*महाविद्यालय की वायरल वीडियो पर AVBP छात्र नेता अमर सिंह बघेल का भी बयान आया सामने* अमरपाटन/मैहर हंसी के पात्र बन गए महाविद्यालय में पदस्थ प्रोफेसर के.एन. मिश्रा अपने प्रचार तंत्र का इस्तेमाल कर अब निजी कोचिंग का हवाला देकर पूरे मामले से बचने का प्रयास किया जा रहा है। जबकि सूत्रों के अनुसार डिग्री कॉलेज से एम.ए. की कॉपियां जांच के लिए आई थीं और जिन कॉपियों के मूल्यांकन का मामला सामने आया है, उन्हें जांचने वाला छात्र एम.ए. प्रथम वर्ष का छात्र बताया जा रहा है। इसके साक्ष्य वीडियो में भी मौजूद हैं और महाविद्यालय में सीसीटीवी लगे हैं जो सारे घटना की गवाही देती है। लेकिन मिश्रा जी तो दिमाग के तेज निकले। प्रचार तंत्र के जरिए यह बताने की कोशिश कर रहे कि छात्र निजी कोचिंग से जुड़ा था और वहां कॉपियां जांच रहा था। अब सवाल यह है कि अगर मामला इतना ही साफ था तो उस भोपाल से आए छात्र का नाम भी बता देते, ताकि हम उसी छात्र से पूछ लेते कि आखिर उससे क्या काम लिया जा रहा था? बहरहाल, मिश्रा जी आपने जो किया है, वह जांच में सामने आ ही जाएगा। क्योंकि महाविद्यालय की परीक्षा प्रक्रिया में मूल्यांकन का काम कौन कर सकता है और कौन नहीं, इसके अपने नियम हैं। किसी छात्र से परीक्षा की कॉपियों का मूल्यांकन कराए ये कही नहीं लिखा और हां, एक विशेष आग्रह है आवेश में आकर पत्रकारिता पर उंगली मत उठाइएगा। पत्रकार सवाल पूछता है और जवाब मांगता है। अगर खबर गलत है तो तथ्यों के साथ उसका जवाब दीजिए अगर शिक्षा में लापरवाही का परिणाम देखना हो तो एक बार पीछे मुड़कर देख लीजिए शिक्षा और छात्रों के भविष्य से जुड़े मामलों को हल्के में लेने के परिणाम कितने गंभीर हो सकते हैं, इसका उदाहरण हमारे सामने है। पूर्व शिक्षा धर्मेंद्र प्रधान को आखिरकार इस्तीफा देना पड़ा था। इसलिए जब मामला शिक्षा और छात्रों के भविष्य का हो तो बुद्धि के साथ विवेक का भी इस्तेमाल करिएगा। क्योंकि प्रचार तंत्र से कुछ समय के लिए सवाल दबाए जा सकते हैं, लेकिन जांच में सामने आने वाले तथ्यों को हमेशा के लिए नहीं छिपाया जा सकता।
*महाविद्यालय की वायरल वीडियो पर AVBP छात्र नेता अमर सिंह बघेल का भी बयान आया सामने* अमरपाटन/मैहर हंसी के पात्र बन गए महाविद्यालय में पदस्थ प्रोफेसर के.एन. मिश्रा अपने प्रचार तंत्र का इस्तेमाल कर अब निजी कोचिंग का हवाला देकर पूरे मामले से बचने का प्रयास किया जा रहा है। जबकि सूत्रों के अनुसार डिग्री कॉलेज से एम.ए. की कॉपियां जांच के लिए आई थीं और जिन कॉपियों के मूल्यांकन का मामला सामने आया है, उन्हें जांचने वाला छात्र एम.ए. प्रथम वर्ष का छात्र बताया जा रहा है। इसके साक्ष्य वीडियो में भी मौजूद हैं और महाविद्यालय में सीसीटीवी लगे हैं जो सारे घटना की गवाही देती है। लेकिन मिश्रा जी तो दिमाग के तेज निकले। प्रचार तंत्र के जरिए यह बताने की कोशिश कर रहे कि छात्र निजी कोचिंग से जुड़ा था और वहां कॉपियां जांच रहा था। अब सवाल यह है कि अगर मामला इतना ही साफ था तो उस भोपाल से आए छात्र का नाम भी बता देते, ताकि हम उसी छात्र से पूछ लेते कि आखिर उससे क्या काम लिया