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शहडोल जिले में जनपद पंचायत सोहागपुर की ग्राम पंचायत बोडरी की आदिवासी महिला सरपंच गणेशिया बाई के साथ जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (सीईओ) द्वारा कथित रूप से अभद्र व्यवहार करने का मामला सामने आया है। सरपंच का आरोप है कि उनकी पंचायत में पिछले चार माह से सचिव का पद रिक्त होने के कारण विकास कार्य और ग्रामीणों के काम ठप पड़े हैं, इसी समस्या को लेकर वह 6 जुलाई को जिला पंचायत सीईओ से मिलने गई थीं। सरपंच संघ का कहना है कि सीईओ ने उनकी समस्या सुनने के बजाय उनके साथ अभद्र भाषा का उपयोग किया और उन्हें कार्यालय से बाहर जाने के लिए कह दिया। इस घटना के विरोध में जिला सरपंच संघ ने कलेक्ट्रेट पहुंचकर प्रदर्शन किया और मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपते हुए संबंधित सीईओ के तत्काल स्थानांतरण की मांग की है। संघ ने चेतावनी दी है कि यदि एक सप्ताह के भीतर सीईओ के खिलाफ कार्रवाई नहीं की गई, तो जिला पंचायत कार्यालय के सामने अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन किया जाएगा और जिलेभर के सरपंच अपने आंदोलन को तेज करेंगे।

8 hrs ago
user_सुधीर यादव
सुधीर यादव
Local News Reporter सोहागपुर, शहडोल, मध्य प्रदेश•
8 hrs ago

शहडोल जिले में जनपद पंचायत सोहागपुर की ग्राम पंचायत बोडरी की आदिवासी महिला सरपंच गणेशिया बाई के साथ जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (सीईओ) द्वारा कथित रूप से अभद्र व्यवहार करने का मामला सामने आया है। सरपंच का आरोप है कि उनकी पंचायत में पिछले चार माह से सचिव का पद रिक्त होने के कारण विकास कार्य और ग्रामीणों के काम ठप पड़े हैं, इसी समस्या को लेकर वह 6 जुलाई को जिला पंचायत सीईओ से मिलने गई थीं। सरपंच संघ का कहना है कि सीईओ ने उनकी

समस्या सुनने के बजाय उनके साथ अभद्र भाषा का उपयोग किया और उन्हें कार्यालय से बाहर जाने के लिए कह दिया। इस घटना के विरोध में जिला सरपंच संघ ने कलेक्ट्रेट पहुंचकर प्रदर्शन किया और मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपते हुए संबंधित सीईओ के तत्काल स्थानांतरण की मांग की है। संघ ने चेतावनी दी है कि यदि एक सप्ताह के भीतर सीईओ के खिलाफ कार्रवाई नहीं की गई, तो जिला पंचायत कार्यालय के सामने अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन किया जाएगा और जिलेभर के सरपंच अपने आंदोलन को तेज करेंगे।

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  • शहडोल में शुक्रवार को दोपहर लगभग 3:15 बजे जिला जनसंपर्क कार्यालय द्वारा जानकारी दी गई कि जिले के कलेक्टर डॉक्टर केदार सिंह ने कलेक्ट्रेट परिसर में आए नागरिकों की समस्याओं को सामूहिक रूप से सुना है। इस दौरान जिले के विभिन्न स्थानों से आए लोग अपनी समस्याओं को लेकर कलेक्ट्रेट परिसर में मौजूद थे। कलेक्टर ने वहां उपस्थित सभी लोगों की शिकायतों और समस्याओं को सामूहिक रूप से सुना।
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    शहडोल में शुक्रवार को दोपहर लगभग 3:15 बजे जिला जनसंपर्क कार्यालय द्वारा जानकारी दी गई कि जिले के कलेक्टर डॉक्टर केदार सिंह ने कलेक्ट्रेट परिसर में आए नागरिकों की समस्याओं को सामूहिक रूप से सुना है।

