शेखपुरा जिले के बरबीघा में थाना गेट के ठीक सामने दिनदहाड़े चाकूबाजी की एक सनसनीखेज वारदात सामने आई है, जिससे पूरे इलाके में हड़कंप मच गया है। यहां एक मामूली विवाद के बाद एक दबंग युवक ने ई-रिक्शा चालक पर चाकू से ताबड़तोड़ हमला कर दिया। इस हमले में ई-रिक्शा चालक गंभीर रूप से घायल हो गया। वारदात के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई, जिसके बाद स्थानीय लोगों की मदद से घायल चालक को तुरंत इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाया गया। यह पूरी वारदात पास में ही लगे एक सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई है, जिसका वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। घटना की सूचना मिलते ही बरबीघा थाना पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस सीसीटीवी फुटेज के आधार पर आरोपी की पहचान कर उसकी गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी कर रही है। वहीं, दिनदहाड़े थाना गेट के सामने हुई इस वारदात ने शहर की सुरक्षा व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
शेखपुरा जिले के बरबीघा में थाना गेट के ठीक सामने दिनदहाड़े चाकूबाजी की एक सनसनीखेज वारदात सामने आई है, जिससे पूरे इलाके में हड़कंप मच गया है। यहां एक मामूली विवाद के बाद एक दबंग युवक ने ई-रिक्शा चालक पर चाकू से ताबड़तोड़ हमला कर दिया। इस हमले में ई-रिक्शा चालक गंभीर रूप से घायल हो गया। वारदात के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई, जिसके बाद स्थानीय लोगों की मदद से घायल चालक को तुरंत इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाया गया। यह पूरी वारदात पास में ही लगे एक सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई है, जिसका वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। घटना की सूचना मिलते ही बरबीघा थाना पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस सीसीटीवी फुटेज के आधार पर आरोपी की पहचान कर उसकी गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी कर रही है। वहीं, दिनदहाड़े थाना गेट के सामने हुई इस वारदात ने शहर की सुरक्षा व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
- बिहार में शराबबंदी लागू होने के बावजूद पटना के मरांची थाना पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए केले की खेप के नीचे छिपाकर तस्करी की जा रही किंगफिशर बीयर की भारी खेप बरामद की है। मरांची पुलिस ने इस बड़े एक्शन के दौरान मौके से बीयर के कई कार्टन जब्त किए हैं। केले की खेप की आड़ में बीयर की इस तस्करी को नाकाम करने के बाद पुलिस द्वारा मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।1
- लखीसराय के रामगढ़ चौक प्रखंड में खरीफ सीजन के दौरान किसानों को खाद की किल्लत से बचाने के लिए कृषि विभाग ने सख्त रुख अपनाते हुए खाद दुकानों पर औचक छापेमारी की है। प्रखंड कृषि पदाधिकारी (बीएओ) चंद्रप्रकाश मिश्रा ने कृषि समन्वयक श्रीकांत प्रसाद और प्रवेश कुमार के साथ मिलकर प्रखंड मुख्यालय की सभी खाद दुकानों का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान जांच टीम ने खाद विक्रेताओं के स्टॉक रजिस्टर, खाद की उपलब्धता और बिक्री दर की सघन जांच की। सुमन खाद भंडार के अनुसार वर्तमान में किसानों को डीएपी ₹1350, यूरिया ₹266, एनपीके ₹2100 और एसएसपी ₹675 प्रति बोरा की निर्धारित दर पर खाद मिल रही है। औचक निरीक्षण के दौरान सभी दुकानों पर किसानों के