सतना: शासकीय जमीन पर चल रहा था निजी स्कूल, मान्यता खत्म करने की सिफारिश! सतना: शासकीय जमीन पर चल रहा था निजी स्कूल, मान्यता खत्म करने की सिफारिश! सतना से एक बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई की खबर सामने आ रही है, जहां शिक्षा व्यवस्था में भारी धांधली का भंडाफोड़ हुआ है। नई बस्ती स्थित 'विलियम अब्राहम लिंकन कॉन्वेंट इंग्लिश मीडियम स्कूल' में जब SDM और शिक्षा विभाग की टीम ने औचक निरीक्षण किया, तो होश उड़ाने वाले खुलासे हुए।" पालक-शिक्षक संघ और स्थानीय निवासियों की शिकायत पर एसडीएम राहुल सिलाडिया ने स्कूल का निरीक्षण किया। जांच में पाया गया कि निजी स्कूल का पूरा भवन शासकीय भूमि पर अतिक्रमण करके खड़ा किया गया था। हद तो तब हो गई जब स्कूल परिसर में पढ़ाई के साथ-साथ मवेशी बंधे मिले और ब्यूटी पार्लर का बोर्ड टंगा नजर आया। जांच में यह भी पुष्टि हुई कि एक ही डाइस कोड का गलत इस्तेमाल कर तीन अलग-अलग जगहों पर स्कूल चलाया जा रहा था। नर्सरी से 10वीं तक की कक्षाओं को संभालने के लिए मौके पर सिर्फ 12 शिक्षक मौजूद थे, जिनमें से ज्यादातर B.Ed की अनिवार्य योग्यता भी पूरी नहीं करते थे।" स्कूल में न तो सीसीटीवी कैमरे थे, न अग्निशमन की व्यवस्था, न कंप्यूटर लैब और न ही खेल का मैदान। इन गंभीर अनियमितताओं को देखते हुए एसडीएम ने जिला शिक्षा अधिकारी और संयुक्त संचालक (JD) कार्यालय को स्कूल की मान्यता तुरंत रद्द करने की सिफारिश भेजी है। वहीं, स्कूल में पढ़ रहे मासूम बच्चों के भविष्य को ध्यान में रखते हुए उन्हें दूसरे स्कूलों में शिफ्ट करने का फैसला जल्द ही जेडी कार्यालय द्वारा लिया जाएगा।" #Satna #SatnaNews #MadhyaPradesh #UnchehraNews #EducationScam #BreakingNews #MpNews
सतना: शासकीय जमीन पर चल रहा था निजी स्कूल, मान्यता खत्म करने की सिफारिश! सतना: शासकीय जमीन पर चल रहा था निजी स्कूल, मान्यता खत्म करने की सिफारिश! सतना से एक बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई की खबर सामने आ रही है, जहां शिक्षा व्यवस्था में भारी धांधली का भंडाफोड़ हुआ है। नई बस्ती स्थित 'विलियम अब्राहम लिंकन कॉन्वेंट इंग्लिश मीडियम स्कूल' में जब SDM और शिक्षा विभाग की टीम ने औचक निरीक्षण किया, तो होश उड़ाने वाले खुलासे हुए।" पालक-शिक्षक संघ और स्थानीय निवासियों की शिकायत पर एसडीएम राहुल सिलाडिया ने स्कूल का निरीक्षण किया। जांच में पाया गया कि निजी स्कूल का पूरा भवन शासकीय भूमि पर अतिक्रमण करके खड़ा किया गया था। हद तो तब हो गई जब स्कूल परिसर में पढ़ाई के साथ-साथ मवेशी बंधे मिले और ब्यूटी पार्लर का बोर्ड टंगा नजर आया। जांच में यह भी पुष्टि हुई कि एक ही डाइस कोड का गलत इस्तेमाल कर तीन अलग-अलग जगहों पर स्कूल चलाया जा रहा था। नर्सरी से 10वीं तक की कक्षाओं को संभालने के लिए मौके पर सिर्फ 12 शिक्षक मौजूद थे, जिनमें से ज्यादातर B.Ed की अनिवार्य योग्यता भी पूरी नहीं करते थे।" स्कूल में न तो सीसीटीवी कैमरे थे, न अग्निशमन की व्यवस्था, न कंप्यूटर लैब और न