इस दौरान जिले के विभिन्न स्थानों से आए लोग अपनी समस्याओं को लेकर कलेक्ट्रेट परिसर में मौजूद थे। कलेक्टर ने वहां उपस्थित सभी लोगों की शिकायतों और समस्याओं को सामूहिक रूप से सुना।
    user_Akhilesh Mishra
    Akhilesh Mishra
    सोहागपुर, शहडोल, मध्य प्रदेश•
    9 hrs ago
  • शहडोल जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (सीईओ) के खिलाफ सरपंच संघ ने मोर्चा खोल दिया है। संघ ने सीईओ पर एक आदिवासी महिला सरपंच के साथ अभद्र व्यवहार करने का गंभीर आरोप लगाते हुए प्रशासन को ज्ञापन सौंपा है। घटना के अनुसार, ग्राम पंचायत वोडरी की सरपंच गणेशिया बाई अपनी समस्याओं के समाधान के लिए 6 जुलाई 2026 को दोपहर लगभग 12 बजे जिला पंचायत कार्यालय पहुंची थीं। आरोप है कि अपनी समस्या रखने पर सीईओ ने गणेशिया बाई को समाधान देने के बजाय अभद्र भाषा का प्रयोग किया। इसके साथ ही, अधिकारी ने उन्हें चेंबर से बाहर निकाल दिया और दोबारा कार्यालय न आने की चेतावनी देते हुए सरपंच पद से हटाने की धमकी भी दी। सरपंच संघ ने इसे निर्वाचित जनप्रतिनिधि के अपमान और प्रशासनिक मर्यादाओं के विरुद्ध बताते हुए कहा कि संबंधित अधिकारी पर पूर्व में भी कर्मचारियों के साथ खराब व्यवहार करने के आरोप लगते रहे हैं। सरपंच संघ ने इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। संघ ने चेतावनी दी है कि यदि एक सप्ताह के भीतर मामले में उचित निर्णय नहीं लिया गया, तो वे कार्य बहिष्कार करेंगे और जिला पंचायत कार्यालय के समक्ष धरना-प्रदर्शन करेंगे।
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    शहडोल जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (सीईओ) के खिलाफ सरपंच संघ ने मोर्चा खोल दिया है। संघ ने सीईओ पर एक आदिवासी महिला सरपंच के साथ अभद्र व्यवहार करने का गंभीर आरोप लगाते हुए प्रशासन को ज्ञापन सौंपा है। घटना के अनुसार, ग्राम पंचायत वोडरी की सरपंच गणेशिया बाई अपनी समस्याओं के समाधान के लिए 6 जुलाई 2026 को दोपहर लगभग 12 बजे जिला पंचायत कार्यालय पहुंची थीं।

आरोप है कि अपनी समस्या रखने पर सीईओ ने गणेशिया बाई को समाधान देने के बजाय अभद्र भाषा का प्रयोग किया। इसके साथ ही, अधिकारी ने उन्हें चेंबर से बाहर निकाल दिया और दोबारा कार्यालय न आने की चेतावनी देते हुए सरपंच पद से हटाने की धमकी भी दी। सरपंच संघ ने इसे निर्वाचित जनप्रतिनिधि के अपमान और प्रशासनिक मर्यादाओं के विरुद्ध बताते हुए कहा कि संबंधित अधिकारी पर पूर्व में भी कर्मचारियों के साथ खराब व्यवहार करने के आरोप लगते रहे हैं।

