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“बुडको का निर्माण या ठेकेदारों का खेल? 3 महीने में उखड़ी सड़क ने खोली पोल”

3 hrs ago
user_AMIT KUMAR
AMIT KUMAR
Bihar•
3 hrs ago

“बुडको का निर्माण या ठेकेदारों का खेल? 3 महीने में उखड़ी सड़क ने खोली पोल”

More news from Bihar and nearby areas
  • गया ट्रैफिक पुलिस :गया में नियमों की अनदेखी! अधिकृत अधिकारी का काम कर रहा कांस्टेबल, जिम्मेदार कौन? #viralreelschallenge2025viralreelschallengejaiviralreelschallengeviralreelschallengealvideochallenge #viralreelschallenge2025viralreelschallengejaiviralreelschallengeviralreelschallenge #BiharNews #gaya Gaya City Bihar Police GAYA Police Samrat Choudhary
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    गया ट्रैफिक पुलिस :गया में नियमों की अनदेखी! अधिकृत अधिकारी का काम कर रहा कांस्टेबल, जिम्मेदार कौन?
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    user_AMIT KUMAR
    AMIT KUMAR
    Bihar•
    2 hrs ago
  • भाजपा विधायक डॉ सुनील कुमार ने दावा किया कि बिहार शरीफ में कब्रिस्तान के नाम पर 83 डेसिमल सरकारी भूमि घेर लिए जाने से रांची रोड बाधित हो गई है। बिहार विधानसभा के सोमवार के सत्र में मंदिरों और मठों की घेराबंदी को लेकर सत्ता पक्ष के भीतर ही तीखी बहस देखने को मिली। डॉ. सुनील कुमार ने सरकार से सीधे सवाल करते हुए नीति में समानता की मांग उठाई। भाजपा विधायक ने कहा कि जब राज्य में कब्रिस्तानों की घेराबंदी कराई जा सकती है, तो मठ-मंदिरों की चहारदीवारी निर्माण में बाधा क्यों है। उन्होंने पूछा कि बिना धार्मिक न्यास परिषद में निबंधन के मठ-मंदिरों की घेराबंदी सरकारी स्तर पर क्यों नहीं कराई जा सकती। साथ ही, उन्होंने मुख्यमंत्री क्षेत्र विकास योजना से मठ-मंदिरों की चहारदीवारी निर्माण की मांग भी रखी। इस पर उप मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने स्पष्ट किया कि जो मठ-मंदिर धार्मिक न्यास बोर्ड में निबंधित नहीं हैं, उनकी घेराबंदी सरकारी स्तर पर संभव नहीं है। बहस के दौरान डॉ. सुनील कुमार ने यह भी दावा किया कि बिहारशरीफ में कब्रिस्तान के नाम पर 83 डेसिमल सरकारी भूमि घेर लिए जाने से रांची रोड बाधित हो गई है। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ स्थानों पर कब्रिस्तान की घेराबंदी के नाम पर सरकारी भूमि पर अतिक्रमण हुआ है, जिसकी जांच कर कार्रवाई की जानी चाहिए। विधायक ने सदन में कहा कि संविधान सभी नागरिकों को समान अधिकार देता है, इसलिए धार्मिक स्थलों के मामले में भी सरकार की नीति समानता, पारदर्शिता और न्याय के सिद्धांत पर आधारित होनी चाहिए। उन्होंने आग्रह किया कि सभी समुदायों के धार्मिक स्थलों की सुरक्षा एवं संरक्षण के लिए एक समान और स्पष्ट नीति बनाई जाए, ताकि सामाजिक सौहार्द और विधि-व्यवस्था दोनों मजबूत हो सकें।
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    भाजपा विधायक डॉ सुनील कुमार ने दावा किया कि बिहार शरीफ में कब्रिस्तान के नाम पर 83 डेसिमल सरकारी भूमि घेर लिए जाने से रांची रोड बाधित हो गई है।
बिहार विधानसभा के सोमवार के सत्र में मंदिरों और मठों की घेराबंदी को लेकर सत्ता पक्ष के भीतर ही तीखी बहस देखने को मिली। डॉ. सुनील कुमार ने सरकार से सीधे सवाल करते हुए नीति में समानता की मांग उठाई।
भाजपा विधायक ने कहा कि जब राज्य में कब्रिस्तानों की घेराबंदी कराई जा सकती है, तो मठ-मंदिरों की चहारदीवारी निर्माण में बाधा क्यों है। उन्होंने पूछा कि बिना धार्मिक न्यास परिषद में निबंधन के मठ-मंदिरों की घेराबंदी सरकारी स्तर पर क्यों नहीं कराई जा सकती। साथ ही, उन्होंने मुख्यमंत्री क्षेत्र विकास योजना से मठ-मंदिरों की चहारदीवारी निर्माण की मांग भी रखी।
