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मुंगेर में पड़ रही भीषण गर्मी के बीच यह जिज्ञासा व्यक्त की गई है कि क्या स्थानीय निवासियों ने शहर के सबसे मशहूर 'लाल बाबा का शरबत' का स्वाद लिया है। यह प्रश्न भीषण गर्मी से बचाव और ताजगी पाने के एक लोकप्रिय स्थानीय उपाय की ओर इशारा करता है।
Gaurav Kumar Mishra
मुंगेर में पड़ रही भीषण गर्मी के बीच यह जिज्ञासा व्यक्त की गई है कि क्या स्थानीय निवासियों ने शहर के सबसे मशहूर 'लाल बाबा का शरबत' का स्वाद लिया है। यह प्रश्न भीषण गर्मी से बचाव और ताजगी पाने के एक लोकप्रिय स्थानीय उपाय की ओर इशारा करता है।
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- मुंगेर में पड़ रही भीषण गर्मी के बीच यह जिज्ञासा व्यक्त की गई है कि क्या स्थानीय निवासियों ने शहर के सबसे मशहूर 'लाल बाबा का शरबत' का स्वाद लिया है। यह प्रश्न भीषण गर्मी से बचाव और ताजगी पाने के एक लोकप्रिय स्थानीय उपाय की ओर इशारा करता है।1
- मुंगेर जिले में एक दर्दनाक हादसा सामने आया है, जहाँ मिट्टी धंसने के कारण 15 वर्षीय एक बालक की मौत हो गई। इस घटना से पूरे गाँव में मातम पसर गया है।1
- खतौली के बारी चौक गांव स्थित बजरंगबली स्थान पर एक गड्ढा है। इस संदर्भ में महेश नाम के व्यक्ति का उल्लेख किया गया है।1
- खगड़िया जिले के गोगरी प्रखंड मुख्यालय स्थित अंचलाधिकारी कार्यालय कक्ष में सोमवार को एक साप्ताहिक जन समाधान शिविर का आयोजन किया गया। यह शिविर शाम तीन बजे तक चला, जिसमें विभिन्न पंचायतों से आए लोगों ने अपनी समस्याओं के समाधान के लिए आवेदन प्रस्तुत किए। जनता दरबार की अध्यक्षता अंचलाधिकारी दीपक कुमार ने की। शिविर के दौरान कुल 7 आवेदन प्राप्त हुए, जो सभी जमीन विवाद, दाखिल-खारिज, सीमांकन, अतिक्रमण और भूमि संबंधी अन्य मामलों से संबंधित थे। अंचलाधिकारी ने एक-एक कर सभी मामलों की सुनवाई की और संबंधित पक्षों से आवश्यक जानकारी ली। सुनवाई के क्रम में, मौके पर ही चार मामलों का निष्पादन कर दिया गया, जिससे संबंधित फरियादियों ने राहत महसूस की। शेष मामलों के लिए, आवश्यक कागजातों की जांच और दोनों पक्षों की उपस्थिति सुनिश्चित करने के बाद अगली जनता दरबार में सुनवाई करने की बात कही गई। अंचलाधिकारी दीपक कुमार ने संबंधित कर्मी एआरओ सुजीत कुमार को निर्देश दिया कि भूमि विवाद से जुड़े मामलों का निष्पक्ष और त्वरित निष्पादन किया जाए, ताकि लोगों को अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े। जनता दरबार में अंचल कार्यालय के कर्मचारी, राजस्व कर्मी सुजीत कुमार और कई फरियादी उपस्थित रहे। प्रशासन ने लोगों से अपील की कि वे अपनी समस्याओं के समाधान के लिए जनता दरबार में पहुंचकर आवेदन दें, ताकि समय पर उनका निपटारा हो सके।2
- बलिया नगर परिषद में 18 मई को पांच वार्ड पार्षदों के आवेदन पर आयोजित एक बैठक को लेकर विवाद उत्पन्न हो गया है। नगर परिषद के अध्यक्ष मोहम्मद जमालुद्दीन ने इस बैठक को असंवैधानिक घोषित किया है। अध्यक्ष का कहना है कि यह बैठक पांच पार्षदों के आवेदन पर बुलाई तो गई थी, लेकिन इसमें बहुमत की कमी थी, जिसके कारण इसे असंवैधानिक करार दिया गया है।1
