खाकी की ‘टल्ली’ क्रांति: जब ट्रैफ़िक सुधारने निकला सिपाही खुद ही 'आउट ऑफ़ कंट्रोल' हो गया! अयोध्या अरे भाई, ज़रा रुकिए, हाथ जोड़िए और इस अद्भुत नज़ारे को प्रणाम कीजिए! अयोध्या के नाका मकबरा चौराहे पर आज ट्रैफिक व्यवस्था एकदम 'झूमती' हुई नज़र आई। वजह? हमारे यातायात विभाग के एक परम कर्तव्यनिष्ठ आरक्षी (सिपाही) साहब! साहब ड्यूटी पर थे, वर्दी तन पर थी, लेकिन दिमाग...दिमाग शायद किसी दूसरी ही दुनिया में भ्रमण कर रहा था। वजह साफ थी— उन्हें शराब का ऐसा 'दिव्य ज्ञान' प्राप्त हुआ था कि वो ज़मीन पर सीधे खड़े होने की बजाय 'ज़िग-ज़ैग' स्टाइल में ट्रैफिक कंट्रोल करने की कोशिश कर रहे थे। ड्राइविंग लाइसेंस बाद में दिखाओ, पहले सिपाही जी का संतुलन संभालो! आम जनता को तो पुलिस वाले यह सिखाते हैं कि "शराब पीकर गाड़ी चलाना मना है", लेकिन हमारे इन वर्दीधारी सिपाही जी ने एक नया कानून बना दिया—"शराब पीकर सड़क पर लहराना बिल्कुल जायज़ है!" नाका मकबरा जैसे व्यस्त चौराहे पर साहब लड़खड़ा रहे थे, कभी इधर झुकते तो कभी उधर। ई-रिक्शा वाले गाड़ी रोक-रोक कर नज़ारा देख रहे थे, सवारी मजे ले रही थी और आसपास के दुकानदार तालियाँ बजाने से बस ज़रा सा ही चूके होंगे। शहर में जब मनोरंजन की कमी हो, तो ऐसी 'मुफ़्त की नौटंकी' से बेहतर और क्या हो सकता है? लोग मोबाइल निकाल-निकाल कर वीडियो बनाते रहे, हँसते रहे और साहब अपनी ही 'धुन' में मस्त रहे। अब यह वीडियो सोशल मीडिया पर तैर रहा है, जनता मजे ले रही है और पुलिस महकमे के बड़े अफसरों के सिर पर शर्म का 'हेलमेट' सज चुका है। वैसे, ये कोई पहला मामला तो है नहीं। जनता पर रौब झाड़ने वाली खाकी जब खुद बोतल के नशे में टल्ली होकर चौराहे पर तमाशा बनती है, तो सिस्टम का पूरा खोखलापन सड़क पर आकर गिर पड़ता है। अब देखना यह है कि बड़े साहब इस 'पवित्र' सिपाही को सिर्फ 'लाइन हाजिर' करके रस्म अदायगी करते हैं या यह बताएंगे कि चौराहे पर ड्यूटी का मतलब यातायात संभालना होता है, या खुद शराब की बोतल का विज्ञापन बनना!