ही खेल का मैदान। इन गंभीर अनियमितताओं को देखते हुए एसडीएम ने जिला शिक्षा अधिकारी और संयुक्त संचालक (JD) कार्यालय को स्कूल की मान्यता तुरंत रद्द करने की सिफारिश भेजी है। वहीं, स्कूल में पढ़ रहे मासूम बच्चों के भविष्य को ध्यान में रखते हुए उन्हें दूसरे स्कूलों में शिफ्ट करने का फैसला जल्द ही जेडी कार्यालय द्वारा लिया जाएगा।" #Satna #SatnaNews #MadhyaPradesh #UnchehraNews #EducationScam #BreakingNews #MpNews
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- बड़ी खबर लोकसभा में बजा पूरा वंदे मातरम। वंदे मातरम का गान को पहली बार राष्ट्रगान जैसा पूर्ण सम्मान।* संसद के मानसून सत्र के आखिरी दिन यानी 13 अगस्त 2026 को लोकसभा की कार्यवाही शुरू होते ही 'वंदे मातरम' का पूर्ण गान सभी 6 अंतरे किया गया, जिसके तुरंत बाद लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने सदन की कार्यवाही को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दिया।गृह मंत्रालय के नए दिशानिर्देशों के तहत अब विशेष और आधिकारिक अवसरों पर राष्ट्रीय गीत के सभी 6 अंतरे पूरे सम्मान के साथ गाए जाने अनिवार्य किए गए हैं, जो लगभग 3 मिनट 10 सेकंड तक चलता है।1
- तिरंगा यात्रा ने उड़ाई यातायात नियमों की धज्जियां, जनप्रतिनिधि भी बिना हेलमेट नजर आए मैहर। स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर निकाली गई तिरंगा यात्रा में देशभक्ति का जोश तो देखने को मिला, लेकिन इसी दौरान यातायात नियमों की जमकर अनदेखी भी सामने आई। यात्रा में शामिल सैकड़ों बाइक सवारों में बड़ी संख्या में युवा बिना हेलमेट के बाइक चलाते नजर आए। सबसे बड़ा सवाल उस समय खड़ा हुआ जब मैहर विधायक श्रीकांत चतुर्वेदी भी बिना हेलमेट के यात्रा में शामिल दिखाई दिए। वहीं मैहर भाजपा मंडल अध्यक्ष विकास तिवारी सहित यात्रा में शामिल कई बाइक सवारों ने भी हेलमेट नहीं लगाया था। तिरंगा हाथ में लेकर निकली इस यात्रा में यातायात नियमों का पालन कराने की जिम्मेदारी निभाने वाले विभाग की भूमिका पर भी सवाल उठ रहे हैं। आम नागरिकों से यातायात नियमों का पालन कराने और बिना हेलमेट वाहन चलाने पर कार्रवाई करने वाला यातायात विभाग क्या जनप्रतिनिधियों और राजनीतिक आयोजनों में शामिल लोगों के लिए भी वही नियम लागू करता है? अगर नियम सभी के लिए समान हैं तो फिर तिरंगा यात्रा के दौरान सैकड़ों बाइक सवारों को बिना हेलमेट सड़क पर चलने की अनुमति कैसे मिली? आम तौर पर गांवों और कस्बों से आने वाले गरीब और सामान्य नागरिकों को यातायात नियमों का पाठ पढ़ाने तथा बिना हेलमेट वाहन चलाने पर चालानी कार्रवाई करने वाले जिम्मेदार अधिकारियों से अब सवाल है कि क्या यातायात नियम सिर्फ आम जनता के लिए हैं? तिरंगा यात्रा देशभक्ति और राष्ट्रीय गौरव का प्रतीक है, लेकिन देश के कानून और यातायात नियमों का सम्मान करना भी प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी है। ऐसे में जिले के यातायात प्रभारी और पुलिस प्रशासन को स्पष्ट करना चाहिए कि तिरंगा यात्रा के दौरान बिना हेलमेट बाइक चलाने वालों पर क्या कार्रवाई की जाएगी? सवाल सीधा है—जब जनप्रतिनिधि ही यातायात नियमों को ठेंगा दिखाएंगे, तो आम नागरिकों को नियमों का पाठ कौन और किस नैतिक अधिकार से पढ़ाएगा?1
