बदायूं के बिनावर थाने में तैनात एक महिला पुलिसकर्मी ने पुलिस सोशल मीडिया पॉलिसी 2023 का खुले तौर पर उल्लंघन करते हुए थाना परिसर में एक रील बनाई है। यह घटना एडीजी लॉ एंड ऑर्डर अमिताभ यश द्वारा 15 मई को जारी किए गए सख्त आदेशों की सीधी अवहेलना है, जिनमें सोशल मीडिया पॉलिसी तोड़ने वाले और रील बनाने वाले पुलिसकर्मियों पर सख्त कार्रवाई का निर्देश था। महिला पुलिसकर्मी ने यह रील थाना परिसर में बने मिशन शक्ति केंद्र में बनाई थी। आदेशों के स्पष्ट निर्देश के बावजूद, इस मामले में केवल लिखित चेतावनी देकर मामले को रफा-दफा कर दिया गया है। इस कार्रवाई पर यह सवाल उठाया गया है कि जब बड़े अधिकारी खुद सख्त आदेश जारी करते हैं और जमीनी स्तर पर उनकी अवहेलना होती है, तो अनुशासन कैसे बचेगा। पोस्ट में इस बात पर जोर दिया गया है कि पुलिस वर्दी का सम्मान जनता का भरोसा बढ़ाता है, न कि रीलबाजी। इसे पुलिस के कदाचार और एडीजी के आदेश का उल्लंघन मानते हुए, पूछा गया है कि क्या इस लापरवाही पर अब भी कोई कार्रवाई नहीं होगी और ऐसे मामलों पर क्या कदम उठाए जाने चाहिए।
बदायूं के बिनावर थाने में तैनात एक महिला पुलिसकर्मी ने पुलिस सोशल मीडिया पॉलिसी 2023 का खुले तौर पर उल्लंघन करते हुए थाना परिसर में एक रील बनाई है। यह घटना एडीजी लॉ एंड ऑर्डर अमिताभ यश द्वारा 15 मई को जारी किए गए सख्त आदेशों की सीधी अवहेलना है, जिनमें सोशल मीडिया पॉलिसी तोड़ने वाले और रील बनाने वाले पुलिसकर्मियों पर सख्त कार्रवाई का निर्देश था। महिला पुलिसकर्मी ने यह रील थाना परिसर में बने मिशन शक्ति केंद्र में बनाई थी। आदेशों के स्पष्ट निर्देश के बावजूद, इस मामले में केवल लिखित चेतावनी देकर मामले को रफा-दफा कर दिया गया है। इस कार्रवाई पर यह सवाल उठाया गया है कि जब बड़े अधिकारी खुद सख्त आदेश जारी करते हैं और जमीनी स्तर पर उनकी अवहेलना होती है, तो अनुशासन कैसे बचेगा। पोस्ट में इस बात पर जोर दिया गया है कि पुलिस वर्दी का सम्मान जनता का भरोसा बढ़ाता है, न कि रीलबाजी। इसे पुलिस के कदाचार और एडीजी के आदेश का उल्लंघन मानते हुए, पूछा गया है कि क्या इस लापरवाही पर अब भी कोई कार्रवाई नहीं होगी और ऐसे मामलों पर क्या कदम उठाए जाने चाहिए।
- उत्तर प्रदेश के बरेली में पुलिस ने एक 12 वर्षीय मुस्लिम बच्चे से ज़बरन “पाकिस्तान जिंदाबाद” के नारे लगवाकर सांप्रदायिक तनाव फैलाने और मुसलमानों को फंसाने की साजिश का पर्दाफाश किया है। यह घटना हाफिजगंज थाना क्षेत्र के खाईखेड़ा गांव में मुहर्रम जुलूस के दौरान हुई थी। पुलिस ने इस मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। जानकारी के अनुसार, गांव के ही इंद्रपाल और भुवनेश ने मुहर्रम का जुलूस निकलने के दौरान 12 वर्षीय मुस्लिम बच्चे को पकड़ा और उससे वीडियो में “पाकिस्तान जिंदाबाद” के नारे लगवाए। इसके बाद उन्होंने जानबूझकर इस वीडियो को सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया। वीडियो वायरल होते ही बच्चे और मुस्लिम समुदाय के खिलाफ कार्रवाई की मांग उठने लगी, जिससे माहौल गरमा गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तत्काल जांच शुरू की। जांच में पाया गया कि इंद्रपाल और भुवनेश ने ही माहौल खराब करने की नीयत से बच्चे से जबरन नारे लगवाए थे। पुलिस की त्वरित कार्रवाई के कारण सांप्रदायिक तनाव फैलाने की यह साजिश विफल हो गई और दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है। मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है।1
- बरेली शहर में सिलेक्शन पॉइंट चौराहे के पास स्थित नवदुर्गा मंदिर पर शरबत का वितरण किया गया।1
- लखनऊ से एक बड़ी ब्रेकिंग न्यूज़ अपडेट सामने आई है, जहाँ एक कोचिंग सेंटर में भीषण आग लग गई है। इस गंभीर घटना में 15 छात्रों की मौत की खबर मिल रही है। यह समाचार देश और दुनिया की सबसे बड़ी खबरों में शामिल है।1
- माननीय मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी द्वारा किया गया 'हर घर नल योजना' का वादा अब प्रदेश में साकार हो रहा है। यह महत्वपूर्ण योजना अब बहन-बेटियों को राहत प्रदान कर रही है, जिससे उनके जीवन में सकारात्मक बदलाव आ रहा है।1
