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दतिया जिले के बड़ौनी और जिगना के बीच नहर के पास भैरार मोजे के रास्ते पर पानी भर जाने से लगभग एक सौ किसानों को अपने खेतों तक पहुँचने में भारी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। इस जलभराव के कारण किसानों को अपनी मूंगफली और धान की खेती करने में कठिनाई हो रही है। स्थानीय किसानों के अनुसार, बाहर के ठेकेदारों द्वारा ईंट भट्टों से ओवरलोड ट्रैक्टरों में ईंटें भरकर ग्वालियर भेजी जा रही हैं, जिससे रास्ते में गहरे गड्ढे हो गए हैं। इन्हीं गड्ढों में पानी भर जाने से यह स्थिति उत्पन्न हुई है। किसानों ने इस समस्या को लेकर प्रशासन को अवगत भी कराया था, लेकिन अभी तक कोई कार्यवाही नहीं हुई है। किसानों का कहना है कि यदि समय रहते रास्ते की मरम्मत नहीं करवाई गई, तो उन्हें अपनी मूंगफली और धान की फसलों को करने में और भी अधिक परेशानियों का सामना करना पड़ेगा।
सतेन्द्र अहिरवार
दतिया जिले के बड़ौनी और जिगना के बीच नहर के पास भैरार मोजे के रास्ते पर पानी भर जाने से लगभग एक सौ किसानों को अपने खेतों तक पहुँचने में भारी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। इस जलभराव के कारण किसानों को अपनी मूंगफली और धान की खेती करने में कठिनाई हो रही है। स्थानीय किसानों के अनुसार, बाहर के ठेकेदारों द्वारा ईंट भट्टों से ओवरलोड ट्रैक्टरों में ईंटें भरकर ग्वालियर भेजी जा रही हैं, जिससे रास्ते में गहरे गड्ढे हो गए हैं। इन्हीं गड्ढों में पानी भर जाने से यह स्थिति उत्पन्न हुई है। किसानों ने इस समस्या को लेकर प्रशासन को अवगत भी कराया था, लेकिन अभी तक कोई कार्यवाही नहीं हुई है। किसानों का कहना है कि यदि समय रहते रास्ते की मरम्मत नहीं करवाई गई, तो उन्हें अपनी मूंगफली और धान की फसलों को करने में और भी अधिक परेशानियों का सामना करना पड़ेगा।
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- दतिया जिले के बड़ौनी और जिगना के बीच नहर के पास भैरार मोजे के रास्ते पर पानी भर जाने से लगभग एक सौ किसानों को अपने खेतों तक पहुँचने में भारी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। इस जलभराव के कारण किसानों को अपनी मूंगफली और धान की खेती करने में कठिनाई हो रही है। स्थानीय किसानों के अनुसार, बाहर के ठेकेदारों द्वारा ईंट भट्टों से ओवरलोड ट्रैक्टरों में ईंटें भरकर ग्वालियर भेजी जा रही हैं, जिससे रास्ते में गहरे गड्ढे हो गए हैं। इन्हीं गड्ढों में पानी भर जाने से यह स्थिति उत्पन्न हुई है। किसानों ने इस समस्या को लेकर प्रशासन को अवगत भी कराया था, लेकिन अभी तक कोई कार्यवाही नहीं हुई है। किसानों का कहना है कि यदि समय रहते रास्ते की मरम्मत नहीं करवाई गई, तो उन्हें अपनी मूंगफली और धान की फसलों को करने में और भी अधिक परेशानियों का सामना करना पड़ेगा।1
- मोहन बड़ोदिया और मोहना सहित आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में इस मानसून की पहली अच्छी बारिश होने से किसानों तथा ग्रामीणों के चेहरों पर खुशी लौट आई है। कई दिनों से बारिश का इंतजार कर रहे लोगों को आखिरकार राहत मिली। क्षेत्र में हुई इस झमाझम वर्षा से खेतों में पर्याप्त नमी पहुँच गई है, जिससे खरीफ फसलों को बड़ा लाभ मिलने की उम्मीद है। बारिश के बाद क्षेत्र के नदी-नालों, तालाबों और अन्य जल स्रोतों में पानी की आवक शुरू हो गई है। हालांकि नदी-नाले अभी पूरी तरह भरे नहीं हैं, लेकिन उनमें पानी आने से ग्रामीणों ने राहत महसूस की है। लंबे समय बाद प्राकृतिक जल स्रोतों में पानी दिखाई देने से लोगों में उत्साह का माहौल है। क्षेत्र के अधिकांश किसानों द्वारा सोयाबीन, मक्का, उड़द एवं अन्य खरीफ फसलों की बुआई पहले ही पूरी कर ली गई थी। समय पर हुई इस वर्षा से फसलों को पर्याप्त नमी मिलने के साथ ही उनकी बढ़वार में तेजी आने की संभावना है। किसानों का कहना है कि यदि आने वाले दिनों में भी नियमित अंतराल पर अच्छी बारिश होती रही तो इस वर्ष अच्छी पैदावार मिलने की उम्मीद है। बारिश के कारण मौसम भी सुहावना हो गया है और लोगों को गर्मी व उमस से राहत मिली है। वहीं, खेतों में हरियाली बढ़ने लगी है, जिससे ग्रामीण अंचल का प्राकृतिक सौंदर्य भी निखर उठा है। कृषि से जुड़े लोगों का मानना है कि मानसून की यह शुरुआत खेती के लिए शुभ संकेत है। यदि आगे भी इसी प्रकार संतुलित वर्षा होती रही तो किसानों की मेहनत रंग लाएगी और खरीफ फसलों का उत्पादन बेहतर रहने की संभावना है।1