इस पर उप मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने स्पष्ट किया कि जो मठ-मंदिर धार्मिक न्यास बोर्ड में निबंधित नहीं हैं, उनकी घेराबंदी सरकारी स्तर पर संभव नहीं है।
बहस के दौरान डॉ. सुनील कुमार ने यह भी दावा किया कि बिहारशरीफ में कब्रिस्तान के नाम पर 83 डेसिमल सरकारी भूमि घेर लिए जाने से रांची रोड बाधित हो गई है। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ स्थानों पर कब्रिस्तान की घेराबंदी के नाम पर सरकारी भूमि पर अतिक्रमण हुआ है, जिसकी जांच कर कार्रवाई की जानी चाहिए।
विधायक ने सदन में कहा कि संविधान सभी नागरिकों को समान अधिकार देता है, इसलिए धार्मिक स्थलों के मामले में भी सरकार की नीति समानता, पारदर्शिता और न्याय के सिद्धांत पर आधारित होनी चाहिए। उन्होंने आग्रह किया कि सभी समुदायों के धार्मिक स्थलों की सुरक्षा एवं संरक्षण के लिए एक समान और स्पष्ट नीति बनाई जाए, ताकि सामाजिक सौहार्द और विधि-व्यवस्था दोनों मजबूत हो सकें।
    user_Vandebharat news bihar sarif nalanda
    Vandebharat news bihar sarif nalanda
    Local News Reporter बिहार शरीफ, नालंदा, बिहार•
    1 hr ago
  • भाजपा विधायक डॉ सुनील कुमार ने दावा किया कि बिहार शरीफ में कब्रिस्तान के नाम पर 83 डेसिमल सरकारी भूमि घेर लिए जाने से रांची रोड बाधित हो गई है। बिहार विधानसभा के सोमवार के सत्र में मंदिरों और मठों की घेराबंदी को लेकर सत्ता पक्ष के भीतर ही तीखी बहस देखने को मिली। डॉ. सुनील कुमार ने सरकार से सीधे सवाल करते हुए नीति में समानता की मांग उठाई। भाजपा विधायक ने कहा कि जब राज्य में कब्रिस्तानों की घेराबंदी कराई जा सकती है, तो मठ-मंदिरों की चहारदीवारी निर्माण में बाधा क्यों है। उन्होंने पूछा कि बिना धार्मिक न्यास परिषद में निबंधन के मठ-मंदिरों की घेराबंदी सरकारी स्तर पर क्यों नहीं कराई जा सकती। साथ ही, उन्होंने मुख्यमंत्री क्षेत्र विकास योजना से मठ-मंदिरों की चहारदीवारी निर्माण की मांग भी रखी। इस पर उप मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने स्पष्ट किया कि जो मठ-मंदिर धार्मिक न्यास बोर्ड में निबंधित नहीं हैं, उनकी घेराबंदी सरकारी स्तर पर संभव नहीं है। बहस के दौरान डॉ. सुनील कुमार ने यह भी दावा किया कि बिहारशरीफ में कब्रिस्तान के नाम पर 83 डेसिमल सरकारी भूमि घेर लिए जाने से रांची रोड बाधित हो गई है। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ स्थानों पर कब्रिस्तान की घेराबंदी के नाम पर सरकारी भूमि पर अतिक्रमण हुआ है, जिसकी जांच कर कार्रवाई की जानी चाहिए। विधायक ने सदन में कहा कि संविधान सभी नागरिकों को समान अधिकार देता है, इसलिए धार्मिक स्थलों के मामले में भी सरकार की नीति समानता, पारदर्शिता और न्याय के सिद्धांत पर आधारित होनी चाहिए। उन्होंने आग्रह किया कि सभी समुदायों के धार्मिक स्थलों की सुरक्षा एवं संरक्षण के लिए एक समान और स्पष्ट नीति बनाई जाए, ताकि सामाजिक सौहार्द और विधि-व्यवस्था दोनों मजबूत हो सकें।
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    भाजपा विधायक डॉ सुनील कुमार ने दावा किया कि बिहार शरीफ में कब्रिस्तान के नाम पर 83 डेसिमल सरकारी भूमि घेर लिए जाने से रांची रोड बाधित हो गई है।
बिहार विधानसभा के सोमवार के सत्र में मंदिरों और मठों की घेराबंदी को लेकर सत्ता पक्ष के भीतर ही तीखी बहस देखने को मिली। डॉ. सुनील कुमार ने सरकार से सीधे सवाल करते हुए नीति में समानता की मांग उठाई।