सरपंच संघ ने इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। संघ ने चेतावनी दी है कि यदि एक सप्ताह के भीतर मामले में उचित निर्णय नहीं लिया गया, तो वे कार्य बहिष्कार करेंगे और जिला पंचायत कार्यालय के समक्ष धरना-प्रदर्शन करेंगे।
    user_अजय कुमार केवट
    अजय कुमार केवट
    Photographer सोहागपुर, शहडोल, मध्य प्रदेश•
    11 hrs ago
  • अनूपपुर के कलेक्टर हर्षल पंचोली ने शुक्रवार को नगर पालिका क्षेत्र की स्वच्छता व्यवस्था का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने नई सब्जी मंडी के पीछे स्थित ट्रेंचिंग ग्राउंड और जैतहरी रोड स्थित पुराने ट्रेंचिंग ग्राउंड का दौरा किया। कलेक्टर ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि नए ट्रेंचिंग ग्राउंड में जमा कचरे को पुराने स्थल पर स्थानांतरित कर उसका व्यवस्थित तरीके से निस्तारण किया जाए। साथ ही, उन्होंने कहा कि पुराने ग्राउंड की उपलब्धता को देखते हुए नए स्थल पर कचरा डंप करना उचित नहीं है। स्वच्छता को प्रभावी बनाने के उद्देश्य से कलेक्टर ने सफाई कर्मचारियों की शिफ्टवार ड्यूटी तय करने और नियमित निगरानी रखने के निर्देश दिए, ताकि हर वार्ड में समय पर सफाई हो सके। कचरा संग्रहण वाहनों की समीक्षा के दौरान, अधिकारियों ने बताया कि नगर पालिका के पास 6 वाहन हैं जो घर-घर जाकर कचरा उठाते हैं। इस पर कलेक्टर ने काम में शिथिलता न बरतने की चेतावनी दी और गीले व सूखे कचरे को अलग-अलग संग्रहित करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि स्रोत स्तर पर कचरे का पृथक्करण प्रबंधन का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है, जिसका पालन सुनिश्चित किया जाना चाहिए। निरीक्षण के क्रम में कलेक्टर ने स्वयं स्मार्ट सिटी क्षेत्र और पुलिस लाइन के आवासों में जाकर कचरा संग्रहण व्यवस्था का जायजा लिया और स्थानीय नागरिकों से फीडबैक भी लिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि स्वच्छता व्यवस्था में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और उदासीनता बरतने वाले कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। अंत में उन्होंने कहा कि एक स्वच्छ और सुंदर नगर का निर्माण प्रशासन और नागरिकों की साझा जिम्मेदारी है। इस निरीक्षण के दौरान मुख्य नगर पालिका अधिकारी शशांक आर्मो और उपयंत्री सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
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    अनूपपुर के कलेक्टर हर्षल पंचोली ने शुक्रवार को नगर पालिका क्षेत्र की स्वच्छता व्यवस्था का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने नई सब्जी मंडी के पीछे स्थित ट्रेंचिंग ग्राउंड और जैतहरी रोड स्थित पुराने ट्रेंचिंग ग्राउंड का दौरा किया। कलेक्टर ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि नए ट्रेंचिंग ग्राउंड में जमा कचरे को पुराने स्थल पर स्थानांतरित कर उसका व्यवस्थित तरीके से निस्तारण किया जाए। साथ ही, उन्होंने कहा कि पुराने ग्राउंड की उपलब्धता को देखते हुए नए स्थल पर कचरा डंप करना उचित नहीं है।

स्वच्छता को प्रभावी बनाने के उद्देश्य से कलेक्टर ने सफाई कर्मचारियों की शिफ्टवार ड्यूटी तय करने और नियमित निगरानी रखने के निर्देश दिए, ताकि हर वार्ड में समय पर सफाई हो सके। कचरा संग्रहण वाहनों की समीक्षा के दौरान, अधिकारियों ने बताया कि नगर पालिका के पास 6 वाहन हैं जो घर-घर जाकर कचरा उठाते हैं। इस पर कलेक्टर ने काम में शिथिलता न बरतने की चेतावनी दी और गीले व सूखे कचरे को अलग-अलग संग्रहित करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि स्रोत स्तर पर कचरे का पृथक्करण प्रबंधन का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है, जिसका पालन सुनिश्चित किया जाना चाहिए।

