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दिल्ली में एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक ने 26 दिन के अनशन और आंदोलन के समापन पर राजघाट में एक भाषण दिया। उन्होंने कहा, 'बहुत-बहुत धन्यवाद। इस आंदोलन के अंत पर मैं सबसे पहले बापू को याद करने के लिए राजघाट आना चाहता था। मैं देश को बताना चाहता था कि उनका बताया गया रास्ता आज भी उतना ही उपयुक्त है जितना 100 साल पहले थे। मेरी समझ है कि ये तरीके जनता के दिल तक संदेश पहुंचाते हैं। इस बार मुझे यह तसल्ली हुई कि यह देश के स्तर पर प्रासंगिक है। मैं लोगों से कहता हूं कि वे बापू द्वारा शांति के मार्ग पर चलकर ही अपनी बात रखें। मैं सभी नागरिकों को बधाई देता हूं।'
VACC 24 News
दिल्ली में एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक ने 26 दिन के अनशन और आंदोलन के समापन पर राजघाट में एक भाषण दिया। उन्होंने कहा, 'बहुत-बहुत धन्यवाद। इस आंदोलन के अंत पर मैं सबसे पहले बापू को याद करने के लिए राजघाट आना चाहता था। मैं देश को बताना चाहता था कि उनका बताया गया रास्ता आज भी उतना ही उपयुक्त है जितना 100 साल पहले थे। मेरी समझ है कि ये तरीके जनता के दिल तक संदेश पहुंचाते हैं। इस बार मुझे यह तसल्ली हुई कि यह देश के स्तर पर प्रासंगिक है। मैं लोगों से कहता हूं कि वे बापू द्वारा शांति के मार्ग पर चलकर ही अपनी बात रखें। मैं सभी नागरिकों को बधाई देता हूं।'
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- गुजरात के राजकोट में एक बड़ी घटना घटी जब दुबई से मुंबई आ रही इंडिगो फ्लाइट को आपातकालीन लैंडिंग करनी पड़ी। इस फ्लाइट में सवार सभी यात्री सुरक्षित बताए जा रहे हैं। इस घटना के कारणों का अभी खुलासा नहीं हुआ है, लेकिन सभी यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित की गई है। विमान के सुरक्षित उतरने के बाद यात्रियों को आवश्यक सहायता प्रदान की गई।1
- नीट पेपर लीक मामले में कांग्रेस जनता पार्टी के धरने और सोनम वांगचुक की भूख हड़ताल के बाद पूरे देश में हलचल मच गई। जंतर मंतर पर बड़ी संख्या में लोग एकत्रित होने लगे। सरकार के विरोध में प्रदर्शन तेज़ हुआ और आखिरकार शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग मान ली गई। इस फैसले के बाद देशभर में जश्न का माहौल बन गया। दिल्ली के मंगोलपुरी में भी इसी तरह से जश्न मनाया गया। आम आदमी पार्टी ने इस जीत पर मंगोलपुरी में एक रैली निकाली। रैली में शामिल लोगों ने सरकार के इस कदम का स्वागत किया और छात्रों की आवाज को बुलंद करने के लिए एकजुटता दिखाई। जंतर मंतर पर हुए प्रदर्शन में लाठियां भी बरसीं, लेकिन लोगों का हौसला नहीं डिगा। सोनम वांगचुक के समर्थन में लोगों ने भूख हड़ताल भी की, जो इस आंदोलन का महत्वपूर्ण हिस्सा बन गई। शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग लंबे समय से चल रही थी और छात्रों तथा उनके समर्थकों ने इस मांग को लेकर सड़कों पर उतरना जारी रखा। आखिरकार, सरकार को झुकना पड़ा और मंत्री के इस्तीफे की मांग मान ली गई। इस घटना ने एक बार फिर से छात्र आंदोलन की ताकत को उजागर कर दिया और दिल्ली की राजनीति में हलचल मचा दी।1