भाजपा विधायक ने कहा कि जब राज्य में कब्रिस्तानों की घेराबंदी कराई जा सकती है, तो मठ-मंदिरों की चहारदीवारी निर्माण में बाधा क्यों है। उन्होंने पूछा कि बिना धार्मिक न्यास परिषद में निबंधन के मठ-मंदिरों की घेराबंदी सरकारी स्तर पर क्यों नहीं कराई जा सकती। साथ ही, उन्होंने मुख्यमंत्री क्षेत्र विकास योजना से मठ-मंदिरों की चहारदीवारी निर्माण की मांग भी रखी।
इस पर उप मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने स्पष्ट किया कि जो मठ-मंदिर धार्मिक न्यास बोर्ड में निबंधित नहीं हैं, उनकी घेराबंदी सरकारी स्तर पर संभव नहीं है।
बहस के दौरान डॉ. सुनील कुमार ने यह भी दावा किया कि बिहारशरीफ में कब्रिस्तान के नाम पर 83 डेसिमल सरकारी भूमि घेर लिए जाने से रांची रोड बाधित हो गई है। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ स्थानों पर कब्रिस्तान की घेराबंदी के नाम पर सरकारी भूमि पर अतिक्रमण हुआ है, जिसकी जांच कर कार्रवाई की जानी चाहिए।
विधायक ने सदन में कहा कि संविधान सभी नागरिकों को समान अधिकार देता है, इसलिए धार्मिक स्थलों के मामले में भी सरकार की नीति समानता, पारदर्शिता और न्याय के सिद्धांत पर आधारित होनी चाहिए। उन्होंने आग्रह किया कि सभी समुदायों के धार्मिक स्थलों की सुरक्षा एवं संरक्षण के लिए एक समान और स्पष्ट नीति बनाई जाए, ताकि सामाजिक सौहार्द और विधि-व्यवस्था दोनों मजबूत हो सकें।
    user_Vandebharat news bihar sarif nalanda Ramendra Kumar
    Vandebharat news bihar sarif nalanda Ramendra Kumar
    Local News Reporter बिहार शरीफ, नालंदा, बिहार•
    1 hr ago
  • प्रयागराज। उत्तर प्रदेश के प्रयागराज स्थित टैगोर टाउन के कमला मल्टी स्पेशलिटी अस्पताल में डॉक्टरों की मेहनत, धैर्य और इंसानियत की मिसाल उस समय देखने को मिली, जब एक अत्यंत गंभीर स्थिति में आए मरीज को डॉक्टरों ने अपनी सूझबूझ और अथक प्रयासों से मौत के मुँह से बाहर निकाल लिया। क्या था पूरा मामला? मिली जानकारी के अनुसार, मरीज (जो कि एक गरीब परिवार से था) को काफी गंभीर हालत में अस्पताल लाया गया था। स्थिति इतनी नाजुक थी कि परिवार को बचने की उम्मीद कम ही नजर आ रही थी। लेकिन डॉ. सुनील विश्वकर्मा (जनरल एवं लेप्रोस्कोपिक सर्जन) और उनकी मेडिकल टीम ने न केवल मरीज का उचित उपचार किया, बल्कि मानवीय दृष्टिकोण अपनाते हुए परिवार को ढांढस भी बंधाया। अस्पताल की मुख्य विशेषताएं: अत्याधुनिक तकनीक: अस्पताल कैंसर, हार्ट और किडनी जैसी गंभीर बीमारियों के लिए हाईटेक मशीनों से लैस है। एक ही छत के नीचे इलाज: यहाँ दूरबीन विधि (Laparoscopic) से जटिल सर्जरी की सुविधा उपलब्ध है। किफायती दर: डॉ. सुनील विश्वकर्मा के अनुसार, अस्पताल का मुख्य उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग को भी विश्वस्तरीय चिकित्सा सेवा प्रदान करना है। "मरीज की सेवा ही हमारा प्राथमिक धर्म है। जब कोई मरीज स्वस्थ होकर घर लौटता है, तो वही एक डॉक्टर के लिए सबसे बड़ा पुरस्कार होता है।" — डॉ. सुनील विश्वकर्मा, प्रबंध निदेशक इलाके में चर्चा का विषय इस सफल उपचार के बाद स्थानीय लोगों में अस्पताल और वहां के स्टाफ के प्रति काफी सम्मान बढ़ा है। लोगों का कहना है कि जहां आज चिकित्सा एक व्यवसाय बनती जा रही है, वहीं कमला मल्टी स्पेशलिटी अस्पताल जैसे संस्थान इंसानियत की लौ जलाए हुए हैं।
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    प्रयागराज। उत्तर प्रदेश के प्रयागराज स्थित टैगोर टाउन के कमला मल्टी स्पेशलिटी अस्पताल में डॉक्टरों की मेहनत, धैर्य और इंसानियत की मिसाल उस समय देखने को मिली, जब एक अत्यंत गंभीर स्थिति में आए मरीज को डॉक्टरों ने अपनी सूझबूझ और अथक प्रयासों से मौत के मुँह से बाहर निकाल लिया।
क्या था पूरा मामला?
