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प्रयागराज में भगवान श्री जगन्नाथ स्वामी जी महाराज की भव्य रथ शोभा यात्रा अत्यंत धूमधाम और भक्तिमय माहौल के बीच निकाली गई। इस पावन अवसर पर पूरे क्षेत्र में भक्ति का अनूठा माहौल देखने को मिला, जहां भगवान श्री जगन्नाथ स्वामी जी महाराज की रथ शोभा यात्रा को अत्यंत भव्यता और उल्लास के साथ संपन्न किया गया।
Manish Susari संपादकस्थानीयsi न्यूज़
प्रयागराज में भगवान श्री जगन्नाथ स्वामी जी महाराज की भव्य रथ शोभा यात्रा अत्यंत धूमधाम और भक्तिमय माहौल के बीच निकाली गई। इस पावन अवसर पर पूरे क्षेत्र में भक्ति का अनूठा माहौल देखने को मिला, जहां भगवान श्री जगन्नाथ स्वामी जी महाराज की रथ शोभा यात्रा को अत्यंत भव्यता और उल्लास के साथ संपन्न किया गया।
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- प्रयागराज की राजनीति में लंबे समय से चर्चित नाम उदयभान करवरिया और भाजपा युवा मोर्चा के नवनियुक्त प्रदेश अध्यक्ष डॉ. रोहित मिश्रा के बीच का रिश्ता राजनीतिक चर्चाओं के केंद्र में है। उदयभान करवरिया की वजह से ही डॉ. रोहित मिश्रा भाजपा युवा मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष बने हैं, जिन्होंने पद संभालते ही सपाइयों की नींद उड़ा दी है। इस घटनाक्रम को लेकर यह सवाल उठ रहा है कि क्या दोनों नेताओं के बीच केवल गुरु-शिष्य का संबंध है, या इसके पीछे साल 2027 की कोई बड़ी राजनीतिक रणनीति छिपी हुई है।1
- योगी के बेहद भरोसेमंद और प्रयागराज के लोकप्रिय जिलाधिकारी IAS मनीष कुमार वर्मा ने जनसुनवाई के दौरान एक फरियादी की समस्या सुनकर कड़ा रुख अपनाया है। जनसुनवाई में पहुंचे एक पीड़ित ने जिलाधिकारी को बताया कि उसका मामला साल 2014 से चल रहा है, लेकिन इस पर तहसीलदार ने अब तक कोई कार्रवाई नहीं की है। इतना सुनते ही जिलाधिकारी बेहद नाराज हो गए। उन्होंने तत्काल एसडीएम को फटकार लगाते हुए निर्देश दिए कि 24 घंटे के भीतर पीड़ित के मामले का निस्तारण किया जाए। जिलाधिकारी ने कड़ी चेतावनी देते हुए कहा कि अगर तहसील स्तर से पीड़ित को न्याय नहीं मिलेगा तो वह खुद कार्रवाई करेंगे।1
- प्रयागराज में भगवान श्री जगन्नाथ स्वामी जी महाराज की भव्य रथ शोभा यात्रा अत्यंत धूमधाम और भक्तिमय माहौल के बीच निकाली गई। इस पावन अवसर पर पूरे क्षेत्र में भक्ति का अनूठा माहौल देखने को मिला, जहां भगवान श्री जगन्नाथ स्वामी जी महाराज की रथ शोभा यात्रा को अत्यंत भव्यता और उल्लास के साथ संपन्न किया गया।1
- उत्तर प्रदेश के बांदा जिले में वर्षों से खराब पड़ी कच्ची सड़क को लेकर ग्रामीणों और स्कूली बच्चों ने जिला मुख्यालय पहुंचकर जोरदार प्रदर्शन किया। अतर्रा क्षेत्र के भूरा यादव का पुरवा के निवासी इस समस्या से बेहद परेशान हैं। ग्रामीणों के साथ बड़ी संख्या में स्कूली बच्चे भी हाथों में "सड़क नहीं तो स्कूल नहीं" लिखी तख्तियां लेकर प्रदर्शन में शामिल हुए। प्रदर्शनकारियों ने जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपकर जल्द से जल्द सड़क निर्माण कराने की मांग उठाई है। जिलाधिकारी को सौंपे गए ज्ञापन के अनुसार, अतर्रा केन-कैनाल ऑफिस से लेकर नहर पटरी स्थित भूरा यादव का पुरवा तक का करीब 1 किलोमीटर का मार्ग पूरी तरह कच्चा है। बरसात के मौसम में यह पूरा रास्ता कीचड़ में तब्दील हो जाता है, जिससे लोगों का यहां से निकलना दूभर हो जाता है। सबसे ज्यादा परेशानी स्कूली बच्चों को उठानी पड़ती है, जो खराब रास्ते के कारण समय पर अपने स्कूल नहीं पहुंच पाते हैं। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि इस कच्चे मार्ग पर तुरंत गिट्टी और मोरम डालकर इसे चलने योग्य बनाया जाए। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि इस मामले में जल्द कार्रवाई नहीं हुई, तो वे अपने आंदोलन को आगे भी जारी रखेंगे।1