लिए पर्याप्त मात्रा में खाद का स्टॉक उपलब्ध पाया गया। बीएओ चंद्रप्रकाश मिश्रा ने सभी विक्रेताओं को कड़े निर्देश दिए हैं कि वे अपने जिले के बाहर के किसी भी किसान को खाद की बिक्री न करें। उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि कहीं से भी खाद की कालाबाजारी करने या निर्धारित से अधिक मूल्य पर बेचने की शिकायत मिली, तो संबंधित दुकान का लाइसेंस तुरंत रद्द कर दिया जाएगा। इससे एक दिन पहले बुधवार को जिला कृषि पदाधिकारी (डीएओ) कुंदन कुमार ने भी क्षेत्र का औचक निरीक्षण कर स्पष्ट किया था कि रामगढ़ चौक प्रखंड में खाद की कोई कमी नहीं है। कृषि विभाग की इस ताबड़तोड़ कार्रवाई से खाद विक्रेताओं के बीच हड़कंप मच गया है।1
- बिहार पंचायत चुनाव 2026 की तैयारी में जुटे उम्मीदवारों और आम लोगों के लिए संवाद डिजिटल टीवी न्यूज द्वारा जारी किया गया यह वीडियो बेहद महत्वपूर्ण है। इस वीडियो में बिहार पंचायत राज अधिनियम की धारा-37 के तहत पंचायत समिति के निर्वाचित सदस्यों की संख्या, प्रत्येक सदस्य द्वारा प्रतिनिधित्व की जाने वाली जनसंख्या, निर्वाचन क्षेत्र के गठन और चुनाव की पूरी प्रक्रिया को आसान भाषा में समझाया गया है। यदि आप पंचायत समिति सदस्य का चुनाव लड़ना चाहते हैं या फिर पंचायत चुनाव के नियमों को करीब से समझना चाहते हैं, तो इस वीडियो को अंत तक जरूर देखने की अपील की गई है। इसके साथ ही दर्शकों से वीडियो को लाइक व शेयर करने और संवाद डिजिटल टीवी न्यूज चैनल को सब्सक्राइब करने का अनुरोध भी किया गया है।1
- नालंदा के बिहार शरीफ से सामने आए एक संदेश में श्री उदय प्रताप जी ने सह-अस्तित्व को राष्ट्र की असली जीवन रेखा बताया है। उन्होंने उन लोगों पर निशाना साधा है जो इसे स्वीकार नहीं करते हैं। श्री उदय प्रताप जी का कहना है कि सह-अस्तित्व ही राष्ट्र की जीवन रेखा होती है, लेकिन कुछ बौने व्यक्तित्व के लोग इसे नहीं मानते हैं।1
- श्री उदय प्रताप जी के अनुसार, सह-अस्तित्व ही राष्ट्र की वास्तविक जीवन रेखा होती है। हालांकि, समाज में कुछ ऐसे बौने व्यक्तित्व वाले लोग भी हैं जो इस महत्वपूर्ण बात को स्वीकार नहीं करते हैं और इसे मानने से कतराते हैं।1
- पटना जिले के बाढ़ में पूर्व मुखिया संजय यादव हत्याकांड के मामले में अब तक गिरफ्तारी नहीं होने से लोगों का जनाक्रोश फूट पड़ा है। इसके विरोध में हजारों लोगों ने कैंडल मार्च निकालकर अपना गुस्सा जाहिर किया है।1
- शेखपुरा के अनुमंडल कार्यालय प्रकोष्ठ में 16 जुलाई 2026 को अनुमंडल पदाधिकारी सुश्री प्रियंका कुमारी की अध्यक्षता में भूमि विवाद, कानून व्यवस्था और आगामी श्रावणी मेला की तैयारियों को लेकर एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में सभी अंचलाधिकारी और थानाध्यक्ष मुख्य रूप से उपस्थित रहे। बैठक के दौरान अनुमंडल पदाधिकारी ने भूमि विवादों के त्वरित समाधान और कानून व्यवस्था को सुदृढ़ करने के संबंध में कई महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश जारी किए। उन्होंने जमीन बंटवारे और मापी के मामलों को प्राथमिकता के आधार पर समय पर पूरा करने का निर्देश दिया ताकि पारिवारिक या आपसी विवाद हिंसक रूप न ले सकें। इसके साथ ही, सरकारी और सार्वजनिक भूमियों पर किए गए अवैध अतिक्रमण के खिलाफ सख्त रुख अपनाते हुए तुरंत अतिक्रमण हटाने तथा संदिग्ध व अशांति फैलाने वाले तत्वों के विरुद्ध धारा 126 और 163 के तहत कठोर एवं त्वरित निरोधात्मक कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया। प्रशासनिक