- *सौरज पांडेय के नेतृत्व में सैकड़ों समर्थकों के साथ शहर में निकाली गई मोटरसाइकिल तिरंगा यात्रा* *सौरज पांडेय के नेतृत्व में सैकड़ों समर्थकों के साथ शहर में निकाली गई मोटरसाइकिल तिरंगा यात्रा* *तिरंगा यात्रा में गूंजे भारत माता की जय के नारे* मैहर - सौरज पांडेय के नेतृत्व में सैकड़ों समर्थकों के साथ शहर के विभिन्न मार्गों से होते हुए तिरंगा यात्रा निकाली गई हर घर तिरंगा अभियान के तहत आज दोपहर माई की रसोई से भव्य मोटरसाइकिल तिरंगा यात्रा निकाली गई। यात्रा का नेतृत्व माई की रसोई के संचालक पंडित धीरज पांडे के पुत्र सौरज पांडे ने किया। यात्रा में सैकड़ों की संख्या में युवा एवं देशभक्त नागरिक मोटरसाइकिलों के साथ शामिल हुए। तिरंगा यात्रा में शामिल लोगों के हाथों में राष्ट्रीय ध्वज लहरा रहे थे और पूरे मार्ग में भारत माता की जय तथा देशभक्ति के नारों से वातावरण गूंजता रहा। यात्रा का उद्देश्य लोगों में राष्ट्रप्रेम देशभक्ति एवं राष्ट्रीय ध्वज के प्रति सम्मान की भावना जागृत करना रहा। मोटरसाइकिल तिरंगा रैली माई की रसोई से होते हुए किला चौक, पुरानी बस्ती, शारदा टॉकीज, घंटाघर, रेलवे स्टेशन, स्टेट बैंक चौराहा, कटनी मोड़ एवं जेल तिराहा होते हुए पुनः माई की रसोई पहुंची, जहां यात्रा का समापन किया गया। इस दौरान बड़ी संख्या में युवाओं ने उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए हर घर तिरंगा अभियान के प्रति जागरूकता का संदेश दिया। तिरंगा यात्रा के समापन पर सौरज पांडेय ने सभी साथियों का आभार व्यक्त किया।2
- देशभक्ति के रंग में रंगा मैहर शहर: 'हर घर तिरंगा' यात्रा में गूंजे 'भारत माता की जय' के गगनभेदी नारे मैहर। हर घर तिरंगा अभियान के तहत आज दोपहर माता की रसोई से भव्य मोटरसाइकिल तिरंगा यात्रा निकाली गई। यात्रा का नेतृत्व माता की रसोई के संचालक पंडित धीरज पांडे के पुत्र सौरज पांडे ने किया। यात्रा में सैकड़ों की संख्या में युवा एवं देशभक्त नागरिक मोटरसाइकिलों के साथ शामिल हुए। तिरंगा यात्रा में शामिल लोगों के हाथों में राष्ट्रीय ध्वज लहरा रहे थे और पूरे मार्ग में भारत माता की जय तथा देशभक्ति के नारों से वातावरण गूंजता रहा। यात्रा का उद्देश्य लोगों में राष्ट्रप्रेम एवं राष्ट्रीय ध्वज के प्रति सम्मान की भावना जागृत करना रहा। मोटरसाइकिल रैली किला चौक, पुरानी बस्ती, शारदा टॉकीज, घंटाघर, रेलवे स्टेशन, स्टेट बैंक चौराहा, कटनी मोड़ एवं जेल तिराहा होते हुए पुनः माता की रसोई पहुंची, जहां यात्रा का समापन किया गया। इस दौरान बड़ी संख्या में युवाओं ने उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए हर घर तिरंगा अभियान के प्रति जागरूकता का संदेश दिया।1
