मुस्काबाद गांव में चिकन पॉक्स से चार बच्चे संक्रमित स्वास्थ्य विभाग सतर्क बाराबंकी सिरौलीगौसपुर के मुसकाबाद गांव में चिकन पॉक्स के चार मामले सामने आने स्वास्थ्य विभाग सतर्क स्वास्थ्य टीम ने गांव का दौरा किया और संक्रमित बच्चों का परीक्षण कर उन्हें दवाएं वितरित कीं। गांव के नजाकतुद्दीन के परिवार में चार बच्चे चिकन पॉक्स से संक्रमित पाए गए 11 वर्षीय शाहिद, 6 वर्षीय इकरा बानो, 5 वर्षीय सुमरा बानो और 12 वर्षीय मिकरा बानो शामिल हैं। सूचना मिलने पर मेडिकल ऑफिसर डॉ. देव प्रताप सिंह के नेतृत्व में बीपीएम संजीव कुमार और बीसीपीएम शैलेष रावत की एक टीम गांव पहुंची। इस टीम में संगिनी और आशा कार्यकत्री भी शामिल थीं। टीम ने सभी मरीजों का परीक्षण किया डॉ. देव प्रताप सिंह ने बताया कि चिकन पॉक्स एक संक्रामक बीमारी है। उन्होंने संक्रमित बच्चों को अलग रखने, साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखने और खुजली न करने की सलाह दी। टीम ने गांव में जन जागरूकता अभियान डॉ देव प्रताप सिंह ने जानकारी दी कि गर्मी के मौसम में चिकन पॉक्स के मामले बढ़ने की आशंका रहती है। लोगों से अपील की कि यदि किसी को बुखार के साथ शरीर पर लाल दाने दिखाई दें तो तुरंत आशा कार्यकत्री या नजदीकी सीएचसी से संपर्क करें। स्वास्थ्य विभाग ने गांव में दवा और ओआरएस के पैकेट भी वितरित किए
मुस्काबाद गांव में चिकन पॉक्स से चार बच्चे संक्रमित स्वास्थ्य विभाग सतर्क बाराबंकी सिरौलीगौसपुर के मुसकाबाद गांव में चिकन पॉक्स के चार मामले सामने आने स्वास्थ्य विभाग सतर्क स्वास्थ्य टीम ने गांव का दौरा किया और संक्रमित बच्चों का परीक्षण कर उन्हें दवाएं वितरित कीं। गांव के नजाकतुद्दीन के परिवार में चार बच्चे चिकन पॉक्स से संक्रमित पाए गए 11 वर्षीय शाहिद, 6 वर्षीय इकरा बानो, 5 वर्षीय सुमरा बानो और 12 वर्षीय मिकरा बानो शामिल हैं। सूचना मिलने पर मेडिकल ऑफिसर डॉ. देव प्रताप सिंह के नेतृत्व में बीपीएम संजीव कुमार और बीसीपीएम शैलेष रावत की एक टीम गांव पहुंची। इस टीम में संगिनी और आशा कार्यकत्री भी शामिल थीं। टीम ने सभी मरीजों का परीक्षण किया डॉ. देव प्रताप सिंह ने बताया कि चिकन पॉक्स एक संक्रामक बीमारी है। उन्होंने संक्रमित बच्चों को अलग रखने, साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखने और खुजली न करने की सलाह दी। टीम ने गांव में जन जागरूकता अभियान डॉ देव प्रताप सिंह ने जानकारी दी कि गर्मी के मौसम में चिकन पॉक्स के मामले बढ़ने की आशंका रहती है। लोगों से अपील की कि यदि किसी को बुखार के साथ शरीर पर लाल दाने दिखाई दें तो तुरंत आशा कार्यकत्री या नजदीकी सीएचसी से संपर्क करें। स्वास्थ्य विभाग ने गांव में दवा और ओआरएस के पैकेट भी वितरित किए
- बाराबंकी सिरौलीगौसपुर के मुसकाबाद गांव में चिकन पॉक्स के चार मामले सामने आने स्वास्थ्य विभाग सतर्क स्वास्थ्य टीम ने गांव का दौरा किया और संक्रमित बच्चों का परीक्षण कर उन्हें दवाएं वितरित कीं। गांव के नजाकतुद्दीन के परिवार में चार बच्चे चिकन पॉक्स से संक्रमित पाए गए 11 वर्षीय शाहिद, 6 वर्षीय इकरा बानो, 5 वर्षीय सुमरा बानो और 12 वर्षीय मिकरा बानो शामिल हैं। सूचना मिलने पर मेडिकल ऑफिसर डॉ. देव प्रताप सिंह के नेतृत्व में बीपीएम संजीव कुमार और बीसीपीएम शैलेष रावत की एक टीम गांव पहुंची। इस टीम में संगिनी और आशा कार्यकत्री भी शामिल थीं। टीम ने सभी मरीजों का परीक्षण किया डॉ. देव प्रताप सिंह ने बताया