छत्तीसगढ़ के पत्थलगांव विधानसभा क्षेत्र में रविवार को एक अनूठा दृश्य देखने को मिला, जब सरगुजा विकास प्राधिकरण की उपाध्यक्ष एवं पत्थलगांव विधायक गोमती साय खेत में किसान बहनों के साथ धान की रोपाई (बीड़ा) और निंदाई के काम में जुटीं। खेत में काम करने के साथ ही उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लोकप्रिय रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ को पूरे मनोयोग से सुना। खेत की हरियाली, किसान बहनों का साथ और प्रधानमंत्री के प्रेरक विचारों का यह संगम पूरे क्षेत्र में लोगों के बीच कौतूहल और चर्चा का विषय बन गया है। इस अवसर पर विधायक गोमती साय ने कहा कि खेत की मिट्टी से जुड़े रहकर देश और समाज के लिए प्रेरणादायी विचारों को सुनना एक सुखद अनुभव है। उन्होंने कहा कि श्रम, सेवा और राष्ट्रहित का यह सुंदर संगम सदैव नई ऊर्जा और प्रेरणा देता है। किसान बहनों के बीच बैठकर कार्यक्रम सुनने के इस अंदाज के जरिए उन्होंने संदेश दिया कि खेती केवल आजीविका का साधन नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति और आत्मनिर्भरता की मजबूत नींव है। अपनी सरलता, सौम्यता और व्यवहार कुशलता के लिए पहचानी जाने वाली गोमती साय जनप्रतिनिधि बनने के बाद भी अपनी जड़ों से जुड़ी हुई हैं और समय निकालकर हाथों से खेती-किसानी के कार्य करती हैं। ग्रामीणों के अनुसार, वे केवल चुनावी मौसम में नहीं बल्कि पूरे वर्ष गांव-गांव पहुंचकर सड़क, बिजली, पानी, स्वास्थ्य, शिक्षा और किसानों की समस्याओं के समाधान का प्रयास करती हैं। सोशल मीडिया से लेकर गांव की चौपालों तक खेत में काम करते हुए उनकी तस्वीरें छाई हुई हैं और लोग इसे जनसेवा व सादगी का सुंदर उदाहरण मान रहे हैं।
छत्तीसगढ़ के पत्थलगांव विधानसभा क्षेत्र में रविवार को एक अनूठा दृश्य देखने को मिला, जब सरगुजा विकास प्राधिकरण की उपाध्यक्ष एवं पत्थलगांव विधायक गोमती साय खेत में किसान बहनों के साथ धान की रोपाई (बीड़ा) और निंदाई के काम में जुटीं। खेत में काम करने के साथ ही उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लोकप्रिय रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ को पूरे मनोयोग से सुना। खेत की
हरियाली, किसान बहनों का साथ और प्रधानमंत्री के प्रेरक विचारों का यह संगम पूरे क्षेत्र में लोगों के बीच कौतूहल और चर्चा का विषय बन गया है। इस अवसर पर विधायक गोमती साय ने कहा कि खेत की मिट्टी से जुड़े रहकर देश और समाज के लिए प्रेरणादायी विचारों को सुनना एक सुखद अनुभव है। उन्होंने कहा कि श्रम, सेवा और राष्ट्रहित का यह सुंदर संगम सदैव
नई ऊर्जा और प्रेरणा देता है। किसान बहनों के बीच बैठकर कार्यक्रम सुनने के इस अंदाज के जरिए उन्होंने संदेश दिया कि खेती केवल आजीविका का साधन नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति और आत्मनिर्भरता की मजबूत नींव है। अपनी सरलता, सौम्यता और व्यवहार कुशलता के लिए पहचानी जाने वाली गोमती साय जनप्रतिनिधि बनने के बाद भी अपनी जड़ों से जुड़ी हुई हैं और समय निकालकर हाथों से खेती-किसानी