खाकी की ‘टल्ली’ क्रांति: जब ट्रैफ़िक सुधारने निकला सिपाही खुद ही 'आउट ऑफ़ कंट्रोल' हो गया! अयोध्या अरे भाई, ज़रा रुकिए, हाथ जोड़िए और इस अद्भुत नज़ारे को प्रणाम कीजिए! अयोध्या के नाका मकबरा चौराहे पर आज ट्रैफिक व्यवस्था एकदम 'झूमती' हुई नज़र आई। वजह? हमारे यातायात विभाग के एक परम कर्तव्यनिष्ठ आरक्षी (सिपाही) साहब! साहब ड्यूटी पर थे, वर्दी तन पर थी, लेकिन दिमाग...दिमाग शायद किसी दूसरी ही दुनिया में भ्रमण कर रहा था। वजह साफ थी— उन्हें शराब का ऐसा 'दिव्य ज्ञान' प्राप्त हुआ था कि वो ज़मीन पर सीधे खड़े होने की बजाय 'ज़िग-ज़ैग' स्टाइल में ट्रैफिक कंट्रोल करने की कोशिश कर रहे थे। ड्राइविंग लाइसेंस बाद में दिखाओ, पहले सिपाही जी का संतुलन संभालो! आम जनता को तो पुलिस वाले यह सिखाते हैं कि "शराब पीकर गाड़ी चलाना मना है", लेकिन हमारे इन वर्दीधारी सिपाही जी ने एक नया कानून बना दिया—"शराब पीकर सड़क पर लहराना बिल्कुल जायज़ है!" नाका मकबरा जैसे व्यस्त चौराहे पर साहब लड़खड़ा रहे थे, कभी इधर झुकते तो कभी उधर। ई-रिक्शा वाले गाड़ी रोक-रोक कर नज़ारा देख रहे थे, सवारी मजे ले रही थी और आसपास के दुकानदार तालियाँ बजाने से बस ज़रा सा ही चूके होंगे। शहर में जब मनोरंजन की कमी हो, तो ऐसी 'मुफ़्त की नौटंकी' से बेहतर और क्या हो सकता है? लोग मोबाइल निकाल-निकाल कर वीडियो बनाते रहे, हँसते रहे और साहब अपनी ही 'धुन' में मस्त रहे। अब यह वीडियो सोशल मीडिया पर तैर रहा है, जनता मजे ले रही है और पुलिस महकमे के बड़े अफसरों के सिर पर शर्म का 'हेलमेट' सज चुका है। वैसे, ये कोई पहला मामला तो है नहीं। जनता पर रौब झाड़ने वाली खाकी जब खुद बोतल के नशे में टल्ली होकर चौराहे पर तमाशा बनती है, तो सिस्टम का पूरा खोखलापन सड़क पर आकर गिर पड़ता है। अब देखना यह है कि बड़े साहब इस 'पवित्र' सिपाही को सिर्फ 'लाइन हाजिर' करके रस्म अदायगी करते हैं या यह बताएंगे कि चौराहे पर ड्यूटी का मतलब यातायात संभालना होता है, या खुद शराब की बोतल का विज्ञापन बनना!
- हजरतगंज का ‘प्रेस’नामा: जब क्लीनर भाई बने ‘चौथी दुनिया’ के सिपहसालार! लखनऊ के पॉश इलाके हजरतगंज की सड़क पर इन दिनों एक अजीबोगरीब ‘महाभारत’ छिड़ी हुई है। ट्रैफिक पुलिस या प्रशासन नहीं, बल्कि खुद को पत्रकार बताने वाले कुछ संभ्रांत मुंशी टाइप लोग सड़कों पर उतर आए हैं और फर्जी ‘प्रेस’ लिखे वाहनों की ऐसी हवा निकाल रहे हैं कि अच्छे-अच्छों का पसीना छूट जाए। वीडियो का नजारा कुछ ऐसा है कि मानो सड़क पर कोई ‘प्रेस कॉन्फ्रेंस’ कम और यूपीएससी का इंटरव्यू चल रहा हो। एक भाई साहब अपनी हीरो स्पलेंडर बाइक (UP32 DT 4938) पर ऐसे शान से बैठे हैं, जैसे कल ही उन्होंने ‘दैनिक भ्रष्टाचार टाइम्स’ में कोई खूंखार इन्वेस्टिगेटिव रिपोर्ट छापी हो। तभी हमारे मुख्य अन्वेषक (जांचकर्ता) साहब प्रकट होते हैं और बड़े ही शालीनता से पूछते हैं— "भैया, काम क्या करते हो?" भाई साहब थोड़ा झिझकते हुए कहते हैं— "जी, क्लीनर का..." बस, फिर क्या था! हमारे जर्नलिज्म के ठेकेदार