उरई मेडिकल कॉलेज में डॉक्टरों-नर्सिंग छात्रों में जमकर मारपीट लात-घूंसे और डस्टबिन से हमला; VIDEO वायरल उरई, जालौन। उत्तर प्रदेश के राजकीय मेडिकल कॉलेज उरई की इमरजेंसी में मंगलवार को एमबीबीएस इंटर्न और बीएससी नर्सिंग छात्रों के बीच विवाद के बाद जमकर मारपीट हो गई। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल है, जिसमें दोनों पक्षों के बीच लात-घूंसे चलने के साथ डस्टबिन और अन्य सामान से हमला करते लोग दिखाई दे रहे हैं। ड्यूटी के दौरान शुरू हुआ विवाद रिपोर्टों के मुताबिक, मंगलवार 22 सितंबर 2026 को दोपहर करीब 12 से 12:30 बजे क्लिनिकल ड्यूटी के दौरान बीएससी नर्सिंग के 2022 बैच के विद्यार्थियों और एमबीबीएस 2021 बैच के इंटर्न के बीच किसी बात को लेकर कहासुनी हुई। विवाद कुछ ही देर में हाथापाई में बदल गया। आरोप है कि मारपीट में नर्सिंग छात्र नीतीश कुमार गौड़ और अमन मौर्य घायल हुए। इसके बाद बड़ी संख्या में नर्सिंग छात्र इमरजेंसी पहुंच गए और कार्रवाई की मांग को लेकर विरोध-प्रदर्शन किया। 300 छात्र पहुंचे इमरजेंसी, काम का बहिष्कार अमर उजाला की रिपोर्ट के अनुसार, घटना की जानकारी मिलते ही करीब 300 नर्सिंग छात्र-छात्राएं इमरजेंसी में पहुंचे और विरोध जताया। छात्रों ने कुछ समय के लिए कामकाज का बहिष्कार भी किया। दूसरी ओर जूनियर डॉक्टरों ने भी अपना पक्ष रखते हुए प्रदर्शन किया। पांच सदस्यीय कमेटी करेगी जांच मामले की वास्तविक स्थिति और मारपीट में शामिल लोगों की भूमिका तय करने के लिए मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने पांच सदस्यीय जांच समिति गठित की है। समिति को तीन दिन में रिपोर्ट देने के निर्देश दिए गए हैं। अंतरिम कार्रवाई के तहत नर्सिंग छात्रों नीतीश कुमार गौड़, अमन मौर्य, प्रांशू और एमबीबीएस इंटर्न आशीष गहरवार को 22 से 28 सितंबर तक क्लिनिकल एवं प्रशिक्षण गतिविधियों से विरत किया गया है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यह कार्रवाई जांच पूरी होने तक की अंतरिम व्यवस्था है और इससे किसी की दोषसिद्धि नहीं मानी जाएगी। वीडियो वायरल होने के बाद मेडिकल कॉलेज की सुरक्षा व्यवस्था और छात्रों के बीच अनुशासन को लेकर सवाल उठ रहे हैं। जांच समिति की रिपोर्ट के बाद विवाद की वास्तविक वजह और जिम्मेदारी स्पष्ट होगी।
उरई मेडिकल कॉलेज में डॉक्टरों-नर्सिंग छात्रों में जमकर मारपीट लात-घूंसे और डस्टबिन से हमला; VIDEO वायरल उरई, जालौन। उत्तर प्रदेश के राजकीय मेडिकल कॉलेज उरई की इमरजेंसी में मंगलवार को एमबीबीएस इंटर्न और बीएससी नर्सिंग छात्रों के बीच विवाद के बाद जमकर मारपीट हो गई। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल है, जिसमें दोनों पक्षों के बीच लात-घूंसे चलने के साथ डस्टबिन और अन्य सामान से हमला करते लोग दिखाई दे रहे हैं। ड्यूटी के दौरान शुरू हुआ विवाद रिपोर्टों के मुताबिक, मंगलवार 22 सितंबर 2026 को दोपहर करीब 12 से 12:30 बजे क्लिनिकल ड्यूटी के दौरान बीएससी नर्सिंग के 2022 बैच के विद्यार्थियों और एमबीबीएस 2021 बैच के इंटर्न के बीच किसी बात को लेकर कहासुनी हुई। विवाद कुछ ही देर में हाथापाई में बदल गया। आरोप है कि मारपीट में नर्सिंग छात्र नीतीश कुमार गौड़ और अमन मौर्य घायल हुए। इसके बाद बड़ी संख्या में नर्सिंग छात्र इमरजेंसी पहुंच गए और कार्रवाई की मांग को लेकर विरोध-प्रदर्शन किया। 