टोंस नदी पर अवैध खनन का बोलबाला, करछना में सिंडिकेट पर उठे सवाल टोंस नदी पर अवैध खनन का बोलबाला, करछना में सिंडिकेट पर उठे सवाल प्रयागराज के करछना क्षेत्र में टोंस_नदी पर अवैध खनन का मामला लगातार गंभीर होता जा रहा है। धरवाराघाट से लेकर आसपास के गांवों तक बिना पट्टे के खुलेआम जेसीबी और ट्रैक्टरों से बालू निकासी की जा रही है। ग्रामीणों का आरोप है कि यह पूरा काम एक संगठित सिंडिकेट द्वारा किया जा रहा है, जिसमें कई नामजद लोग शामिल हैं और प्रशासन की मिलीभगत से यह कारोबार फल-फूल रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि अवैध खनन से नदी का कटाव बढ़ रहा है, जलस्तर गिर रहा है और पर्यावरण पर बुरा असर पड़ रहा है। विरोध करने वालों को धमकियां मिलने की भी बात सामने आई है, जिससे इलाके में डर का माहौल है। ग्रामीणों ने प्रशासन से निष्पक्ष जांच और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है। अब देखना यह है कि प्रशासन इस मामले में क्या कदम उठाता है।
टोंस नदी पर अवैध खनन का बोलबाला, करछना में सिंडिकेट पर उठे सवाल टोंस नदी पर अवैध खनन का बोलबाला, करछना में सिंडिकेट पर उठे सवाल प्रयागराज के करछना क्षेत्र में टोंस_नदी पर अवैध खनन का मामला लगातार गंभीर होता जा रहा है। धरवाराघाट से लेकर आसपास के गांवों तक बिना पट्टे के खुलेआम जेसीबी और ट्रैक्टरों से बालू निकासी की जा रही है। ग्रामीणों का आरोप है कि यह पूरा काम एक संगठित सिंडिकेट द्वारा किया जा रहा है, जिसमें कई नामजद लोग शामिल हैं और प्रशासन की मिलीभगत से यह कारोबार फल-फूल रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि अवैध खनन से नदी का कटाव बढ़ रहा है, जलस्तर गिर रहा है और पर्यावरण पर बुरा असर पड़ रहा है। विरोध करने वालों को धमकियां मिलने की भी बात सामने आई है, जिससे इलाके में डर का माहौल है। ग्रामीणों ने प्रशासन से निष्पक्ष जांच और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है। अब देखना यह है कि प्रशासन इस मामले में क्या कदम उठाता है।
- Post by Ptrkar deepak Shukla meja1
- प्रयागराज में उत्तर प्रदेश होमगार्ड भर्ती परीक्षा को निष्पक्ष, पारदर्शी व शुचितापूर्ण ढंग से संपन्न कराये जाने के दृष्टिगत जिलाधिकारी मनीष वर्मा का बयान1
- सहारनपुर में पुलिस मुठभेड़, गौकशी के आरोपी को पैर में गोली लगने के बाद गिरफ्तार.... सहारनपुर जनपद के थाना बेहट क्षेत्र में पुलिस ने मुठभेड़ के दौरान एक वांछित गौकशी आरोपी को घायल अवस्था में गिरफ्तार किया। आरोपी के कब्जे से अवैध तमंचा, गौकशी के उपकरण और एक मोटरसाइकिल बरामद हुई है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में चलाए जा रहे अपराध नियंत्रण अभियान के तहत 26 अप्रैल 2026 को बेहट पुलिस जसमौर-शाकंभरी मार्ग पर संदिग्ध व्यक्तियों और वाहनों की चेकिंग कर रही थी। इसी दौरान एक संदिग्ध मोटरसाइकिल सवार पुलिस को देखकर भागने लगा। पुलिस टीम ने पीछा किया, लेकिन कुछ दूरी पर उसकी मोटरसाइकिल फिसल गई। खुद को घिरता देख आरोपी ने पुलिस पर फायरिंग कर दी। जवाबी कार्रवाई में पुलिस की गोली उसके पैर में लगी, जिससे वह घायल हो गया और मौके पर ही गिरफ्तार कर लिया गया। गिरफ्तार आरोपी की पहचान इंतजार पुत्र पीरू निवासी पथरवा, थाना बेहट के रूप में हुई है। वह पहले से ही गौकशी के एक मामले में वांछित चल रहा था। घायल आरोपी को उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पुलिस ने आरोपी के पास से .315 बोर का अवैध तमंचा, गौकशी के उपकरण और मोटरसाइकिल बरामद की है। मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है।2