- शाजापुर जिले के मुंडलाय गाँव में बच्चों को कीचड़ भरे रास्ते से नंगे पैर स्कूल जाने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। इस गंभीर समस्या के चलते, मासूम छात्रों ने कलेक्टर से गुहार लगाई है और जल्द से जल्द सड़क बनवाने की माँग की है।1
- शाजापुर में गौरक्षा सेना के युवाओं ने सच्ची सेवा और इंसानियत का अनोखा उदाहरण पेश करते हुए एक ही दिन में शहर के पाँच अलग-अलग स्थानों पर घायल और गंभीर रूप से बीमार गोवंशों का सफलतापूर्वक रेस्क्यू कर उन्हें नया जीवन प्रदान किया। संस्था के इस मैराथन सेवा अभियान की शुरुआत रविवार सुबह लगभग 9 बजे विजय नगर क्षेत्र से हुई, जहाँ सांदीपनि ज्ञानपीठ स्कूल के सामने आवारा कुत्तों द्वारा घायल किए गए एक गोवंश की सूचना पर नगर महासचिव हर्षित परमार की टीम ने तुरंत उपचार कर उसकी जान बचाई। इसके बाद, टावर के सामने काशी विश्वनाथ मंदिर के पास एक नंदी महाराज टाइल्स पर फिसलने से चोटिल होकर रात भर से उठ नहीं पा रहे थे; भूपेंद्र सहगल की सूचना पर धर्मेंद्र शर्मा, हर्षित परमार, अक्षय गुर्जर, प्रतीक सक्सेना, शिवम बिरथरे और प्रीतम चौहान की टीम ने रस्सियों की मदद से उन्हें सुरक्षित बाहर निकाला और उपचार के बाद पैरों पर खड़ा किया। सेवा का यह सिलसिला आदित्य नगर में भी जारी रहा, जहाँ काशी विश्वनाथ मंदिर के सामने वाली गली में दो दिन से बीमार पड़ी एक गाय का प्रतीक सक्सेना और उनकी टीम ने इलाज किया। चौथी घटना लालघाटी स्थित होंडा शोरूम के पास चित्तौड़ मार्बल एवं टाइल्स गोदाम पर सामने आई, जहाँ पिछले दिन सुबह से उठने में असमर्थ बैठे एक नंदी को धर्मेंद्र शर्मा की टीम ने अथक प्रयासों से खड़ा किया। इसी क्रम में, पाँचवें मामले में नीमवाड़ी स्थित भैरू महाराज मंदिर के सामने शरीर से लगातार खून बहने वाली एक गाय को अंकित शर्मा की टीम ने तत्काल उपचार देकर दर्द से राहत दिलाई। गौरक्षा सेना शाजापुर ने एक ही दिन में पाँच गोवंशों की जान बचाकर अपने सेवा संकल्प के प्रति दृढ़ता साबित की है। संस्था के सदस्यों ने बताया कि वे साल के 365 दिन और 24 घंटे गोवंश सहित अन्य मूक प्राणियों की रक्षा व सेवा के लिए तत्पर रहते हैं। उन्होंने शहरवासियों से अपील की है कि यदि कहीं भी कोई गोवंश या बेजुबान जानवर घायल, बीमार या संकट में दिखे तो तुरंत गौरक्षा सेना को सूचित करें, ताकि समय रहते उनका उपचार कर प्राण बचाए जा सकें।10
- मध्य प्रदेश के शाजापुर जिले के गुलान क्षेत्र में पानी लपक कर बारिश हो रही है।1
- माकड़ौन नगर के बस स्टैंड, जिसे अंबेडकर बस स्टैंड भी कहा गया है, पर यात्रियों को बैठने के लिए यात्री प्रतीक्षालय और पीने के पानी की व्यवस्था न होने से उन्हें भारी असुविधा का सामना करना पड़ रहा है। प्रतीक्षालय के अभाव के कारण यात्रीगणों को धूप में बैठकर बसों का इंतजार करना पड़ता है, जिससे उनकी परेशानी और बढ़ जाती है। यात्रियों की इस समस्या को देखते हुए नगर निकाय से इस ओर शीघ्र ध्यान देने की अपील की गई है ताकि इन मूलभूत सुविधाओं को उपलब्ध कराया जा सके।1
- दतिया में जनसंपर्क के दौरान, पूर्व गृहमंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा ने एक गंभीर सड़क दुर्घटना होते देखी, जिसके बाद उन्होंने तत्काल अपना काफिला रुकवाया। उन्होंने बिना देर किए घायलों को अस्पताल पहुंचाने की व्यवस्था की, ताकि उन्हें शीघ्र उपचार मिल सके। डॉ. मिश्रा ने अपने एक कार्यकर्ता को मौके पर ही रहकर उपचार के समन्वय और आवश्यक व्यवस्थाओं को सुनिश्चित करने का भी निर्देश दिया। उनकी इस त्वरित संवेदनशीलता और मानवीय पहल की स्थानीय लोगों ने खूब सराहना की।2
- शाजापुर के सनकोटा बायपास पर सोमवार सुबह करीब 6:30 बजे एक ट्रैक्टर-ट्रॉली अनियंत्रित होकर पलट गई। यह ट्रैक्टर-ट्रॉली सामगी से मंडी जा रही थी। इस हादसे में ट्रैक्टर पर सवार दोनों लोग बाल-बाल बच गए और गनीमत रही कि कोई जनहानि नहीं हुई। घटना की सूचना मिलने पर लालघाटी डायल 112 की टीम मौके पर पहुंची। आरक्षक जितेंद्र मालवीय और पायलट कमलेश ने तुरंत स्थिति को संभाला, सवारों का हालचाल जाना और यातायात को सुचारु कराया। पुलिस ने मौके पर आवश्यक कार्रवाई करते हुए मार्ग को सुरक्षित किया।1