जसवंतनगर पुलिस ने कैस्त गांव में हुई एक चोरी की घटना का मात्र 24 घंटे के भीतर खुलासा करते हुए एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने गिरफ्तार आरोपी के पास से चोरी किए गए अधिकांश सोने-चांदी के जेवरात और नकदी भी बरामद की है। हालांकि, इस घटना में शामिल दो अन्य आरोपी पुलिस की पकड़ से फरार हो गए, जिनकी तलाश अभी भी जारी है। यह चोरी 17 जून की रात कैस्त निवासी अनीता देवी पत्नी रमेश चंद्र राठौर के घर हुई थी। अज्ञात चोरों ने उनके घर से सोने का मंगलसूत्र, कान के कुंडल, अंगूठी, कान की कील, दो चांदी की करधनी, सात जोड़ी पायल, तीन जोड़ी बिछिया, तीन खदुआ और लगभग 30 हजार रुपये नकद चुरा लिए थे। चोरी की सूचना मिलते ही थाना प्रभारी निरीक्षक कमल भाटी ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्काल खुलासे के निर्देश दिए, जिसके बाद जांच की जिम्मेदारी चौकी प्रभारी मनीष कुमार को सौंपी गई। पुलिस टीम बीती रात क्षेत्र में गश्त कर रही थी तभी मुखबिर से सूचना मिली कि बकरी बाजार के पास तीन संदिग्ध युवक एक वाहन का इंतजार कर रहे हैं। इस सूचना पर पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर घेराबंदी की, जिसमें पुलिस को देखकर दो युवक अंधेरे का फायदा उठाकर फरार हो गए, लेकिन एक युवक को मौके पर ही पकड़ लिया गया। पूछताछ में गिरफ्तार आरोपी ने अपना नाम राकेश उर्फ कल्लू पुत्र मोहम्मद उमर बताया, जो दतावली का निवासी है और वर्तमान में काशीराम कॉलोनी, जसवंतनगर में रहता है। आरोपी राकेश उर्फ कल्लू की निशानदेही पर चोरी किया गया मंगलसूत्र, अंगूठी, कान का कुंडल, कान की कील, चांदी की करधनी, सात जोड़ी पायल, तीन जोड़ी बिछिया, तीन खदुआ और 14 हजार रुपये नकद बरामद किए गए हैं। थाना प्रभारी कमल भाटी ने बताया कि फरार हुए दोनों आरोपियों की पहचान कर ली गई है और उनकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस की टीमें लगातार दबिश दे रही हैं, तथा उन्हें भी जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
जसवंतनगर पुलिस ने कैस्त गांव में हुई एक चोरी की घटना का मात्र 24 घंटे के भीतर खुलासा करते हुए एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने गिरफ्तार आरोपी के पास से चोरी किए गए अधिकांश सोने-चांदी के जेवरात और नकदी भी बरामद की है। हालांकि, इस घटना में शामिल दो अन्य आरोपी पुलिस की पकड़ से फरार हो गए, जिनकी तलाश अभी भी जारी है। यह चोरी 17 जून की रात कैस्त निवासी अनीता देवी पत्नी रमेश चंद्र राठौर के घर हुई थी। अज्ञात चोरों ने उनके घर से सोने का मंगलसूत्र, कान के कुंडल, अंगूठी, कान की कील, दो चांदी की करधनी, सात जोड़ी पायल, तीन जोड़ी बिछिया, तीन खदुआ और लगभग 30 हजार रुपये नकद चुरा लिए थे। चोरी की सूचना मिलते ही थाना प्रभारी निरीक्षक कमल भाटी ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्काल खुलासे के निर्देश दिए, जिसके बाद जांच की जिम्मेदारी चौकी प्रभारी मनीष कुमार को सौंपी गई। पुलिस टीम बीती रात क्षेत्र में गश्त कर रही थी तभी मुखबिर से सूचना मिली कि बकरी बाजार के पास तीन संदिग्ध युवक एक वाहन का इंतजार कर रहे हैं। इस सूचना पर पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर घेराबंदी की, जिसमें पुलिस को देखकर दो युवक अंधेरे का फायदा उठाकर फरार हो गए, लेकिन एक युवक को मौके पर ही पकड़ लिया गया। पूछताछ में गिरफ्तार आरोपी ने अपना नाम राकेश उर्फ कल्लू पुत्र मोहम्मद उमर बताया, जो दतावली का निवासी है और वर्तमान में काशीराम कॉलोनी, जसवंतनगर में रहता है। आरोपी राकेश उर्फ कल्लू की निशानदेही पर चोरी किया गया मंगलसूत्र, अंगूठी, कान का कुंडल, कान की कील, चांदी की करधनी, सात जोड़ी पायल, तीन जोड़ी बिछिया, तीन खदुआ और 14 हजार रुपये नकद बरामद किए गए हैं। थाना प्रभारी कमल भाटी ने बताया कि फरार हुए दोनों आरोपियों की पहचान कर ली गई है और उनकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस की टीमें लगातार दबिश दे रही हैं, तथा उन्हें भी जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