- खगड़िया जिले के भगवान हाई स्कूल के ऐतिहासिक मैदान में भीषण गर्मी और तपती धूप के बावजूद खिलाड़ी आपस में क्रिकेट खेलने में जुटे हुए हैं। इन खिलाड़ियों को पूरी उम्मीद है कि जल्द ही बिहार से भी एक क्रिकेट टीम का गठन होगा, जो इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) में राज्य का प्रतिनिधित्व करेगी और उसका नेतृत्व करेगी। इस उम्मीद के बीच, पोस्ट ने दर्शकों से पूछा है कि इस विषय पर उनकी क्या राय है।1
- बिहार के मुंगेर जिले के तारापुर विधानसभा क्षेत्र स्थित संग्रामपुर प्रखंड के पतघाघर में एक आवासीय विद्यालय में भीषण गर्मी और अव्यवस्था के कारण बुधवार को 7 छात्राएं बेहोश हो गईं। ये बच्चियां कटियारी पंचायत के पिछड़ा व अतिपिछड़ा वर्ग गर्ल्स आवासीय +2 विद्यालय की हैं, जिन्हें आनन-फानन में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र संग्रामपुर में भर्ती कराया गया। इस घटना ने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के गृह क्षेत्र में 'सुशासन' और 'बेटी पढ़ाओ, बेटी बचाओ' जैसे सरकारी दावों की पोल खोल दी है। बेहोश होने वाली छात्राओं में खुशबू कुमारी (14 वर्ष), आराध्या कुमारी (14 वर्ष), प्रियांशु कुमारी (12 वर्ष), राली कुमारी (13 वर्ष), रिया कुमारी (14 वर्ष) और सोना भारती (13 वर्ष) सहित कुल 7 छात्राएं शामिल हैं, जो कक्षा 6 से 10वीं के बीच पढ़ती हैं। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में डॉ. एस.एस. राय, डॉ. सुजय कुमार और डॉ. मयंक कुमार की टीम ने उनका इलाज किया, जिसमें चिकित्सकों ने हीट वेव और डिहाइड्रेशन को वजह बताया। फिलहाल, सभी बच्चियां खतरे से बाहर हैं और उन्हें कुछ घंटों की निगरानी के बाद छुट्टी दे दी जाएगी। अस्पताल में भर्ती एक छात्रा ने रोते हुए बताया कि दोपहर में बिजली जाने के बाद कमरा भट्टी जैसा बन गया, जिससे उसे चक्कर आया और वह गिर गई। इस आवासीय विद्यालय में राज्य के विभिन्न जिलों से कक्षा 6 से 12वीं तक की करीब 200 छात्राएं पढ़ती हैं। विद्यालय की प्रभारी प्रधानाध्यापक पुष्पा कुमारी ने अपनी लाचारी स्वीकारते हुए बताया कि बिजली न होने के कारण बच्चे बेहोश हुए। उनके पास बड़ा जनरेटर है, लेकिन डीजल खरीदने के लिए विभाग से फंड नहीं मिलता, इसलिए वह चल नहीं पाता। कैंपस का समरसेबल भी बोरिंग फेल होने के कारण पानी नहीं दे रहा है, जिसके चलते पीएचईडी से रोज केवल 3 टैंकर पानी मंगाना पड़ता है और पीने का पानी अलग से खरीदना पड़ता है। उन्होंने कई बार डीईओ-डीपीओ को पत्र लिखा, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र संग्रामपुर के प्रभारी डॉ. एस.एस. राय ने भी पुष्टि की कि बच्चियों को अत्यधिक गर्मी, बिजली-पानी की कमी और डिहाइड्रेशन के कारण हीट स्ट्रोक हुआ था। करोड़ों की लागत से भव्य भवन बनने के बावजूद, इस आवासीय विद्यालय में बुनियादी सुविधाएं नदारद हैं, जिससे 200 छात्राएं नारकीय जीवन जीने को मजबूर हैं। यह स्थिति तब है जब तारापुर के विधायक और बिहार के मुख्यमंत्री स्वयं सम्राट चौधरी हैं, और उनके ही विधानसभा क्षेत्र में सरकार द्वारा संचालित आवासीय विद्यालय की बेटियों की यह दुर्दशा 'सुशासन' और 'बेटी पढ़ाओ, बेटी बचाओ' के दावों पर सवाल उठाती है।3
- जमालपुर रेलवे स्टेशन पर मुंगेर सेवा मंच ने भीषण गर्मी के बीच रेलवे यात्रियों के लिए मानवता की एक मिसाल पेश की है। मंच ने लगभग 1500 बोतल पानी यात्रियों के बीच वितरित किया, जिससे उन्हें राहत मिली।1