निरीक्षण के क्रम में कलेक्टर ने स्वयं स्मार्ट सिटी क्षेत्र और पुलिस लाइन के आवासों में जाकर कचरा संग्रहण व्यवस्था का जायजा लिया और स्थानीय नागरिकों से फीडबैक भी लिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि स्वच्छता व्यवस्था में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और उदासीनता बरतने वाले कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। अंत में उन्होंने कहा कि एक स्वच्छ और सुंदर नगर का निर्माण प्रशासन और नागरिकों की साझा जिम्मेदारी है। इस निरीक्षण के दौरान मुख्य नगर पालिका अधिकारी शशांक आर्मो और उपयंत्री सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
    user_Anupam Singh patrkar
    Anupam Singh patrkar
    अनूपपुर, अनूपपुर, मध्य प्रदेश•
    6 hrs ago
  • मध्य प्रदेश के उमरिया जिले में पुलिस मुख्यालय भोपाल के निर्देश पर यातायात विभाग द्वारा 7 दिवसीय स्कूल बस चेकिंग अभियान चलाया जा रहा है। इस अभियान के तहत अब तक कुल 10 स्कूल बसों की जांच की गई, जिसमें से 4 बसों में कमियां पाए जाने पर उन पर चालानी कार्रवाई की गई है। यातायात प्रभारी ज्योति शुक्ला ने स्पष्ट किया है कि यह अभियान 15 जुलाई तक जारी रहेगा। उन्होंने बताया कि स्कूल बसों के लिए फिटनेस, वैध दस्तावेज, फर्स्ट एड बॉक्स, अग्निशमन यंत्र और आपातकालीन निकास जैसे सुरक्षा मानकों का पालन करना अनिवार्य है। नियमों का उल्लंघन करने वाले संचालकों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी। साथ ही, उन्होंने स्कूल संचालकों और वाहन चालकों से अपील की है कि वे विद्यार्थियों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दें और सभी निर्धारित नियमों का सख्ती से पालन करें।
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    मध्य प्रदेश के उमरिया जिले में पुलिस मुख्यालय भोपाल के निर्देश पर यातायात विभाग द्वारा 7 दिवसीय स्कूल बस चेकिंग अभियान चलाया जा रहा है। इस अभियान के तहत अब तक कुल 10 स्कूल बसों की जांच की गई, जिसमें से 4 बसों में कमियां पाए जाने पर उन पर चालानी कार्रवाई की गई है।

यातायात प्रभारी ज्योति शुक्ला ने स्पष्ट किया है कि यह अभियान 15 जुलाई तक जारी रहेगा। उन्होंने बताया कि स्कूल बसों के लिए फिटनेस, वैध दस्तावेज, फर्स्ट एड बॉक्स, अग्निशमन यंत्र और आपातकालीन निकास जैसे सुरक्षा मानकों का पालन करना अनिवार्य है। नियमों का उल्लंघन करने वाले संचालकों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी। साथ ही, उन्होंने स्कूल संचालकों और वाहन चालकों से अपील की है कि वे विद्यार्थियों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दें और सभी निर्धारित नियमों का सख्ती से पालन करें।
    user_जिला ब्यूरो /बाल्मीकि यादव
    जिला ब्यूरो /बाल्मीकि यादव
    Carpenter बांधवगढ़, उमरिया, मध्य प्रदेश•
    9 hrs ago
  • शहडोल में कलेक्टर डॉ. केदार सिंह ने कलेक्ट्रेट कार्यालय में आयोजित जनसुनवाई के दौरान लोगों की समस्याओं को सुना और उनके निराकरण के निर्देश दिए। इस दौरान ब्यौहारी के भोगियां निवासी श्री रामानंद पटेल ने कलेक्टर के समक्ष अपनी समस्या रखते हुए ट्राइसाइकिल उपलब्ध कराने की मांग की। इस मांग पर त्वरित कार्रवाई करते हुए डॉ. केदार सिंह ने उपसंचालक, सामाजिक न्याय विभाग को दूरभाष के जरिए निर्देशित किया कि श्री रामानंद पटेल को तत्काल ट्राइसाइकिल दिलाई जाए। इसके अतिरिक्त, कलेक्टर ने वहां मौजूद अन्य फरियादियों की शिकायतों को भी गंभीरता से सुना और संबंधित अधिकारियों को उनके समाधान के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
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    शहडोल में कलेक्टर डॉ. केदार सिंह ने कलेक्ट्रेट कार्यालय में आयोजित जनसुनवाई के दौरान लोगों की समस्याओं को सुना और उनके निराकरण के निर्देश दिए। इस दौरान ब्यौहारी के भोगियां निवासी श्री रामानंद पटेल ने कलेक्टर के समक्ष अपनी समस्या रखते हुए ट्राइसाइकिल उपलब्ध कराने की मांग की।

