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पार्लियामेंट मार्च के दौरान प्रदर्शनकारियों पर हुए लाठीचार्ज को लेकर राजनीति पूरी तरह गरमा गई है। इस घटना को लेकर डिंपल यादव ने सरकार पर तीखा हमला बोला है। लाठीचार्ज की इस कार्रवाई के बाद से राजनीतिक माहौल पूरी तरह से गर्म हो गया है।
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पार्लियामेंट मार्च के दौरान प्रदर्शनकारियों पर हुए लाठीचार्ज को लेकर राजनीति पूरी तरह गरमा गई है। इस घटना को लेकर डिंपल यादव ने सरकार पर तीखा हमला बोला है। लाठीचार्ज की इस कार्रवाई के बाद से राजनीतिक माहौल पूरी तरह से गर्म हो गया है।
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- उत्तर प्रदेश के गोरखपुर में पहला सिक्सलेन फ्लाईओवर बनकर तैयार हो चुका है, जिसका लोकार्पण 23 जुलाई की सुबह 10 बजे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ करेंगे। हालांकि, इस फ्लाईओवर के बनने से जहां शहर से बाहर जाने वाले लोगों को राहत मिलेगी और वे तेजी से निकल सकेंगे, वहीं आसपास के मोहल्ले वालों के लिए नई समस्याएं खड़ी होने वाली हैं। जिन लोगों को फ्लाईओवर पर नहीं चढ़ना है और शहर के भीतर ही आना है, वे नीचे की सड़कों की बदहाली से परेशान होंगे। शहर के लोग पिछले दो साल से इस फ्लाईओवर के बनने का इंतजार कर रहे थे ताकि नीचे वाली सड़क भी दुरुस्त हो सके, लेकिन इसकी मरम्मत की झंझट किसी ने नहीं उठाई। इसे बनाने वाली फर्म अभी भी नाले बनाने में ही व्यस्त है, जिसके कारण लोग महीनों से माधो पेट्रोल पंप से देवरिया बाईपास, नहर रोड और रुस्तमपुर तक हिचकोले खाकर यात्रा करने को मजबूर हैं। गोरखपुर शहर में जाम की समस्या को खत्म करने के लिए पहले पैडलेगंज से नौसढ़ तक सिक्सलेन पास किया गया था। दावा था कि इसे समय पर पूरा कर लिया जाएगा लेकिन ऐसा नहीं हो सका। इसी बीच नहर रोड, रुस्तमपुर, फलमंडी और ट्रांसपोर्टनगर चौराहों पर लगने वाले जाम से निपटने के लिए एक सीधा फ्लाईओवर बनाने का निर्णय लिया गया था, जो अब बनकर तैयार हो चुका है।1
- देश की संसद सांसदों की है, भाजपा की नहीं है। इसी तीखे और स्पष्ट रुख के साथ आज संसद के भीतर युवाओं के साथ हुई बर्बरता के खिलाफ आवाज बुलंद की गई है। इस बात पर कड़ा ऐतराज जताया गया है कि संसद पर भाजपा का एकाधिकार नहीं है, बल्कि यह देश के सांसदों की है, और युवाओं पर किए गए अत्याचार के विरुद्ध सदन में डटकर आवाज उठाई गई है।1
- दिल्ली के जंतर-मंतर पर छात्रों के आंदोलन और उन पर हुई पुलिस की लाठीचार्ज व आंसू गैस की कार्रवाई के बीच तीखे सवाल उठाए जा रहे हैं। बिना सबूत के किए जा रहे दावों को खारिज करते हुए सीधे तौर पर पूछा गया है कि "आँख खोलकर देखिए... क्या ये छात्र नहीं दिख रहे?"। लोगों से बिना सबूत के कोई राय न बनाने और केवल तथ्यों के आधार पर ही अपनी बात रखने की जोरदार अपील की जा रही है। इस पूरे मामले में शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का भी उल्लेख किया गया है, जहाँ छात्रों के अधिकारों और उनके लिए न्याय की मांग को लेकर आवाज उठाई जा रही है।1
- कुशीनगर जिले के कसया थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले पोस्ट सिरसिया खोहिया (टोला खुरकुचनी) में सड़क सुधार और दोनों तरफ नाला बनाने की मांग की गई है। यहां सड़क की स्थिति को सुधारने और उसके दोनों ओर नाले का निर्माण कराने की बात कही गई है, ताकि लोगों को किसी भी तरह की दिक्कत का सामना न करना पड़े।1
- क्या आपने कभी मेट्रो में सफर करते समय वहां सुनाई देने वाली आवाज को ध्यान से सुना है? अगर हाँ, तो आज आप देख सकते हैं कि मेट्रो के भीतर गूंजने वाली यह आवाज आखिरकार किसकी है।1
- पार्लियामेंट मार्च के दौरान प्रदर्शनकारियों पर हुए लाठीचार्ज को लेकर राजनीति पूरी तरह गरमा गई है। इस घटना को लेकर डिंपल यादव ने सरकार पर तीखा हमला बोला है। लाठीचार्ज की इस कार्रवाई के बाद से राजनीतिक माहौल पूरी तरह से गर्म हो गया है।1
- उत्तर प्रदेश के बाराबंकी में आयोजित एक राजनीतिक कार्यक्रम के दौरान कांग्रेस और समाजवादी पार्टी पर तीखा हमला बोला गया है। कार्यक्रम में वक्ता ने कड़ा आरोप लगाते हुए कहा कि ये दोनों दल विकास, विरासत, गांव और गरीबों के विरोधी हैं। इसके साथ ही, उन्होंने इन दोनों दलों को किसानों, नौजवानों और महिलाओं का जन्मजात विरोधी भी करार दिया। वक्ता ने लोगों को आगाह किया कि देश और प्रदेश के विकास के लिए जनता को ऐसे राजनीतिक दलों से पूरी तरह सतर्क रहने की आवश्यकता है। वक्ता ने दावा किया कि उनकी पार्टी गांव, गरीब, किसान, नौजवान और महिलाओं के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है और जनकल्याणकारी योजनाओं को लगातार आगे बढ़ा रही है। उन्होंने जनता से विकास और सुशासन की नीतियों का खुलकर समर्थन करने की अपील की। इसके साथ ही, उन्होंने लोगों से राजनीतिक दलों के कार्यों और नीतियों का सही मूल्यांकन कर लोकतांत्रिक प्रक्रिया में सजग भूमिका निभाने का आह्वान किया।1
- संसद में संजय सिंह को पुलिस द्वारा खड़े होने से रोके जाने का मामला सामने आया है। संसद परिसर के भीतर पुलिसकर्मियों ने उन्हें खड़े होने से रोक दिया।1