समाजवादी पार्टी प्रमुख और कन्नौज से सांसद अखिलेश यादव का एक पुराना वीडियो इन दिनों सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इस वीडियो में अखिलेश यादव एक पुलिस अधिकारी, जिन्हें एडिशनल एसपी बताया गया है, को अपने पास बुलाकर मुस्कुराते हुए बातचीत करते नजर आ रहे हैं। वे अधिकारी से पूछते हैं, 'एडिशनल साहब, मैंने आपकी बात मानी कि नहीं मानी?' इसके बाद वे मीडिया की ओर देखते हुए कहते हैं कि वे उनका 'पुराना परिचय' और 'पुरानी पोस्टिंग' भी जानते हैं। यह वीडियो 2024 के लोकसभा चुनाव के दौरान मतदान वाले दिन का बताया जा रहा है, जब अखिलेश यादव कन्नौज लोकसभा सीट से चुनाव लड़ रहे थे। मतदान के दौरान सपा कार्यकर्ताओं द्वारा कई बूथों पर धांधली और गड़बड़ी के आरोप लगाए जाने के बाद, अखिलेश यादव खुद कन्नौज पहुंचे थे। उन्होंने छिबरामऊ इलाके के कई मतदान केंद्रों का दौरा करने की कोशिश की थी, लेकिन प्रशासन ने कानून-व्यवस्था का हवाला देते हुए उन्हें आगे जाने से रोक दिया। जानकारी के अनुसार, अखिलेश यादव जब लखनऊ-आगरा एक्सप्रेसवे से कन्नौज की ओर जा रहे थे, तभी तालग्राम क्षेत्र स्थित फॉरेंसिक लैब के पास पुलिस ने उनके काफिले को रोक लिया था। इसके बाद वे वहीं फॉरेंसिक लैब परिसर में बैठकर मीडिया से बातचीत करने लगे थे, और इसी दौरान यह वीडियो रिकॉर्ड किया गया था। वायरल वीडियो में अखिलेश यादव जिस पुलिस अधिकारी से बातचीत कर रहे हैं, उनका नाम डॉ. संसार सिंह बताया गया है। वे मूल रूप से बिजनौर के निवासी हैं और 2024 लोकसभा चुनाव के दौरान कन्नौज में एडिशनल एसपी के पद पर तैनात थे। इससे पहले, वे 2019 से 2022 तक रामपुर में भी एडिशनल एसपी के रूप में कार्यरत रहे थे। रामपुर में उनकी तैनाती के समय सपा नेता आजम खान और उनके परिवार के खिलाफ कई कानूनी कार्रवाइयां हुई थीं। माना जा रहा है कि वीडियो में अखिलेश यादव द्वारा 'पुरानी पोस्टिंग' का जिक्र इसी संदर्भ में किया गया था। यह वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से साझा किया जा रहा है और लोग इसे अलग-अलग राजनीतिक संदर्भों में देखते हुए इस पर तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं।
समाजवादी पार्टी प्रमुख और कन्नौज से सांसद अखिलेश यादव का एक पुराना वीडियो इन दिनों सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इस वीडियो में अखिलेश यादव एक पुलिस अधिकारी, जिन्हें एडिशनल एसपी बताया गया है, को अपने पास बुलाकर मुस्कुराते हुए बातचीत करते नजर आ रहे हैं। वे अधिकारी से पूछते हैं, 'एडिशनल साहब, मैंने आपकी बात मानी कि नहीं मानी?' इसके बाद वे मीडिया की ओर देखते हुए कहते हैं कि वे उनका 'पुराना परिचय' और 'पुरानी पोस्टिंग' भी जानते हैं। यह वीडियो 2024 के लोकसभा चुनाव के दौरान मतदान वाले दिन का बताया जा रहा है, जब अखिलेश यादव कन्नौज लोकसभा सीट से चुनाव लड़ रहे थे। मतदान के दौरान सपा कार्यकर्ताओं द्वारा कई बूथों पर धांधली और गड़बड़ी के आरोप लगाए जाने के बाद, अखिलेश यादव खुद कन्नौज पहुंचे थे। उन्होंने छिबरामऊ इलाके के कई मतदान केंद्रों का दौरा करने की कोशिश की थी, लेकिन प्रशासन ने कानून-व्यवस्था का हवाला देते हुए उन्हें आगे जाने से रोक दिया। जानकारी के अनुसार, अखिलेश यादव जब लखनऊ-आगरा एक्सप्रेसवे से