- सोमवार को एडी हेल्थ डॉ. सीमा अग्रवाल ने बरेली के जिला अस्पताल और महिला अस्पताल का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान अस्पतालों की विभिन्न व्यवस्थाओं का गहनता से जायजा लिया गया। महिला अस्पताल में कुछ खामियां मिलने पर संबंधित अधिकारियों को तत्काल सुधार के निर्देश दिए गए। निरीक्षण के दौरान जिला अस्पताल में मरीजों को अल्ट्रासाउंड के लिए बहुत लंबी तारीखें मिलने का गंभीर मुद्दा सामने आया। इसके अतिरिक्त, आउटसोर्स कर्मचारियों ने एडी हेल्थ के समक्ष पिछले 11 महीने से वेतन न मिलने की शिकायत रखी, जिसमें एक महिला कर्मचारी ने वेतन मांगने पर धक्का-मुक्की किए जाने का आरोप भी लगाया। मरीजों के साथ अभद्र व्यवहार और चपरासी द्वारा बाबू का कार्य किए जाने जैसे अन्य मामले भी सामने आए। एडी हेल्थ डॉ. सीमा अग्रवाल ने इन सभी शिकायतों की जांच कराने और आवश्यक कार्रवाई करने की बात कही। निरीक्षण के बाद, उन्होंने अस्पताल की व्यवस्थाओं में सुधार की आवश्यकता पर बल देते हुए अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए। स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़ी इन विभिन्न समस्याओं को लेकर अब विभागीय कार्रवाई और सुधारात्मक कदमों पर लगातार नजर बनी हुई है।1
- बरेली के इज्जतनगर स्थित केंद्रीय कारागार (सेंट्रल जेल) से सोमवार दोपहर उम्रकैद का एक कैदी फरार हो गया, जिससे जेल प्रशासन में हड़कंप मच गया। इस घटना के बाद लापरवाही बरतने के आरोप में पांच जेल वार्डरों और दो चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों को निलंबित कर दिया गया है। फरार हुए कैदी की पहचान दिनेश पुत्र अरविंद निवासी नेनेडा राजपूत, थाना डिडौली, जनपद अमरोहा के रूप में हुई है। दिनेश पॉक्सो एक्ट के एक मामले में बिजनौर से उम्रकैद की सजा पाए हुए था और पिछले छह वर्षों से बरेली केंद्रीय कारागार में बंद था। जानकारी के अनुसार, सोमवार को लगभग 40 कैदियों को जेल के फार्म हाउस में काम करने के लिए ले जाया गया था, जहाँ उनकी निगरानी के लिए 10 से 12 वार्डर तैनात थे। इसी दौरान दिनेश को मौका मिला और वह फरार हो गया। घटना की सूचना मिलते ही जेल प्रशासन ने उसकी तलाश शुरू कर दी। बताया जा रहा है कि जेल फार्म हाउस की कोई चारदीवारी नहीं है और इससे पहले भी एक कैदी ट्रैक्टर चलाते हुए वहीं से फरार हो चुका है। प्रारंभिक जांच में निगरानी में हुई चूक सामने आने पर संबंधित कर्मचारियों को निलंबित किया गया। वहीं, जेल प्रशासन की सूचना पर बिजनौर और अमरोहा पुलिस भी सक्रिय हो गई है, और फरार कैदी की तलाश में उसके घर समेत संभावित ठिकानों पर दबिश दी जा रही है।1
- बरेली के नवाबगंज स्थित हफीजगंज गाँव के खाई खेड़ा से मोहर्रम जुलूस के दौरान एक मामला सामने आया है। अधिकारियों द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, इस दौरान एक बच्चे को मोहरा बनाकर यह काम किया गया था। पुलिस ने इस मामले में शिकंजा कस दिया है और सुसंगत धाराओं में मुकदमा पंजीकृत कर लिया गया है।1
- बदायूं के बिनावर थाने में तैनात एक महिला पुलिसकर्मी ने पुलिस सोशल मीडिया पॉलिसी 2023 का खुले तौर पर उल्लंघन करते हुए थाना परिसर में एक रील बनाई है। यह घटना एडीजी लॉ एंड ऑर्डर अमिताभ यश द्वारा 15 मई को जारी किए गए सख्त आदेशों की सीधी अवहेलना है, जिनमें सोशल मीडिया पॉलिसी तोड़ने वाले और रील बनाने वाले पुलिसकर्मियों पर सख्त कार्रवाई का निर्देश था। महिला पुलिसकर्मी ने यह रील थाना परिसर में बने मिशन शक्ति केंद्र में बनाई थी। आदेशों के स्पष्ट निर्देश के बावजूद, इस मामले में केवल लिखित चेतावनी देकर मामले को रफा-दफा कर दिया गया है। इस कार्रवाई पर यह सवाल उठाया गया है कि जब बड़े अधिकारी खुद सख्त आदेश जारी करते हैं और जमीनी स्तर पर उनकी अवहेलना होती है, तो अनुशासन कैसे बचेगा। पोस्ट में इस बात पर जोर दिया गया है कि पुलिस वर्दी का सम्मान जनता का भरोसा बढ़ाता है, न कि रीलबाजी। इसे पुलिस के कदाचार और एडीजी के आदेश का उल्लंघन मानते हुए, पूछा गया है कि क्या इस लापरवाही पर अब भी कोई कार्रवाई नहीं होगी और ऐसे मामलों पर क्या कदम उठाए जाने चाहिए।1