- दिल्ली में एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक ने 26 दिन के अनशन और आंदोलन के समापन पर राजघाट में एक भाषण दिया। उन्होंने कहा, 'बहुत-बहुत धन्यवाद। इस आंदोलन के अंत पर मैं सबसे पहले बापू को याद करने के लिए राजघाट आना चाहता था। मैं देश को बताना चाहता था कि उनका बताया गया रास्ता आज भी उतना ही उपयुक्त है जितना 100 साल पहले थे। मेरी समझ है कि ये तरीके जनता के दिल तक संदेश पहुंचाते हैं। इस बार मुझे यह तसल्ली हुई कि यह देश के स्तर पर प्रासंगिक है। मैं लोगों से कहता हूं कि वे बापू द्वारा शांति के मार्ग पर चलकर ही अपनी बात रखें। मैं सभी नागरिकों को बधाई देता हूं।'1
- दिल्ली में आयोजित 'दिल्ली कॉमनवेल्थ टेबल टेनिस चैंपियनशिप' के उद्घाटन समारोह में मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता और शिक्षा मंत्री आशीष सूद ने शिरकत की। इस अवसर पर दोनों नेताओं ने प्रतियोगिता में भाग ले रहे खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन किया और खेलों को बढ़ावा देने की दिशा में दिल्ली सरकार की प्रतिबद्धता को दोहराया। इस आयोजन को खेल प्रतिभाओं के लिए एक महत्वपूर्ण मंच बताते हुए उन्होंने कहा कि ऐसे अंतरराष्ट्रीय स्तर के आयोजन युवाओं को प्रेरित करते हैं और देश में खेल संस्कृति को मजबूत बनाते हैं।1
- तेलंगाना के हैदराबाद से बड़ी संख्या में पत्रकार दिल्ली के जंतर मंतर पहुंचे और भारत सरकार से अपनी मुख्य मांगे रखीं। पत्रकारों का यह समूह अपनी मांगों को लेकर सरकार का ध्यान आकर्षित करना चाहता है। इस समूह में शामिल पत्रकारों ने केंद्र सरकार से कुछ महत्वपूर्ण मांगे रखीं, हालांकि स्रोत में यह नहीं बताया गया है कि ये मांगे क्या हैं। पत्रकारों का यह प्रदर्शन शांतिपूर्ण रहा और उन्होंने अपनी बात रखने के लिए जंतर मंतर को मंच के तौर पर चुना।1
- देश के युवाओं ने एकजुट होकर आवाज़ उठाई और नतीजा यह हुआ कि धर्मेंद्र प्रधान को इस्तीफ़ा देना पड़ा। अब E20 के मुद्दे पर भी हमें एक होकर आवाज़ उठानी होगी। इस शनिवार को 'नेशनल टाउनहॉल अगेंस्ट E20' आयोजित किया जा रहा है, जिसमें शामिल होकर आप E20 पर अपनी बात रख सकते हैं। आप इसमें ऑनलाइन भी शामिल हो सकते हैं। आप सभी का आमंत्रण है। जैसा कि पहले देखा गया, युवाओं की एकजुटता और आवाज़ का असर होता है। धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफ़ा इसी का नतीजा है। अब E20 के मुद्दे पर भी हमें उसी तरह एकजुट होकर आवाज़ उठानी होगी।1
- दिल्ली के गुरुग्राम स्थित मेदांता अस्पताल से छुट्टी मिलने के कुछ ही समय बाद, प्रसिद्ध एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक राजघाट पहुँच गए। सोनम वांगचुक का राजघाट जाना उनके स्वास्थ्य और गतिविधियों पर ध्यान खींचता है। इस घटना ने उनके समर्थकों और प्रशंसकों में उत्सुकता बढ़ा दी है कि वे अब क्या करने वाले हैं।1
- हिमाचल प्रदेश के बिलासपुर-हमीरपुर सीमा पर बाबा बालक नाथ मंदिर के पास रात को एक बस दुर्घटना हुई है। इस दुर्घटना पर दुख जताया गया है। महा सचिव मोहिंद्र सिंह डोगरा ने बताया कि इस बस दुर्घटना में बिलासपुर सेवक सभा पं० दिल्ली सभी घायलों के जल्द ठीक होने तथा मृतकों के लिए मोक्ष की कामना करती है।1