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हरदोई के थाना अरवल क्षेत्र में शुक्रवार को दो अलग-अलग आत्महत्या की घटनाओं से क्षेत्र में सनसनी फैल गई। पुलिस के अनुसार कुसुमखोर पुल के निकट हैदराबाद गांव निवासी 18 वर्षीय हरदोई के थाना अरवल क्षेत्र में शुक्रवार को दो अलग-अलग आत्महत्या की घटनाओं से क्षेत्र में सनसनी फैल गई। पुलिस के अनुसार कुसुमखोर पुल के निकट हैदराबाद गांव निवासी 18 वर्षीय जनवेश पुत्र केशवराम ने जामुन के पेड़ पर रस्सी से फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। वहीं घटनास्थल से करीब 500 मीटर दूर उसी गांव की 30 वर्षीय सरोजनी पत्नी खुशीराम ने बगीचे में गुलर के पेड़ पर अपनी साड़ी के सहारे फांसी लगाकर जान दे दी। सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण किया। फील्ड यूनिट ने मौके से आवश्यक साक्ष्य संकलित किए। पुलिस ने दोनों शवों को कब्जे में लेकर पंचायतनामा की कार्रवाई पूरी कर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पुलिस का कहना है कि दोनों घटनाओं के सभी पहलुओं की गहनता से जांच की जा रही है। आवश्यक वैधानिक कार्रवाई जारी है। मामले में क्षेत्राधिकारी हरपालपुर प्रवीण कुमार यादव का बयान भी जारी किया गया है। रिपोर्टर : कृष्ण मोहन बाजपेई

2 hrs ago
user_Babu Bajpai
Babu Bajpai
Newspaper publisher शाहबाद, हरदोई, उत्तर प्रदेश•
2 hrs ago

हरदोई के थाना अरवल क्षेत्र में शुक्रवार को दो अलग-अलग आत्महत्या की घटनाओं से क्षेत्र में सनसनी फैल गई। पुलिस के अनुसार कुसुमखोर पुल के निकट हैदराबाद गांव निवासी 18 वर्षीय हरदोई के थाना अरवल क्षेत्र में शुक्रवार को दो अलग-अलग आत्महत्या की घटनाओं से क्षेत्र में सनसनी फैल गई। पुलिस के अनुसार कुसुमखोर पुल के निकट हैदराबाद गांव निवासी 18 वर्षीय जनवेश पुत्र केशवराम ने जामुन के पेड़ पर रस्सी से फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। वहीं घटनास्थल से करीब 500 मीटर दूर उसी गांव की 30 वर्षीय सरोजनी पत्नी खुशीराम ने बगीचे में गुलर के पेड़ पर अपनी साड़ी के सहारे फांसी लगाकर जान दे दी। सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण किया। फील्ड यूनिट ने मौके से आवश्यक साक्ष्य संकलित किए। पुलिस ने दोनों शवों को कब्जे में लेकर पंचायतनामा की कार्रवाई पूरी कर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पुलिस का कहना है कि दोनों घटनाओं के सभी पहलुओं की गहनता से जांच की जा रही है। आवश्यक वैधानिक कार्रवाई जारी है। मामले में क्षेत्राधिकारी हरपालपुर प्रवीण कुमार यादव का बयान भी जारी किया गया है। रिपोर्टर : कृष्ण मोहन बाजपेई

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  • पुलिस अधीक्षक जनपद हरदोई द्वारा रिजर्व पुलिस लाइन हरदोई के परेड ग्राउन्ड में शुक्रवार परेड का निरीक्षण किया गया।डायल–112, कवार्टर गार्ड, अर्दली रूम, आदि का निरीक्षण कर संबंधित को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। इस दौरान अपर पुलिस अधीक्षक सर्किल शाहाबाद व क्षेत्राधिकारी हरपालपुर मौजूद रहें।* पुलिस अधीक्षक जनपद हरदोई द्वारा रिजर्व पुलिस लाइन हरदोई के परेड ग्राउन्ड में शुक्रवार परेड का निरीक्षण किया गया।डायल–112, कवार्टर गार्ड, अर्दली रूम, आदि का निरीक्षण कर संबंधित को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। इस दौरान अपर पुलिस अधीक्षक सर्किल शाहाबाद व क्षेत्राधिकारी हरपालपुर मौजूद रहें।*
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    पुलिस अधीक्षक जनपद हरदोई द्वारा रिजर्व पुलिस लाइन हरदोई के परेड ग्राउन्ड में शुक्रवार परेड का निरीक्षण किया गया।डायल–112, कवार्टर गार्ड, अर्दली रूम, आदि का निरीक्षण कर संबंधित को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। इस दौरान अपर पुलिस अधीक्षक सर्किल शाहाबाद व क्षेत्राधिकारी हरपालपुर मौजूद रहें।*
पुलिस अधीक्षक जनपद हरदोई द्वारा रिजर्व पुलिस लाइन हरदोई के परेड ग्राउन्ड में शुक्रवार परेड का निरीक्षण किया गया।डायल–112, कवार्टर गार्ड, अर्दली रूम, आदि का निरीक्षण कर संबंधित को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। इस दौरान अपर पुलिस अधीक्षक सर्किल शाहाबाद व क्षेत्राधिकारी हरपालपुर मौजूद रहें।*
    user_रवि प्रकाश शुक्ला
    रवि प्रकाश शुक्ला
    Shahabad, Hardoi•
    7 hrs ago
  • Post by ब्यूरो चीफ एवीपी न्यूज चैनल
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    Post by ब्यूरो चीफ एवीपी न्यूज चैनल
    user_ब्यूरो चीफ एवीपी न्यूज चैनल
    ब्यूरो चीफ एवीपी न्यूज चैनल
    Photographer शाहजहाँपुर, शाहजहाँपुर, उत्तर प्रदेश•
    1 hr ago
  • "तहसील में 'सुविधा शुल्क' का खेल? लेखपाल के कथित निजी कर्मी का रिश्वत लेते वीडियो वायरल, 👉सरकारी अभिलेखों पर भी उठे सवाल" शाहजहांपुर। महानगर की कांशीराम कॉलोनी में प्रमाण पत्र की रिपोर्ट लगवाने के नाम पर एक लेखपाल के कथित निजी कर्मी द्वारा एक महिला से सुविधा शुल्क लेते हुए वीडियो सामने आने के बाद तहसील व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। बताया जा रहा है कि पूरी घटना कैमरे में रिकॉर्ड हुई है, जिसके बाद मामला चर्चा का विषय बना हुआ है। मामले में संबंधित लेखपाल अखिलेश वर्मा ने उक्त व्यक्ति से किसी भी प्रकार का संबंध होने से इनकार किया है। हालांकि, इस दावे के बाद एक बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि यदि संबंधित व्यक्ति का लेखपाल से कोई संबंध नहीं था, तो उसके पास तहसील सदर से जुड़े सरकारी अभिलेख कैसे पहुंचे। यदि जांच में यह तथ्य सही पाया जाता है कि सरकारी दस्तावेज किसी अनधिकृत व्यक्ति के पास थे, तो यह न केवल सरकारी अभिलेखों के अनधिकृत उपयोग बल्कि उनके संभावित दुरुपयोग का भी गंभीर मामला माना जा सकता है। घटना के बाद तहसील प्रशासन की कार्यप्रणाली को लेकर विभिन्न तरह की चर्चाएं हो रही हैं। अब लोगों की निगाहें जिला प्रशासन पर टिकी हैं। जनमानस की मांग है कि जिलाधिकारी धर्मेन्द्र प्रताप सिंह इस पूरे प्रकरण की निष्पक्ष एवं विस्तृत जांच कराएं तथा जांच में जो भी तथ्य सामने आएं, उनके आधार पर दोषियों के विरुद्ध नियमानुसार कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाए, ताकि भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं पर प्रभावी रोक लगाई जा सके।
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    "तहसील में 'सुविधा शुल्क' का खेल? लेखपाल के कथित निजी कर्मी का रिश्वत लेते वीडियो वायरल, 

👉सरकारी अभिलेखों पर भी उठे सवाल"