मिली जानकारी के अनुसार, मरीज (जो कि एक गरीब परिवार से था) को काफी गंभीर हालत में अस्पताल लाया गया था। स्थिति इतनी नाजुक थी कि परिवार को बचने की उम्मीद कम ही नजर आ रही थी। लेकिन डॉ. सुनील विश्वकर्मा (जनरल एवं लेप्रोस्कोपिक सर्जन) और उनकी मेडिकल टीम ने न केवल मरीज का उचित उपचार किया, बल्कि मानवीय दृष्टिकोण अपनाते हुए परिवार को ढांढस भी बंधाया।
अस्पताल की मुख्य विशेषताएं:
अत्याधुनिक तकनीक: अस्पताल कैंसर, हार्ट और किडनी जैसी गंभीर बीमारियों के लिए हाईटेक मशीनों से लैस है।
एक ही छत के नीचे इलाज: यहाँ दूरबीन विधि (Laparoscopic) से जटिल सर्जरी की सुविधा उपलब्ध है।
किफायती दर: डॉ. सुनील विश्वकर्मा के अनुसार, अस्पताल का मुख्य उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग को भी विश्वस्तरीय चिकित्सा सेवा प्रदान करना है।
"मरीज की सेवा ही हमारा प्राथमिक धर्म है। जब कोई मरीज स्वस्थ होकर घर लौटता है, तो वही एक डॉक्टर के लिए सबसे बड़ा पुरस्कार होता है।"
— डॉ. सुनील विश्वकर्मा, प्रबंध निदेशक
इलाके में चर्चा का विषय
इस सफल उपचार के बाद स्थानीय लोगों में अस्पताल और वहां के स्टाफ के प्रति काफी सम्मान बढ़ा है। लोगों का कहना है कि जहां आज चिकित्सा एक व्यवसाय बनती जा रही है, वहीं कमला मल्टी स्पेशलिटी अस्पताल जैसे संस्थान इंसानियत की लौ जलाए हुए हैं।
    user_Aarav raj
    Aarav raj
    Interior designer बिहार शरीफ, नालंदा, बिहार•
    2 hrs ago
  • जहानाबाद (काको): बिहार के जहानाबाद जिले के काको प्रखंड अंतर्गत धरहरा बालिका उच्च विद्यालय में सोमवार को अफरा-तफरी मच गई। स्कूल में सुबह की प्रार्थना सभा चल रही थी, तभी अचानक एक के बाद एक कई छात्राएं बेहोश होकर गिरने लगीं। देखते ही देखते करीब एक दर्जन से अधिक छात्राओं की स्थिति बिगड़ने लगी, जिससे स्कूल प्रशासन और अन्य बच्चों में हड़कंप मच गया। घटना का विवरण प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, सोमवार सुबह जब छात्राएं कतारबद्ध होकर प्रार्थना कर रही थीं, तभी कुछ छात्राओं ने चक्कर आने और घबराहट की शिकायत की। इससे पहले कि शिक्षक कुछ समझ पाते, छात्राएं जमीन पर गिरने लगीं। आनन-फानन में विद्यालय प्रबंधन ने स्थानीय ग्रामीणों की मदद से सभी बीमार छात्राओं को काको पीएचसी (प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र) में भर्ती कराया। संभावित कारण हालांकि आधिकारिक तौर पर अभी किसी ठोस कारण की पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन शुरुआती कयासों में निम्नलिखित बातें सामने आ रही हैं: भीषण गर्मी और उमस: पिछले कुछ दिनों से बढ़ रही गर्मी और उमस को इसका मुख्य कारण माना जा रहा है। खाली पेट प्रार्थना: कुछ शिक्षकों का मानना है कि सुबह खाली पेट धूप में खड़े होने की वजह से छात्राओं का ब्लड प्रेशर कम हो गया होगा। प्रशासनिक स्थिति घटना की सूचना मिलते ही छात्राओं के परिजन अस्पताल पहुँचने लगे। चिकित्सा अधिकारियों के अनुसार, सभी छात्राओं की स्थिति फिलहाल स्थिर है और उनका उपचार किया जा रहा है। स्कूल के प्रधानाध्यापक ने बताया कि स्थिति को नियंत्रण में ले लिया गया है और प्रभावित बच्चों को उचित चिकित्सीय सहायता दी जा रही है। नोट: इस घटना के बाद स्थानीय अभिभावकों में रोष देखा गया है और उन्होंने स्कूल परिसर में प्राथमिक चिकित्सा की बेहतर व्यवस्था करने की मांग की है।
