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टोल कर्मियों की गुंडागर्दी देखिए। अवैध वसूली का विरोध करने पर ट्रक ड्राइवर की कर दी पिटाई मोबाईल भी छीना
Shital vishwakarma
टोल कर्मियों की गुंडागर्दी देखिए। अवैध वसूली का विरोध करने पर ट्रक ड्राइवर की कर दी पिटाई मोबाईल भी छीना
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- बिश्रामपुर पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर तीन वारंटी को गिरफ्तार किया है। इन पर एक मामले में न्यायालय द्वारा गिरफ्तारी का वारंट जारी किया गया था। सभी आरोपियों को जेल भेज दिया गया है।1
- झारखंड के धुरकी में मगही-भोजपुरी भाषाओं के मान-सम्मान के लिए एक बड़ा प्रदर्शन हुआ। भानु प्रताप शाही के नेतृत्व में प्रदर्शनकारियों ने विधायक को घेरा और मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन का पुतला दहन किया।1
- गढ़वा के कांडी प्रखंड स्थित घोड़दाग गांव में रविदास मंदिर की जमीन पर अवैध कब्जे का मामला सामने आया है। पंचायत के 2024 के फैसले के बावजूद कि अब नया निर्माण नहीं होगा, कुछ लोग फिर से घर बनाने की तैयारी में हैं। स्थानीय लोगों ने इस पर कांडी वासियों से राय मांगी है।1
- उत्तर प्रदेश में अवैध गौ तस्करी के खिलाफ प्रशासन ने सख्त रुख अख्तियार किया है। राज्य का हर विभाग अलर्ट मोड पर है और अपराधियों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति अपनाई जा रही है।1
- छत्तीसगढ़ के बलरामपुर मुख्यालय में जिला कांग्रेस अध्यक्ष हरिहर प्रसाद यादव के नेतृत्व में कांग्रेस ने बढ़ती महंगाई के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया। नेताओं ने बढ़ती कीमतों पर सरकार को घेरा और आम जनता के लिए राहत की मांग की।1
- बलरामपुर से वाटरनगर तक चलगली होते हुए जाने वाली सड़क पर इन दिनों प्रकृति के अद्भुत नज़ारे दिख रहे हैं। यह मनमोहक मार्ग स्थानीय लोगों और पर्यटकों के लिए एक नया आकर्षक बिंदु बन गया है।1
- पलामू के बिश्रामपुर प्रखंड की लालगढ़ पंचायत में गंगा ओझा के घर से अर्जुन महतो के घर तक जर्जर सड़क की मरम्मत की गई। यह कार्य पंचायत के मुखिया धर्मेंद्र चौधरी ने सरकारी फंड का इंतजार किए बिना अपने निजी खर्च से करवाया है।1
- छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बलरामपुर में एक प्रेस वार्ता को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने राज्य के विकास और जनता से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर अपनी बात रखी।1
- छत्तीसगढ़ के बलरामपुर में वन विभाग की लापरवाही से लाखों के बेशकीमती सागवान के जंगल उजाड़े गए। दाल्को बांध के पास करोड़ों की लागत से लगे पौधे नष्ट हुए, जिससे पर्यावरण को भारी नुकसान पहुंचा है। ग्रामीणों द्वारा हरे-भरे जंगल काटने और प्रशासन पर मिलीभगत के आरोप लग रहे हैं।1