शाहजहांपुर। महानगर की कांशीराम कॉलोनी में प्रमाण पत्र की रिपोर्ट लगवाने के नाम पर एक लेखपाल के कथित निजी कर्मी द्वारा एक महिला से सुविधा शुल्क लेते हुए वीडियो सामने आने के बाद तहसील व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। बताया जा रहा है कि पूरी घटना कैमरे में रिकॉर्ड हुई है, जिसके बाद मामला चर्चा का विषय बना हुआ है।
मामले में संबंधित लेखपाल अखिलेश वर्मा ने उक्त व्यक्ति से किसी भी प्रकार का संबंध होने से इनकार किया है। हालांकि, इस दावे के बाद एक बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि यदि संबंधित व्यक्ति का लेखपाल से कोई संबंध नहीं था, तो उसके पास तहसील सदर से जुड़े सरकारी अभिलेख कैसे पहुंचे।
यदि जांच में यह तथ्य सही पाया जाता है कि सरकारी दस्तावेज किसी अनधिकृत व्यक्ति के पास थे, तो यह न केवल सरकारी अभिलेखों के अनधिकृत उपयोग बल्कि उनके संभावित दुरुपयोग का भी गंभीर मामला माना जा सकता है।
घटना के बाद तहसील प्रशासन की कार्यप्रणाली को लेकर विभिन्न तरह की चर्चाएं हो रही हैं। अब लोगों की निगाहें जिला प्रशासन पर टिकी हैं। जनमानस की मांग है कि जिलाधिकारी धर्मेन्द्र प्रताप सिंह इस पूरे प्रकरण की निष्पक्ष एवं विस्तृत जांच कराएं तथा जांच में जो भी तथ्य सामने आएं, उनके आधार पर दोषियों के विरुद्ध नियमानुसार कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाए, ताकि भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं पर प्रभावी रोक लगाई जा सके।
    user_विवेक मिश्र
    विवेक मिश्र
    Voice of people शाहजहाँपुर, शाहजहाँपुर, उत्तर प्रदेश•
    3 hrs ago
  • जनपद हरदोई अवगत कराना है कि आज दिनांक 31/07/2026 को थानें पर सूचना प्राप्त हुई कि थाना अरवल क्षेत्रांतर्गत कुसुमखोर पुल के निकट जनवेश पुत्र केशवराम उम्र 18 वर्ष निवासी हैदराबाद थाना अरवल जनपद हरदोई नें जामुन के पेड़ पर रस्सी से फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली तथा करीब 500 मीटर की दूरी पर उसी गांव की निवासी सरोजनी पत्नी जनपद हरदोई अवगत कराना है कि आज दिनांक 31/07/2026 को थानें पर सूचना प्राप्त हुई कि थाना अरवल क्षेत्रांतर्गत कुसुमखोर पुल के निकट जनवेश पुत्र केशवराम उम्र 18 वर्ष निवासी हैदराबाद थाना अरवल जनपद हरदोई नें जामुन के पेड़ पर रस्सी से फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली तथा करीब 500 मीटर की दूरी पर उसी गांव की निवासी सरोजनी पत्नी खुशीराम उम्र करीब 30 वर्ष नें बगीचे में अपनी साड़ी से गुलर के पेड़ पर फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली है । सूचना पर स्थानीय पुलिस द्वारा तत्काल मौके पर पहुंचकर घटनास्थल का निरीक्षण किया गया । फील्ड यूनिट द्वारा साक्ष्य संकलन की कार्यवाही की गई है । स्थानीय पुलिस द्वारा दोनों शवों को कब्जे में लेकर नियमानुसार पंचायतनामा की कार्यवाही पूर्ण कर पोस्टमार्टम हेतु मोर्चरी भेजा गया है । पुलिस टीम द्वारा घटना के समस्त बिन्दुओं पर गहनता से जांच की जा रही है । अन्य आवश्यक वैधानिक कार्यवाही प्रचलित है । उक्त घटना के संबंध में क्षेत्राधिकारी हरपालपुर श्री प्रवीण कुमार यादव की बाइट
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    जनपद हरदोई अवगत कराना है कि आज दिनांक 31/07/2026 को थानें पर सूचना प्राप्त हुई कि थाना अरवल क्षेत्रांतर्गत कुसुमखोर पुल के निकट जनवेश पुत्र केशवराम उम्र 18 वर्ष निवासी हैदराबाद थाना अरवल जनपद हरदोई नें जामुन के पेड़ पर रस्सी से फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली तथा करीब 500 मीटर की दूरी पर उसी गांव की निवासी सरोजनी पत्नी