जा रहा था? बहरहाल, मिश्रा जी आपने जो किया है, वह जांच में सामने आ ही जाएगा। क्योंकि महाविद्यालय की परीक्षा प्रक्रिया में मूल्यांकन का काम कौन कर सकता है और कौन नहीं, इसके अपने नियम हैं। किसी छात्र से परीक्षा की कॉपियों का मूल्यांकन कराए ये कही नहीं लिखा और हां, एक विशेष आग्रह है आवेश में आकर पत्रकारिता पर उंगली मत उठाइएगा। पत्रकार सवाल पूछता है और जवाब मांगता है। अगर खबर गलत है तो तथ्यों के साथ उसका जवाब दीजिए अगर शिक्षा में लापरवाही का परिणाम देखना हो तो एक बार पीछे मुड़कर देख लीजिए शिक्षा और छात्रों के भविष्य से जुड़े मामलों को हल्के में लेने के परिणाम कितने गंभीर हो सकते हैं, इसका उदाहरण हमारे सामने है। पूर्व शिक्षा धर्मेंद्र प्रधान को आखिरकार इस्तीफा देना पड़ा था। इसलिए जब मामला शिक्षा और छात्रों के भविष्य का हो तो बुद्धि के साथ विवेक का भी इस्तेमाल करिएगा। क्योंकि प्रचार तंत्र से कुछ समय के लिए सवाल दबाए जा सकते हैं, लेकिन जांच में सामने आने वाले तथ्यों को हमेशा के लिए नहीं छिपाया जा सकता।
- *महाविद्यालय अमरपाटन मामले पर NSUI छात्र नेता कौशलेंद्र सिंह का बयान आया सामने* *महाविद्यालय अमरपाटन मामले पर NSUI छात्र नेता कौशलेंद्र सिंह का बयान आया सामने* अमरपाटन/मैहर हंसी के पात्र बन गए महाविद्यालय में पदस्थ प्रोफेसर के.एन. मिश्रा अपने प्रचार तंत्र का इस्तेमाल कर अब निजी कोचिंग का हवाला देकर पूरे मामले से बचने का प्रयास किया जा रहा है। जबकि सूत्रों के अनुसार डिग्री कॉलेज से एम.ए. की कॉपियां जांच के लिए आई थीं और जिन कॉपियों के मूल्यांकन का मामला सामने आया है, उन्हें जांचने वाला छात्र एम.ए. प्रथम वर्ष का छात्र बताया जा रहा है। इसके साक्ष्य वीडियो में भी मौजूद हैं और महाविद्यालय में सीसीटीवी लगे हैं जो सारे घटना की गवाही देती है। लेकिन मिश्रा जी तो दिमाग के तेज निकले। प्रचार तंत्र के जरिए यह बताने की कोशिश कर रहे कि छात्र निजी कोचिंग से जुड़ा था और वहां कॉपियां जांच रहा था। अब सवाल यह है कि अगर मामला इतना ही साफ था तो उस भोपाल से आए छात्र का नाम भी बता देते, ताकि हम उसी छात्र से पूछ लेते कि आखिर उससे क्या काम लिया जा रहा था? बहरहाल, मिश्रा जी आपने जो किया है, वह जांच में सामने आ ही जाएगा। क्योंकि महाविद्यालय की परीक्षा प्रक्रिया में मूल्यांकन का काम कौन कर सकता है और कौन नहीं, इसके अपने नियम हैं। किसी छात्र से परीक्षा की कॉपियों का मूल्यांकन कराए ये कही नहीं लिखा और हां, एक विशेष आग्रह है आवेश में आकर पत्रकारिता पर उंगली मत उठाइएगा। पत्रकार सवाल पूछता है और जवाब मांगता है। अगर खबर गलत है तो तथ्यों के साथ उसका जवाब दीजिए अगर शिक्षा में लापरवाही का परिणाम देखना हो तो एक बार पीछे मुड़कर देख लीजिए शिक्षा और छात्रों के भविष्य से जुड़े मामलों को हल्के में लेने के परिणाम कितने गंभीर हो सकते हैं, इसका उदाहरण हमारे सामने है। पूर्व शिक्षा धर्मेंद्र प्रधान को आखिरकार इस्तीफा देना पड़ा था। इसलिए जब मामला शिक्षा और छात्रों के भविष्य का हो तो बुद्धि के साथ विवेक का भी इस्तेमाल करिएगा। क्योंकि प्रचार तंत्र से कुछ समय के लिए सवाल दबाए जा सकते हैं, लेकिन जांच में सामने आने वाले तथ्यों को हमेशा के लिए नहीं छिपाया जा सकता।1