- इटावा जिले में तेज़ रफ़्तार वाहनों का कहर थमने का नाम नहीं ले रहा है, जहाँ फ्रेंड्स कॉलोनी थाना क्षेत्र में पीएसी गली के सामने एक अनियंत्रित स्विफ्ट डिजायर कार ने सड़क किनारे खड़े दो हाथ ठेलों को जोरदार टक्कर मार दी। इस हादसे में चाट एवं फल विक्रेता घायल हो गए, जबकि उनके ठेले बुरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गए। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, कार चालक कथित रूप से नशे की हालत में था। टक्कर इतनी भीषण थी कि ठेलों पर रखा सारा सामान सड़क पर बिखर गया, जिससे मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया। इस घटना से दोनों दुकानदारों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा। हादसे के बाद, आरोपी कार चालक अपने वाहन सहित मौके से फरार हो गया। घटना की सूचना तत्काल पुलिस को दे दी गई है। स्थानीय लोगों ने फरार चालक की पहचान कर उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। पुलिस फिलहाल मामले की गहन जांच में जुटी हुई है।1
- इटावा कचहरी परिसर स्थित जिलाधिकारी कार्यालय के बाहर आज एक गंभीर घटना सामने आई है, जहाँ 'इटावा लाइव' के पत्रकार आशीष बाजपेई के साथ कथित तौर पर गाली-गलौज और मारपीट की गई। यह आरोप शुगर सिंह जाटव पर लगा है। इस घटना के दौरान मौके पर पुलिसकर्मी मौजूद होने के बावजूद मूकदर्शक बने रहे, जिससे उनकी भूमिका पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, यह घटना तब हुई जब कचहरी परिसर में बड़ी संख्या में लोग मौजूद थे। विवाद बढ़ता रहा, लेकिन पुलिसकर्मियों ने कोई हस्तक्षेप नहीं किया, जिससे उनकी कार्यप्रणाली और क्षेत्र की कानून-व्यवस्था पर गंभीर प्रश्नचिह्न लग गया है। सवाल उठ रहे हैं कि जिलाधिकारी कार्यालय जैसे संवेदनशील स्थान पर एक पत्रकार के साथ खुलेआम हुई इस अभद्रता और मारपीट के बावजूद पुलिस ने तुरंत कार्रवाई क्यों नहीं की। यह भी पूछा जा रहा है कि क्या पुलिस किसी बड़ी वारदात का इंतजार कर रही थी, या उनकी उपस्थिति में ही कानून का सरेआम उल्लंघन होता रहा। इस पूरे मामले को लेकर पत्रकार समुदाय और आम नागरिकों में भारी रोष व्याप्त है। पत्रकार संगठनों ने इस घटना की निष्पक्ष जांच कर दोषी व्यक्ति के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग की है। इसके साथ ही, घटना के समय पुलिस की भूमिका की भी गहन जांच कर जिम्मेदार अधिकारियों से जवाब मांगने की अपील की गई है। लोकतंत्र के चौथे स्तंभ कहे जाने वाले पत्रकारों की सुरक्षा सुनिश्चित करना प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी मानी जाती है। यदि पत्रकार ही सुरक्षित नहीं होंगे, तो निष्पक्ष और निर्भीक पत्रकारिता का निर्वहन कैसे संभव होगा, यह एक अहम सवाल है। फिलहाल, सभी की निगाहें प्रशासन और पुलिस की ओर से की जाने वाली आगामी कार्रवाई पर टिकी हुई हैं।1