जनपद हरदोई अवगत कराना है कि आज दिनांक 31/07/2026 को थानें पर सूचना प्राप्त हुई कि थाना अरवल क्षेत्रांतर्गत कुसुमखोर पुल के निकट जनवेश पुत्र केशवराम उम्र 18 वर्ष निवासी हैदराबाद थाना अरवल जनपद हरदोई नें जामुन के पेड़ पर रस्सी से फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली तथा करीब 500 मीटर की दूरी पर उसी गांव की निवासी सरोजनी पत्नी खुशीराम उम्र करीब 30 वर्ष नें बगीचे में अपनी साड़ी से गुलर के पेड़ पर फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली है । सूचना पर स्थानीय पुलिस द्वारा तत्काल मौके पर पहुंचकर घटनास्थल का निरीक्षण किया गया । फील्ड यूनिट द्वारा साक्ष्य संकलन की कार्यवाही की गई है । स्थानीय पुलिस द्वारा दोनों शवों को कब्जे में लेकर नियमानुसार पंचायतनामा की कार्यवाही पूर्ण कर पोस्टमार्टम हेतु मोर्चरी भेजा गया है । पुलिस टीम द्वारा घटना के समस्त बिन्दुओं पर गहनता से जांच की जा रही है । अन्य आवश्यक वैधानिक कार्यवाही प्रचलित है । उक्त घटना के संबंध में क्षेत्राधिकारी हरपालपुर श्री प्रवीण कुमार यादव की बाइट
    user_राजीव यादव पत्रकार  सह संपादक
    राजीव यादव पत्रकार सह संपादक
    Press advisory सवायाजपुर, हरदोई, उत्तर प्रदेश•
    4 hrs ago
  • neem ki visheshtaen like kare share Kare comment kare follow kare #viral #trending #neem ki #visheshtaen
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    neem ki visheshtaen like kare share Kare comment kare follow kare
#viral #trending #neem ki #visheshtaen
    user_Asha Rani
    Asha Rani
    City Star Shahjahanpur, Uttar Pradesh•
    6 hrs ago
  • ये पैसे रख लो बेटा... और एक दिन लौटाना, जब तुम किसी की मदद कर सको दफ्तर नहीं, जैसे उम्मीदों का घर है डीएम कार्यालय शाहजहांपुर – कभी-कभी सरकारी दफ्तरों की भीड़ में, सरकारी कुर्सियों के पीछे बैठे लोग एक ऐसा काम कर जाते हैं जो सरकारी नहीं, बल्कि दिल से होता है और दिल से किए गए कामों की दस्तावेज़ों में जगह नहीं होती, वे लोगों की यादों में दर्ज हो जाते हैं। कुछ ऐसा ही हुआ शाहजहांपुर में, जब जिले के मुखिया, जिलाधिकारी धर्मेंद्र प्रताप सिंह का एक बार फिर मानवीय चेहरा सामने आया।हुआ यूं कि एक साधारण से परिवार का लड़का, जो किसी प्रतियोगिता की तैयारी कर रहा था, उसके पास इतने पैसे नहीं थे कि वह अपनी पढ़ाई के लिए ज़रूरी किताबें खरीद सके।उसने शायद कई दरवाज़े खटखटाए होंगे लेकिन आखिर में उम्मीद की एक रौशनी लेकर वह जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचा। न कोई सिफारिश, न कोई परिचय बस एक सादा सा अनुरोध कि “सर, पढ़ाई के लिए किताबें चाहिए, लेकिन घर की हालत ऐसी नहीं है कि खरीद सकूं।” जिन अफसरों को लोग अक्सर सख्त मानते हैं, उसी अफसर का दिल उस दिन किसी पिता की तरह पिघल गया। धर्मेंद्र प्रताप सिंह ने बिना एक पल गंवाए, अपनी जेब से रुपए निकाले और मुस्कराकर कहा जाओ बेटे, किताबें खरीद लो। पढ़ाई कभी रुकनी नहीं चाहिए।" अगले दिन वही लड़का वापस आया। हाथ में किताबें थीं और साथ में वे बचे हुए रुपए भी, जो किताबें खरीदने के बाद शेष रह गए थे।ईमानदारी देखिए वो लड़का बोला सर ये पैसे बचे हैं,आप ले लीजिए।यह सुनकर जिलाधिकारी साहब मुस्कराए… एक गहरी, सच्ची मुस्कान जो शायद उस लड़के की ईमानदारी और संघर्ष को देखकर अपने आप चली आई थी।