलाधिकारी ने जब सरकारी भूमि की स्थिति जाननी चाही तो श्री तिवारी ने बताया कि बंजर की भूमि उपलब्ध है लेकिन उक्त भूमि पर कुछ लोगों द्वारा अवैध कब्जा किया गया है। जिस पर नाराज़ जिलाधिकारी ने प्रधान प्रतिनिधि को पैमाईश के लिए प्रार्थना पत्र देने का निर्देश दिया। साथ ही उन्होंने कहा कि तहसील प्रशासन को तत्काल पैमाईश करा कर सरकारी बंजर भूमि को चिन्हित करने और यदि अवैध कब्जा पाया गया तो उसे तत्काल हटवाया जाएगा। डीएम ने सरकारी भूमि चिन्हित हो जाने पर मुख्य मार्ग से पोखरे तक रास्ता निर्माण कराने की बीडीओ कुलदीप कुमार पर जिम्मेदारी सौंपी। डीएम के इस आदेश से ग्रामीणों में खुशी की लहर है।1
- खाकी की ‘टल्ली’ क्रांति: जब ट्रैफ़िक सुधारने निकला सिपाही खुद ही 'आउट ऑफ़ कंट्रोल' हो गया! अयोध्या अरे भाई, ज़रा रुकिए, हाथ जोड़िए और इस अद्भुत नज़ारे को प्रणाम कीजिए! अयोध्या के नाका मकबरा चौराहे पर आज ट्रैफिक व्यवस्था एकदम 'झूमती' हुई नज़र आई। वजह? हमारे यातायात विभाग के एक परम कर्तव्यनिष्ठ आरक्षी (सिपाही) साहब! साहब ड्यूटी पर थे, वर्दी तन पर थी, लेकिन दिमाग...दिमाग शायद किसी दूसरी ही दुनिया में भ्रमण कर रहा था। वजह साफ थी— उन्हें शराब का ऐसा 'दिव्य ज्ञान' प्राप्त हुआ था कि वो ज़मीन पर सीधे खड़े होने की बजाय 'ज़िग-ज़ैग' स्टाइल में ट्रैफिक कंट्रोल करने की कोशिश कर रहे थे। ड्राइविंग लाइसेंस बाद में दिखाओ, पहले सिपाही जी का संतुलन संभालो! आम जनता को तो पुलिस वाले यह सिखाते हैं कि "शराब पीकर गाड़ी चलाना मना है", लेकिन हमारे इन वर्दीधारी सिपाही जी ने एक नया कानून बना दिया—"शराब पीकर सड़क पर लहराना बिल्कुल जायज़ है!" नाका मकबरा जैसे व्यस्त चौराहे पर साहब लड़खड़ा रहे थे, कभी इधर झुकते तो कभी उधर। ई-रिक्शा वाले गाड़ी रोक-रोक कर नज़ारा देख रहे थे, सवारी मजे ले रही थी और आसपास के दुकानदार तालियाँ बजाने से बस ज़रा सा ही चूके होंगे। शहर में जब मनोरंजन की कमी हो, तो ऐसी 'मुफ़्त की नौटंकी' से बेहतर और क्या हो सकता है? लोग मोबाइल निकाल-निकाल कर वीडियो बनाते रहे, हँसते रहे और साहब अपनी ही 'धुन' में मस्त रहे। अब यह वीडियो सोशल मीडिया पर तैर रहा है, जनता मजे ले रही है और पुलिस महकमे के बड़े अफसरों के सिर पर शर्म का 'हेलमेट' सज चुका है। वैसे, ये कोई पहला मामला तो है नहीं। जनता पर रौब झाड़ने वाली खाकी जब खुद बोतल के नशे में टल्ली होकर चौराहे पर तमाशा बनती है, तो सिस्टम का पूरा खोखलापन सड़क पर आकर गिर पड़ता है। अब देखना यह है कि बड़े साहब इस 'पवित्र' सिपाही को सिर्फ 'लाइन हाजिर' करके रस्म अदायगी करते हैं या यह बताएंगे कि चौराहे पर ड्यूटी का मतलब यातायात संभालना होता है, या खुद शराब की बोतल का विज्ञापन बनना!1
- *जिलाधिकारी व पुलिस अधीक्षक संतकबीरनगर द्वारा चौकी बखिरा थाना बखिरा के निर्माणाधीन भवन किया गया निरीक्षण, दिए गए आवश्यक दिशा निर्देश आज दिनाँक 30.07.2026 को जिलाधिकारी आलोक कुमार व पुलिस अधीक्षक संतकबीरनगर संदीप कुमार मीना द्वारा चौकी बखिरा थाना बखिरा के निर्माणाधीन भवन का निरीक्षण कर जायजा लिया गया । निर्माण सामग्री की गुणवता की जांच के साथ कार्य को जल्द पुरा कराने हेतु संबंधित को आवश्यक दिशा-निर्देश दिया गया । महोदय द्वारा मेस निर्माण में प्रयुक्त हो रही निर्माण सामाग्री ईंट, कंक्रीट, सीमेंट, सरिया व अन्य उपलब्ध सामानों के गुणवत्ता की बारीकी से जांच की गयी तथा निर्माण समाग्री की गुणवत्ता उच्च कोटि का उपयोग करते हुए निर्माण कार्य जल्द से जल्द पूर्ण कराने हेतु संबंधित को निर्देशित किया गया ।2