- भिंड पुलिस ने "ऑपरेशन विश्वास" के तहत बड़ी कामयाबी हासिल करते हुए देश के विभिन्न राज्यों से 325 गुम हुए मोबाइल फोन बरामद किए हैं। इन मोबाइलों की कुल कीमत लगभग 81 लाख 30 हजार रुपये बताई गई है। बरामद किए गए ये मोबाइल पुलिस कंट्रोल रूम में एक कार्यक्रम के दौरान वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा उनके असली मालिकों को सौंपे गए, जिससे आवेदकों के चेहरों पर मुस्कान लौट आई। सायबर सेल और थानों की टीमों ने CEIR पोर्टल का उपयोग कर इन मोबाइलों को मध्य प्रदेश के साथ-साथ उत्तर प्रदेश, गुजरात, दिल्ली, राजस्थान, महाराष्ट्र, झारखंड, केरल, असम और छत्तीसगढ़ जैसे राज्यों से ट्रैक कर बरामद किया। मोबाइल वापस पाने वालों में भारतीय सेना व होमगार्ड के जवान, भूतपूर्व सैनिक, छात्र, गृहणियां, शिक्षक, माली, खिलाड़ी और पत्रकार जैसे विभिन्न वर्गों के लोग शामिल हैं। उल्लेखनीय है कि इससे पहले वर्ष 2025 में भी इसी पोर्टल के माध्यम से 628 मोबाइल फोन खोजे गए थे।2
- उत्तर प्रदेश के आगरा में नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) के आदेश के बाद 'बाबा का बुलडोजर' एक्शन देखने को मिला। यह कार्रवाई आगरा जिले के अंतर्गत तालाब की भूमि पर अवैध रूप से निर्मित संरचनाओं के खिलाफ की गई। अवैध निर्माणों में एक मंदिर, एक मजार और एक मस्जिद शामिल थे, जिन्हें सरकारी तालाब की जमीन पर बनाया गया था। एनजीटी के निर्देशों का पालन करते हुए, इन सभी अवैध ढाँचों को बुलडोजर चलाकर हटा दिया गया।1
- भिंड पुलिस ने "ऑपरेशन विश्वास" के तहत एक बड़ी कामयाबी हासिल करते हुए 325 गुमशुदा मोबाइल फोन बरामद कर उनके मालिकों को लौटा दिए। इन मोबाइलों की कुल अनुमानित कीमत 81,30,000 रुपये है। पुलिस अधीक्षक भिंड श्री सूरज कुमार वर्मा को लगातार गुम हो रहे मोबाइलों के आवेदन प्राप्त हो रहे थे, जिसके बाद उन्होंने अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री प्रदीप पटेल को इन आवेदनों पर तत्काल कार्रवाई कर मोबाइलों को ट्रेस करने के निर्देश दिए। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर, भिंड जिले के समस्त थानों को CEIR पोर्टल के माध्यम से मोबाइल ट्रेस करने और थाना स्तर व साइबर सेल टीम को शीघ्र बरामद करने के लिए लगाया गया। वरिष्ठ अधिकारियों, जिनमें नगर पुलिस अधीक्षक श्री निरंजन राजपूत, अनुविभागीय अधिकारी अटेर श्री रविन्द्र वास्कले, और उपपुलिस अधीक्षक (मुख्यालय) श्री दीपक तोमर शामिल हैं, के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी कोतवाली निरी० मुकेश शाक्य, थाना प्रभारी देहात निरी० शिवप्रताप राजावत, साइबर सेल टीम और समस्त थानों की टीमों ने विभिन्न कंपनियों के मोबाइलों को ट्रेस कर बरामद किया। साइबर सेल ने CEIR पोर्टल के माध्यम से सभी थानों को प्रशिक्षण भी दिया ताकि वे मोबाइलों को प्रभावी ढंग से ट्रेस कर सकें। इसी क्रम में, वर्ष 2025 में CEIR पोर्टल के माध्यम से कुल 628 मोबाइल खोजे गए थे और हाल ही में 325 गुमशुदा मोबाइलों को ट्रेस कर बरामद किया गया है। ये मोबाइल भिंड जिले के विभिन्न थाना क्षेत्रों के साथ-साथ उत्तर प्रदेश, गुजरात, दिल्ली, राजस्थान, महाराष्ट्र, झारखंड, केरल, असम और छत्तीसगढ़ जैसे कई राज्यों से बरामद किए गए हैं। बरामद किए गए मोबाइल रियलमी, ओपो, वीवो, एमआई, सैमसंग, टेक्नो, इनफिनिक्स, मोटोरोला, वनप्लस आदि कंपनियों के हैं। इन सभी मोबाइलों को आज दिनांक 17.06.26 को पुलिस कंट्रोल रूम जिला भिंड में आयोजित एक कॉन्फ्रेंस में भिंड पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों, साइबर सेल टीम और थानों की टीमों द्वारा उनके मालिकों को सुपुर्द कर दिया गया। ये मोबाइल भारतीय सेना, होमगार्ड, पुलिस में तैनात जवानों के साथ-साथ भूतपूर्व सैनिकों, माली, खिलाड़ियों, छात्रों, गृहणी