उन्होंने कहा –ये पैसे रख लो बेटा मौज करो, एक पेन और डायरी खरीद लेना तुम्हारे काम आएंगे। इस दौर में जहां अधिकतर लोग सिर्फ अपनी सुविधा, अपनी कुर्सी और अपने अधिकारों तक सीमित हो जाते हैं, वहीं कुछ अधिकारी ऐसे भी होते हैं जो सिर्फ अफसर नहीं, राह दिखाने वाले दीपक बन जाते हैं,धर्मेंद्र प्रताप सिंह उन्हीं चंद चिरागों में से एक हैं।उन्होंने न केवल एक छात्र की मदद की, बल्कि उस बच्चे के आत्मविश्वास को भी रोशनी दी। उसे यह यकीन दिलाया कि इस दुनिया में मदद के लिए हाथ भी बढ़ते हैं, मुस्कराहटें भी मिलती हैं और पढ़ाई की राह में कोई अकेला नहीं होता। शाहजहांपुर ने एक बार फिर देखा एक जिलाधिकारी, जो सिर्फ आदेश नहीं देता, बल्कि जरूरतमंद की आँखों में उम्मीद पढ़ता है।एक अफ़सर, जो किताबें नहीं… सपनों की कुंजी देता है।ये पैसे रख लो बेटा... और एक दिन लौटाना, जब तुम किसी की मदद कर सको दफ्तर नहीं, जैसे उम्मीदों का घर है डीएम कार्यालय शाहजहांपुर – कभी-कभी सरकारी दफ्तरों की भीड़ में, सरकारी कुर्सियों के पीछे बैठे लोग एक ऐसा काम कर जाते हैं जो सरकारी नहीं, बल्कि दिल से होता है और दिल से किए गए कामों की दस्तावेज़ों में जगह नहीं होती, वे लोगों की यादों में दर्ज हो जाते हैं। कुछ ऐसा ही हुआ शाहजहांपुर में, जब जिले के मुखिया, जिलाधिकारी धर्मेंद्र प्रताप सिंह का एक बार फिर मानवीय चेहरा सामने आया।हुआ यूं कि एक साधारण से परिवार का लड़का, जो किसी प्रतियोगिता की तैयारी कर रहा था, उसके पास इतने पैसे नहीं थे कि वह अपनी पढ़ाई के लिए ज़रूरी किताबें खरीद सके।उसने शायद कई दरवाज़े खटखटाए होंगे लेकिन आखिर में उम्मीद की एक रौशनी लेकर वह जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचा। न कोई सिफारिश, न कोई परिचय बस एक सादा सा अनुरोध कि “सर, पढ़ाई के लिए किताबें चाहिए, लेकिन घर की हालत ऐसी नहीं है कि खरीद सकूं।” जिन अफसरों को लोग अक्सर सख्त मानते हैं, उसी अफसर का दिल उस दिन किसी पिता की तरह पिघल गया। धर्मेंद्र प्रताप सिंह ने बिना एक पल गंवाए, अपनी जेब से रुपए निकाले और मुस्कराकर कहा जाओ बेटे, किताबें खरीद लो। पढ़ाई कभी रुकनी नहीं चाहिए।" अगले दिन वही लड़का वापस आया। हाथ में किताबें थीं और साथ में वे बचे हुए रुपए भी, जो किताबें खरीदने के बाद शेष रह गए थे।ईमानदारी देखिए वो लड़का बोला सर ये पैसे बचे हैं,आप ले लीजिए।यह सुनकर जिलाधिकारी साहब मुस्कराए… एक गहरी, सच्ची मुस्कान जो शायद उस लड़के की ईमानदारी और संघर्ष को देखकर अपने आप चली आई थी।उन्होंने कहा –ये पैसे रख लो बेटा मौज करो, एक पेन और डायरी खरीद लेना तुम्हारे काम आएंगे। इस दौर में जहां अधिकतर लोग सिर्फ अपनी सुविधा, अपनी कुर्सी और अपने अधिकारों तक सीमित हो जाते हैं, वहीं कुछ अधिकारी ऐसे भी होते हैं जो सिर्फ अफसर नहीं, राह दिखाने वाले दीपक बन जाते हैं,धर्मेंद्र प्रताप सिंह उन्हीं चंद चिरागों में से एक हैं।उन्होंने न केवल एक छात्र की मदद की, बल्कि उस बच्चे के आत्मविश्वास को भी रोशनी दी। उसे यह यकीन दिलाया कि इस दुनिया में मदद के लिए हाथ भी बढ़ते हैं, मुस्कराहटें भी मिलती हैं और पढ़ाई की राह में कोई अकेला नहीं होता। शाहजहांपुर ने एक बार फिर देखा एक जिलाधिकारी, जो सिर्फ आदेश नहीं देता, बल्कि जरूरतमंद की आँखों में उम्मीद पढ़ता है।एक अफ़सर, जो किताबें नहीं… सपनों की कुंजी देता है।
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    ये पैसे रख लो बेटा... और एक दिन लौटाना, जब तुम किसी की मदद कर सको