- Post by Sona Rohit1
- प्रयागराज जनपद के यमुनापार क्षेत्र के विकासखंड चाका ब्लाक। अंतर्गत ग्राम पंचायत बगबना में वर्ष 2022-23 के दौरान अमृत सरोवर और अमृत वाटिका का निर्माण बड़े स्तर पर कराया गया था। इस योजना का मुख्य उद्देश्य गांवों में जल संरक्षण को बढ़ावा देना, पर्यावरण को हरा-भरा बनाना और ग्रामीणों को एक सुंदर एवं स्वच्छ सार्वजनिक स्थल उपलब्ध कराना था। शुरुआती दौर में यह योजना ग्रामीणों के लिए आकर्षण का केंद्र बनी हुई थी, लेकिन समय बीतने के साथ इसकी वास्तविक स्थिति अब बेहद चिंताजनक हो चुकी है। आज अमृत सरोवर के चारों तरफ गंदगी का अंबार लगा हुआ है। पानी की गुणवत्ता भी खराब हो चुकी है और कहीं-कहीं पर जलभराव के कारण बदबू की समस्या उत्पन्न हो रही है, जिससे आसपास के लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। सरोवर के किनारे बैठने के लिए बनाए गए चबूतरे और अन्य संरचनाएं पूरी तरह जर्जर हो चुकी हैं। कई स्थानों पर वे टूट-फूट का शिकार हैं, जिससे न केवल इसकी सुंदरता खत्म हो गई है बल्कि यह स्थान अब असुरक्षित भी हो गया है। वहीं, अमृत वाटिका की स्थिति भी बेहद खराब है। यहां लगाए गए अधिकांश पौधे और पेड़ सूख चुके हैं। जहां कभी हरियाली दिखती थी, वहां अब सूखे पेड़ों और उजाड़ जमीन का दृश्य देखने को मिल रहा है। पेड़ों की देखभाल और सिंचाई की कोई व्यवस्था नहीं होने के कारण यह स्थिति उत्पन्न हुई है। सबसे बड़ी लापरवाही यह देखने को मिल रही है कि सरोवर के चारों ओर बनाई गई बाउंड्री दीवार भी कई जगहों से टूटकर गिर चुकी है। इससे न केवल सुरक्षा पर सवाल खड़े हो रहे हैं, बल्कि पशुओं के अंदर प्रवेश करने से और अधिक नुकसान हो रहा है। ग्रामीणों का साफ कहना है कि यह स्थिति केवल समय के साथ नहीं बिगड़ी, बल्कि इसके पीछे ग्राम पंचायत स्तर पर गंभीर लापरवाही है। निर्माण कार्य के बाद न तो सचिव द्वारा कोई निगरानी की गई और न ही प्रधान द्वारा रखरखाव की उचित व्यवस्था सुनिश्चित की गई। साफ-सफाई, पौधों की देखभाल और संरचनाओं की मरम्मत जैसी मूलभूत जिम्मेदारियों को पूरी तरह नजरअंदाज किया गया। ग्रामीणों के अनुसार, अगर समय-समय पर निरीक्षण और देखरेख होती, तो आज यह योजना इस बदहाल स्थिति में नहीं पहुंचती। सचिव और प्रधान की अनदेखी के कारण सरकार की यह महत्वाकांक्षी योजना अब बर्बादी की कगार पर पहुंच चुकी है। सरकार की यह योजना, जो ग्रामीण विकास और पर्यावरण संरक्षण के लिए शुरू की गई थी, आज अपनी बदहाली की कहानी खुद बयां कर रही है। यदि जल्द ही जिम्मेदार अधिकारियों और पंचायत प्रतिनिधियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं की गई और सुधारात्मक कदम नहीं उठाए गए, तो यह योजना पूरी तरह समाप्त हो सकती है। अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या प्रशासन इस लापरवाही पर कार्रवाई करेगा या फिर ग्राम पंचायत स्तर की यह अनदेखी यूं ही जारी रहेगी।4
- Post by Raju Yadav1
- Post by Ptrkar deepak Shukla meja1
- Post by दैनिक राष्ट्रीय जगत न्यूज संपा1
- Post by Sona Rohit1