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हजारीबाग में पत्रकार पर हमले के विरोध में रांची प्रेस क्लब में पत्रकारों का इरफान अंसारी के खिलाफ विरोध प्रदर्शन।

12 hrs ago
user_BaरKaट्ठा Ki आwaज
BaरKaट्ठा Ki आwaज
Court reporter Barkatha, Hazaribagh•
12 hrs ago

हजारीबाग में पत्रकार पर हमले के विरोध में रांची प्रेस क्लब में पत्रकारों का इरफान अंसारी के खिलाफ विरोध प्रदर्शन।

More news from Hazaribagh and nearby areas
  • Post by BaरKaट्ठा Ki आwaज
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    Post by BaरKaट्ठा Ki आwaज
    user_BaरKaट्ठा Ki आwaज
    BaरKaट्ठा Ki आwaज
    Court reporter Barkatha, Hazaribagh•
    12 hrs ago
  • Post by Update news 24
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    Post by Update news 24
    user_Update news 24
    Update news 24
    Photographer Barkatha, Hazaribagh•
    18 hrs ago
  • कैंची धाम रोड पर बाइक से टकराया तेंदुआ, चेन में फंसा पैर, आजाद न हो पाने पर भड़का खूंखार
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    कैंची धाम रोड पर बाइक से टकराया तेंदुआ, चेन में फंसा पैर, आजाद न हो पाने पर भड़का खूंखार
    user_News Xpose ( Jishan Raj)
    News Xpose ( Jishan Raj)
    Press Azad Mahalla, Hazaribagh•
    5 hrs ago
  • वज्रपात की चपेट में आने से दुधारू गाय व बछड़े की मौत, किसान को भारी नुकसान
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    वज्रपात की चपेट में आने से दुधारू गाय व बछड़े की मौत, किसान को भारी नुकसान
    user_झारखण्ड न्यूज हजारीबाग
    झारखण्ड न्यूज हजारीबाग
    हजारीबाग, हजारीबाग, झारखंड•
    8 hrs ago
  • हजारीबाग। झारखंड में लोकतांत्रिक मूल्यों पर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं। हजारीबाग में पत्रकार पर हुए हमले को लेकर सियासत गरमा गई है।  भाजपा नेत्री शेफाली ने इस घटना को लोकतंत्र पर सीधा प्रहार बताते हुए जेएमएम-कांग्रेस गठबंधन सरकार पर तीखा हमला बोला है। भाजपा नेत्री शेफाली ने कहा कि यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है कि स्वास्थ्य मंत्री की मौजूदगी में पत्रकार के साथ मारपीट की गई। उन्होंने आरोप लगाया कि यह घटना सत्ता के संरक्षण में हुई, जो सरकार की कार्यशैली पर गंभीर प्रश्नचिन्ह लगाती है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में पत्रकारों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण होती है और उनके साथ इस तरह की हिंसा अस्वीकार्य है। सवाल पूछने पर हमला करना सरकार की असहिष्णुता को दर्शाता है। भाजपा नेत्री ने दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग करते हुए कहा कि अगर सरकार इस मामले में निष्पक्ष जांच नहीं कराती है, तो यह स्पष्ट हो जाएगा कि वह सच को दबाने का प्रयास कर रही है।
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    हजारीबाग। झारखंड में लोकतांत्रिक मूल्यों पर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं। हजारीबाग में पत्रकार पर हुए हमले को लेकर सियासत गरमा गई है। 
भाजपा नेत्री शेफाली ने इस घटना को लोकतंत्र पर सीधा प्रहार बताते हुए जेएमएम-कांग्रेस गठबंधन सरकार पर तीखा हमला बोला है। भाजपा नेत्री शेफाली ने कहा कि यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है कि स्वास्थ्य मंत्री की मौजूदगी में पत्रकार के साथ मारपीट की गई। उन्होंने आरोप लगाया कि यह घटना सत्ता के संरक्षण में हुई, जो सरकार की कार्यशैली पर गंभीर प्रश्नचिन्ह लगाती है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में पत्रकारों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण होती है और उनके साथ इस तरह की हिंसा अस्वीकार्य है। सवाल पूछने पर हमला करना सरकार की असहिष्णुता को दर्शाता है।
भाजपा नेत्री ने दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग करते हुए कहा कि अगर सरकार इस मामले में निष्पक्ष जांच नहीं कराती है, तो यह स्पष्ट हो जाएगा कि वह सच को दबाने का प्रयास कर रही है।
    user_Ejaj Alam
    Ejaj Alam
    Press हजारीबाग, हजारीबाग, झारखंड•
    9 hrs ago
  • नगर निगम हजारीबाग का डिजिटल सडक, नाली ,जो हल्की बारीश भी नही बरहस्त करता है नगर निगम हजारीबाग का नाली, सडक, वह भी कब ? जब कचहरी के अंदर चुंगी वसूली लाखो का ,नगर प्रवेश टोल टैक्स, चार गुणा होल्डिंग टैक्स के साथ फाइन के आलावे बढोतरी 25% के आलावे टैक्स भुगतान नही होने की हालत मे निलामी तक गुजरना पडता है.इतना ही नही व्यावसायिक ट्रेडिंग लाइसेंस के माध्यम से वसूली, इसके आलावा सौफिट नही होने पर वसूली इसके बाद क्या मिला नगर वासियो को तो नरक, कुडा,कचडा, तलाब गायब, आप सभी वार्ड पार्षद भी मौन है बोर्ड भी मौन है ?