भड़क उठे— "क्लीनर का काम करते हो और आगे ‘प्रेस’ लिखकर घूमते हो? बर्फ बेचने वाले भी अब प्रेस लिखेंगे क्या?!" अब जरा सोचिए! बेचारी बर्फ और क्लीनर की सफाई का इस महान प्रेस की स्वतंत्रता से क्या लेना-देना? लेकिन जनाब मानने को तैयार कहां। वे तो मौके पर ही चालान काटने और तुरंत बाइक से ‘प्रेस’ का स्टीकर खुरचवाने पर अड़े हैं। बेचारे क्लीनर भाई हाथ जोड़कर, गिड़गिड़ाकर ‘सॉरी-सॉरी’ बोल रहे हैं, मानों उन्होंने लखनऊ की जगह सीधे अमेरिका के व्हाइट हाउस में सेंध लगा दी हो। आलम यह है कि वाहन पर ‘प्रेस’ लिखा होना अब लखनऊ में किसी आर्म्स लाइसेंस से कम खतरनाक नहीं रह गया है। ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन हो न हो, लेकिन अगर गाड़ी पर गलती से भी ‘प्रेस’ चिपक गया, तो मुंशी जी आकर आपकी गाड़ी का ऐसा ‘पोस्टमॉर्टम’ करेंगे कि आप जीवनभर भूल जाएंगे कि प्रेस आखिर होता क्या बला है! खैर, अंततः जनता यही सोच रही है कि भाईसाहब असली पत्रकार कौन हैं और नकली कौन—यह तय करने का ठेका आखिर इन जनाब को किसने दिया? तब तक के लिए हजरतगंज की सड़क पर यह ‘प्रेस प्रेम’ यूं ही बपौती बना घूम रहा है!1
- गुरु पूर्णिमा पर बाबा भदेश्वर नाथ मंदिर पहुंचे भाजपा के असम प्रभारी हरीश द्विवेदी, गुरुओं का लिया आशीर्वाद। गुरु पूर्णिमा पर बाबा भदेश्वर नाथ मंदिर पहुंचे भाजपा के असम प्रभारी हरीश द्विवेदी, गुरुओं का लिया आशीर्वाद। बस्ती- गुरु पूर्णिमा के अवसर पर सोमवार को बस्ती पहुंचे पूर्व सांसद एवं असम प्रदेश भाजपा प्रभारी हरीश द्विवेदी ने बाबा भदेश्वर नाथ शिव मंदिर में दर्शन-पूजन किया। मंदिर परिसर में उन्होंने गुरुओं को सम्मानित कर उनका आशीर्वाद लिया। पूजा के दौरान उन्होंने प्रदेश और देश की सुख-समृद्धि की कामना की। इस अवसर पर उनके साथ बस्ती सदर ब्लॉक प्रमुख राकेश श्रीवास्तव, भाजपा नेता प्रमोद पांडेय , वरिष्ठ भाजपा नेता जगदीश शुक्ला, विद्यामणि सिंह, प्रिंस शुक्ला, दिलीप कुमार पांडेय , अश्वनी उपाध्याय, सुरेंद्र चौधरी, अर्जुन उपाध्याय, विशुद्धानंद त्रिपाठी मंडल अध्यक्ष बस्ती सदर, आजाद पुरी, अमित चौधरी और राजन चौहान मौजूद रहे। हरीश द्विवेदी ने कहा कि गुरु का स्थान सबसे ऊंचा है। गुरु के मार्गदर्शन से ही समाज और राष्ट्र आगे बढ़ता है। गुरु पूर्णिमा हमें अपने गुरुओं के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने का अवसर देती है।1
- रणबीर कपूर की 'रामायण' का ट्रेलर रिलीज: 4000 करोड़ रुपये के मेगा बजट वाली फिल्म में राम से ज्यादा रावण के किरदार ने बटोरी सुर्खियां, दमदार लुक, प्रभावशाली स्क्रीन प्रेजेंस और शानदार विजुअल्स के चलते यश का रावण दर्शकों के बीच खास चर्चा का विषय बन गया है। हालांकि फिल्म में रणबीर कपूर भगवान राम की भूमिका निभा रहे हैं, लेकिन ट्रेलर देखने के बाद सोशल मीडिया पर कई दर्शकों का मानना है कि रावण का किरदार अधिक प्रभावशाली नजर आया। रणबीर कपूर की 'रामायण' का ट्रेलर रिलीज: 4000 करोड़ रुपये के मेगा बजट वाली फिल्म में राम से ज्यादा रावण के किरदार ने बटोरी सुर्खियां, दमदार लुक, प्रभावशाली स्क्रीन प्रेजेंस और शानदार विजुअल्स के चलते यश का रावण दर्शकों के बीच खास चर्चा का विषय बन गया है। हालांकि फिल्म में रणबीर कपूर भगवान राम की भूमिका निभा रहे हैं, लेकिन ट्रेलर देखने के बाद सोशल मीडिया पर कई दर्शकों का मानना है कि रावण का किरदार अधिक प्रभावशाली नजर आया।1