- आखिर पुलिस वाले भी तो किसी के बाप, बेटे, भाई है कुछ ऐसा ही नजारा दिखा प्रभारी निरीक्षक महुली दुर्गेश पांडे की टीम का कलान गांव , बेसहारा मासूम पुलिस का प्यार देखकर सहसा विश्वास ही नहीं कर पा रहे थे कि पुलिस वाले भी ऐसे होते हैं आखिर पुलिस वाले भी तो किसी के बाप, बेटे, भाई है कुछ ऐसा ही नजारा दिखा प्रभारी निरीक्षक महुली दुर्गेश पांडे की टीम का कलान गांव , बेसहारा मासूम पुलिस का प्यार देखकर सहसा विश्वास ही नहीं कर पा रहे थे कि पुलिस वाले भी ऐसे होते हैं थाना महुली क्षेत्र के ग्राम कलान में चार मासूम नौनिहाल ऐसे हैं, जिनके सिर से माता-पिता दोनों का साया उठ चुका है। माता पिता दोनों इन नौनिहालों को उनके हाल पर छोड़कर कही और चले गए।जीवन की कठिन परिस्थितियों में ये बच्चे बेसहारा होकर अपना भविष्य संवारने का संघर्ष कर रहे थे। इन बच्चों की पीड़ा को समझते हुए गांव के सामाजिक एवं प्रतिष्ठित लोगों ने आगे आकर उनके रहने एवं देखभाल की व्यवस्था कर मानवता का अनुकरणीय उदाहरण प्रस्तुत किया। *इसी क्रम में आज थाना महुली पुलिस द्वारा बच्चों से मुलाकात कर उनका कुशलक्षेम जाना गया तथा उन्हें यह विश्वास दिलाया गया कि वे अकेले नहीं हैं। महुली पुलिस हर परिस्थिति में उनके साथ खड़ी है।* थानाध्यक्ष महुली ने पुलिस टीम के साथ बच्चों से आत्मीयता से बातचीत की, उनकी समस्याओं को सुना तथा अपना मोबाइल नंबर उपलब्ध कराते हुए कहा कि किसी भी समय किसी प्रकार की समस्या या आवश्यकता होने पर तत्काल संपर्क करें। पुलिस द्वारा उन्हें हरसंभव सहायता एवं सुरक्षा का भरोसा दिया गया। साथ ही गांव के सम्मानित नागरिकों एवं आसपास के लोगों से अपील की गई कि वे इन बच्चों की देखभाल अपने परिवार के सदस्यों की तरह करें, उनकी शिक्षा, सुरक्षा एवं आवश्यक जरूरतों का विशेष ध्यान रखें तथा किसी भी प्रकार की समस्या होने पर तत्काल थाना महुली पुलिस को अवगत कराएं। महुली पुलिस का संदेश स्पष्ट है—"पुलिस केवल कानून की प्रहरी नहीं, बल्कि समाज के हर असहाय, पीड़ित और जरूरतमंद की सच्ची साथी भी है।" *"माता-पिता का साया भले ही छिन गया हो, लेकिन समाज और पुलिस का स्नेह इन मासूम बच्चों के जीवन में नई उम्मीद, नया विश्वास और सुरक्षित भविष्य की नींव बने—यही हमारी सबसे बड़ी जिम्मेदारी है।"*2
- गोरखपुर ब्रेकिंग न्यूज़ गोरखपुर दस साल की बच्ची के साथ डायल 112 के सिपाही अभिषेक यादव द्वारा हत्या किए जाने के बाद,मेडिकल परीक्षण कराने गए जिला अस्पताल में जनता में दिखा गुस्सा। गुस्साई भीड़ ने आरोपी को मारने के लिए दौड़ाया। पुलिस ने किया बीच बचाव गोरखपुर ब्रेकिंग न्यूज़ गोरखपुर दस साल की बच्ची के साथ डायल 112 के सिपाही अभिषेक यादव द्वारा हत्या किए जाने के बाद,मेडिकल परीक्षण कराने गए जिला अस्पताल में जनता में दिखा गुस्सा। गुस्साई भीड़ ने आरोपी को मारने के लिए दौड़ाया। पुलिस ने किया बीच बचाव #खबरसंदेश #ViralNews #TrendingNow #HindiNews #NewsUpdate #Breaking #Gorakhpur #GorakhpurNews #BreakingNews #UPNews #CrimeNews #Dial112 #UPPolice #GorakhpurPolice #UPGovt1