महिलाओं, अध्यापकों, पत्रकारों और आमजनों के थे। कुछ आवेदकों ने बताया कि वे नया मोबाइल खरीद ही नहीं पाए थे, जबकि कई लोगों ने बताया कि काम पर जाते समय उनका मोबाइल गुम हो गया था, जिसे वापस पाकर उन्हें बहुत खुशी हुई। मोबाइल धारकों को अपने फोन वापस मिलने पर उनके चेहरों पर मुस्कान लौट आई और उन्होंने पुलिस अधिकारियों तथा साइबर सेल व थाना स्तर पर कार्यरत पुलिस टीम की सराहना की। इस उल्लेखनीय कार्य में साइबर सेल के स० उ० नि० सत्यवीर सिंह, प्रआर० प्रमोद पाराशर, प्रआर० महेश कुमार, प्रआर० सत्येन्द्र यादव, आर० आनंद दीक्षित, आर० राहुल यादव, आर० हरपाल, आर० रितिक यादव, आर० प्रशांत नरवरिया, आर० बृजेश सिंह (थाना देहात), आर० विवेक करन (थाना सिटी कोतवाली), आर० बृजेश शर्मा (थाना मेहगाँव), आर० नवीन (थाना गोहद चौराहा), आर० राहुल सिकरवार (थाना फूप), आर० कुलदीप (थाना मालनपुर), आर० बदना (थाना मिहोना), और मआर० रिकी तोमर (थाना गोरमी) ने सराहनीय भूमिका निभाई।4
- इटावा के सिविल लाइन इलाके में अदालत परिसर के भीतर एक युवक को प्रेम विवाह करने के कारण लड़की पक्ष के लोगों ने जमकर पीटा। यह घटना भरथना/इटावा में हुई, जहाँ प्रेम विवाह के चलते युवक को यह महंगा खामियाजा भुगतना पड़ा।1
- प्रतापगढ़ जिले की लालगंज तहसील में तैनात लेखपाल धीरज यादव पर दबंगई का गंभीर आरोप लगा है। ग्राम सभा चोप सिंह, परगना रामपुर में स्थानीय लोगों द्वारा स्थगन आदेश के बावजूद भूमि की नाप किए जाने का विरोध करने पर यह घटना हुई। आरोप है कि विरोध से नाराज लेखपाल ने एक काश्तकार को जूता निकालकर मारने के लिए दौड़ा लिया। इस घटना का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें लेखपाल का कथित आक्रामक व्यवहार स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है। वीडियो सामने आने के बाद पूरे क्षेत्र में इस मामले को लेकर चर्चा का माहौल है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच कर संबंधित कर्मचारी के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है, हालांकि प्रशासन की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।1
- इटावा जिले के भरथना थाना कोतवाली क्षेत्र स्थित पीएनबी बैंक के सामने एक दर्दनाक सड़क हादसा हुआ, जहाँ एक अनियंत्रित कार ने एक नए ऑटो में जोरदार टक्कर मार दी। इस हादसे में ऑटो मालिक चंद्रशेखर की इलाज के दौरान मौत हो गई। चंद्रशेखर ने मात्र छह दिन पहले ही कर्ज लेकर यह नया ऑटो खरीदा था। वह अपने ऑटो के कागजात और नंबर प्लेट लगवाकर घर लौट रहे थे, जब यह हादसा हुआ। इस घटना से उनके चार बच्चों के सिर से पिता का साया उठ गया है, और परिवार पर पहली कमाई आने से पहले ही दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। टक्कर मारने वाली कार का चालक मौके से फरार हो गया, जिसकी तलाश में पुलिस जुट गई है।1
- उत्तर प्रदेश के दूल्हा हत्याकांड से जुड़े मामले में सौम्या बिंद के एक बयान ने पूरे प्रकरण में नया सस्पेंस खड़ा कर दिया है। सौम्या बिंद ने मीडिया के सामने दो टूक कहा, "धो डाला... धो ही डाला... बुरी नज़र वाले तेरा मुँह काला!" इस बयान के बाद राजनीतिक गलियारों समेत हर तरफ भारी हलचल देखी जा रही है। इस वायरल बयान ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं कि आखिर यह किसके लिए था और किसे 'धो डालने' की बात कही गई है। यह सिर्फ एक जवाब है या फिर किसी बड़े राज़ की तरफ इशारा, इस पर भी बहस छिड़ गई है। सौम्या बिंद की इस मीडिया बाइट के बाद पूरे मामले में उत्सुकता और हलचल बढ़ गई है, जिसने जांच की दिशा में नई अटकलों को जन्म दिया है।1