- पुलिस अधीक्षक संदीप कुमार मीना ने पहले जवानों संग दौड़कर बढ़ाया मनोबल, फिर सड़क सुरक्षा के लिए दो इंटरसेप्टर वाहनों को दिखाई हरी झंडी फिटनेस, अनुशासन और हाईटेक पुलिसिंग पर एसपी संदीप कुमार मीना का जोर संतकबीरनगर, 31 जुलाई। जनपद में अनुशासित, फिट और तकनीक से लैस पुलिसिंग को बढ़ावा देने के उद्देश्य से पुलिस अधीक्षक संदीप कुमार मीना ने शुक्रवार को कई महत्वपूर्ण पहल कीं। एक ओर उन्होंने रिजर्व पुलिस लाइन में आयोजित साप्ताहिक शुक्रवार परेड का निरीक्षण कर स्वयं जवानों के साथ दौड़ लगाकर उनका उत्साहवर्धन किया, वहीं दूसरी ओर सड़क सुरक्षा को नई मजबूती देने के लिए दो नए दोपहिया इंटरसेप्टर वाहनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।रिजर्व पुलिस लाइन स्थित परेड ग्राउंड में आयोजित साप्ताहिक शुक्रवार परेड की सलामी लेने के बाद पुलिस अधीक्षक ने अधिकारी एवं कर्मचारियों के टर्नआउट, अनुशासन, वर्दी की गुणवत्ता, ड्रिल तथा शारीरिक दक्षता का गहन निरीक्षण किया। उन्होंने सभी पुलिसकर्मियों को साफ-सुथरी वर्दी पहनने, अनुशासित कार्यशैली अपनाने तथा आमजन के साथ विनम्र, संवेदनशील और सम्मानजनक व्यवहार बनाए रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अनुशासन, शारीरिक दक्षता और उत्कृष्ट व्यवहार ही पुलिस की सबसे बड़ी पहचान हैं।परेड के उपरांत पुलिस अधीक्षक स्वयं जवानों के साथ दौड़ में शामिल हुए और नियमित व्यायाम व फिटनेस का संदेश दिया। साथ ही टोलीवार ड्रिल का अभ्यास कराते हुए समन्वय, एकरूपता और टीम भावना पर विशेष बल दिया। इसके बाद उन्होंने पुलिस लाइन परिसर का भ्रमण कर मेस, शस्त्रागार, डायल-112 कार्यालय, यातायात कार्यालय, आर्मी बैरक सहित विभिन्न शाखाओं का निरीक्षण किया तथा साफ-सफाई, अभिलेखों के रखरखाव और सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।इसके बाद पुलिस अधीक्षक ने पुलिस लाइन्स परिसर में उत्तर प्रदेश शासन द्वारा उपलब्ध कराए गए दो नए दोपहिया इंटरसेप्टर वाहनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इन वाहनों को प्राप्त करने के लिए नामित यातायात पुलिसकर्मियों को सुरक्षित यात्रा एवं निर्धारित दिशा-निर्देशों का पालन करने के निर्देश दिए गए। एसपी संदीप कुमार मीना ने कहा कि इंटरसेप्टर वाहनों के जनपद में शामिल होने से ओवरस्पीडिंग, यातायात नियमों के उल्लंघन और सड़क दुर्घटनाओं पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करने में मदद मिलेगी। साथ ही सड़क सुरक्षा अभियान को नई गति मिलेगी और आमजन को सुरक्षित एवं सुगम यातायात व्यवस्था उपलब्ध कराना और अधिक आसान होगा। फिटनेस, अनुशासन और आधुनिक तकनीक को एक साथ जोड़ते हुए संतकबीरनगर पुलिस की यह पहल बेहतर पुलिसिंग और जनसुरक्षा की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।1