300 छात्र पहुंचे इमरजेंसी, काम का बहिष्कार अमर उजाला की रिपोर्ट के अनुसार, घटना की जानकारी मिलते ही करीब 300 नर्सिंग छात्र-छात्राएं इमरजेंसी में पहुंचे और विरोध जताया। छात्रों ने कुछ समय के लिए कामकाज का बहिष्कार भी किया। दूसरी ओर जूनियर डॉक्टरों ने भी अपना पक्ष रखते हुए प्रदर्शन किया। पांच सदस्यीय कमेटी करेगी जांच मामले की वास्तविक स्थिति और मारपीट में शामिल लोगों की भूमिका तय करने के लिए मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने पांच सदस्यीय जांच समिति गठित की है। समिति को तीन दिन में रिपोर्ट देने के निर्देश दिए गए हैं। अंतरिम कार्रवाई के तहत नर्सिंग छात्रों नीतीश कुमार गौड़, अमन मौर्य, प्रांशू और एमबीबीएस इंटर्न आशीष गहरवार को 22 से 28 सितंबर तक क्लिनिकल एवं प्रशिक्षण गतिविधियों से विरत किया गया है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यह कार्रवाई जांच पूरी होने तक की अंतरिम व्यवस्था है और इससे किसी की दोषसिद्धि नहीं मानी जाएगी। वीडियो वायरल होने के बाद मेडिकल कॉलेज की सुरक्षा व्यवस्था और छात्रों के बीच अनुशासन को लेकर सवाल उठ रहे हैं। जांच समिति की रिपोर्ट के बाद विवाद की वास्तविक वजह और जिम्मेदारी स्पष्ट होगी।
- मजदूर मित्र मंडल ने अखाड़ा झांकियां विमानो का किया सम्मान गुना डोल ग्यारस का पर्व शहर में बड़े ही भव्य एवं हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। इस अवसर पर श्री रामजानकी प्राचीन मंदिर कुशवाह समाज पुरानी छावनी से विमान नगर भ्रमण के लिए निकाला गया। विभिन्न समितियों द्वारा आकर्षक एवं मनमोहक झांकियां निकाली गईं। उनका मजदूर मित्र मंडल गुना द्वारा झांकियां विमान अखाड़ा का पूजा-अर्चना के साथ स्वागत किया इस दौरान विभिन्न स्थानों पर स्वागत, वंदन एवं अभिनंदन आयोजित किए गए। साथ ही उत्कृष्ट योगदान देने वाले लोगों का भी मजदूर मित्र मंडल द्वारा सम्मान किया गया।2
- उरई मेडिकल कॉलेज में डॉक्टरों-नर्सिंग छात्रों में जमकर मारपीट लात-घूंसे और डस्टबिन से हमला; VIDEO वायरल उरई, जालौन। उत्तर प्रदेश के राजकीय मेडिकल कॉलेज उरई की इमरजेंसी में मंगलवार को एमबीबीएस इंटर्न और बीएससी नर्सिंग छात्रों के बीच विवाद के बाद जमकर मारपीट हो गई। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल है, जिसमें दोनों पक्षों के बीच लात-घूंसे चलने के साथ डस्टबिन और अन्य सामान से हमला करते लोग दिखाई दे रहे हैं। ड्यूटी के दौरान शुरू हुआ विवाद रिपोर्टों के मुताबिक, मंगलवार 22 सितंबर 2026 को दोपहर करीब 12 से 12:30 बजे क्लिनिकल ड्यूटी के दौरान बीएससी नर्सिंग के 2022 बैच के विद्यार्थियों और एमबीबीएस 2021 बैच के इंटर्न के बीच किसी बात को लेकर कहासुनी हुई। विवाद कुछ ही देर में हाथापाई में बदल गया। आरोप है कि मारपीट में नर्सिंग छात्र नीतीश कुमार गौड़ और अमन मौर्य घायल हुए। इसके बाद बड़ी संख्या में नर्सिंग छात्र इमरजेंसी पहुंच गए और कार्रवाई की मांग को लेकर विरोध-प्रदर्शन किया। 