दफ्तर नहीं, जैसे उम्मीदों का घर है डीएम कार्यालय

शाहजहांपुर – कभी-कभी सरकारी दफ्तरों की भीड़ में, सरकारी कुर्सियों के पीछे बैठे लोग एक ऐसा काम कर जाते हैं जो सरकारी नहीं, बल्कि दिल से होता है और दिल से किए गए कामों की दस्तावेज़ों में जगह नहीं होती, वे लोगों की यादों में दर्ज हो जाते हैं।

कुछ ऐसा ही हुआ शाहजहांपुर में, जब जिले के मुखिया, जिलाधिकारी धर्मेंद्र प्रताप सिंह का एक बार फिर मानवीय चेहरा सामने आया।हुआ यूं कि एक साधारण से परिवार का लड़का, जो किसी प्रतियोगिता की तैयारी कर रहा था, उसके पास इतने पैसे नहीं थे कि वह अपनी पढ़ाई के लिए ज़रूरी किताबें खरीद सके।उसने शायद कई दरवाज़े खटखटाए होंगे लेकिन आखिर में उम्मीद की एक रौशनी लेकर वह जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचा। न कोई सिफारिश, न कोई परिचय बस एक सादा सा अनुरोध कि “सर, पढ़ाई के लिए किताबें चाहिए, लेकिन घर की हालत ऐसी नहीं है कि खरीद सकूं।”

जिन अफसरों को लोग अक्सर सख्त मानते हैं, उसी अफसर का दिल उस दिन किसी पिता की तरह पिघल गया। धर्मेंद्र प्रताप सिंह ने बिना एक पल गंवाए, अपनी जेब से रुपए निकाले और मुस्कराकर कहा जाओ बेटे, किताबें खरीद लो। पढ़ाई कभी रुकनी नहीं चाहिए।"

अगले दिन वही लड़का वापस आया। हाथ में किताबें थीं और साथ में वे बचे हुए रुपए भी, जो किताबें खरीदने के बाद शेष रह गए थे।ईमानदारी देखिए वो लड़का बोला सर ये पैसे बचे हैं,आप ले लीजिए।यह सुनकर जिलाधिकारी साहब मुस्कराए… एक गहरी, सच्ची मुस्कान जो शायद उस लड़के की ईमानदारी और संघर्ष को देखकर अपने आप चली आई थी।उन्होंने कहा –ये पैसे रख लो बेटा मौज करो, एक पेन और डायरी खरीद लेना तुम्हारे काम आएंगे।

इस दौर में जहां अधिकतर लोग सिर्फ अपनी सुविधा, अपनी कुर्सी और अपने अधिकारों तक सीमित हो जाते हैं, वहीं कुछ अधिकारी ऐसे भी होते हैं जो सिर्फ अफसर नहीं, राह दिखाने वाले दीपक बन जाते हैं,धर्मेंद्र प्रताप सिंह उन्हीं चंद चिरागों में से एक हैं।उन्होंने न केवल एक छात्र की मदद की, बल्कि उस बच्चे के आत्मविश्वास को भी रोशनी दी। उसे यह यकीन दिलाया कि इस दुनिया में मदद के लिए हाथ भी बढ़ते हैं, मुस्कराहटें भी मिलती हैं और पढ़ाई की राह में कोई अकेला नहीं होता।

शाहजहांपुर ने एक बार फिर देखा एक जिलाधिकारी, जो सिर्फ आदेश नहीं देता, बल्कि जरूरतमंद की आँखों में उम्मीद पढ़ता है।एक अफ़सर, जो किताबें नहीं… सपनों की कुंजी देता है।ये पैसे रख लो बेटा... और एक दिन लौटाना, जब तुम किसी की मदद कर सको

दफ्तर नहीं, जैसे उम्मीदों का घर है डीएम कार्यालय

शाहजहांपुर – कभी-कभी सरकारी दफ्तरों की भीड़ में, सरकारी कुर्सियों के पीछे बैठे लोग एक ऐसा काम कर जाते हैं जो सरकारी नहीं, बल्कि दिल से होता है और दिल से किए गए कामों की दस्तावेज़ों में जगह नहीं होती, वे लोगों की यादों में दर्ज हो जाते हैं।

कुछ ऐसा ही हुआ शाहजहांपुर में, जब जिले के मुखिया, जिलाधिकारी धर्मेंद्र प्रताप सिंह का एक बार फिर मानवीय चेहरा सामने आया।हुआ यूं कि एक साधारण से परिवार का लड़का, जो किसी प्रतियोगिता की तैयारी कर रहा था, उसके पास इतने पैसे नहीं थे कि वह अपनी पढ़ाई के लिए ज़रूरी किताबें खरीद सके।उसने शायद कई दरवाज़े खटखटाए होंगे लेकिन आखिर में उम्मीद की एक रौशनी लेकर वह जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचा। न कोई सिफारिश, न कोई परिचय बस एक सादा सा अनुरोध कि “सर, पढ़ाई के लिए किताबें चाहिए, लेकिन घर की हालत ऐसी नहीं है कि खरीद सकूं।”