कि चिकन पॉक्स एक संक्रामक बीमारी है। उन्होंने संक्रमित बच्चों को अलग रखने, साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखने और खुजली न करने की सलाह दी। टीम ने गांव में जन जागरूकता अभियान डॉ देव प्रताप सिंह ने जानकारी दी कि गर्मी के मौसम में चिकन पॉक्स के मामले बढ़ने की आशंका रहती है। लोगों से अपील की कि यदि किसी को बुखार के साथ शरीर पर लाल दाने दिखाई दें तो तुरंत आशा कार्यकत्री या नजदीकी सीएचसी से संपर्क करें। स्वास्थ्य विभाग ने गांव में दवा और ओआरएस के पैकेट भी वितरित किए1
- 🚨 ब्रेकिंग | टिकैतनगर में 90 घन मीटर की आड़ में मिट्टी खनन का बड़ा खेल? 🚨 थाना टिकैतनगर क्षेत्र की बरिनाबाग चौकी अंतर्गत फतेहपुर मोदीपुर में छोटी जेसीबी से लगातार मिट्टी की खुदाई किए जाने का मामला सामने आया है। आरोप है कि 90 घन मीटर परमिशन की आड़ में बड़े पैमाने पर खनन किया जा रहा है। सूत्रों के मुताबिक क्षेत्र में एक ट्रॉली मिट्टी ₹1200 से ₹1500 तक बेची जा रही है। ग्रामीणों का कहना है कि तय सीमा से अधिक खुदाई हो रही है, जिससे राजस्व और पर्यावरण दोनों को नुकसान पहुंच रहा है। थाना प्रभारी का कहना है कि मामला उनकी जानकारी में नहीं है, अगर ऐसा पाया गया तो कार्रवाई की जाएगी। सवाल यह भी उठ रहा है कि जिन लोगों पर पहले से मुकदमे दर्ज हैं, उन्हें दोबारा अनुमति कैसे मिल जाती है? क्या कहीं न कहीं मिलीभगत का खेल चल रहा है? 👉 प्रशासन कब लेगा संज्ञान? 👉 क्या होगी निष्पक्ष जांच? #टिकैतनगर #बरिनाबाग #फतेहपुरमोदीपुर #अवैधखनन #बाराबंकी #खननमाफिया #ब्रेकिंगन्यूज4
- दीपक सिंह भदौरिया जी ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात1
- Post by रामानंद सागर2
- डीएम ने दिया था चार दिन में बैकलाग खत्म करने का आदेश अब डण्ठे बस्ते में, बुकिंग के 15-20 दिन बाद भी आम जनता तरस रही गैस के लिए धारा लक्ष्य समाचार अब्दुल मुईद, बाराबंकी। जिले का ग्रामीण इलाक तो छोड़ दीजिए सबसे ज्यादा गैस की दिक्कत शहरवासियों को हो रही है, वहीं ब्लैक मार्केटिंग जमकर हो रही, घरेलू गैस सिलेण्डर दो हजार रूपये में बिक रहा है, लेकिन उपभोक्ताओं को गैस आसानी से नहीं मिल पा रही है, लोगों पहले काफी मशक्कत के बाद बुकिंग होती है, उसके बाद कई चक्कर एजेंसी के लगाने के बाद पर्ची काटी जाती है, होम डिलेवरी सिस्टम अब तो बिल्कुल खत्म ही नजर आ रहा है। उपभोक्ताओं की दिक्कत पर पूर्ति विभाग कोई कार्यवाही नहीं कर रहा है, कई बार फोन मिलाने पर सिर्फ आश्वासन ही दिया जाता है। शहर की ज्यादातर एजेंसियों पर दलालों का जमवाड़ा लगा रहता है, उपभोक्ता सुबह से लेकर शाम तक खड़े रहकर अपने नम्बर का इंतिजार किया करते हैं शाम को बताया जाता है कि आज लोड कम आया था, इसलिए अब कल आओ, इसी तरह करके हफ्तों दौड़ाया जाता है वहीं अगर कोई रसूखदार व्यक्ति आ जाता है तो यही एजेंसी संचालक उसको हाथों हाथ सिलेण्डर उपलब्ध करवा देते हैं। बड़े-बड़े होटल के कारखानों में घरेलू गैस जमकर प्रयोग हो रही है, वहां पर दर्जनों सिलेण्डर रात के अंधेरे में पहुंचाये जाते हैं औन मनमर्जी के दाम वसूले जाते हैं। नाम न छापने की शर्त पर एक दुकानदार ने बताया कि जो सिलेण्डर एक हजार का मिलता था अब हमें अठ्ठारह सौ रूपये चुकाने पड़ते हैं, इसलिए दस रूपये वाला समोसा अब 12 रूपये में बेचना पड़ता है। वहीं रेलवे स्टेशन के पास बिकने वाली दस रूपये की चाय अब 12 रूपये में खुलेआम बिक रही है। सूत्रों से पता चला है कि गैस