- महुली थाने का औचक निरीक्षण, ऑनलाइन ड्यूटी समेत व्यवस्थाओं की अपर पुलिस अधीक्षक ने की समीक्षा लंबित विवेचनाओं के शीघ्र निस्तारण, जनसुनवाई में संवेदनशीलता एवं अपराध नियंत्रण को लेकर दिए आवश्यक निर्देश संतकबीरनगर। जनपद के अपर पुलिस अधीक्षक सुशील कुमार सिंह ने गुरुवार को थाना महुली का औचक निरीक्षण कर थाना परिसर की व्यवस्थाओं एवं ऑनलाइन ड्यूटी सहित विभिन्न प्रशासनिक एवं तकनीकी कार्यों की गहन समीक्षा की। निरीक्षण के दौरान उन्होंने कानून-व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाए रखने तथा शासन की प्राथमिकताओं के अनुरूप कार्यों के समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण के निर्देश दिए। अपर पुलिस अधीक्षक ने निरीक्षण के दौरान ऑनलाइन ड्यूटी, सीसीटीएनएस कार्य, ई-समन की प्रगति, आईजीआरएस प्रकरणों के निस्तारण, लंबित विवेचनाओं तथा महिला एवं बाल अपराधों से संबंधित मामलों में की गई कार्रवाई का बारीकी से परीक्षण किया। इसके अलावा अपराध नियंत्रण, थाना कार्यालय के अभिलेखों एवं अन्य महत्वपूर्ण कार्यों की भी समीक्षा की गई। उन्होंने थाना परिसर की साफ-सफाई, शस्त्रागार, मालखाना, बंदीगृह, आगंतुक कक्ष एवं अन्य व्यवस्थाओं का निरीक्षण करते हुए सभी अभिलेखों को अद्यतन रखने तथा तकनीकी कार्यों में दक्षता बढ़ाने के निर्देश दिए। साथ ही ऑनलाइन ड्यूटी के दौरान सतर्कता एवं अनुशासन बनाए रखने पर विशेष बल दिया। अपर पुलिस अधीक्षक ने कहा कि जनसुनवाई में आने वाले प्रत्येक फरियादी की शिकायत को संवेदनशीलता, निष्पक्षता एवं पारदर्शिता के साथ सुना जाए तथा उसका त्वरित एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने बीट पुलिसिंग को और अधिक सुदृढ़ बनाने, नियमित गश्त, प्रभावी वाहन चेकिंग एवं अपराधियों पर सतत निगरानी बनाए रखने के भी निर्देश दिए। आगामी पर्व-त्योहारों एवं विशेष अवसरों के मद्देनजर पुलिस बल को अतिरिक्त सतर्कता बरतने के निर्देश देते हुए उन्होंने कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए समन्वित एवं जिम्मेदार पुलिसिंग पर जोर दिया। निरीक्षण के अंत में अपर पुलिस अधीक्षक ने थाना महुली पुलिस को अनुशासित, जनोन्मुखी एवं उत्तरदायी पुलिसिंग की भावना के साथ कार्य करते हुए आमजन का विश्वास बनाए रखने तथा कानून-व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश प्रदान किए। #संतकबीरनगर #महुली_थाना #अपर_पुलिस_अधीक्षक #सुशील_कुमार_सिंह #औचक_निरीक्षण #UPPolice #SantKabirNagarPolice #जनसुनवाई #कानून_व्यवस्था #बीट_पुलिसिंग #ऑनलाइन_ड्यूटी #CCTNS #ई_समन #IGRS #अपराध_नियंत्रण #महिला_सुरक्षा #पुलिस_प्रशासन #जनहित_में_पुलिस #उत्तरप्रदेश_पुलिस #liveuponenews1
