उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ द्वारा समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव को लेकर दिए गए बयान के बाद राज्य की राजनीति में तेज़ हलचल देखी जा रही है। इस बयान के सामने आने के बाद समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने कड़ा विरोध दर्ज कराया और कई स्थानों पर अपनी नाराज़गी व्यक्त करते हुए प्रदर्शन भी किए। समाजवादी पार्टी के नेताओं का कहना है कि मुख्यमंत्री का बयान राजनीतिक मर्यादाओं के अनुरूप नहीं है, जो लोकतांत्रिक संवाद की गरिमा को प्रभावित करता है। वहीं, भारतीय जनता पार्टी के नेताओं ने इसके विपरीत यह प्रतिक्रिया दी है कि मुख्यमंत्री ने अपनी राजनीतिक प्रतिक्रिया व्यक्त की है और विपक्ष अनावश्यक रूप से इस मुद्दे पर विवाद खड़ा कर रहा है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि इस घटनाक्रम के चलते प्रदेश की राजनीति में बयानबाज़ी का दौर और भी तेज़ हो सकता है। आने वाले समय में दोनों प्रमुख दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का सिलसिला लगातार जारी रहने की आशंका जताई गई है।
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ द्वारा समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव को लेकर दिए गए बयान के बाद राज्य की राजनीति में तेज़ हलचल देखी जा रही है। इस बयान के सामने आने के बाद समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने कड़ा विरोध दर्ज कराया और कई स्थानों पर अपनी नाराज़गी व्यक्त करते हुए प्रदर्शन भी किए। समाजवादी पार्टी के नेताओं का कहना है कि मुख्यमंत्री का बयान राजनीतिक मर्यादाओं के अनुरूप नहीं है, जो लोकतांत्रिक संवाद की गरिमा को प्रभावित करता है। वहीं, भारतीय जनता पार्टी के नेताओं ने इसके विपरीत यह प्रतिक्रिया दी है कि मुख्यमंत्री ने अपनी राजनीतिक प्रतिक्रिया व्यक्त की है और विपक्ष अनावश्यक रूप से इस मुद्दे पर विवाद खड़ा कर रहा है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि इस घटनाक्रम के चलते प्रदेश की राजनीति में बयानबाज़ी का दौर और भी तेज़ हो सकता है। आने वाले समय में दोनों प्रमुख दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का सिलसिला लगातार जारी रहने की आशंका जताई गई है।
- समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव का 53वां जन्मदिन मंगलवार को सिकंदराराऊ में उत्साहपूर्वक मनाया गया। कासगंज रोड स्थित सपा विधानसभा कार्यालय में आयोजित इस समारोह में पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं ने केक काटा और एक-दूसरे को मिठाई खिलाकर शुभकामनाएं दीं। इस अवसर पर ठाकुर महेंद्र प्रताप सोलंकी, बबलू यादव, गिनेश यादव, मेहराज कुरैशी और अब्दुल बासित कुरैशी सहित बड़ी संख्या में सपा कार्यकर्ता मौजूद रहे। सभी ने अखिलेश यादव के चित्र पर केक अर्पित कर उनके दीर्घायु एवं स्वस्थ जीवन की कामना की। मीडिया से बातचीत में ठाकुर महेंद्र प्रताप सोलंकी ने दावा किया कि क्षेत्र की जनता बदलाव चाहती है और वर्ष 2027 में समाजवादी पार्टी की सरकार बनने के बाद अखिलेश यादव का अगला जन्मदिन लखनऊ स्थित पार्टी कार्यालय में सरकार के साथ मनाया जाएगा। उन्होंने कार्यकर्ताओं से आगामी विधानसभा चुनाव की तैयारियों में जुटने का आह्वान भी किया। कार्यक्रम में पहुंचे पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष वीरेंद्र सिंह कुशवाहा ने महेंद्र प्रताप सोलंकी के पार्टी को क्षेत्र में मजबूत करने के निरंतर प्रयासों की सराहना की। उन्होंने विशेष रूप से कुशवाहा समाज से आगामी चुनाव में सपा का समर्थन करने की अपील करते हुए कार्यक्रम में शामिल सभी कार्यकर्ताओं का आभार व्यक्त किया।1
- हाथरस के सासनी स्थित अकबरपुर ऊतरा चौराहे, नानऊ रोड पर आयोजित सात दिवसीय बुद्ध एवं भीम गाथा कार्यक्रम का सफल समापन हुआ। इस अवसर पर दो जोड़ों का बौद्ध रीति-रिवाज के अनुसार विवाह संपन्न कराया गया, जहाँ उन्होंने एक-दूसरे का साथ निभाने की कसमें खाईं। विवाह समारोह बोधाचार्य युवराज सिंह भैया जी, बीएसआई के जिलाध्यक्ष राजेश बौद्ध और आनंद मित्र भंते ममोता वाले द्वारा संपन्न कराया गया। पहले जोड़े में वधू कल्पना गौतम, जो विनोद कुमार की पुत्री और ऊतरा, सासनी, हाथरस की निवासी हैं, और वर कुलदीप सिंह, जो गुलबीर सिंह के पुत्र और सरकोरिया गोंडा, अलीगढ़ के निवासी हैं, शामिल थे। दूसरे विवाहित जोड़े में वधू नीतू, राजकुमार की पुत्री और ऊतरा, सासनी, हाथरस की निवासी हैं, और वर राहुल कुमार, जो किशन सिंह के पुत्र और ऋषिकेश, हरिद्वार, उत्तराखंड के निवासी हैं, ने सात फेरे लिए। नवविवाहित जोड़ों को उपहार स्वरूप विभिन्न घरेलू सामान दिए गए, जिनमें एक बेड, अलमारी, टेबल फैन, मेज, कुर्सी, मिक्सी मशीन और हाथ की घड़ी जैसे उपयोगी वस्तुएँ शामिल थीं।4
- उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ द्वारा समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव को लेकर दिए गए बयान के बाद राज्य की राजनीति में तेज़ हलचल देखी जा रही है। इस बयान के सामने आने के बाद समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने कड़ा विरोध दर्ज कराया और कई स्थानों पर अपनी नाराज़गी व्यक्त करते हुए प्रदर्शन भी किए। समाजवादी पार्टी के नेताओं का कहना है कि मुख्यमंत्री का बयान राजनीतिक मर्यादाओं के अनुरूप नहीं है, जो लोकतांत्रिक संवाद की गरिमा को प्रभावित करता है। वहीं, भारतीय जनता पार्टी के नेताओं ने इसके विपरीत यह प्रतिक्रिया दी है कि मुख्यमंत्री ने अपनी राजनीतिक प्रतिक्रिया व्यक्त की है और विपक्ष अनावश्यक रूप से इस मुद्दे पर विवाद खड़ा कर रहा है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि इस घटनाक्रम के चलते प्रदेश की राजनीति में बयानबाज़ी का दौर और भी तेज़ हो सकता है। आने वाले समय में दोनों प्रमुख दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का सिलसिला लगातार जारी रहने की आशंका जताई गई है।1
- हाथरस जिले में कैलोरी चौराहे से जलेसर की ओर जाने वाला रेलवे ट्रैक के ऊपर बना पुल नीचे धंस गया है। यह पुल अब जमीन में धंस चुका है और पूरी तरह से बेकार हो गया है, जिससे किसी भी वक्त कोई बड़ा हादसा होने और लोगों की जान जाने का गंभीर खतरा बना हुआ है। इसे देखते हुए स्थानीय लोगों ने हाथरस के नगर निगम और सरकार से इस खतरनाक पुल पर तत्काल कार्रवाई करने का पुरजोर अनुरोध किया है।1