के कार्य करती हैं। ग्रामीणों के अनुसार, वे केवल चुनावी मौसम में नहीं बल्कि पूरे वर्ष गांव-गांव पहुंचकर सड़क, बिजली, पानी, स्वास्थ्य, शिक्षा और किसानों की समस्याओं के समाधान का प्रयास करती हैं। सोशल मीडिया से लेकर गांव की चौपालों तक खेत में काम करते हुए उनकी तस्वीरें छाई हुई हैं और लोग इसे जनसेवा व सादगी का सुंदर उदाहरण मान रहे हैं।
- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सिक्किम के 50वें राज्यत्व वर्ष के समापन समारोह में शामिल हुए। इस दौरान उन्होंने राज्य की समृद्ध संस्कृति, प्राकृतिक विरासत और विकास यात्रा की सराहना की। उन्होंने सिक्किम को भारत की प्राकृतिक और सांस्कृतिक धरोहर बताते हुए कहा कि 'विकसित भारत 2047' के संकल्प में सिक्किम की महत्वपूर्ण भूमिका है। समारोह के दौरान पर्यटन, कनेक्टिविटी और आधारभूत संरचना को नई गति देने वाली विकास परियोजनाओं पर भी जोर दिया गया। सिक्किम की इस गौरवशाली यात्रा को नमन करते हुए इसे विकास के नए अध्याय की ओर एक और मजबूत कदम करार दिया गया।1
- छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में पुलिस चौकी रैरूमाखुर्द क्षेत्र के ग्राम धरमपुर साजापाली में 76 वर्षीय बंधन राम पण्डो की हत्या के मामले का महज 24 घंटे के भीतर रैरूमाखुर्द पुलिस ने खुलासा कर दिया है। आरोपी मकरदम उर्फ मुड़ी माझी (40 वर्ष) निवासी धरमपुर को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है। प्रारंभिक विवेचना में हत्या का कारण नजूल जमीन पर कब्जे और हिस्सेदारी को लेकर लंबे समय से चला आ रहा विवाद सामने आया है। 25 जुलाई 2026 को मृतक के पुत्र नोहर साय पण्डो (30 वर्ष) ने चौकी रैरूमाखुर्द में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि 25 जुलाई को सुबह अपनी पत्नी मां के साथ खेत-बाड़ी काम करने गया था। दोपहर जब वह खेत से घर लौटा, तब उसके पिता बंधन राम पण्डो घर के बाहर गांव के मकरदम उर्फ मुड़ी माझी के साथ पुराने जमीन विवाद को लेकर बातचीत कर रहे थे। इसी दौरान उसकी पुत्री अंजली पण्डो ने दौड़कर बताया कि मकरदम ने टांगी से दादाजी के सिर पर ताबड़तोड़ वार कर उन्हें गंभीर रूप से घायल कर दिया है। मौके पर पहुंचने पर आरोपी हाथ में टांगी लेकर फरार हो चुका था। रिपोर्ट पर चौकी रैरूमाखुर्द में हत्या का प्रयास का अपराध क्रमांक 200/2026 धारा 109(1) बीएनएस के तहत अपराध दर्ज कर विवेचना प्रारंभ की गई। उपचार के दौरान सिविल अस्पताल धरमजयगढ़ में बंधन राम पण्डो की मृत्यु हो जाने पर मर्ग जांच के उपरांत प्रकरण में धारा 103(1) बीएनएस जोड़ी गई। एसएसपी शशि मोहन सिंह के मार्गदर्शन पर घटना की गंभीरता को देखते हुए चौकी प्रभारी उप निरीक्षक इगेश्वर यादव ने तत्काल विवेचना तेज करते हुए संदिग्ध आरोपी की तलाश शुरू की। मुखबिर की सूचना पर आरोपी मकरदम उर्फ मुड़ी माझी को उसके गृहग्राम धरमपुर से घेराबंदी कर हिरासत में लिया गया। पूछताछ में आरोपी ने नजूल जमीन पर कब्जे को लेकर वर्षों से चले आ रहे विवाद के चलते टांगी से वार कर हत्या करना स्वीकार किया। विवेचना के दौरान गवाहों के कथनों से भी यह तथ्य सामने आया कि मृतक एवं आरोपी दोनों नजूल भूमि पर खेती करते थे तथा जमीन की सीमा और कब्जे को लेकर उनके बीच लगातार विवाद चल रहा था। आरोपी ने पूछताछ में बताया कि मृतक हर वर्ष उसकी जमीन का कुछ हिस्सा अपने कब्जे में ले लेता था, जिससे आक्रोशित होकर उसने वारदात को अंजाम दिया। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से हत्या में प्रयुक्त टांगी, घटना के समय पहने गए रक्तरंजित कपड़े तथा अन्य महत्वपूर्ण साक्ष्य जब्त कर उसे विधिवत गिरफ्तार किया। आवश्यक वैधानिक कार्रवाई के बाद आरोपी को न्यायालय में प्रस्तुत कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है। रैरूमाखुर्द चौकी पुलिस की त्वरित कार्रवाई और वैज्ञानिक विवेचना से गंभीर हत्या की इस वारदात का 24 घंटे के भीतर सफल खुलासा कर लिया गया। एसएसपी शशि मोहन सिंह ने संदेश दिया है कि कानून अपने हाथ में लेने वालों के विरुद्ध रायगढ़ पुलिस सख्ती से कार्रवाई करेगी। किसी भी विवाद का समाधान कानूनी प्रक्रिया से करें, हिंसा का रास्ता अपनाने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।2
- छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले के पाली विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत बोईदा में धान की फसल तैयार होने के शुरुआती दौर में ही आवारा एवं खुले छोड़े गए बैल और मवेशी किसानों के लिए चिंता का कारण बनते जा रहे हैं। हर खेतों में बैल धान की फसल के बीच चरते नजर आए, जिससे फसल को नुकसान पहुंचने की आशंका बढ़ गई है। किसानों का कहना है कि बरसात के मौसम में बड़ी मेहनत और लागत से धान की रोपाई की जाती है। ऐसे में यदि मवेशी खेतों में घुसकर फसल चरते या रौंदते हैं, तो किसानों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है। समय रहते इस समस्या पर ध्यान नहीं दिया गया तो कई किसानों की मेहनत पर पानी फिर सकता है। ग्रामीणों ने ग्राम पंचायत से मांग की है कि आवारा मवेशियों की रोकथाम के लिए प्रभावी व्यवस्था की जाए। पंचायत को चाहिए कि मवेशियों को गौठान या सुरक्षित स्थान पर रखने की व्यवस्था सुनिश्चित करें तथा खेतों में उनकी आवाजाही रोकने के लिए आवश्यक कदम उठाए, ताकि किसानों की फसल सुरक्षित रह सके। ग्रामीणों के अनुसार कई पशुपालक अपने बैलों को खुले में छोड़ देते हैं, जिससे वे खेतों में पहुंचकर धान की पौध चरने और रौंदने लगते हैं। ग्रामीणों ने ग्राम पंचायत से मांग की है कि पूरे गांव में तत्काल मुनादी कराई जाए और सभी पशुपालकों को निर्देश दिया जाए कि वे अपने-अपने बैलों और मवेशियों को बांधकर रखें तथा खुले में न छोड़ें।1
- Post by Ashok Lakra2
- छत्तीसगढ़ के सक्ती जिले में हरेठी स्थित पापा ढाबा का खाद्य लाइसेंस सस्पेंड कर दिया गया है। यह कार्रवाई एक वीडियो वायरल होने के बाद की गई, जिसमें एक कर्मचारी जेंट्स टॉयलेट में प्लेट, कटोरी और अन्य बर्तन धोता हुआ दिखाई दे रहा है। यह वीडियो एक ग्राहक ने बनाया था जो खाना खाने ढाबे पर आया था। खाद्य एवं औषधि प्रशासन ने जांच की और वीडियो को सही पाया। विभाग ने ढाबा संचालक को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। अगर संतोषजनक जवाब नहीं मिलता है, तो लाइसेंस रद्द करने की चेतावनी दी गई है। खाद्य सुरक्षा अधिकारी, जिला सक्ती ने इस बारे में जानकारी दी।1