जिन अफसरों को लोग अक्सर सख्त मानते हैं, उसी अफसर का दिल उस दिन किसी पिता की तरह पिघल गया। धर्मेंद्र प्रताप सिंह ने बिना एक पल गंवाए, अपनी जेब से रुपए निकाले और मुस्कराकर कहा जाओ बेटे, किताबें खरीद लो। पढ़ाई कभी रुकनी नहीं चाहिए।"

अगले दिन वही लड़का वापस आया। हाथ में किताबें थीं और साथ में वे बचे हुए रुपए भी, जो किताबें खरीदने के बाद शेष रह गए थे।ईमानदारी देखिए वो लड़का बोला सर ये पैसे बचे हैं,आप ले लीजिए।यह सुनकर जिलाधिकारी साहब मुस्कराए… एक गहरी, सच्ची मुस्कान जो शायद उस लड़के की ईमानदारी और संघर्ष को देखकर अपने आप चली आई थी।उन्होंने कहा –ये पैसे रख लो बेटा मौज करो, एक पेन और डायरी खरीद लेना तुम्हारे काम आएंगे।

इस दौर में जहां अधिकतर लोग सिर्फ अपनी सुविधा, अपनी कुर्सी और अपने अधिकारों तक सीमित हो जाते हैं, वहीं कुछ अधिकारी ऐसे भी होते हैं जो सिर्फ अफसर नहीं, राह दिखाने वाले दीपक बन जाते हैं,धर्मेंद्र प्रताप सिंह उन्हीं चंद चिरागों में से एक हैं।उन्होंने न केवल एक छात्र की मदद की, बल्कि उस बच्चे के आत्मविश्वास को भी रोशनी दी। उसे यह यकीन दिलाया कि इस दुनिया में मदद के लिए हाथ भी बढ़ते हैं, मुस्कराहटें भी मिलती हैं और पढ़ाई की राह में कोई अकेला नहीं होता।

शाहजहांपुर ने एक बार फिर देखा एक जिलाधिकारी, जो सिर्फ आदेश नहीं देता, बल्कि जरूरतमंद की आँखों में उम्मीद पढ़ता है।एक अफ़सर, जो किताबें नहीं… सपनों की कुंजी देता है।
    user_ब्यूरो चीफ एवीपी न्यूज चैनल
    ब्यूरो चीफ एवीपी न्यूज चैनल
    Photographer शाहजहाँपुर, शाहजहाँपुर, उत्तर प्रदेश•
    5 hrs ago
  • *थाना कलान पुलिस टीम को बडी सफलता प्राप्त हुई है* जिला संवाददाता आशीष अवस्थी दिनांक 03.07.2026 को थाना कलान, जनपद शाहजहाँपुर पर वादी मुकदमा मोरपाल पुत्र शिवराज निवासी गोविन्द नगला थाना उसहैत जिला बदायूं के प्रा0 पत्र बावत अभियुक्तगण 1. जयवीर पुत्र छत्तर 2.अरविन्द पुत्र जयवीर 3. गोविन्द पुत्र जयवीर 4. लक्ष्मी पत्नी जयवीर निवासीगण ग्राम बिरिया थाना कलान जिला शाहजहाँपुर 5. विपिन पुत्र गिरीश निवासी ग्राम वाराकलां थाना कलान जनपद शाहजहांपुर 6. बैंक मैनेजर बैंक ऑफ बढौदा वाराकलां द्वारा वादी की भूमि गाटा सं0 418 रक्वा 0.898 हे0 मे से 0.298 हे0 का बैनामाशुदा भूमि पर पुनः फर्जी तरीके से 1,09,500 रु0 ऋण लेकर दोवारा बंधक करवा देने तथा सुनियोजित तरीके से वादी की भूमि हडपने की नियत से भूमि को एक लॉख रुपये मे सौदा कर देने तथा 80,000 रु0 लेकर विपिन उपरोक्त के नाम इकरारनामा करा देने एवं दोवारा लोन निकाल लेने तथा अभियुक्तगण द्वारा गाली गलौज कर मारपीट करने व जान से मारने की धमकी देने के संबंध मे प्राप्त हुआ। प्राप्त प्रार्थना पत्र के आधार पर थाना कलान पर मु0अ0सं0 210/26 धारा 319(2)/318(4)/338/336(3)/340(2)/115(2)/352/351(3)BNS पंजीकृत किया गया । विवेचना मे साक्ष्य संकलन की कार्यवाही करते हुये अभियुक्त जयवीर पुत्र छत्तर निवासी ग्राम बिरिया थाना कलान जनपद शाहजहाँपुर को आज दिनांक 31.07.2026 को मुखबिर की सूचना के आधार पर पुलिस टीम द्वारा अभियुक्त जयवीर पुत्र छत्तर निवासी ग्राम बिरिया थाना कलान जनपद शाहजहाँपुर उम्र करीब 65 वर्ष आँधीदेई मोड पर समय करीब 10.37 बजे गिरफ्तार किया गया अभियुक्त जयवीर उपरोक्त को नियमानुसार मा0 न्यायालय के समक्ष पेश कर अग्रिम विधिक कार्यवाही की रही है *गिरफ्तार करने वाली टीम का विवरणः-* 1. उ0नि0 मनोज कुमार उपाध्याय 2. रि0का0 हिमांशु भाटी 3. रि0का0 पुष्पेन्द्र
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    *थाना कलान पुलिस टीम को बडी सफलता प्राप्त हुई है*

