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कैंची धाम रोड पर बाइक से टकराया तेंदुआ, चेन में फंसा पैर, आजाद न हो पाने पर भड़का खूंखार

5 hrs ago
user_News Xpose ( Jishan Raj)
News Xpose ( Jishan Raj)
Press Azad Mahalla, Hazaribagh•
5 hrs ago

कैंची धाम रोड पर बाइक से टकराया तेंदुआ, चेन में फंसा पैर, आजाद न हो पाने पर भड़का खूंखार

More news from झारखंड and nearby areas
  • माननीय स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी को भाजपाई संयोजित ढंग से बदनाम करना चाहती है! – साजिद अली खान
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    माननीय स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी को  भाजपाई संयोजित ढंग से बदनाम करना चाहती है! – साजिद अली खान
    user_Kashif Adib
    Kashif Adib
    Local News Reporter हजारीबाग, हजारीबाग, झारखंड•
    13 hrs ago
  • Post by BaरKaट्ठा Ki आwaज
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    Post by BaरKaट्ठा Ki आwaज
    user_BaरKaट्ठा Ki आwaज
    BaरKaट्ठा Ki आwaज
    Court reporter Barkatha, Hazaribagh•
    11 hrs ago
  • Post by Update news 24
    1
    Post by Update news 24
    user_Update news 24
    Update news 24
    Photographer Barkatha, Hazaribagh•
    18 hrs ago
  • “गैंगरेप केस से नाम हटाने के बदले 5 लाख रुपये लेते हुए पुलिस… ये वीडियो बहुत कुछ कह रहा है! नमस्कार दोस्तों… आज जो वीडियो आपके सामने है, वो सिस्टम पर बड़े सवाल खड़े करता है। इस वीडियो में साफ दिखाई दे रहा है कि 5 लाख रुपये लिए जा रहे हैं… और दावा किया जा रहा है कि ये पैसा केस से नाम हटाने के लिए लिया गया। अगर ये सच है… तो सोचिए, न्याय का क्या हाल हो चुका है। जहां पीड़िता को इंसाफ मिलना चाहिए… वहीं पैसों के दम पर केस को कमजोर किया जा रहा है। ये सिर्फ भ्रष्टाचार नहीं… ये कानून और इंसाफ दोनों के साथ खिलवाड़ है। सबसे बड़ा सवाल— क्या इस मामले की जांच होगी? क्या जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई होगी? या फिर ये मामला भी चुपचाप दबा दिया जाएगा? दोस्तों, आपकी एक शेयर इस मुद्दे को आवाज दे सकती है। आपकी क्या राय है? कमेंट में जरूर बताइए।”
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    “गैंगरेप केस से नाम हटाने के बदले 5 लाख रुपये लेते हुए पुलिस… ये वीडियो बहुत कुछ कह रहा है!
नमस्कार दोस्तों…
आज जो वीडियो आपके सामने है, वो सिस्टम पर बड़े सवाल खड़े करता है।
इस वीडियो में साफ दिखाई दे रहा है कि 5 लाख रुपये लिए जा रहे हैं…
और दावा किया जा रहा है कि ये पैसा केस से नाम हटाने के लिए लिया गया।
अगर ये सच है… तो सोचिए, न्याय का क्या हाल हो चुका है।
जहां पीड़िता को इंसाफ मिलना चाहिए…
वहीं पैसों के दम पर केस को कमजोर किया जा रहा है।
ये सिर्फ भ्रष्टाचार नहीं…
ये कानून और इंसाफ दोनों के साथ खिलवाड़ है।
सबसे बड़ा सवाल—
क्या इस मामले की जांच होगी?
क्या जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई होगी?
या फिर ये मामला भी चुपचाप दबा दिया जाएगा?