इस मांग पर त्वरित कार्रवाई करते हुए डॉ. केदार सिंह ने उपसंचालक, सामाजिक न्याय विभाग को दूरभाष के जरिए निर्देशित किया कि श्री रामानंद पटेल को तत्काल ट्राइसाइकिल दिलाई जाए। इसके अतिरिक्त, कलेक्टर ने वहां मौजूद अन्य फरियादियों की शिकायतों को भी गंभीरता से सुना और संबंधित अधिकारियों को उनके समाधान के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
    user_Angad Tiwari
    Angad Tiwari
    पत्रकार जयसिंहनगर, शहडोल, मध्य प्रदेश•
    9 hrs ago
  • मध्यप्रदेश के उमरिया जिले में 15 से 30 जुलाई तक 'नशे से दूरी है जरूरी 2.0' अभियान चलाया जाएगा। राज्य सरकार के 'नशा मुक्त मध्यप्रदेश' के तहत आयोजित होने वाले इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने युवाओं और प्रदेशवासियों से सक्रिय भागीदारी की अपील की है। मुख्यमंत्री का कहना है कि नशा समाज, परिवार और युवा पीढ़ी के भविष्य के लिए विनाशकारी है, इसलिए इसके खिलाफ लड़ाई में जनसहयोग अनिवार्य है। यह अभियान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'नशा मुक्त भारत' के संकल्प और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह द्वारा वर्ष 2029 तक देश को नशा मुक्त बनाने के लक्ष्य के अनुरूप संचालित किया जा रहा है। उमरिया में प्रशासन और पुलिस मिलकर जनजागरूकता रैलियां, शपथ ग्रहण समारोह और स्कूल-कॉलेजों में विशेष गतिविधियां आयोजित करेंगे। साथ ही, नशे के अवैध कारोबार के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी। मुख्यमंत्री ने नागरिकों से नशे से दूर रहने और दूसरों को भी जागरूक करने का आग्रह किया है, ताकि 'नशा मुक्त उमरिया' और 'नशा मुक्त मध्यप्रदेश' का लक्ष्य प्राप्त किया जा सके।
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    मध्यप्रदेश के उमरिया जिले में 15 से 30 जुलाई तक 'नशे से दूरी है जरूरी 2.0' अभियान चलाया जाएगा। राज्य सरकार के 'नशा मुक्त मध्यप्रदेश' के तहत आयोजित होने वाले इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने युवाओं और प्रदेशवासियों से सक्रिय भागीदारी की अपील की है। मुख्यमंत्री का कहना है कि नशा समाज, परिवार और युवा पीढ़ी के भविष्य के लिए विनाशकारी है, इसलिए इसके खिलाफ लड़ाई में जनसहयोग अनिवार्य है।