जिला संवाददाता 
आशीष अवस्थी 

   दिनांक 03.07.2026 को थाना कलान, जनपद शाहजहाँपुर पर वादी  मुकदमा मोरपाल पुत्र शिवराज निवासी गोविन्द नगला थाना उसहैत जिला बदायूं के प्रा0 पत्र बावत अभियुक्तगण 1. जयवीर पुत्र छत्तर 2.अरविन्द पुत्र जयवीर 3. गोविन्द पुत्र जयवीर 4. लक्ष्मी पत्नी जयवीर निवासीगण ग्राम बिरिया थाना कलान जिला शाहजहाँपुर 5. विपिन पुत्र गिरीश निवासी ग्राम वाराकलां थाना कलान जनपद शाहजहांपुर 6. बैंक मैनेजर बैंक ऑफ बढौदा वाराकलां द्वारा वादी की भूमि गाटा सं0 418 रक्वा 0.898 हे0 मे से 0.298 हे0 का बैनामाशुदा भूमि पर पुनः फर्जी तरीके से 1,09,500 रु0 ऋण लेकर दोवारा बंधक करवा देने तथा सुनियोजित तरीके से वादी की भूमि हडपने की नियत से भूमि को एक लॉख रुपये मे सौदा कर देने तथा 80,000 रु0 लेकर विपिन उपरोक्त के नाम इकरारनामा करा देने एवं दोवारा लोन निकाल लेने तथा अभियुक्तगण द्वारा गाली गलौज कर मारपीट करने व जान से मारने की धमकी देने के संबंध मे प्राप्त हुआ। प्राप्त प्रार्थना पत्र के आधार पर थाना कलान पर मु0अ0सं0 210/26 धारा 319(2)/318(4)/338/336(3)/340(2)/115(2)/352/351(3)BNS पंजीकृत किया गया । विवेचना मे साक्ष्य संकलन की कार्यवाही करते हुये अभियुक्त जयवीर पुत्र छत्तर निवासी ग्राम बिरिया थाना कलान जनपद शाहजहाँपुर को आज दिनांक 31.07.2026 को मुखबिर की सूचना के आधार पर पुलिस टीम द्वारा अभियुक्त जयवीर पुत्र छत्तर निवासी ग्राम बिरिया थाना कलान जनपद शाहजहाँपुर उम्र करीब 65 वर्ष आँधीदेई मोड पर समय करीब 10.37 बजे गिरफ्तार किया गया अभियुक्त जयवीर उपरोक्त को नियमानुसार मा0 न्यायालय के समक्ष पेश कर अग्रिम विधिक कार्यवाही की रही है
*गिरफ्तार करने वाली टीम का विवरणः-* 
1.	उ0नि0 मनोज कुमार उपाध्याय 
2.	रि0का0 हिमांशु भाटी
3.	रि0का0 पुष्पेन्द्र
    user_Ashish Awasthi Ljp R प्रदेश सच
    Ashish Awasthi Ljp R प्रदेश सच
    Security Guard शाहजहाँपुर, शाहजहाँपुर, उत्तर प्रदेश•
    2 hrs ago
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