दोस्तों, आपकी एक शेयर इस मुद्दे को आवाज दे सकती है।
आपकी क्या राय है? कमेंट में जरूर बताइए।”
    user_Om Singh
    Om Singh
    मयूर हैंड, चतरा, झारखंड•
    19 hrs ago
  • Post by आशीष कुमार मुखर्जी
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    Post by आशीष कुमार मुखर्जी
    user_आशीष कुमार मुखर्जी
    आशीष कुमार मुखर्जी
    रिपोर्टर रामगढ़, रामगढ़, झारखंड•
    9 hrs ago
  • रजरप्पा मंदिर में शुभ मुहूर्त पर उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़, लोग घंटों लाइन में लग कर भी नहीं कर पाए मां के दर्शन
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    रजरप्पा मंदिर में शुभ मुहूर्त पर उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़, लोग घंटों लाइन में लग कर भी नहीं कर पाए मां के दर्शन
    user_STATE TAK NEWS
    STATE TAK NEWS
    Media and information sciences faculty रामगढ़, रामगढ़, झारखंड•
    17 hrs ago
  • लोकतंत्र पर खुला प्रहार, पत्रकारों की आवाज़ पर हमला। जेएमएम-कांग्रेस की ठगबंधन सरकार में सच कहना बन गया है गुनाह....., शेफाली गुप्ता
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    लोकतंत्र पर खुला प्रहार, पत्रकारों की आवाज़ पर हमला।
जेएमएम-कांग्रेस की ठगबंधन सरकार में सच कहना बन गया है गुनाह....., शेफाली गुप्ता
    user_Kashif Adib
    Kashif Adib
    Local News Reporter हजारीबाग, हजारीबाग, झारखंड•
    13 hrs ago
  • हजारीबाग, झारखंड के स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी के हजारीबाग दौरे के दौरान दो पत्रकारों पर हुए कथित हमले ने राज्य की कानून व्यवस्था और प्रेस की आजादी पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। पत्रकार रफ्तार मीडिया संवाददाता आशीष साव और न्यूज18 सुशांत सोनी गंभीर रूप से घायल बताए जा रहे हैं। आरोप है कि मंत्री से सवाल पूछने पर उनके प्रतिनिधियों ने पत्रकारों पर हमला कर दिया। क्या है पूरा मामला? प्राप्त जानकारी के अनुसार, स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी सोमवार को एक कार्यक्रम के सिलसिले में हजारीबाग पहुंचे थे। कार्यक्रम के बाद जब स्थानीय पत्रकारों ने स्वास्थ्य विभाग से जुड़े सवाल पूछने शुरू किए, तो माहौल गरमा गया। आरोप है कि जवाब देने के बजाय मंत्री के साथ मौजूद कुछ लोगों ने पत्रकारों के साथ धक्का-मुक्की और मारपीट शुरू कर दी। इस हमले में पत्रकार आशीष साव और सुशांत सोनी को गंभीर चोटें आई हैं। दोनों को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। स्थानीय पत्रकार संगठनों का कहना है कि यह सीधे तौर पर प्रेस की आवाज दबाने की कोशिश है। लोकतंत्र के चौथे स्तंभ पर हमला पत्रकारों पर हमला सिर्फ दो लोगों पर हमला नहीं है। यह लोकतंत्र के चौथे स्तंभ पर सीधा हमला है। जब सवाल पूछने पर जवाब की जगह लाठियां मिलें, तो यह साफ संकेत है कि सत्ता सवालों से घबरा रही है। स्वास्थ्य मंत्री से जनता स्वास्थ्य सुविधाओं की बदहाली पर जवाब चाहती है। लेकिन अगर जवाब देने की जगह प्रतिनिधि गुंडागर्दी पर उतर आएं, तो फिर ‘स्वास्थ्य विभाग’ और ‘गुंडा विभाग’ में फर्क क्या रह जाएगा? उठ रहे हैं ये 3 बड़े सवाल 1. मंत्री की चुप्पी क्यों? घटना के कई घंटे बाद भी स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी की ओर से कोई बयान नहीं आया है। क्यायू मंत्री अपने प्रतिनिधियों की इस हरकत का समर्थन करते हैं? 2. पुलिस-प्रशासन मौन क्यों? सरेआम पत्रकारों पर हमला हुआ। दोषियों पर अब तक क्या कार्रवाई हुई? एफआईआर दर्ज हुई या नहीं? पुलिस की चुप्पी कानून व्यवस्था पर बड़ा सवाल है। 3. सवालों से इतनी घबराहट क्यों?अगर विभाग में सब ठीक है तो मंत्री को सवालों से डर कैसा? हमला करवाना कहीं न कहीं दाल में कुछ काला होने की तरफ इशारा करता है। पत्रकार संगठनों में आक्रोश घटना के बाद हजारीबाग समेत पूरे झारखंड के पत्रकार संगठनों में भारी आक्रोश है। पत्रकारों ने दोषियों की तत्काल गिरफ्तारी और मंत्री से सार्वजनिक माफी की मांग की है। वही भारतीय श्रमजीवी पत्रकार संघ के प्रदेश अध्यक्ष धर्मेंद्र गिरी एवं रांची जिला अध्यक्ष जावेद अख्तर ने इस घटना की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि अगर अगर 24 घंटे में कार्रवाई नहीं हुई तो राज्यव्यापी आंदोलन होगा। प्रशासन का पक्ष आना बाकी इस पूरे मामले पर अभी तक जिला प्रशासन या पुलिस की ओर से कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। मंत्री इरफान अंसारी का पक्ष भी सामने नहीं आया है। जनता को जवाब चाहिए: क्या झारखंड में सवाल पूछना गुनाह हो गया है? क्या स्वास्थ्य मंत्री सवालों का जवाब देंगे या प्रतिनिधियों से हमले करवाते रहेंगे? लोकतंत्र में लाठीतंत्र नहीं चल सकता। दोषियों पर तत्काल और कड़ी कार्रवाई हो, यही लोकतंत्र की मांग है।
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    हजारीबाग, 
झारखंड के स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी के हजारीबाग दौरे के दौरान दो पत्रकारों पर हुए कथित हमले ने राज्य की कानून व्यवस्था और प्रेस की आजादी पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। पत्रकार रफ्तार मीडिया संवाददाता आशीष साव और न्यूज18 सुशांत सोनी गंभीर रूप से घायल बताए जा रहे हैं। आरोप है कि मंत्री से सवाल पूछने पर उनके प्रतिनिधियों ने पत्रकारों पर हमला कर दिया।
क्या है पूरा मामला?