- उत्तराखंड के नैनीताल जिले का एक ऐसा अद्भुत रहस्य है, जिसे जानकर हर कोई हैरान रह जाएगा।1
- उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में आरती पाल ने पूर्व विधायक पूजा पाल और उनके परिवार पर जमीन कब्जा करने और अवैध संपत्ति रखने के गंभीर आरोप लगाए हैं। आरती पाल का दावा है कि उन्होंने पूजा पाल के परिवार का "इतिहास" खोलकर रख दिया है। इन आरोपों के मुताबिक, प्रयागराज में सरकारी और निजी जमीनों पर अवैध कब्जा किया गया और कई बेनामी सौदों के जरिए इन जमीनों को अपने नाम कराया गया। इसके अलावा, आरती पाल ने आरोप लगाया है कि पूजा पाल के परिवार के विभिन्न बैंक खातों में करोड़ों रुपये जमा हैं, जिसकी जांच उन्होंने ईडी (प्रवर्तन निदेशालय) और आयकर विभाग से कराने की मांग की है। यह नया विवाद ऐसे समय में सामने आया है जब पूजा पाल पहले से ही राजू पाल हत्याकांड की वजह से सुर्खियों में रही हैं, जिस मामले में मार्च 2024 में सीबीआई कोर्ट ने सजा भी सुनाई थी। आरती पाल ने सोशल मीडिया और स्थानीय मंचों पर इन आरोपों से संबंधित दस्तावेज दिखाने की बात भी कही है। हालांकि, अभी तक इस मामले में पूजा पाल की तरफ से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है और न ही प्रशासन या किसी जांच एजेंसी ने इन आरोपों की पुष्टि की है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि प्रयागराज में साल 2024 के बाद से बदले सियासी समीकरणों के बीच ये आरोप चुनावी माहौल को और गर्मा सकते हैं। अब जनता और कार्यकर्ताओं को इस बात का इंतजार है कि प्रशासन इस पर क्या कार्रवाई करता है।1
- उत्तर प्रदेश की राजनीति में बहुजन वोटों के नेतृत्व को लेकर बहुजन समाज पार्टी (बसपा) और आजाद समाज पार्टी के बीच खींचतान तेज हो गई है। हाल ही में एक रैली के दौरान बसपा नेता आकाश आनंद ने युवाओं को संबोधित करते हुए एक विपक्षी नेता पर तीखा हमला बोला। उन्होंने बिना नाम लिए आरोप लगाया कि कुछ लोग केवल अपनी राजनीति चमकाने के लिए दलित और पिछड़े वर्ग के युवाओं का इस्तेमाल कर रहे हैं। आकाश आनंद ने कहा कि एक आदमी ऐसा है जो युवाओं को भड़काता है, उन्हें सड़कों पर उतारता है और खुद पीछे हट जाता है। इसका नतीजा यह होता है कि सीधे-साधे युवाओं पर पुलिस मुकदमे लग जाते हैं और उनका भविष्य बर्बाद हो जाता है, जबकि वह आदमी खुद को बड़ा नेता साबित करने में जुट जाता है। उन्होंने युवाओं को ऐसे लोगों से सावधान रहने की सलाह दी जो उन्हें फंसाने का काम करते हैं। इस बयान को सीधे तौर पर आजाद समाज पार्टी के चंद्रशेखर आजाद की राजनीति पर प्रहार माना जा रहा है, जो अक्सर धरना-प्रदर्शनों और आंदोलनों के जरिए युवाओं को लामबंद करते हैं। इस सियासी जंग के पीछे दो मुख्य कारण देखे जा रहे हैं। पहला कारण नगीना लोकसभा सीट से चंद्रशेखर आजाद की जीत के बाद बसपा खेमे में बढ़ी बेचैनी है, जिससे बसपा को अपना पारंपरिक दलित युवा वोटर छिटकने का डर सता रहा है। दूसरा कारण मायावती के बाद बहुजन समाज के नेतृत्व की होड़ है, जिसमें आकाश आनंद खुद को कानून के दायरे में काम करने वाले पढ़े-लिखे नेता के रूप में पेश कर रहे हैं, जबकि चंद्रशेखर को अस्थिर और आंदोलनकारी दिखाने की कोशिश कर रहे हैं। जहां बसपा चंद्रशेखर की आक्रामक शैली को युवाओं के लिए 'खतरनाक' बता रही है, वहीं आजाद समाज पार्टी के समर्थक इसे बसपा की 'हताशा' कह रहे हैं। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह बयान उन दलित परिवारों को प्रभावित कर सकता है जो बच्चों पर कोर्ट-कचहरी और मुकदमों से डरते हैं।1
- उत्तर प्रदेश के वाराणसी में डिप्टी कमिश्नर अंबिका को एंटी करप्शन की टीम ने गिरफ्तार किया है। उन्हें ₹50,000 की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ पकड़ा गया है। मैडम व्यापारी की फाइल में रिटर्न भरने और GST की फाइल का निस्तारण करने के एवज में यह घूस ले रही थीं।1