यह अभियान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'नशा मुक्त भारत' के संकल्प और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह द्वारा वर्ष 2029 तक देश को नशा मुक्त बनाने के लक्ष्य के अनुरूप संचालित किया जा रहा है। उमरिया में प्रशासन और पुलिस मिलकर जनजागरूकता रैलियां, शपथ ग्रहण समारोह और स्कूल-कॉलेजों में विशेष गतिविधियां आयोजित करेंगे। साथ ही, नशे के अवैध कारोबार के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी। मुख्यमंत्री ने नागरिकों से नशे से दूर रहने और दूसरों को भी जागरूक करने का आग्रह किया है, ताकि 'नशा मुक्त उमरिया' और 'नशा मुक्त मध्यप्रदेश' का लक्ष्य प्राप्त किया जा सके।
    user_Ashutosh tripathi
    Ashutosh tripathi
    Court reporter मानपुर, उमरिया, मध्य प्रदेश•
    4 hrs ago
  • अनूपपुर के कलेक्ट्रेट कार्यालय स्थित नर्मदा सभागार में शहडोल संसदीय क्षेत्र की सांसद श्रीमती हिमाद्री सिंह की अध्यक्षता में जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति (दिशा) की बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में पूर्व में दिए गए निर्देशों के पालन प्रतिवेदन और विभिन्न विभागों द्वारा संचालित कार्यों की प्रगति पर चर्चा की गई। सांसद ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि वे नियमित रूप से ग्रामीण क्षेत्रों का भ्रमण कर निर्माणाधीन कार्यों का स्थलीय निरीक्षण करें, ताकि कार्यों की गुणवत्ता और समयबद्धता सुनिश्चित की जा सके। उन्होंने अधिकारियों से पूरी प्रतिबद्धता, उत्तरदायित्व और पारदर्शिता के साथ योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन की अपेक्षा की। बैठक के दौरान जल जीवन मिशन की प्रगति की समीक्षा करते हुए बताया गया कि जिले में 210 बसाहटों को चिन्हित किया गया है, जहाँ नल-जल योजना के तहत शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराया जाएगा। अधिकारियों ने अवगत कराया कि वर्ष 2025-28 की कार्ययोजना के तहत नल-जल योजना 2.0 के माध्यम से उन योजनाओं को पुनर्संचालित किया जाएगा जो वर्तमान में पाइपलाइन या अन्य तकनीकी कारणों से बंद हैं। साथ ही, पेयजल आपूर्ति में बाधा न आए, इसके लिए ग्राम पंचायतों को 10 हजार रुपये तक की मरम्मत राशि व्यय करने का प्रावधान दिया गया है। विद्युत व्यवस्था पर चर्चा के दौरान अधिकारियों ने जानकारी दी कि जिले में कुल 527 विद्युतविहीन मजरे-टोले चिन्हित हैं। इनमें से जन-मन योजना के तहत 80 और धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान के अंतर्गत 19 मजरे-टोलों में बिजली पहुँचाई जा चुकी है। इसके अलावा, जिले के 411 आंगनबाड़ी केंद्रों में से 110 में विद्युत कनेक्शन प्रदान किए जा चुके हैं, जबकि शेष केंद्रों में कार्य प्रगति पर है।
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    अनूपपुर के कलेक्ट्रेट कार्यालय स्थित नर्मदा सभागार में शहडोल संसदीय क्षेत्र की सांसद श्रीमती हिमाद्री सिंह की अध्यक्षता में जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति (दिशा) की बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में पूर्व में दिए गए निर्देशों के पालन प्रतिवेदन और विभिन्न विभागों द्वारा संचालित कार्यों की प्रगति पर चर्चा की गई। सांसद ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि वे नियमित रूप से ग्रामीण क्षेत्रों का भ्रमण कर निर्माणाधीन कार्यों का स्थलीय निरीक्षण करें, ताकि कार्यों की गुणवत्ता और समयबद्धता सुनिश्चित की जा सके। उन्होंने अधिकारियों से पूरी प्रतिबद्धता, उत्तरदायित्व और पारदर्शिता के साथ योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन की अपेक्षा की।

बैठक के दौरान जल जीवन मिशन की प्रगति की समीक्षा करते हुए बताया गया कि जिले में 210 बसाहटों को चिन्हित किया गया है, जहाँ नल-जल योजना के तहत शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराया जाएगा। अधिकारियों ने अवगत कराया कि वर्ष 2025-28 की कार्ययोजना के तहत नल-जल योजना 2.0 के माध्यम से उन योजनाओं को पुनर्संचालित किया जाएगा जो वर्तमान में पाइपलाइन या अन्य तकनीकी कारणों से बंद हैं। साथ ही, पेयजल आपूर्ति में बाधा न आए, इसके लिए ग्राम पंचायतों को 10 हजार रुपये तक की मरम्मत राशि व्यय करने का प्रावधान दिया गया है।