- छत्तीसगढ़ के पत्थलगांव विधानसभा क्षेत्र में रविवार को एक अनूठा दृश्य देखने को मिला, जब सरगुजा विकास प्राधिकरण की उपाध्यक्ष एवं पत्थलगांव विधायक गोमती साय खेत में किसान बहनों के साथ धान की रोपाई (बीड़ा) और निंदाई के काम में जुटीं। खेत में काम करने के साथ ही उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लोकप्रिय रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ को पूरे मनोयोग से सुना। खेत की हरियाली, किसान बहनों का साथ और प्रधानमंत्री के प्रेरक विचारों का यह संगम पूरे क्षेत्र में लोगों के बीच कौतूहल और चर्चा का विषय बन गया है। इस अवसर पर विधायक गोमती साय ने कहा कि खेत की मिट्टी से जुड़े रहकर देश और समाज के लिए प्रेरणादायी विचारों को सुनना एक सुखद अनुभव है। उन्होंने कहा कि श्रम, सेवा और राष्ट्रहित का यह सुंदर संगम सदैव नई ऊर्जा और प्रेरणा देता है। किसान बहनों के बीच बैठकर कार्यक्रम सुनने के इस अंदाज के जरिए उन्होंने संदेश दिया कि खेती केवल आजीविका का साधन नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति और आत्मनिर्भरता की मजबूत नींव है। अपनी सरलता, सौम्यता और व्यवहार कुशलता के लिए पहचानी जाने वाली गोमती साय जनप्रतिनिधि बनने के बाद भी अपनी जड़ों से जुड़ी हुई हैं और समय निकालकर हाथों से खेती-किसानी के कार्य करती हैं। ग्रामीणों के अनुसार, वे केवल चुनावी मौसम में नहीं बल्कि पूरे वर्ष गांव-गांव पहुंचकर सड़क, बिजली, पानी, स्वास्थ्य, शिक्षा और किसानों की समस्याओं के समाधान का प्रयास करती हैं। सोशल मीडिया से लेकर गांव की चौपालों तक खेत में काम करते हुए उनकी तस्वीरें छाई हुई हैं और लोग इसे जनसेवा व सादगी का सुंदर उदाहरण मान रहे हैं।4
- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सिक्किम के 50वें राज्यत्व वर्ष के समापन समारोह में हिस्सा लिया और राज्य की समृद्ध संस्कृति, प्राकृतिक विरासत तथा विकास यात्रा की सराहना की। इस दौरान उन्होंने कहा कि 'विकसित भारत 2047' के संकल्प को साकार करने में सिक्किम की महत्वपूर्ण भूमिका है। समारोह में पर्यटन, कनेक्टिविटी और आधारभूत संरचना को नई गति देने वाली विकास परियोजनाओं पर विशेष जोर दिया गया। सिक्किम की इस गौरवशाली यात्रा को नमन करते हुए इसे विकास के नए अध्याय की ओर एक और मजबूत कदम बताया गया है।1
- छत्तीसगढ़ के रायगढ़ में स्मार्ट मीटर के विरोध में कांग्रेस ने जोरदार प्रदर्शन किया। पार्टी कार्यकर्ताओं ने कलेक्ट्रेट का घेराव करने की कोशिश की, लेकिन पुलिस ने उन्हें रोक दिया। इसके बाद कार्यकर्ताओं ने सड़क पर ही धरना देना शुरू कर दिया। कांग्रेस का आरोप है कि स्मार्ट मीटर से बिजली की दरें बढ़ जाएंगी और लोगों को परेशानी होगी। पार्टी ने सरकार से इस फैसले को वापस लेने की मांग की है।1