- अमरपाटन में रहवासियों की अनिश्चितकालीन हड़ताल 32 घंटे से जारी: मर्चुरी शिफ्टिंग और नाली निर्माण समेत कई मांगों को लेकर धरना मैहर (मध्य भारत न्यूज़): मैहर जिले के अमरपाटन नगर परिषद अंतर्गत वार्ड नंबर 5 के निवासियों का बेमियादी धरना लगातार दूसरे दिन भी जारी रहा। 32 घंटे से अधिक समय से चल रहे इस आंदोलन में स्थानीय नागरिकों का गुस्सा प्रशासन की अनदेखी के खिलाफ लगातार बढ़ता जा रहा है। रहवासियों का आरोप है कि नगर परिषद को पूर्व में ज्ञापन सौंपकर निर्धारित समय-सीमा में समस्याओं के समाधान की मांग की गई थी, लेकिन कोई कदम न उठाए जाने के कारण मजबूरन उन्हें अनिश्चितकालीन हड़ताल पर बैठना पड़ा। मुख्य मांगें: मर्चुरी की शिफ्टिंग: वार्ड नंबर 5 में निर्माणाधीन मर्चुरी (शवगृह) को यहां से हटाकर सिविल अस्पताल परिसर में स्थापित किया जाए। जलभराव से मुक्ति: क्षेत्र में पानी भराव की समस्या के स्थायी समाधान के लिए नाली निर्माण कराया जाए। सौंदर्यीकरण: वार्ड स्थित डॉ. भीमराव आंबेडकर की मूर्ति का सौंदर्यीकरण किया जाए। 30 घंटे बाद भी नहीं पहुंचे जिम्मेदार अफसर धरने पर बैठे लोगों ने आक्रोश व्यक्त करते हुए कहा कि प्रदर्शन शुरू हुए 30 घंटे से अधिक का समय बीत चुका है, लेकिन प्रशासन या नगर परिषद का कोई भी जिम्मेदार अधिकारी उनकी सुध लेने नहीं पहुंचा है। इस उपेक्षा से स्थानीय जनता में भारी असंतोष है। प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी, आंदोलन जारी रखने की चेतावनी प्रदर्शन के दौरान आक्रोशित नागरिकों ने नगर परिषद और स्थानीय प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। आंदोलन का नेतृत्व कर रहे धर्मेंद्र बंसल और सिद्धार्थ नालंदा ने स्पष्ट किया कि जब तक उनकी मांगों पर ठोस और लिखित कार्रवाई नहीं होती, तब तक यह अनिश्चितकालीन आंदोलन समाप्त नहीं होगा।1
- *बघेली-बुंदेली-पचेली का साहित्यिक संगम, लोकभाषाओं की मिठास से सराबोर हुई कवि गोष्ठी* *पिथौराबाद में त्रिभाषीय आयोजन में गूंजे लोकजीवन, किसान पीड़ा और समकालीन सरोकारों के स्वर* सतना। पिथौराबाद में बघेली, बुंदेली और पचेली लोकबोलियों का अनूठा साहित्यिक संगम देखने को मिला। वरिष्ठ साहित्यकार पद्मश्री बाबूलाल दाहिया के संयोजन में आयोजित त्रिभाषीय कवि गोष्ठी में तीनों लोकबोलियों के रचनाकारों ने कविता, गीत और दोहों के माध्यम से लोकजीवन, खेती-किसानी, सामाजिक सरोकार और समकालीन परिस्थितियों को स्वर दिया। कार्यक्रम की अध्यक्षता वरिष्ठ बुंदेली कवि राजेंद्र सिंह परमार ने की, जबकि संचालन राजेंद्र सिंह ठाकुर ने किया। गोष्ठी की शुरुआत राजेंद्र सिंह ठाकुर की रचनात्मक प्रस्तुति से हुई। उन्होंने विभिन्न कवियों की रचनाओं के संदर्भों के साथ ‘पानी बरसाना’ कविता का पाठ किया। समरजीत वर्मा ने चुनावी व्यवस्था पर व्यंग्य करते हुए ‘9 पोलिंग पर 10 वोट’ कविता सुनाई। उनकी गजल ‘चोर-चोर मौसेरे भाई, सगे भाई से हबै लड़ाई’ ने समकालीन राजनीतिक परिस्थितियों पर व्यंग्यात्मक टिप्पणी की। अखिलेश खरे ‘अखिल’ ने पचेली बोली की विशेषताओं को कविता और दोहों के माध्यम से प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया। डॉ.