विद्युत व्यवस्था पर चर्चा के दौरान अधिकारियों ने जानकारी दी कि जिले में कुल 527 विद्युतविहीन मजरे-टोले चिन्हित हैं। इनमें से जन-मन योजना के तहत 80 और धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान के अंतर्गत 19 मजरे-टोलों में बिजली पहुँचाई जा चुकी है। इसके अलावा, जिले के 411 आंगनबाड़ी केंद्रों में से 110 में विद्युत कनेक्शन प्रदान किए जा चुके हैं, जबकि शेष केंद्रों में कार्य प्रगति पर है।
    user_Anupam Singh patrkar
    Anupam Singh patrkar
    अनूपपुर, अनूपपुर, मध्य प्रदेश•
    6 hrs ago
  • भोपाल के रवींद्र भवन में 10 जुलाई को आयोजित प्रदेश स्तरीय अतिथि विद्वान सम्मेलन को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अतिथि विद्वानों को शिक्षा के पावन मंदिर का पुजारी बताया। उन्होंने स्पष्ट किया कि अतिथि विद्वानों के कल्याण के लिए सरकार प्रतिबद्ध है और उनके हितों की रक्षा के लिए हर संभव प्रयास किए जाएंगे। इस दिशा में एक समिति का गठन भारतीय मजदूर संघ के बैनर तले किया गया है, जिसके माध्यम से राज्य का मॉडल लागू करने का प्रस्ताव मांगा गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि अब काम को अटकाने या लटकाने का समय बीत चुका है और सरकार का पूरा ध्यान प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था को नवाचार, संवेदना और नैतिक मूल्यों के साथ मजबूत करने पर है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने सरकार द्वारा अतिथि विद्वानों के लिए किए गए निर्णयों का उल्लेख किया, जिनमें 13 आकस्मिक व 3 ऐच्छिक अवकाश, प्रसूति अवकाश और वर्ष में एक बार स्थान परिवर्तन की सुविधा शामिल है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2022 में 117 और 2024 में 48 अतिथि विद्वानों की नियुक्ति की जा चुकी है, साथ ही लोक सेवा आयोग की भर्ती में 25 प्रतिशत पद आरक्षित करते हुए 10 वर्ष की छूट दी गई है। डॉ. यादव ने जोर देकर कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सरकार लगातार आगे बढ़ रही है और नक्सलियों के सफाए के बाद अब गृह मंत्री अमित शाह के निर्देशन में 2029 तक देश-प्रदेश को नशा मुक्त करने का लक्ष्य रखा गया है। कार्यक्रम में उच्च शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार ने बताया कि सरकार ने अतिथि विद्वानों के लिए पांच कल्याणकारी निर्णय लिए हैं। इनमें फॉल-आउट होने पर हर महीने दोबारा काम करने के दो अवसर और उच्च शिक्षा व तकनीकी शिक्षा के अध्ययन के लिए उच्चस्तरीय कमेटी का गठन प्रमुख हैं। भारतीय मजदूर संघ के महामंत्री कुलदीप सिंह गुर्जर ने भी सरकार द्वारा अतिथि विद्वानों की सामाजिक और आर्थिक सुरक्षा के लिए उठाए गए कदमों की सराहना की।
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    भोपाल के रवींद्र भवन में 10 जुलाई को आयोजित प्रदेश स्तरीय अतिथि विद्वान सम्मेलन को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अतिथि विद्वानों को शिक्षा के पावन मंदिर का पुजारी बताया। उन्होंने स्पष्ट किया कि अतिथि विद्वानों के कल्याण के लिए सरकार प्रतिबद्ध है और उनके हितों की रक्षा के लिए हर संभव प्रयास किए जाएंगे। इस दिशा में एक समिति का गठन भारतीय मजदूर संघ के बैनर तले किया गया है, जिसके माध्यम से राज्य का मॉडल लागू करने का प्रस्ताव मांगा गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि अब काम को अटकाने या लटकाने का समय बीत चुका है और सरकार का पूरा ध्यान प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था को नवाचार, संवेदना और नैतिक मूल्यों के साथ मजबूत करने पर है।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने सरकार द्वारा अतिथि विद्वानों के लिए किए गए निर्णयों का उल्लेख किया, जिनमें 13 आकस्मिक व 3 ऐच्छिक अवकाश, प्रसूति अवकाश और वर्ष में एक बार स्थान परिवर्तन की सुविधा शामिल है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2022 में 117 और 2024 में 48 अतिथि विद्वानों की नियुक्ति की जा चुकी है, साथ ही लोक सेवा आयोग की भर्ती में 25 प्रतिशत पद आरक्षित करते हुए 10 वर्ष की छूट दी गई है। डॉ. यादव ने जोर देकर कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सरकार लगातार आगे बढ़ रही है और नक्सलियों के सफाए के बाद अब गृह मंत्री अमित शाह के निर्देशन में 2029 तक देश-प्रदेश को नशा मुक्त करने का लक्ष्य रखा गया है।