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    नगर निगम हजारीबाग का डिजिटल सडक, नाली ,जो हल्की बारीश भी नही बरहस्त करता है नगर निगम हजारीबाग का नाली, सडक, वह भी कब ? जब कचहरी के अंदर चुंगी वसूली लाखो का ,नगर प्रवेश टोल टैक्स, चार गुणा होल्डिंग टैक्स के साथ फाइन के आलावे बढोतरी 25% के आलावे टैक्स भुगतान नही होने की हालत मे निलामी तक गुजरना पडता है.इतना ही नही व्यावसायिक ट्रेडिंग लाइसेंस के माध्यम से वसूली, इसके आलावा सौफिट नही होने पर वसूली इसके बाद क्या मिला नगर वासियो को तो नरक, कुडा,कचडा, तलाब गायब, आप सभी वार्ड पार्षद भी मौन है बोर्ड भी मौन है ?
    user_चितरंजन प्रसाद गुप्ता आर टीआई सक्रिय कार्यकर्ता हजारीबाग
    चितरंजन प्रसाद गुप्ता आर टीआई सक्रिय कार्यकर्ता हजारीबाग
    Voice of people हजारीबाग, हजारीबाग, झारखंड•
    10 hrs ago
  • यह घटना माधोपुर पंचायत के असराइन डैम में हुई। लेम्बो निवासी सरिता देवी (35) अपनी दो मासूम बेटियों के साथ डैम में कपड़े धोने गई थीं। कपड़े धोते समय अचानक उनका पैर फिसल गया और वे गहरे पानी की ओर बहने लगीं। मां को डूबता देख दोनों बेटियों ने उन्हें बचाने की कोशिश की। हालांकि, पानी का बहाव और गहराई अधिक होने के कारण सरिता ने महसूस किया कि उनकी बेटियों की जान भी खतरे में पड़ सकती है। उन्होंने अपनी पूरी ताकत लगाकर दोनों बच्चियों को सुरक्षित किनारे की ओर धकेल दिया। बेटियां तो बच गईं, लेकिन सरिता खुद को नहीं बचा सकीं और गहरे पानी में डूब गईं। बच्चियों ने भागकर गांव वालों को सूचना दी। ग्रामीणों ने मौके पर पहुंचकर कड़ी मशक्कत के बाद सरिता का शव पानी से बाहर निकाला। सतगावां थाना पुलिस को घटना की जानकारी दी गई, जिसके बाद पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल कोडरमा भेज दिया।
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    यह घटना माधोपुर पंचायत के असराइन डैम में हुई। लेम्बो निवासी सरिता देवी (35) अपनी दो मासूम बेटियों के साथ डैम में कपड़े धोने गई थीं। कपड़े धोते समय अचानक उनका पैर फिसल गया और वे गहरे पानी की ओर बहने लगीं।
मां को डूबता देख दोनों बेटियों ने उन्हें बचाने की कोशिश की। हालांकि, पानी का बहाव और गहराई अधिक होने के कारण सरिता ने महसूस किया कि उनकी बेटियों की जान भी खतरे में पड़ सकती है। उन्होंने अपनी पूरी ताकत लगाकर दोनों बच्चियों को सुरक्षित किनारे की ओर धकेल दिया।
बेटियां तो बच गईं, लेकिन सरिता खुद को नहीं बचा सकीं और गहरे पानी में डूब गईं। बच्चियों ने भागकर गांव वालों को सूचना दी। ग्रामीणों ने मौके पर पहुंचकर कड़ी मशक्कत के बाद सरिता का शव पानी से बाहर निकाला। सतगावां थाना पुलिस को घटना की जानकारी दी गई, जिसके बाद पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल कोडरमा भेज दिया।
    user_PRAVEEN NIRANJAN JOURNALIST
    PRAVEEN NIRANJAN JOURNALIST
    Local News Reporter कोडरमा, कोडरमा, झारखंड•
    10 hrs ago