कन्नौज की ओर जा रहे थे, तभी तालग्राम क्षेत्र स्थित फॉरेंसिक लैब के पास पुलिस ने उनके काफिले को रोक लिया था। इसके बाद वे वहीं फॉरेंसिक लैब परिसर में बैठकर मीडिया से बातचीत करने लगे थे, और इसी दौरान यह वीडियो रिकॉर्ड किया गया था। वायरल वीडियो में अखिलेश यादव जिस पुलिस अधिकारी से बातचीत कर रहे हैं, उनका नाम डॉ. संसार सिंह बताया गया है। वे मूल रूप से बिजनौर के निवासी हैं और 2024 लोकसभा चुनाव के दौरान कन्नौज में एडिशनल एसपी के पद पर तैनात थे। इससे पहले, वे 2019 से 2022 तक रामपुर में भी एडिशनल एसपी के रूप में कार्यरत रहे थे। रामपुर में उनकी तैनाती के समय सपा नेता आजम खान और उनके परिवार के खिलाफ कई कानूनी कार्रवाइयां हुई थीं। माना जा रहा है कि वीडियो में अखिलेश यादव द्वारा 'पुरानी पोस्टिंग' का जिक्र इसी संदर्भ में किया गया था। यह वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से साझा किया जा रहा है और लोग इसे अलग-अलग राजनीतिक संदर्भों में देखते हुए इस पर तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं।
- Rkpatraଆର୍. ଉଦୟଗିରି, ଗଜପତି, ଓଡ଼ିଶା2 nd popu of our country12 hrs ago
- उरई से दिल्ली जा रही एक निजी बस में मंगलवार शाम कथित तौर पर एक महिला सिपाही के हंगामे के कारण यात्रियों को घंटों परेशानी का सामना करना पड़ा। यह मामला उरई से टूरिस्ट पैकेज लेकर दिल्ली जा रही अमर ट्रेवल्स की बस में सीट को लेकर हुए विवाद से शुरू हुआ, जब बस पूरी तरह से भरी हुई थी। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, एक महिला सिपाही बस में बैठने पर जोर दे रही थी, जबकि बस स्टाफ ने सीट उपलब्ध न होने की बात कही। आरोप है कि सीट न मिलने पर महिला सिपाही कथित रूप से नाराज हो गई और उसने पुलिसिया रौब दिखाया। इसके बाद, उसके फोन करने पर जालौन चौराहे पर डायल-112 पुलिस ने बस को रुकवा लिया। बस के काफी देर तक खड़े रहने से यात्री परेशान हो उठे और विरोध जताने लगे। इस दौरान महिला सिपाही और कुछ पुलिसकर्मियों द्वारा यात्रियों से अभद्रता किए जाने के भी आरोप लगे हैं। स्थिति उस समय और बिगड़ गई जब महिला सिपाही ने जेल चौकी का स्टाफ भी मौके पर बुला लिया, जिससे मौके पर काफी देर तक अफरा-तफरी और बहस का माहौल बना रहा। इसी बीच, किसी यात्री ने मामले की सूचना पुलिस अधीक्षक विनय कुमार सिंह को दी। उनके निर्देश पर कोतवाली प्रभारी आनंद सिंह ने मौके पर पहुंचकर जानकारी ली और हस्तक्षेप कर मामले को शांत कराया। सूत्रों के अनुसार, कोतवाल ने महिला सिपाही और जेल चौकी प्रभारी को फटकार भी लगाई, जिसके बाद बस को दिल्ली के लिए रवाना किया गया। इस घटना के बाद यात्रियों में पुलिसकर्मियों के व्यवहार को लेकर नाराजगी देखी गई, और अब यह सवाल उठ रहा है कि पुलिस वर्दी के कथित दुरुपयोग और अनुशासनहीनता के इस मामले में संबंधित महिला सिपाही के खिलाफ कोई विभागीय कार्रवाई होगी या नहीं।1