पारदर्शिता के लिए 'सहयोग शिविर' के लंबित आवेदनों की समीक्षा करते हुए एसडीओ ने संबंधित अधिकारियों को स्वयं स्थल पर जाकर गहन जांच करने और आवेदनों का गुणवत्तापूर्ण निष्पादन करने की हिदायत दी। पुलिस प्रशासन को क्षेत्र में कानून व्यवस्था दुरुस्त करने तथा लंबित वारंटों का समय पर शत-प्रतिशत निष्पादन सुनिश्चित करने के लिए निर्देशित किया गया ताकि अपराधियों में कानून का भय बना रहे। आगामी पावन श्रावणी मेला को देखते हुए उन्होंने सुरक्षा व्यवस्था, यातायात प्रबंधन और श्रद्धालुओं की सुविधाओं के मद्देनजर ठोस कार्रवाई शुरू करने के निर्देश दिए। अंत में उन्होंने चेतावनी दी कि जमीनी स्तर पर मामलों की जांच निष्पक्षता से की जाए और किसी भी स्तर पर शिथिलता बरतने वाले अधिकारियों के खिलाफ सख्त प्रशासनिक कदम उठाए जाएंगे।1
- पटना के हाथीदह थाना कांड संख्या 45/25 में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है, जहाँ गबन किए गए सभी 5 ट्रकों को बरामद कर लिया गया है। बाढ़-01 के अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी के निर्देशन में गठित तीन विशेष टीमों ने लगातार छापेमारी कर इस सफलता को हासिल किया है। बरामद किए गए ट्रकों में से 3 ट्रक खगड़िया, दुमका और धनबाद के विभिन्न स्थानों से मिले हैं। वहीं, शेष 2 ट्रकों को दुमका जिले के जामा थाना क्षेत्र से कोयला लदे हुए पकड़ा गया है, जिन्हें जामा थाना पुलिस ने जब्त कर रखा है। फिलहाल, इस पूरे मामले में पुलिस की आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है।1
- लखीसराय जिले के रामगढ़ चौक प्रखंड अंतर्गत लखीसराय-शेखपुरा पथ में डकरा नहर से डकरा और गरसंडा जाने वाली मुख्य सड़क पिछले एक साल से पूरी तरह जर्जर हो चुकी है। आठ किलोमीटर के इस सफर में सिर्फ बड़े-बड़े गड्ढे ही बचे हैं, जिसके कारण यह सड़क लोगों के लिए मौत का रास्ता बन गई है। डकरा नहर से डकरा गांव तक तीन किलोमीटर और मुख्य सड़क से गरसंडा गांव तक पांच किलोमीटर की सड़क पर पिछले साल बरसात में सिर्फ बोल्डर बिछाकर छोड़ दिया गया था, जिसके बाद से आज तक न तो इसकी मरम्मत कराई गई और न ही कालीकरण का काम हुआ है। गरसंडा में रेलवे स्टेशन होने की वजह से इस मार्ग से रोजाना सैकड़ों यात्रियों का आवागमन होता है और यह सड़क दर्जनों गांवों को जोड़ती है। बरसात के मौसम में लगातार वाहनों के चलने से सड़क पर जगह-जगह गहरे गड्ढे बन गए हैं, जिससे हर दिन हादसे का खतरा बना रहता है। गरसंडा के ग्रामीण व जेडीयू पंचायत अध्यक्ष मनोरंजन कुमार उर्फ टुनटुन सिंह, छोटे सिंह, मनोज सिंह, भोला पांडेय, शत्रुघ्न सिंह, शंभू सिंह, आजाद, रजनीश, संतोष सिंह और राहुल कुमार सहित दर्जनों लोगों ने बताया कि विभाग को लिखित और मौखिक शिकायतें देने के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं हुई। इस खस्ताहाल सड़क के कारण बीमार लोगों, गर्भवती महिलाओं और स्कूली बच्चों को सबसे अधिक परेशानी झेलनी पड़ रही है। इस मामले में आरडब्ल्यूडी के सहायक अभियंता चंदन कुमार ने बताया कि दोनों सड़कों पर मोरंग-मेटल का काम पूरा किया जा चुका है और लगातार गाड़ियों के चलने व बारिश की वजह से कुछ जगहों पर गड्ढे हो गए हैं। उन्होंने दावा किया है कि जल्द ही दोनों सड़कों पर कालीकरण का काम शुरू कराकर उसे पूरा किया जाएगा। वहीं, ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि बरसात खत्म होने से पहले सड़क का निर्माण कार्य हर हाल में पूरा कराया जाए ताकि लोगों को इस मुसीबत से राहत मिल सके।1