एजेंसी के कर्मचारी जमकर कालाबाजारी कर रहे हैं और डिलेवरी के नाम पर सिलेण्डर महंगे दामों पर बेचकर जेबें भर रहे हैं। कई उपभोक्ताओं ने बताया कि मेरे नम्बर पर ओटीपी नहीं आई लेकिन गैस डिलेवरी दिखा रहा है, केवाईसी के नाम पर जमकर वसूली 100-150 रूपये कई एजेंसियों पर हो रही है, तो कहीं अनपढ़ व्यक्ति जो करीब एक वर्ष से गैस सिलेण्डर बुक नहीं कराये थे जब वह एजेंसी लेने जाते हैं तो पहले कहा जाता है कि केवाईसी कराओ उसके बाद जब बुकिंग के लिए कहा जाता है तो मालूम चलता है कि इनके नाम की गैस करीब दस दिन पहले ही डिलेवरी हो चुकी है। चिलचिलाती धूप में लगी कतारे, जिला प्रशासन मौन घरेलू गैस की भारी किल्लत के चलते आम उपभोक्ताओं के साथ साथ वैवाहिक आयोजनों की मुश्किले बढ़ गई है, आपूर्ति कम होने के कारण गैस एजेसियों पर उपभोक्ताओं की लंबी लाइने दिख रही है, पिछले दो महीनों से सिलेण्डर के लिए मची अफरा तफरी कम होने का नाम नहीं ले रही है। जिले में 63 गैस एजेंसियों के माध्यम से लगभग 6.75 लाख उपभोक्ताओं को आपूर्ति की जाती है, वर्तमान में स्थिति यह है कि सुबह आठ बजे से ही उपभोक्ताओं की भीड़ जुट जाती है लेकिन घण्टों इंतिजार के बाद भी कई लोगों को खाली हाथ लौटना पड़ता है, स्थानीय निवासियों के अनुसार बुकिंग के बावजूद समय पर सिलेण्डर नहीं मिल रहे हैं। क्या बोले पूर्ति अधिकारी? जिला पूर्ति अधिकारी डा० राकेश तिवारी ने बताया कि जनपद में प्रतिदिन लगभग 14,000 सिलेण्डरों की बुकिंग हो रही है, जबकि कम्पनियों से केवल 11 से 12 हजार सिलेंण्डर ही प्राप्त हो पा रहे इस 2-3 हजार की कमी के कारण बैकलाग बढ़ता जा रहा है, हालांकि प्रशासन ने दावा किया है कि तेल कम्पनियों से समन्वय स्थापित कर जल्द ही आपूर्ति सामान्य कर ली जायेगी। अब देखना है कि पूर्ति अधिकारी का दावा सही होगा या हवा हवाई साबित होगा।2
- Post by राम जी दीक्षित पत्रकार1
- Post by Mohd Sultan Warsi1
- महिला आरक्षण कानून के विरोध पर फूटा गुस्सा, ब्लॉक पूरेडलई में पुतला दहन कांग्रेस तथा सपा द्वारा माननीय प्रधानमंत्री जी के लाए गए महिला आरक्षण कानून का संसद में विरोध किए जाने से आक्रोशित महिलाओं और क्षेत्रवासियों ने ब्लॉक मुख्यालय पूरेडलई के सामने जोरदार प्रदर्शन किया। इस दौरान कांग्रेस और सपा का पुतला फूंका गया तथा नारेबाजी कर विरोध दर्ज कराया गया। कार्यक्रम का आयोजन पूर्व मंडल अध्यक्ष वीरेंद्र पांडे एवं वर्तमान मंडल अध्यक्ष अभिषेक मौर्य के नेतृत्व में, ब्लॉक पूरेडलई के ब्लॉक प्रमुख के दिशा-निर्देशन में किया गया। प्रदर्शन में सैकड़ों की संख्या में महिलाओं सहित क्षेत्र के गणमान्य लोग उपस्थित रहे। इस अवसर पर आयोजित सभा को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि भारतीय संस्कृति में नारी को देवी का स्थान प्राप्त है। आज महिलाएं शिक्षा, प्रशासन, सेना, विज्ञान, खेल और राजनीति सहित हर क्षेत्र में अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा रही हैं। महिला आरक्षण कानून महिलाओं को निर्णय प्रक्रिया में बराबरी का अधिकार देने की दिशा में ऐतिहासिक कदम है। वक्ताओं ने कहा कि जब महिलाएं सशक्त होंगी तभी समाज और देश सशक्त होगा। उन्होंने उपस्थित जनसमूह से संकल्प लेने का आह्वान किया कि हर बेटी को शिक्षा, हर बहन को सम्मान और हर महिला को आगे बढ़ने का समान अवसर दिया जाए। कार्यक्रम के अंत में महिलाओं ने महिला सम्मान और अधिकारों के मुद्दे पर एकजुट रहने का संकल्प लिया।4