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    जहानाबाद (काको): बिहार के जहानाबाद जिले के काको प्रखंड अंतर्गत धरहरा बालिका उच्च विद्यालय में सोमवार को अफरा-तफरी मच गई। स्कूल में सुबह की प्रार्थना सभा चल रही थी, तभी अचानक एक के बाद एक कई छात्राएं बेहोश होकर गिरने लगीं। देखते ही देखते करीब एक दर्जन से अधिक छात्राओं की स्थिति बिगड़ने लगी, जिससे स्कूल प्रशासन और अन्य बच्चों में हड़कंप मच गया।
घटना का विवरण
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, सोमवार सुबह जब छात्राएं कतारबद्ध होकर प्रार्थना कर रही थीं, तभी कुछ छात्राओं ने चक्कर आने और घबराहट की शिकायत की। इससे पहले कि शिक्षक कुछ समझ पाते, छात्राएं जमीन पर गिरने लगीं। आनन-फानन में विद्यालय प्रबंधन ने स्थानीय ग्रामीणों की मदद से सभी बीमार छात्राओं को काको पीएचसी (प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र) में भर्ती कराया।
संभावित कारण
हालांकि आधिकारिक तौर पर अभी किसी ठोस कारण की पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन शुरुआती कयासों में निम्नलिखित बातें सामने आ रही हैं:
भीषण गर्मी और उमस: पिछले कुछ दिनों से बढ़ रही गर्मी और उमस को इसका मुख्य कारण माना जा रहा है।
खाली पेट प्रार्थना: कुछ शिक्षकों का मानना है कि सुबह खाली पेट धूप में खड़े होने की वजह से छात्राओं का ब्लड प्रेशर कम हो गया होगा।
प्रशासनिक स्थिति
घटना की सूचना मिलते ही छात्राओं के परिजन अस्पताल पहुँचने लगे। चिकित्सा अधिकारियों के अनुसार, सभी छात्राओं की स्थिति फिलहाल स्थिर है और उनका उपचार किया जा रहा है। स्कूल के प्रधानाध्यापक ने बताया कि स्थिति को नियंत्रण में ले लिया गया है और प्रभावित बच्चों को उचित चिकित्सीय सहायता दी जा रही है।
नोट: इस घटना के बाद स्थानीय अभिभावकों में रोष देखा गया है और उन्होंने स्कूल परिसर में प्राथमिक चिकित्सा की बेहतर व्यवस्था करने की मांग की है।
    user_Amit Kumar
    Amit Kumar
    Job Centre एकंगरसराय, नालंदा, बिहार•
    3 hrs ago
  • ugc लागू करने का बहुजन ने चुनौती लिया
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    ugc लागू करने का बहुजन ने चुनौती लिया
    user_Nirala article 15 Bihar
    Nirala article 15 Bihar
    Local News Reporter बिहार शरीफ, नालंदा, बिहार•
    3 hrs ago