  • हजारीबाग, झारखंड के स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी के हजारीबाग दौरे के दौरान दो पत्रकारों पर हुए कथित हमले ने राज्य की कानून व्यवस्था और प्रेस की आजादी पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। पत्रकार रफ्तार मीडिया संवाददाता आशीष साव और न्यूज18 सुशांत सोनी गंभीर रूप से घायल बताए जा रहे हैं। आरोप है कि मंत्री से सवाल पूछने पर उनके प्रतिनिधियों ने पत्रकारों पर हमला कर दिया। क्या है पूरा मामला? प्राप्त जानकारी के अनुसार, स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी सोमवार को एक कार्यक्रम के सिलसिले में हजारीबाग पहुंचे थे। कार्यक्रम के बाद जब स्थानीय पत्रकारों ने स्वास्थ्य विभाग से जुड़े सवाल पूछने शुरू किए, तो माहौल गरमा गया। आरोप है कि जवाब देने के बजाय मंत्री के साथ मौजूद कुछ लोगों ने पत्रकारों के साथ धक्का-मुक्की और मारपीट शुरू कर दी। इस हमले में पत्रकार आशीष साव और सुशांत सोनी को गंभीर चोटें आई हैं। दोनों को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। स्थानीय पत्रकार संगठनों का कहना है कि यह सीधे तौर पर प्रेस की आवाज दबाने की कोशिश है। लोकतंत्र के चौथे स्तंभ पर हमला पत्रकारों पर हमला सिर्फ दो लोगों पर हमला नहीं है। यह लोकतंत्र के चौथे स्तंभ पर सीधा हमला है। जब सवाल पूछने पर जवाब की जगह लाठियां मिलें, तो यह साफ संकेत है कि सत्ता सवालों से घबरा रही है। स्वास्थ्य मंत्री से जनता स्वास्थ्य सुविधाओं की बदहाली पर जवाब चाहती है। लेकिन अगर जवाब देने की जगह प्रतिनिधि गुंडागर्दी पर उतर आएं, तो फिर ‘स्वास्थ्य विभाग’ और ‘गुंडा विभाग’ में फर्क क्या रह जाएगा? उठ रहे हैं ये 3 बड़े सवाल 1. मंत्री की चुप्पी क्यों? घटना के कई घंटे बाद भी स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी की ओर से कोई बयान नहीं आया है। क्यायू मंत्री अपने प्रतिनिधियों की इस हरकत का समर्थन करते हैं? 2. पुलिस-प्रशासन मौन क्यों? सरेआम पत्रकारों पर हमला हुआ। दोषियों पर अब तक क्या कार्रवाई हुई? एफआईआर दर्ज हुई या नहीं? पुलिस की चुप्पी कानून व्यवस्था पर बड़ा सवाल है। 3. सवालों से इतनी घबराहट क्यों?अगर विभाग में सब ठीक है तो मंत्री को सवालों से डर कैसा? हमला करवाना कहीं न कहीं दाल में कुछ काला होने की तरफ इशारा करता है। पत्रकार संगठनों में आक्रोश घटना के बाद हजारीबाग समेत पूरे झारखंड के पत्रकार संगठनों में भारी आक्रोश है। पत्रकारों ने दोषियों की तत्काल गिरफ्तारी और मंत्री से सार्वजनिक माफी की मांग की है। वही भारतीय श्रमजीवी पत्रकार संघ के प्रदेश अध्यक्ष धर्मेंद्र गिरी एवं रांची जिला अध्यक्ष जावेद अख्तर ने इस घटना की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि अगर अगर 24 घंटे में कार्रवाई नहीं हुई तो राज्यव्यापी आंदोलन होगा। प्रशासन का पक्ष आना बाकी इस पूरे मामले पर अभी तक जिला प्रशासन या पुलिस की ओर से कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। मंत्री इरफान अंसारी का पक्ष भी सामने नहीं आया है। जनता को जवाब चाहिए: क्या झारखंड में सवाल पूछना गुनाह हो गया है? क्या स्वास्थ्य मंत्री सवालों का जवाब देंगे या प्रतिनिधियों से हमले करवाते रहेंगे? लोकतंत्र में लाठीतंत्र नहीं चल सकता। दोषियों पर तत्काल और कड़ी कार्रवाई हो, यही लोकतंत्र की मांग है।
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    हजारीबाग, 
झारखंड के स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी के हजारीबाग दौरे के दौरान दो पत्रकारों पर हुए कथित हमले ने राज्य की कानून व्यवस्था और प्रेस की आजादी पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। पत्रकार रफ्तार मीडिया संवाददाता आशीष साव और न्यूज18 सुशांत सोनी गंभीर रूप से घायल बताए जा रहे हैं। आरोप है कि मंत्री से सवाल पूछने पर उनके प्रतिनिधियों ने पत्रकारों पर हमला कर दिया।
क्या है पूरा मामला?