300 छात्र पहुंचे इमरजेंसी, काम का बहिष्कार अमर उजाला की रिपोर्ट के अनुसार, घटना की जानकारी मिलते ही करीब 300 नर्सिंग छात्र-छात्राएं इमरजेंसी में पहुंचे और विरोध जताया। छात्रों ने कुछ समय के लिए कामकाज का बहिष्कार भी किया। दूसरी ओर जूनियर डॉक्टरों ने भी अपना पक्ष रखते हुए प्रदर्शन किया। पांच सदस्यीय कमेटी करेगी जांच मामले की वास्तविक स्थिति और मारपीट में शामिल लोगों की भूमिका तय करने के लिए मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने पांच सदस्यीय जांच समिति गठित की है। समिति को तीन दिन में रिपोर्ट देने के निर्देश दिए गए हैं। अंतरिम कार्रवाई के तहत नर्सिंग छात्रों नीतीश कुमार गौड़, अमन मौर्य, प्रांशू और एमबीबीएस इंटर्न आशीष गहरवार को 22 से 28 सितंबर तक क्लिनिकल एवं प्रशिक्षण गतिविधियों से विरत किया गया है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यह कार्रवाई जांच पूरी होने तक की अंतरिम व्यवस्था है और इससे किसी की दोषसिद्धि नहीं मानी जाएगी। वीडियो वायरल होने के बाद मेडिकल कॉलेज की सुरक्षा व्यवस्था और छात्रों के बीच अनुशासन को लेकर सवाल उठ रहे हैं। जांच समिति की रिपोर्ट के बाद विवाद की वास्तविक वजह और जिम्मेदारी स्पष्ट होगी।1
- आरोन में गूंजे जयकारे, निकला भगवान का भव्य चल समारोह। आरोन में गूंजे जयकारे, निकला भगवान का भव्य चल समारोह1
- राहुल गांधी ने लिखा- 27% OBC आरक्षण लागू करें:छात्रों की बात सुनें MP के सीएम; चयनित युवाओं को जल्द नियुक्ति मिले राहुल गांधी ने लिखा- 27% OBC आरक्षण लागू करें:छात्रों की बात सुनें MP के सीएम; चयनित युवाओं को जल्द नियुक्ति मिले1
- 🚨 गुना हाईवे पर बड़ा हादसा टला! | मोड़ते समय सड़क से नीचे उतरा ट्रेलर गुना–आरोन मार्ग पर सेमरी घाटी के पास मोड़ते समय एक ट्रेलर सड़क से नीचे उतर गया। गनीमत रही कि बड़ा हादसा होने से बच गया। 📍 सेमरी घाटी, गुना–आरोन मार्ग 🎥 देखिए घटना का वीडियो रिपोर्टर: सौरभ विरथरे #Guna #Aron #GunaNews #BreakingNews #SemriGhati1
- सहयोग और सेवा के लिए जन चेतना का सराहनीय कार्य हमेशा सराहनीय रहा है किसी के #अंतिम_संस्कार में लकड़ी, कंकड़ और जल अर्पित करने से कहीं अधिक महत्वपूर्ण है—उसके जीवित रहते विपरीत समय में संबल बनना और यथासंभव सहयोग करना। मृत्यु के बाद बहाए गए आंसू और निभाए गए संस्कारों का कोई महत्व नहीं होता। जय हिन्द – #जन_चेतना_मंच –1
- जलझूलनी एकादशी पर आंचोली में ठाकुर जी की विमान यात्रा धूमधाम से निकली। छबड़ा उपखंड के ग्राम आंचोली में जलझूलनी (परिवर्तिनी) एकादशी के पावन अवसर पर 22 सितम्बर को परम्परागत तरीके से विमान यात्रा बड़े ही हर्षोल्लास और श्रद्धा के साथ निकाली गई।ग्राम के मुख्य मंदिर से ठाकुर जी को आकर्षक रूप से फूल-मालाओं,रंग-बिरंगे वस्त्रों एवं गुब्बारों से सुसज्जित विमान में विराजमान किया गया। श्रद्धालुओं ने विमान को कंधे पर उठाकर पूरे ग्राम में भ्रमण कराया।आंचोली निवासी सतीश शर्मा ने बताया कि,यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं द्वारा भजन-कीर्तन एवं भगवान के जयकारे लगाए गए,जिससे सम्पूर्ण वातावरण भक्तिमय हो गया। बड़ी संख्या में ग्रामीण महिलाओं, युवाओं एवं बुजुर्गों ने भाग लेकर धर्म लाभ अर्जित किया।मान्यता है कि जलझूलनी एकादशी पर भगवान को जलाशय में स्नान कराकर नगर भ्रमण कराया जाता है, इसी परम्परा का निर्वहन करते हुए यह यात्रा आयोजित की गई।2
