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उत्तर प्रदेश के बरेली जिले के आंवला क्षेत्र में ग्रामीणों का कहना है कि उन्हें बिजली नहीं मिल पा रही है और ट्रांसफार्मर से वोल्टेज भी लो आ रहा है। इस समस्या से निजात पाने के लिए ग्रामीण इलाके में बिजली के तार डलवाने और मीटर लगवाने की कोशिश कर रहे हैं।
Saurabh Kumar
उत्तर प्रदेश के बरेली जिले के आंवला क्षेत्र में ग्रामीणों का कहना है कि उन्हें बिजली नहीं मिल पा रही है और ट्रांसफार्मर से वोल्टेज भी लो आ रहा है। इस समस्या से निजात पाने के लिए ग्रामीण इलाके में बिजली के तार डलवाने और मीटर लगवाने की कोशिश कर रहे हैं।
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- बरेली जिले में प्रदूषण नियंत्रण के तमाम प्रशासनिक दावों के बावजूद नियमों की अनदेखी जारी है और बढ़ते प्रदूषण पर लगाम नहीं लग पा रही है। शहर से लेकर ग्रामीण इलाकों की सड़कों पर प्रतिदिन हजारों दोपहिया, चारपहिया, मालवाहक और व्यावसायिक वाहन बिना वैध प्रदूषण नियंत्रण प्रमाणपत्र (पीयूसी) के बेखौफ दौड़ रहे हैं। इन वाहनों से निकलने वाला काला धुआं न केवल पर्यावरण को प्रदूषित कर रहा है, बल्कि राहगीरों और स्थानीय लोगों के स्वास्थ्य पर भी प्रतिकूल प्रभाव डाल रहा है। इसके बावजूद संबंधित विभागों की ओर से नियमित और प्रभावी जांच न होने के कारण अभियानों की गंभीरता पर सवाल खड़े हो रहे हैं। पर्यावरण विशेषज्ञों का कहना है कि वाहन प्रदूषण वायु गुणवत्ता बिगाड़ने वाले मुख्य कारणों में से एक है, जिस पर वाहनों की जांच और बिना पीयूसी वाले चालकों पर सख्त कार्रवाई से काफी हद तक नियंत्रण पाया जा सकता है। वहीं स्थानीय लोगों और आम नागरिकों ने प्रशासन से मांग की है कि केवल घोषणाएं करने के बजाय परिवहन विभाग और यातायात पुलिस संयुक्त रूप से धरातल पर उतरकर नियमित जांच अभियान चलाएं। नागरिकों का मानना है कि नियम तोड़ने वालों पर जुर्माना लगाने और विशेष अभियान चलाने से ही सरकारी नियमों का पालन सुनिश्चित होगा और लोगों को स्वच्छ हवा मिल सकेगी।1
- उत्तर प्रदेश के बरेली जिले के आंवला क्षेत्र में ग्रामीणों का कहना है कि उन्हें बिजली नहीं मिल पा रही है और ट्रांसफार्मर से वोल्टेज भी लो आ रहा है। इस समस्या से निजात पाने के लिए ग्रामीण इलाके में बिजली के तार डलवाने और मीटर लगवाने की कोशिश कर रहे हैं।2
- उत्तर प्रदेश के बरेली जिले के बहेड़ी में शिक्षक और पुलिसकर्मियों पर हमले तथा पुलिस चौकी परिसर में तोड़फोड़ की घटना सामने आई है। इस मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई शुरू कर दी है। मामले को लेकर सीओ बहेड़ी श्री अरुण कुमार सिंह ने मीडिया को जानकारी देते हुए बताया कि आरोपियों के खिलाफ विधिक कार्रवाई की जा रही है। इसके साथ ही क्षेत्र में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस पूरी तरह सतर्क है।1
- GST SIT टीम और बरेली पुलिस ने जाली GST अभिलेख तैयार करने, फर्जी चालान जारी करने और इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) के माध्यम से 16.26 करोड़ की धोखाधड़ी करने के मामले में 2 अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है। इन अभियुक्तों ने केंद्र व प्रदेश सरकार के राजस्व को नुकसान पहुंचाया है। इस पूरी कार्रवाई और अभियुक्तों की गिरफ्तारी के संबंध में एसपी क्राइम द्वारा बाइट देकर जानकारी साझा की गई है।1
- बरेली के थाना सुभाष नगर इलाके से एक मामला सामने आया है, जहां एक महिला ने अपने पति पर गंभीर आरोप लगाए हैं। मामले को लेकर पीड़ित महिला ने इंसाफ की गुहार लगाई है।1
- बरेली के अलीगंज थाना क्षेत्र में एक महिला ने अपने ही भाई पर गंभीर आरोप लगाए हैं। अपने भाई के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए पीड़िता ने इस मामले में इंसाफ की गुहार लगाई है।1
- बरेली के फरीदपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत सिमरा गांव में 25 जुलाई की रात दो पक्षों के बीच मारपीट और पत्थरबाजी की घटना हुई है। इस घटना के संबंध में पुलिस ने सुसंगत धाराओं में अभियोग पंजीकृत कर लिया है और मामले में आवश्यक कानूनी कार्यवाही की जा रही है। इस पूरी वारदात और की जा रही पुलिस कार्यवाही के संबंध में सीओ फरीदपुर द्वारा बयान जारी कर जानकारी दी गई है।1
- सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे दो वीडियो को लेकर विवाद गहरा गया है। एक वीडियो में गाजियाबाद का रहने वाला सत्यम पंडित बरेली के दो छात्रों के साथ गाली-गलौज और थप्पड़ मारता नजर आ रहा है। इसके बाद सामने आए दूसरे वीडियो में वही युवक यह कहता दिख रहा है कि हज के दौरान हिंदू पुलिस नहीं होती, इसलिए कांवड़ यात्रा में भी मुस्लिम अधिकारी नहीं होने चाहिए। इस बयान के सामने आने के बाद बहस तेज हो गई है और मामले ने सांप्रदायिक रूप ले लिया है। इस पूरे मामले पर ऑल इंडिया मुस्लिम जमात के राष्ट्रीय अध्यक्ष और बरेली के मुस्लिम धर्मगुरु मौलाना शहाबुद्दीन रज़वी बरेलवी ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि धर्म के आधार पर अधिकारियों पर सवाल उठाना बिल्कुल उचित नहीं है। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि समाजवादी पार्टी की सरकार में कुंभ मेले के इंचार्ज आज़म खान रहे थे और बहुजन समाज पार्टी की सरकार में नसीमुद्दीन सिद्दीकी ने भी कुंभ मेले की जिम्मेदारी संभाली थी। मौलाना ने कहा कि किसी भी धार्मिक आयोजन में जिम्मेदारी अधिकारी की क्षमता और प्रशासनिक अनुभव के आधार पर तय होनी चाहिए, न कि उसके धर्म के आधार पर। मौलाना शहाबुद्दीन ने लोगों से शांति और भाईचारा बनाए रखने की अपील की है। फिलहाल वायरल वीडियो की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है और मामले में पुलिस की ओर से होने वाली कार्रवाई पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।1