प्राप्त जानकारी के अनुसार, स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी सोमवार को एक कार्यक्रम के सिलसिले में हजारीबाग पहुंचे थे। कार्यक्रम के बाद जब स्थानीय पत्रकारों ने स्वास्थ्य विभाग से जुड़े सवाल पूछने शुरू किए, तो माहौल गरमा गया। आरोप है कि जवाब देने के बजाय मंत्री के साथ मौजूद कुछ लोगों ने पत्रकारों के साथ धक्का-मुक्की और मारपीट शुरू कर दी। 
इस हमले में पत्रकार आशीष साव और सुशांत सोनी को गंभीर चोटें आई हैं। दोनों को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। स्थानीय पत्रकार संगठनों का कहना है कि यह सीधे तौर पर प्रेस की आवाज दबाने की कोशिश है।
लोकतंत्र के चौथे स्तंभ पर हमला  
पत्रकारों पर हमला सिर्फ दो लोगों पर हमला नहीं है। यह लोकतंत्र के चौथे स्तंभ पर सीधा हमला है। जब सवाल पूछने पर जवाब की जगह लाठियां मिलें, तो यह साफ संकेत है कि सत्ता सवालों से घबरा रही है। स्वास्थ्य मंत्री से जनता स्वास्थ्य सुविधाओं की बदहाली पर जवाब चाहती है। लेकिन अगर जवाब देने की जगह प्रतिनिधि गुंडागर्दी पर उतर आएं, तो फिर ‘स्वास्थ्य विभाग’ और ‘गुंडा विभाग’ में फर्क क्या रह जाएगा?
उठ रहे हैं ये 3 बड़े सवाल
1. मंत्री की चुप्पी क्यों? घटना के कई घंटे बाद भी स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी की ओर से कोई बयान नहीं आया है। क्यायू मंत्री अपने प्रतिनिधियों की इस हरकत का समर्थन करते हैं?
2. पुलिस-प्रशासन मौन क्यों? सरेआम पत्रकारों पर हमला हुआ। दोषियों पर अब तक क्या कार्रवाई हुई? एफआईआर दर्ज हुई या नहीं? पुलिस की चुप्पी कानून व्यवस्था पर बड़ा सवाल है।
3. सवालों से इतनी घबराहट क्यों?अगर विभाग में सब ठीक है तो मंत्री को सवालों से डर कैसा? हमला करवाना कहीं न कहीं दाल में कुछ काला होने की तरफ इशारा करता है।
पत्रकार संगठनों में आक्रोश
घटना के बाद हजारीबाग समेत पूरे झारखंड के पत्रकार संगठनों में भारी आक्रोश है। पत्रकारों ने दोषियों की तत्काल गिरफ्तारी और मंत्री से सार्वजनिक माफी की मांग की है। वही
भारतीय श्रमजीवी पत्रकार संघ के प्रदेश अध्यक्ष धर्मेंद्र गिरी एवं रांची जिला अध्यक्ष जावेद अख्तर ने इस घटना की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि अगर
अगर 24 घंटे में कार्रवाई नहीं हुई तो राज्यव्यापी आंदोलन होगा।
प्रशासन का पक्ष आना बाकी
इस पूरे मामले पर अभी तक जिला प्रशासन या पुलिस की ओर से कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। मंत्री इरफान अंसारी का पक्ष भी सामने नहीं आया है। 
जनता को जवाब चाहिए: क्या झारखंड में सवाल पूछना गुनाह हो गया है? क्या स्वास्थ्य मंत्री सवालों का जवाब देंगे या  प्रतिनिधियों से हमले करवाते रहेंगे? लोकतंत्र में लाठीतंत्र नहीं चल सकता। दोषियों पर तत्काल और कड़ी कार्रवाई हो, यही लोकतंत्र की मांग है।
    user_BaरKaट्ठा Ki आwaज
    BaरKaट्ठा Ki आwaज
    Court reporter Barkatha, Hazaribagh•
    17 hrs ago
  • Post by Om Singh
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    Post by Om Singh
    user_Om Singh
    Om Singh
    मयूर हैंड, चतरा, झारखंड•
    1 day ago
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