प्राप्त जानकारी के अनुसार, स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी सोमवार को एक कार्यक्रम के सिलसिले में हजारीबाग पहुंचे थे। कार्यक्रम के बाद जब स्थानीय पत्रकारों ने स्वास्थ्य विभाग से जुड़े सवाल पूछने शुरू किए, तो माहौल गरमा गया। आरोप है कि जवाब देने के बजाय मंत्री के साथ मौजूद कुछ लोगों ने पत्रकारों के साथ धक्का-मुक्की और मारपीट शुरू कर दी। 
इस हमले में पत्रकार आशीष साव और सुशांत सोनी को गंभीर चोटें आई हैं। दोनों को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। स्थानीय पत्रकार संगठनों का कहना है कि यह सीधे तौर पर प्रेस की आवाज दबाने की कोशिश है।
लोकतंत्र के चौथे स्तंभ पर हमला  
पत्रकारों पर हमला सिर्फ दो लोगों पर हमला नहीं है। यह लोकतंत्र के चौथे स्तंभ पर सीधा हमला है। जब सवाल पूछने पर जवाब की जगह लाठियां मिलें, तो यह साफ संकेत है कि सत्ता सवालों से घबरा रही है। स्वास्थ्य मंत्री से जनता स्वास्थ्य सुविधाओं की बदहाली पर जवाब चाहती है। लेकिन अगर जवाब देने की जगह प्रतिनिधि गुंडागर्दी पर उतर आएं, तो फिर ‘स्वास्थ्य विभाग’ और ‘गुंडा विभाग’ में फर्क क्या रह जाएगा?
उठ रहे हैं ये 3 बड़े सवाल
1. मंत्री की चुप्पी क्यों? घटना के कई घंटे बाद भी स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी की ओर से कोई बयान नहीं आया है। क्यायू मंत्री अपने प्रतिनिधियों की इस हरकत का समर्थन करते हैं?
2. पुलिस-प्रशासन मौन क्यों? सरेआम पत्रकारों पर हमला हुआ। दोषियों पर अब तक क्या कार्रवाई हुई? एफआईआर दर्ज हुई या नहीं? पुलिस की चुप्पी कानून व्यवस्था पर बड़ा सवाल है।
3. सवालों से इतनी घबराहट क्यों?अगर विभाग में सब ठीक है तो मंत्री को सवालों से डर कैसा? हमला करवाना कहीं न कहीं दाल में कुछ काला होने की तरफ इशारा करता है।
पत्रकार संगठनों में आक्रोश
घटना के बाद हजारीबाग समेत पूरे झारखंड के पत्रकार संगठनों में भारी आक्रोश है। पत्रकारों ने दोषियों की तत्काल गिरफ्तारी और मंत्री से सार्वजनिक माफी की मांग की है। वही
भारतीय श्रमजीवी पत्रकार संघ के प्रदेश अध्यक्ष धर्मेंद्र गिरी एवं रांची जिला अध्यक्ष जावेद अख्तर ने इस घटना की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि अगर
अगर 24 घंटे में कार्रवाई नहीं हुई तो राज्यव्यापी आंदोलन होगा।
प्रशासन का पक्ष आना बाकी
इस पूरे मामले पर अभी तक जिला प्रशासन या पुलिस की ओर से कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। मंत्री इरफान अंसारी का पक्ष भी सामने नहीं आया है। 
जनता को जवाब चाहिए: क्या झारखंड में सवाल पूछना गुनाह हो गया है? क्या स्वास्थ्य मंत्री सवालों का जवाब देंगे या  प्रतिनिधियों से हमले करवाते रहेंगे? लोकतंत्र में लाठीतंत्र नहीं चल सकता। दोषियों पर तत्काल और कड़ी कार्रवाई हो, यही लोकतंत्र की मांग है।
    user_BaरKaट्ठा Ki आwaज
    BaरKaट्ठा Ki आwaज
    Court reporter Barkatha, Hazaribagh•
    17 hrs ago
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