  • रघुनाथपुर में बच्चा चोर की अफवाह से हड़कंप, पुलिस पहुंची तो खुला बड़ा राज!, एंकर, नालंदा जिला अंतर्गत रहुई थाना क्षेत्र के रघुनाथपुर गांव में सोमवार को उस समय अफरा-तफरी मच गई जब एक महिला को बच्चा चोरी के आरोप में ग्रामीणों ने पकड़ लिया। देखते ही देखते पूरे गांव में यह खबर आग की तरह फैल गई और बड़ी संख्या में लोग मौके पर जमा हो गए। ग्रामीणों के अनुसार, उक्त महिला संदिग्ध स्थिति में गांव में घूम रही थी। इसी दौरान एक व्यक्ति को महिला की गतिविधियां संदिग्ध लगीं और उसे बच्चा चोर समझ लिया गया। इसके बाद लोगों ने महिला को पकड़कर तत्काल इसकी सूचना पुलिस को दी। सूचना मिलते ही रहुई थाना की पुलिस मौके पर पहुंची और महिला को भीड़ से सुरक्षित हिरासत में लेकर थाना ले आई। पुलिस की त्वरित कार्रवाई से संभावित बड़ी घटना टल गई। थानाध्यक्ष ने बताया कि पकड़ी गई महिला मिल्की मुजफरा गांव की रहने वाली है और वह मानसिक रूप से विक्षिप्त है। प्रारंभिक जांच में बच्चा चोरी का आरोप पूरी तरह बेबुनियाद पाया गया। इसके बाद महिला के परिजनों को सूचना दी गई। सूचना मिलते ही परिजन थाना पहुंचे और आवश्यक कागजी प्रक्रिया पूरी कर महिला को अपने साथ घर ले गए। पुलिस ने आमजन से अपील की है कि बच्चा चोरी जैसी अफवाहों से दूर रहें। बिना सत्यापन किसी पर आरोप न लगाएं और कानून को हाथ में लेने की गलती न करें। किसी भी संदिग्ध स्थिति में तुरंत स्थानीय थाना को सूचना दें या डायल 112 पर संपर्क करें।
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    रघुनाथपुर में बच्चा चोर की अफवाह से हड़कंप, पुलिस पहुंची तो खुला बड़ा राज!,
एंकर, नालंदा जिला अंतर्गत रहुई थाना क्षेत्र के रघुनाथपुर गांव में सोमवार को उस समय अफरा-तफरी मच गई जब एक महिला को बच्चा चोरी के आरोप में ग्रामीणों ने पकड़ लिया। देखते ही देखते पूरे गांव में यह खबर आग की तरह फैल गई और बड़ी संख्या में लोग मौके पर जमा हो गए।
ग्रामीणों के अनुसार, उक्त महिला संदिग्ध स्थिति में गांव में घूम रही थी। इसी दौरान एक व्यक्ति को महिला की गतिविधियां संदिग्ध लगीं और उसे बच्चा चोर समझ लिया गया। इसके बाद लोगों ने महिला को पकड़कर तत्काल इसकी सूचना पुलिस को दी।
सूचना मिलते ही रहुई थाना की पुलिस मौके पर पहुंची और महिला को भीड़ से सुरक्षित हिरासत में लेकर थाना ले आई। पुलिस की त्वरित कार्रवाई से संभावित बड़ी घटना टल गई।
थानाध्यक्ष ने बताया कि पकड़ी गई महिला मिल्की मुजफरा गांव की रहने वाली है और वह मानसिक रूप से विक्षिप्त है। 
प्रारंभिक जांच में बच्चा चोरी का आरोप पूरी तरह बेबुनियाद पाया गया। इसके बाद महिला के परिजनों को सूचना दी गई। सूचना मिलते ही परिजन थाना पहुंचे और आवश्यक कागजी प्रक्रिया पूरी कर महिला को अपने साथ घर ले गए।
पुलिस ने आमजन से अपील की है कि बच्चा चोरी जैसी अफवाहों से दूर रहें। बिना सत्यापन किसी पर आरोप न लगाएं और कानून को हाथ में लेने की गलती न करें। किसी भी संदिग्ध स्थिति में तुरंत स्थानीय थाना को सूचना दें या डायल 112 पर संपर्क करें।
    user_National nalanda news
    National nalanda news
    पत्रकार बिहार शरीफ, नालंदा, बिहार•
    4 hrs ago
  • “बुडको का निर्माण या ठेकेदारों का खेल? 3 महीने में उखड़ी सड़क ने खोली पोल”
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    “बुडको का निर्माण या ठेकेदारों का खेल? 3 महीने में उखड़ी सड़क ने खोली पोल”
    user_AMIT KUMAR
    AMIT KUMAR
    Bihar•
    3 hrs ago
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