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एक आदर्श नेता को शाक्य जैसा होना चाहिए, जो अपनी ही पार्टी को आइना दिखाने यानी उसकी कमियों को उजागर करने में बिल्कुल भी संकोच नहीं करते हैं। इस बात पर जोर दिया गया है कि ऐसे नेता ही वास्तव में प्रशंसा के पात्र हैं।
Vineet Raghuwanshi
एक आदर्श नेता को शाक्य जैसा होना चाहिए, जो अपनी ही पार्टी को आइना दिखाने यानी उसकी कमियों को उजागर करने में बिल्कुल भी संकोच नहीं करते हैं। इस बात पर जोर दिया गया है कि ऐसे नेता ही वास्तव में प्रशंसा के पात्र हैं।
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- मध्यप्रदेश की सियासत में इन दिनों 'अभिनंदन लाल टपोरी लाल' जैसे बयानों के कारण गर्माहट और उबाल देखा जा रहा है। इन टिप्पणियों ने राजनीतिक गलियारों में हलचल पैदा कर दी है, जिससे प्रदेश का राजनीतिक माहौल गरमाया हुआ है।1
- विदिशा जिले के कुरवाई में पुल के पास बेतवा नदी के किनारे रात के अंधेरे में मिट्टी का अवैध खनन धड़ल्ले से जारी है। यह एक तत्काल का मामला है।2
- भोपाल में 1 जून को 'आजादी का दिवस' बड़े हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। इस महत्वपूर्ण अवसर पर भोपाल स्मारक शहीद गेट पर एक भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें महापौर मालती राय, स्थानीय पार्षद गण और भाजपा के पदाधिकारीगण प्रमुख रूप से उपस्थित रहे। इस कार्यक्रम में शंकर दयाल शर्मा जी के भाई और स्वतंत्रता संग्राम सेनानी उद्धव दास मेहता के परिवार के परिजन, जैन समाज के बंधु, पूर्व नगर निगम अध्यक्ष कैलाश मिश्रा, और महंत महाराज श्री श्री अनिलानंद जी सहित कई गणमान्य व्यक्ति शामिल हुए। इस मौके पर स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के चित्रों की एक विशेष प्रदर्शनी भी लगाई गई, जो देश के लिए उनके बलिदान को याद दिलाती है। उल्लेखनीय है कि जहां भारत को 15 अगस्त 1947 को स्वतंत्रता मिली थी, वहीं भोपाल को 1 जून 1948 को अपनी आजादी प्राप्त हुई थी। कार्यक्रम के दौरान समाजसेवियों का स्वागत और सम्मान भी किया गया। गुरु नानक मंडल के अध्यक्ष राकेश कुकरेजा जी ने इस पूरे भव्य कार्यक्रम का कुशलतापूर्वक संचालन किया।1
- मुजफ्फरनगर से एक बड़ी खबर सामने आई है, जहाँ एक शॉर्ट एनकाउंटर के दौरान एक कुख्यात लूटेरा गोली लगने से घायल हो गया। मुठभेड़ में घायल होने के बाद भी, अस्पताल ले जाए जाने से पहले, आरोपी पुलिस अधिकारियों से सिगरेट के एक विशेष ब्रांड का नाम लेते हुए सिगरेट पीने की गुजारिश करता हुआ नज़र आया।1
- मुख्यमंत्री निवास का घेराव करने जा रहे NSUI कार्यकर्ताओं पर पुलिस ने वाटरकैनन का इस्तेमाल करते हुए बर्बरतापूर्वक लाठीचार्ज किया। इस कार्रवाई के दौरान NSUI के प्रदेश उपाध्यक्ष रवि परमार गंभीर रूप से घायल हो गए। उन्हें इलाज के लिए सिद्धांत हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया है।1
- केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने एक कार्यक्रम के दौरान अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए उनकी 'पोल खोल दी'। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि कृषि उपकरणों का वितरण पूरी तरह से पारदर्शिता के साथ सुनिश्चित किया जाना चाहिए, जिससे इस प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की अनियमितता से बचा जा सके।1
- रायसेन शहर में नाला निर्माण के दौरान ठेकेदार द्वारा की जा रही मनमानी से यातायात जाम की स्थिति उत्पन्न हो गई है, जिससे आम जन बुरी तरह से परेशान हैं। स्वीकृत आरसीसी नाला निर्माण के बजाय, ठेकेदार पुलियों का उपयोग कर नाला बना रहा है। यह पहली बार नहीं है कि रायसेन में निर्माण कार्यों में ऐसी मनमानी सामने आई है; इससे पहले सड़क निर्माण में ब्लॉक लगाने का भी एक रिकॉर्ड शहर के नाम है।1
- ट्विशा केस में एक नया ट्विस्ट सामने आया है, जिसके चलते जांच में चौंकाने वाला मोड़ आ गया है। इस नए घटनाक्रम के साथ ही यह सवाल उठ खड़ा हुआ है कि क्या समर्थ और ट्विशा के बीच कोई तीसरा शख्स शामिल है।1
- मध्य प्रदेश के भोपाल में चर्चित ट्विशा शर्मा मौत मामले में केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) ने ट्विशा की सास गिरिबाला सिंह और पति समर्थ सिंह को 29 मई को 2 जून तक अपनी रिमांड में ले लिया है. यह कार्रवाई ट्विशा की मौत के 17 दिन बाद हुई. इससे पहले, 28 मई को हाईकोर्ट द्वारा गिरिबाला सिंह की अग्रिम जमानत रद्द किए जाने के बाद उन्हें गिरफ्तार किया गया था. 12 मई को ट्विशा की मौत से लेकर 29 मई को सीबीआई रिमांड मिलने तक, इस मामले में लगातार नए तथ्य सामने आ रहे हैं, जिससे यह चर्चा का विषय बना हुआ है. रिमांड अवधि समाप्त होने से पहले, सीबीआई एक बार फिर समर्थ और गिरिबाला को उनके घर ले गई है. यहां पूरी घटना का सीन रिक्रिएट किया जा रहा है कि ट्विशा को फंदे से कैसे उतारा गया था. इस रिक्रिएशन के लिए ट्विशा के 80 किलो के डमी पुतले का इस्तेमाल किया जा रहा है, ताकि घटनाक्रम को सटीक तरीके से समझा जा सके. समर्थ ने अपने बयान में कहा था कि उसने ही ट्विशा को फंदे से उतारा था, जबकि मां गिरिबाला ने जिमनास्टिक के फंदे की गांठ खोली थी. सीबीआई इस दावे की पड़ताल करने के लिए लिगेचर की मजबूती और वह कितना वजन झेल सकता है, इसकी भी जांच कर रही है. इसके अतिरिक्त, पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में ट्विशा की लंबाई परिवार द्वारा बताई गई लंबाई से भिन्न पाई गई थी. इस विसंगति को समझने के लिए सीबीआई ने अलग लंबाई का एक दूसरा पुतला भी बनवाया है, ताकि 12 मई की घटना को सही ढंग से समझा जा सके. घटना से पहले और बाद की सीसीटीवी रिकॉर्डिंग, घटना के बाद पति समर्थ सिंह का अचानक लापता होकर बाद में आत्मसमर्पण करना, और गिरिबाला सिंह के कई विवादित बयान इस चर्चित मामले में लगातार बहस और चर्चा का केंद्र बने हुए हैं. सीबीआई को जांच सौंपे जाने के बाद निष्पक्ष पड़ताल और पीड़ित परिवार को न्याय मिलने की उम्मीद और मजबूत हुई है, और जांच तथा कानूनी कार्रवाई तेजी से आगे बढ़ रही है.2