कार्यक्रम में उच्च शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार ने बताया कि सरकार ने अतिथि विद्वानों के लिए पांच कल्याणकारी निर्णय लिए हैं। इनमें फॉल-आउट होने पर हर महीने दोबारा काम करने के दो अवसर और उच्च शिक्षा व तकनीकी शिक्षा के अध्ययन के लिए उच्चस्तरीय कमेटी का गठन प्रमुख हैं। भारतीय मजदूर संघ के महामंत्री कुलदीप सिंह गुर्जर ने भी सरकार द्वारा अतिथि विद्वानों की सामाजिक और आर्थिक सुरक्षा के लिए उठाए गए कदमों की सराहना की।
    user_खमोद चंदेल
    खमोद चंदेल
    डिंडोरी, डिंडोरी, मध्य प्रदेश•
    8 hrs ago
  • डिंडोरी जिले के मालपुर क्षेत्र में शुक्रवार को एक भीषण सड़क हादसा हुआ, जिसमें एक तेज रफ्तार बस और ऑटो की आमने-सामने जबरदस्त भिड़ंत हो गई। टक्कर इतनी जोरदार थी कि ऑटो बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। घटना के समय ऑटो में करीब 10 यात्री सवार थे, जिसके बाद मौके पर अफरा-तफरी और चीख-पुकार मच गई। इस हादसे में मालपुर निवासी बजरंग मरावी का पैर टूट गया है, जबकि कलगी टोला निवासी एक अन्य व्यक्ति के पैर में भी गंभीर चोट आई है। स्थानीय लोगों ने मौके पर पहुंचकर राहत और बचाव कार्य शुरू किया और घायलों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र शहपुरा पहुँचाया, जहाँ उनका उपचार चल रहा है। अन्य यात्री इस घटना में बाल-बाल बच गए। सूचना मिलने पर पुलिस और संबंधित विभाग के अधिकारी घटनास्थल पर पहुंचे। हादसे के कारणों की जांच शुरू कर दी गई है और प्रारंभिक तौर पर तेज रफ्तार या लापरवाही को दुर्घटना की वजह माना जा रहा है। वास्तविक कारणों का खुलासा जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगा।
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    डिंडोरी जिले के मालपुर क्षेत्र में शुक्रवार को एक भीषण सड़क हादसा हुआ, जिसमें एक तेज रफ्तार बस और ऑटो की आमने-सामने जबरदस्त भिड़ंत हो गई। टक्कर इतनी जोरदार थी कि ऑटो बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। घटना के समय ऑटो में करीब 10 यात्री सवार थे, जिसके बाद मौके पर अफरा-तफरी और चीख-पुकार मच गई।

इस हादसे में मालपुर निवासी बजरंग मरावी का पैर टूट गया है, जबकि कलगी टोला निवासी एक अन्य व्यक्ति के पैर में भी गंभीर चोट आई है। स्थानीय लोगों ने मौके पर पहुंचकर राहत और बचाव कार्य शुरू किया और घायलों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र शहपुरा पहुँचाया, जहाँ उनका उपचार चल रहा है। अन्य यात्री इस घटना में बाल-बाल बच गए।

सूचना मिलने पर पुलिस और संबंधित विभाग के अधिकारी घटनास्थल पर पहुंचे। हादसे के कारणों की जांच शुरू कर दी गई है और प्रारंभिक तौर पर तेज रफ्तार या लापरवाही को दुर्घटना की वजह माना जा रहा है। वास्तविक कारणों का खुलासा जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगा।
    user_वाइस ऑफ़ राइट्स न्यूज चैनल
    वाइस ऑफ़ राइट्स न्यूज चैनल
    Voice of people डिंडोरी, डिंडोरी, मध्य प्रदेश•
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