- लखनऊ नगर निगम के जोन-6 स्थित आचार्य नरेंद्र देव वार्ड में ठाकुरद्वारा मंदिर और हज़रत अब्बास दरगाह के बीच चल रहे अवैध कूड़ा घर को जनहित याचिका संख्या 376/2026 और लगातार की गई शिकायतों के बाद बंद कर दिया गया है। यह कार्रवाई पर्यावरण एवं वन्यजीव संरक्षणवादी व सामाजिक कार्यकर्ता सैयद अली हसनैन के प्रयासों के फलस्वरूप हुई। हालांकि, स्थानीय नागरिकों के अनुसार, इस कार्रवाई के बाद नगर निगम के कर्मचारियों ने सैयद अली हसनैन के घर से मात्र एक खंभे की दूरी पर स्थित एक धार्मिक संरचना और उससे जुड़े मैदान में ही कूड़ा डालना शुरू कर दिया है। आरोप है कि इस स्थान पर पहले भी चोरी-छिपे कचरा फेंका जाता था, जिसकी शिकायतें तब भी की गई थीं। पिछले साल के एक वीडियो में भी स्थानीय लोग इसी जगह पर कूड़ा डाले जाने का विरोध करते हुए दिखे थे। निवासियों का कहना है कि अब यह कार्य खुले तौर पर और जानबूझकर किया जा रहा है, जिससे न केवल धार्मिक स्थल, बल्कि आसपास का वातावरण और लोगों का जनस्वास्थ्य भी बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। उन्होंने बताया कि नगर निगम जोन 6 के वार्ड में मौलाना कल्बे आबिद और निगम कर्मचारी धार्मिक संरचनाओं के पास रहीसी बस्ती में बच्चों के खेलने के मैदान में कूड़े की गाड़ियां पलट रहे हैं। लोगों ने इस पूरे मामले में उच्च अधिकारियों की भूमिका की निष्पक्ष जांच और इस समस्या के तत्काल स्थायी समाधान की मांग की है।2
- लखनऊ में मोहन भागवत ने एक बयान में कहा है कि जातियों के साथ किसी भी प्रकार का भेदभाव नहीं होना चाहिए और इस बात का विशेष ध्यान रखा जाना आवश्यक है। यह जानकारी संवाददाता आशीष मिश्रा ने दी।1
- आज दिनांक 26 मई 2026 को जनपद सुल्तानपुर के क्षेत्राधिकारी नगर के सरकारी वाहन संख्या यूपी 32 ईजी 7957 में कुछ तकनीकी दिक्कतें आ गई थीं। इसे बनवाने के लिए जब ड्राइवर द्वारा गाड़ी को सर्विस सेंटर ले जाया जा रहा था, तभी शाम करीब 6:30 बजे अमहट चौराहे पर अचानक उसमें आग लग गई। सूचना मिलने पर फायर ब्रिगेड तुरंत मौके पर पहुँची और आग को बुझाया गया। इस घटना में किसी भी प्रकार की जनहानि नहीं हुई है और गाड़ी का ड्राइवर पूरी तरह सुरक्षित है। मौके पर शांति व्यवस्था कायम है तथा अग्रिम विधिक कार्रवाई प्रचलित है। प्रारंभिक तौर पर ऐसा प्रतीत हो रहा है कि गाड़ी में आग शॉर्ट सर्किट की वजह से लगी होगी, जिसकी जांच जारी है। इस संबंध में अपर पुलिस अधीक्षक सुलतानपुर श्री वृजनारायण सिंह ने भी जानकारी दी है।1
- लखनऊ के सुभाष नगर में नगर सहकारी बैंक के अध्यक्ष और पूर्व पार्षद हरसरन लाल गुप्ता ने एक विशाल भंडारे का आयोजन किया। इस अवसर पर पूर्व मेयर संयुक्ता भाटिया, वरिष्ठ पत्रकार विनय मिश्रा, तथा भाजपा के वरिष्ठ नेता एवं कार्यकर्ता मौजूद रहे।1
- देश की जनता इस समय महंगाई, बेरोजगारी, शिक्षा, स्वास्थ्य और टूटती आर्थिक व्यवस्था जैसी गंभीर समस्याओं से जूझ रही है। इसके बावजूद, टीवी डिबेट्स का एजेंडा अक्सर “सड़क पर नमाज़”, “बकरीद पर कुर्बानी” और “मस्जिद के नीचे मंदिर” जैसे मुद्दों में देश को उलझा रहा है। यह सवाल उठाया जा रहा है कि क्या इन बहसें से जनता का ध्यान असली मुद्दों से भटकाया जा रहा है? रसोई गैस, पेट्रोल-डीजल और रोजमर्रा की चीजों की कीमतें आसमान छू रही हैं, लेकिन प्राइम टाइम पर जनता की जेब से जुड़े मुद्दों की बजाय, धर्म पर आधारित बहसें दिखाई जाती हैं। इसी बीच, एक टीवी डिबेट में जब एंकर चित्रा त्रिपाठी ने पेट्रोल की कीमतों में बढ़ोतरी को “7 रुपये ज्यादा महंगा नहीं हुआ” कहा, तो उन्हीं के चैनल की एंकर प्रतिमा मिश्रा ने आम जनता की आवाज़ उठाते हुए महंगाई और लोगों की परेशानियों पर जोरदार सवाल उठाए। आज देश पूछ रहा है कि क्या मीडिया का काम जनता के असली मुद्दे उठाना है या सिर्फ टीआरपी बटोरने वाली बहसें दिखाना है।1