- सोशल मीडिया का नया तमाशा: "बाली उमरिया" और NEET का कोहराम! आजकल सोशल मीडिया का एल्गोरिदम भी लगता है किसी चौराहे के नुक्कड़ नाटक की तरह हो गया है। एक तरफ हमारे देश के नौजवान डॉक्टर बनने के लिए NEET जैसी देश की सबसे कठिन परीक्षाओं की तैयारी में अपनी आँखें फोड़ रहे हैं, रातों की नींद हराम कर रहे हैं और डिप्रेशन की गोलियाँ फांक रहे हैं; वहीं दूसरी तरफ इंटरनेट की दुनिया में "बाली उमरिया" जैसे गानों पर ठुमके लगाते हुए यह वीडियो इस बात का प्रमाण दे रहा है कि भाई, पढ़ाई-लिखाई तो मोह-माया है, असली टैलेंट तो भीड़ के बीच कैमरे के आगे रील्स बनाने में है! अब इस वीडियो को देखकर भगवान भी सोच में पड़ गए होंगे कि भई, ये कौनसी NEET परीक्षा की तैयारी चल रही है, जिसमें किताब-कॉपी की जगह मोबाइल के कैमरे और नोटों की गड्डियों की बौछार हो रही है? लगता है इन महोदया ने डॉक्टरी की पढ़ाई का नया ही शॉर्टकट ढूंढ निकाला है—इलाज किताबों से नहीं, बल्कि ऐसे ही तड़क-भड़क वाले मुजरे नुमा डांस से होगा! व्यंग्य के आईने में सोशल मीडिया का सच किताबों से बैर: जहाँ एक तरफ छात्र-छात्राएं 14-14 घंटे लाइब्रेरी में बैठकर फिजिक्स और बायोलॉजी के फॉर्मूले रट रहे हैं, वहीं हमारी ये 'स्टूडेंट' महोदया सोशल मीडिया पर लाइक्स और व्यूज का तापमान बढ़ाने में व्यस्त हैं। भीड़ का उत्साह: वीडियो में चारों तरफ खड़े ऐसे 'कोकरोच' नुक्कड़ प्रेमी (दर्शकों) को देखकर ऐसा लगता है जैसे NEET का सेंटर नहीं, बल्कि कोई मुफ़्त का मेला लगा हो जहाँ हर कोई अपना होश-हवास खो बैठा है। अनोखा करेक्शन: लगता है इस बार NEET के सिलेबस में 'बायोलॉजी' के साथ-साथ 'स्टेज डांस' को भी अनिवार्य विषय बना दिया गया है, तभी तो परीक्षा परिणाम से पहले ही यह परफॉर्मेंस सोशल मीडिया के मार्केट में धड़ल्ले से ट्रेंड कर रही है।1
- उपनिरीक्षक सूर्यभान शर्मा का बाघा नाला देशी शराब की दुकान पर बैठे लोगों को लात से मारने का वीडियो सोशल मीडिया पर हुआ वायरल सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में साफ दिखाई पड़ रहा है उपनिरीक्षक सूर्यभान शर्मा कर रहे गुंडागर्दी देशी शराब की दुकान पर बैठें लोगों से बिना कुछ पूछे लात से मार कर भगाना छावनी पुलिस की कार्य शैली पर खड़ा कर रहा बड़ा सवाल उपनिरीक्षक सूर्यभान शर्मा के गुंडई के चलते बाघा नाला देशी शराब की दुकान पर ग्राहक आने से है डरते उपनिरीक्षक के आतंक से ग्राहकों में बना रहता है डर और ग्राहकों के न आने से बाघा नाला देशी शराब की दुकान पर शराब की बिक्री हो रही प्रभावित सूत्रों की माने तो उपनिरीक्षक सूर्यभान शर्मा हमेशा शराब के नशे में रहते हैं चूर और हमेशा अवैध वसूली की फिराक में है रहते एवं अवैध वसूली में नाकाम होने पर लोगों के बीच बनाते हैं अपना भौकाल बाघा नाला पर अनेक स्थानों पर बिकती है कच्ची शराब फिर उपनिरीक्षक सूर्यभान शर्मा बने रहते हैं अंजान उपनिरीक्षक सूर्यभान शर्मा के कारनामों से परेशान होकर कल देशी शराब की दुकान के ठेकेदार रण विजय चौधरी करेंगे पुलिस अधीक्षक बस्ती से शिकायत बस्ती जिले के छावनी थाना क्षेत्र के अर्न्तगत विक्रमजोत चौकी पर कार्यरत उप निरीक्षक सूर्यभान शर्मा से जुड़ा मामला ।1