- *खुटहा में अवैध कोयला भंडारण पर प्रशासन की कार्रवाई* *कोयले में डस्ट-गिट्टी मिलाकर महीनों से सप्लाई का आरोप, कार्रवाई होते ही मौके से भागे संदिग्ध* *खुटहा में अवैध कोयला भंडारण पर प्रशासन की कार्रवाई* *कोयले में डस्ट-गिट्टी मिलाकर महीनों से सप्लाई का आरोप, कार्रवाई होते ही मौके से भागे संदिग्ध* रामपुर बाघेलान तहसील अंतर्गत ग्राम खुटहा में नेशनल हाईवे-30 किनारे अवैध कोयला भंडारण के खिलाफ राजस्व और पुलिस विभाग की संयुक्त टीम ने कार्रवाई की। एसडीएम सुभाष मिश्रा के निर्देश पर नायब तहसीलदार मंगलेश्वर सिंह के नेतृत्व में टीम ने आराजी नंबर 1043 और 1045 पर दबिश दी। कार्रवाई के दौरान मौके पर मौजूद लोग भाग निकले। भंडारण से संबंधित कोई दस्तावेज नहीं मिलने पर स्थल को सील कर दिया गया। मौके पर दो जेसीबी मशीनें भी मिलीं। आरोप है कि कोयले में डस्ट और गिट्टी मिलाकर उसकी सप्लाई की जा रही थी। सूत्रों के अनुसार बिहार निवासी राहुल गुप्ता व संजय तिवारी सहित दो अन्य लोगों द्वारा यह भंडारण किया जा रहा था। कार्रवाई में राजस्व निरीक्षक पन्नालाल रावत सहित पटवारी और रामपुर बाघेलान पुलिस के अधिकारी-कर्मचारी मौजूद रहे। *राइजिंग सतना✍️*1
- सतना जिला चित्रकूट- धारकुंडी थाना प्रभारी विजय सिंह को शाम की पेट्रोलिंग के समय परमहंस आश्रम मार्ग में दिखा तेंदुआ, थाना प्रभारी ने वीडियो में किया कैद, लगातार इस क्षेत्र में नजर आ रहे तेंदुए और बाघ, आज फिर तेंदुए का वीडियो आया सामने।1
- किसकी शय में चल रहा खुली khadan का कारोबार 📍मैहर #sntnewspinch किसकी शय में चल रहा खुली khadan का कारोबार 📍मैहर #sntnewspinch1
- सतना: शासकीय जमीन पर चल रहा था निजी स्कूल, मान्यता खत्म करने की सिफारिश! सतना: शासकीय जमीन पर चल रहा था निजी स्कूल, मान्यता खत्म करने की सिफारिश! सतना से एक बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई की खबर सामने आ रही है, जहां शिक्षा व्यवस्था में भारी धांधली का भंडाफोड़ हुआ है। नई बस्ती स्थित 'विलियम अब्राहम लिंकन कॉन्वेंट इंग्लिश मीडियम स्कूल' में जब SDM और शिक्षा विभाग की टीम ने औचक निरीक्षण किया, तो होश उड़ाने वाले खुलासे हुए।" पालक-शिक्षक संघ और स्थानीय निवासियों की शिकायत पर एसडीएम राहुल सिलाडिया ने स्कूल का निरीक्षण किया। जांच में पाया गया कि निजी स्कूल का पूरा भवन शासकीय भूमि पर अतिक्रमण करके खड़ा किया गया था। हद तो तब हो गई जब स्कूल परिसर में पढ़ाई के साथ-साथ मवेशी बंधे मिले और ब्यूटी पार्लर का बोर्ड टंगा नजर आया। जांच में यह भी पुष्टि हुई कि एक ही डाइस कोड का गलत इस्तेमाल कर तीन अलग-अलग जगहों पर स्कूल चलाया जा रहा था। नर्सरी से 10वीं तक की कक्षाओं को संभालने के लिए मौके पर सिर्फ 12 शिक्षक मौजूद थे, जिनमें से ज्यादातर B.Ed की अनिवार्य योग्यता भी पूरी नहीं करते थे।" स्कूल में न तो सीसीटीवी कैमरे थे, न अग्निशमन की व्यवस्था, न कंप्यूटर लैब और न ही खेल का मैदान। इन गंभीर अनियमितताओं को देखते हुए एसडीएम ने जिला शिक्षा अधिकारी और संयुक्त संचालक (JD) कार्यालय को स्कूल की मान्यता तुरंत रद्द करने की सिफारिश भेजी है। वहीं, स्कूल में पढ़ रहे मासूम बच्चों के भविष्य को ध्यान में रखते हुए उन्हें दूसरे स्कूलों में शिफ्ट करने का फैसला जल्द ही जेडी कार्यालय द्वारा लिया जाएगा।" #Satna #SatnaNews #MadhyaPradesh #UnchehraNews #EducationScam #BreakingNews #MpNews1