- समाजवादी पार्टी प्रमुख और कन्नौज से सांसद अखिलेश यादव का एक पुराना वीडियो इन दिनों सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इस वीडियो में अखिलेश यादव एक पुलिस अधिकारी, जिन्हें एडिशनल एसपी बताया गया है, को अपने पास बुलाकर मुस्कुराते हुए बातचीत करते नजर आ रहे हैं। वे अधिकारी से पूछते हैं, 'एडिशनल साहब, मैंने आपकी बात मानी कि नहीं मानी?' इसके बाद वे मीडिया की ओर देखते हुए कहते हैं कि वे उनका 'पुराना परिचय' और 'पुरानी पोस्टिंग' भी जानते हैं। यह वीडियो 2024 के लोकसभा चुनाव के दौरान मतदान वाले दिन का बताया जा रहा है, जब अखिलेश यादव कन्नौज लोकसभा सीट से चुनाव लड़ रहे थे। मतदान के दौरान सपा कार्यकर्ताओं द्वारा कई बूथों पर धांधली और गड़बड़ी के आरोप लगाए जाने के बाद, अखिलेश यादव खुद कन्नौज पहुंचे थे। उन्होंने छिबरामऊ इलाके के कई मतदान केंद्रों का दौरा करने की कोशिश की थी, लेकिन प्रशासन ने कानून-व्यवस्था का हवाला देते हुए उन्हें आगे जाने से रोक दिया। जानकारी के अनुसार, अखिलेश यादव जब लखनऊ-आगरा एक्सप्रेसवे से कन्नौज की ओर जा रहे थे, तभी तालग्राम क्षेत्र स्थित फॉरेंसिक लैब के पास पुलिस ने उनके काफिले को रोक लिया था। इसके बाद वे वहीं फॉरेंसिक लैब परिसर में बैठकर मीडिया से बातचीत करने लगे थे, और इसी दौरान यह वीडियो रिकॉर्ड किया गया था। वायरल वीडियो में अखिलेश यादव जिस पुलिस अधिकारी से बातचीत कर रहे हैं, उनका नाम डॉ. संसार सिंह बताया गया है। वे मूल रूप से बिजनौर के निवासी हैं और 2024 लोकसभा चुनाव के दौरान कन्नौज में एडिशनल एसपी के पद पर तैनात थे। इससे पहले, वे 2019 से 2022 तक रामपुर में भी एडिशनल एसपी के रूप में कार्यरत रहे थे। रामपुर में उनकी तैनाती के समय सपा नेता आजम खान और उनके परिवार के खिलाफ कई कानूनी कार्रवाइयां हुई थीं। माना जा रहा है कि वीडियो में अखिलेश यादव द्वारा 'पुरानी पोस्टिंग' का जिक्र इसी संदर्भ में किया गया था। यह वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से साझा किया जा रहा है और लोग इसे अलग-अलग राजनीतिक संदर्भों में देखते हुए इस पर तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं।1
- पति को अपनी पत्नी पर शक हुआ तो वह चुपचाप उसके पीछे निकल पड़ा। पत्नी ने घर से यह कहकर निकली थी कि वह परीक्षा देने जा रही है, लेकिन कुछ ही देर बाद पति ने उसे एक KTM बाइक पर एक युवक के साथ घूमते हुए देख लिया और मौके पर ही पकड़ लिया। जैसे ही पति ने दोनों को रोका, काफी देर तक हंगामा होता रहा। आसपास मौजूद लोगों की भीड़ इकट्ठा हो गई और किसी ने इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया। वीडियो में पति अपनी पत्नी से सवाल करता नजर आ रहा है, जबकि KTM सवार युवक मौके से निकलने की कोशिश करता दिखाई देता है। इस घटना के बाद इलाके में तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं। फिलहाल, यह मामला सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। हालांकि, यह घटना कहाँ की है और पुलिस में कोई शिकायत दर्ज हुई है या नहीं, इसकी आधिकारिक पुष्टि अभी तक नहीं हो पाई है।1