- वृंदावन में साधु की महिलाओं ने की पिटाई, शोषण और ब्लैकमेलिंग के गंभीर आरोप फेसबुक से संपर्क का दावा मथुरा/वृंदावन। धार्मिक नगरी वृंदावन में एक साधु वेशधारी व्यक्ति को महिलाओं ने गेस्ट हाउस में घेरकर जमकर पीट दिया। आरोपी की पहचान हिम्मत गिरी उर्फ हेमंत राज मीणा, निवासी सवाई माधोपुर, राजस्थान के रूप में बताई जा रही है। महिलाओं ने उस पर शारीरिक शोषण, आपत्तिजनक वीडियो बनाकर ब्लैकमेल करने और मारपीट करने जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। फेसबुक के जरिए महिलाओं से संपर्क का आरोप एक पीड़िता के अनुसार, आरोपी से उसकी पहचान फेसबुक के माध्यम से हुई थी। आरोप है कि वह अलग-अलग नामों से सोशल मीडिया पर महिलाओं से संपर्क करता था और विशेष रूप से विधवा एवं निसंतान महिलाओं को अपने प्रभाव में लेने की कोशिश करता था। पीड़िता ने आरोप लगाया कि संबंध बनाने के बाद वह महिलाओं के आपत्तिजनक वीडियो तैयार करता और कथित तौर पर उन्हीं वीडियो के जरिए ब्लैकमेल करता था। हालांकि, ये आरोप फिलहाल शिकायतकर्ताओं के बयानों पर आधारित हैं और पुलिस जांच के बाद ही इनकी पुष्टि हो सकेगी। चित्तौड़गढ़ में मुलाकात का दावा मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, भोपाल की एक महिला ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि उसकी मुलाकात आरोपी से राजस्थान के चित्तौड़गढ़ स्थित एक देवी मंदिर में हुई थी। महिला ने आरोपी पर अपने प्रभाव में लेकर जबरन शारीरिक संबंध बनाने और विरोध करने पर मारपीट करने का आरोप लगाया है। महिलाओं ने बनाया पकड़ने का प्लान आरोपी को पकड़ने के लिए पीड़ित महिलाओं ने विश्व हिंदू परिषद (विहिप) के स्थानीय पदाधिकारियों से संपर्क किया। विहिप के मथुरा महानगर गोरक्षा प्रमुख लक्ष्मण सिंह के हवाले से रिपोर्टों में बताया गया है कि महिलाओं और कार्यकर्ताओं ने आरोपी से संपर्क कर उसे वृंदावन के चैतन्य विहार स्थित गेस्ट हाउस में बुलाया। आरोपी के गेस्ट हाउस पहुंचते ही महिलाएं वहां पहुंच गईं। इसके बाद महिलाओं ने उसे पकड़कर पीटना शुरू कर दिया और कमरे से बाहर तक खींचकर ले आईं। घटना की सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और आरोपी को हिरासत में लेकर वृंदावन कोतवाली ले गई। 100 महिलाओं को फंसाने का दावा—पुष्टि बाकी सोशल मीडिया और वायरल वीडियो के साथ आरोपी द्वारा बड़ी संख्या में महिलाओं को कथित तौर पर फंसाने के दावे किए जा रहे हैं। करीब 100 महिलाओं को फंसाने का दावा भी सामने आया है, लेकिन इसकी स्वतंत्र पुलिस पुष्टि अभी उपलब्ध रिपोर्टों में नहीं है। इसलिए इस संख्या को फिलहाल आरोप/दावे के रूप में ही देखा जाना चाहिए। पुलिस ने आरोपी को हिरासत में लेकर शिकायत के आधार पर जांच और वैधानिक कार्रवाई शुरू की है। जांच में सामने आने वाले साक्ष्यों से ही आरोपों की वास्तविकता स्पष्ट होगी।1