- *महाविद्यालय की वायरल वीडियो पर AVBP छात्र नेता अमर सिंह बघेल का भी बयान आया सामने* अमरपाटन/मैहर हंसी के पात्र बन गए महाविद्यालय में पदस्थ प्रोफेसर के.एन. मिश्रा अपने प्रचार तंत्र का इस्तेमाल कर अब निजी कोचिंग का हवाला देकर पूरे मामले से बचने का प्रयास किया जा रहा है। जबकि सूत्रों के अनुसार डिग्री कॉलेज से एम.ए. की कॉपियां जांच के लिए आई थीं और जिन कॉपियों के मूल्यांकन का मामला सामने आया है, उन्हें जांचने वाला छात्र एम.ए. प्रथम वर्ष का छात्र बताया जा रहा है। इसके साक्ष्य वीडियो में भी मौजूद हैं और महाविद्यालय में सीसीटीवी लगे हैं जो सारे घटना की गवाही देती है। लेकिन मिश्रा जी तो दिमाग के तेज निकले। प्रचार तंत्र के जरिए यह बताने की कोशिश कर रहे कि छात्र निजी कोचिंग से जुड़ा था और वहां कॉपियां जांच रहा था। अब सवाल यह है कि अगर मामला इतना ही साफ था तो उस भोपाल से आए छात्र का नाम भी बता देते, ताकि हम उसी छात्र से पूछ लेते कि आखिर उससे क्या काम लिया जा रहा था? बहरहाल, मिश्रा जी आपने जो किया है, वह जांच में सामने आ ही जाएगा। क्योंकि महाविद्यालय की परीक्षा प्रक्रिया में मूल्यांकन का काम कौन कर सकता है और कौन नहीं, इसके अपने नियम हैं। किसी छात्र से परीक्षा की कॉपियों का मूल्यांकन कराए ये कही नहीं लिखा और हां, एक विशेष आग्रह है आवेश में आकर पत्रकारिता पर उंगली मत उठाइएगा। पत्रकार सवाल पूछता है और जवाब मांगता है। अगर खबर गलत है तो तथ्यों के साथ उसका जवाब दीजिए अगर शिक्षा में लापरवाही का परिणाम देखना हो तो एक बार पीछे मुड़कर देख लीजिए शिक्षा और छात्रों के भविष्य से जुड़े मामलों को हल्के में लेने के परिणाम कितने गंभीर हो सकते हैं, इसका उदाहरण हमारे सामने है। पूर्व शिक्षा धर्मेंद्र प्रधान को आखिरकार इस्तीफा देना पड़ा था। इसलिए जब मामला शिक्षा और छात्रों के भविष्य का हो तो बुद्धि के साथ विवेक का भी इस्तेमाल करिएगा। क्योंकि प्रचार तंत्र से कुछ समय के लिए सवाल दबाए जा सकते हैं, लेकिन जांच में सामने आने वाले तथ्यों को हमेशा के लिए नहीं छिपाया जा सकता।1
- *सतना. जिले के धारकुंडी थाना प्रभारी विजय सिंह को शाम की पेट्रोलिंग के समय परमहंस आश्रम मार्ग में दिखा तेंदुआ, थाना प्रभारी ने वीडियो में किया कैद, लगातार इस क्षेत्र में नजर आ रहे तेंदुए और बाघ, आज फिर तेंदुए का वीडियो आया सामने।* *सतना. जिले के धारकुंडी थाना प्रभारी विजय सिंह को शाम की पेट्रोलिंग के समय परमहंस आश्रम मार्ग में दिखा तेंदुआ, थाना प्रभारी ने वीडियो में किया कैद, लगातार इस क्षेत्र में नजर आ रहे तेंदुए और बाघ, आज फिर तेंदुए का वीडियो आया सामने।*1