- उत्तर प्रदेश के सासनी में दी बार एसोसिएशन और कातिब संघ ने बुधवार को राज्य सरकार द्वारा लागू की गई नई ई-रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। इस प्रक्रिया को अव्यवहारिक बताते हुए एसोसिएशन ने मुख्यमंत्री को संबोधित एक ज्ञापन एसडीएम नीरज शर्मा को सौंपा। दी बार एसोसिएशन का आरोप है कि महानिरीक्षक निबंधन, उत्तर प्रदेश, लखनऊ के तहत शुरू की गई यह नई ई-रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया कुल सात मुख्य बिंदुओं पर आपत्तिजनक है। उनका तर्क है कि आम जनता में तकनीकी साक्षरता के अभाव के कारण साइबर कैफे और बिचौलियों पर निर्भरता बढ़ेगी, जिससे भ्रष्टाचार और शोषण की प्रबल आशंका है। ज्ञापन में यह भी कहा गया है कि सर्वर फेल होने के बहाने बिचौलिए आम जनता से धन उगाही कर सकते हैं, साथ ही साइबर अपराधों और डेटा लीक होने का खतरा भी रहेगा। वकीलों और दस्तावेज लेखकों ने चिंता व्यक्त की कि ऑनलाइन फॉर्म भरने में होने वाली मामूली त्रुटियां, जैसे नाम या खसरा संख्या में स्पेलिंग मिस्टेक, बड़े कानूनी विवादों को जन्म दे सकती हैं, जिससे दीवानी न्यायालयों में मुकदमों की संख्या अनावश्यक रूप से बढ़ेगी। उन्होंने बताया कि वर्तमान व्यवस्था में वे दस्तावेजों की गोपनीयता और सुरक्षा सुनिश्चित करते हैं, लेकिन नई प्रक्रिया से उनके रोजगार पर संकट खड़ा हो गया है। एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने महानिरीक्षक निबंधन के आदेश को तत्काल वापस लेने की मांग की है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि बार काउंसिल ऑफ उत्तर प्रदेश और बार एसोसिएशन के प्रतिनिधियों से संवाद किए बिना यह प्रक्रिया लागू रखी गई, तो अधिवक्ता और कातिब संघ आंदोलन के लिए मजबूर होंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी उत्तर प्रदेश शासन की होगी। इस अवसर पर महेंद्र पाल सिंह, प्रशांत पाठक, सुभाष सिंह, भरत सिंह बघेल, मधुकर नगायच, संजीव सिंह, गिरजी सिंह, राजेश लवानियां, के.पी. सुमन, योगेश शर्मा, कृष्ण कुमार कुलश्रेष्ठ, अरविंद गुप्ता, संतोष शर्मा सहित कई अन्य अधिवक्ता, कातिब और स्टाम्प वेंडर मौजूद रहे।4
- हाथरस में एक दर्दनाक सड़क हादसे ने एक खुशहाल घर को गहरे शोक में डुबो दिया है। 60 वर्षीय मदन मुरारी दीक्षित की सड़क दुर्घटना में मृत्यु हो गई, जब वे अपने बेटे की आगामी शादी के निमंत्रण पत्र बांटकर बाइक से घर लौट रहे थे। यह दुर्भाग्यपूर्ण घटना मथुरा-बरेली हाईवे पर स्थित गांव टुकसान के पास घटी। जानकारी के अनुसार, एक अज्ञात वाहन ने उनकी मोटरसाइकिल को जोरदार टक्कर मार दी, जिससे मदन मुरारी गंभीर रूप से घायल हो गए। उन्हें नेशनल हाईवे एंबुलेंस की सहायता से तत्काल जिला अस्पताल पहुंचाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। मृतक नवल नगर के निवासी थे और उनके बेटे की शादी 6 जुलाई को निर्धारित थी। इस आकस्मिक निधन से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है, और जिस घर में शादी की तैयारियां चल रही थीं, वहाँ अब मातम पसरा हुआ है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस अज्ञात वाहन की तलाश में जुटी हुई है।1