कंधीलाल हल्दकार ने ‘एक जमाना जब रहै ढूंरबन से भर सार’ जैसे दोहों और गीतों के माध्यम से पचेली की भाषाई पहचान और उसके शब्द-संसार को सामने रखा। उनकी रचनाओं में पचेली की सहजता के साथ हिंदी, उर्दू और अंग्रेजी सहित विभिन्न भाषाओं के प्रभाव की झलक भी दिखाई दी। गजेंद्र कुमार बख्शी ने ‘अपढ़ युवक का विवाह’ सहित हास्य रचनाओं से श्रोताओं को खूब गुदगुदाया। विजय कुमार बागरी ने ‘बगदर चामें रात भर कानन में भन्नाए’ जैसी रचनाओं के माध्यम से खेती-किसानी और ग्रामीण जीवन की तस्वीर लोक मुहावरों के साथ प्रस्तुत की। बघेली कवि अजीत प्रताप सिंह ‘कुंवर’ ने किसानों की पीड़ा और वर्तमान परिस्थितियों को स्वर देते हुए ‘सुनो हो राजा मालिक, अब जनतंत्र हमार’ कविता का पाठ किया। वरिष्ठ बुंदेली कवि राजेंद्र सिंह परमार ने ‘नोनी लगत बुंदेली’ सहित बुंदेली गीतों और कविताओं के माध्यम से बुंदेली भाषा की मिठास, लोकजीवन और सहज संवेदनाओं को अभिव्यक्ति दी। उनकी प्रस्तुति ने बुंदेली की विशिष्ट लोकधुन और शब्द-सौंदर्य का प्रभावशाली परिचय कराया। अपने संबोधन में पद्मश्री बाबूलाल दाहिया ने पचेली बोली को व्यापक साहित्यिक पहचान और मान्यता दिए जाने की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि लोकबोलियां केवल बोलचाल का माध्यम नहीं हैं, बल्कि किसी क्षेत्र की संस्कृति, परंपरा, इतिहास और लोकस्मृति की जीवंत धरोहर हैं। उन्होंने बघेली कविता का पाठ भी किया। गोष्ठी में तीनों लोकबोलियों के रचनाकारों के बीच आत्मीय साहित्यिक संवाद देखने को मिला। अलग-अलग अंचलों की बोलियां होने के बावजूद उनकी संवेदनाओं में लोकजीवन, प्रकृति, किसान और समाज की साझा तस्वीर उभरकर सामने आई। *कृषि संग्रहालय और बीज बैंक देख अभिभूत हुए कवि* गोष्ठी के बाद साहित्यकारों ने पद्मश्री बाबूलाल दाहिया द्वारा विकसित भूले-बिसरे कृषि यंत्रों के संग्रहालय और परंपरागत अनाजों के बीज बैंक का अवलोकन किया। यहां संरक्षित पुराने कृषि उपकरणों, ग्रामीण जीवन से जुड़ी वस्तुओं और पारंपरिक अनाजों की दुर्लभ किस्मों को देखकर अभिभूत नजर आए। उन्होंने दाहिया के इस संरक्षण कार्य को लोकसंस्कृति, कृषि परंपरा और जैव विविधता को बचाने की महत्वपूर्ण पहल बताया।3
- घर में घुसा 8 फीट लंबा अजगर, डायल-112 को मिली सूचना; पुलिस ने वन विभाग की मदद से कराया रेस्क्यू* *घर में घुसा 8 फीट लंबा अजगर, डायल-112 को मिली सूचना; पुलिस ने वन विभाग की मदद से कराया रेस्क्यू* सतना। जिले के नागौद थाना क्षेत्र की पोड़ी चौकी अंतर्गत नंदहा गांव में बुधवार देर रात उस समय हड़कंप मच गया, जब एक बुनकर परिवार के घर में करीब 8 फीट लंबा अजगर घुस गया। घर में विशालकाय अजगर को देखकर परिवार के लोगों ने तत्काल 112 में पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही पोड़ी चौकी पुलिस मौके पर पहुंची और वन विभाग को जानकारी दी। इसके बाद वन विभाग की टीम बुलाकर अजगर का सुरक्षित रेस्क्यू कराया गया। काफी मशक्कत के बाद अजगर को पकड़कर सुरक्षित स्थान पर रखा गया। प्रधान आरक्षक आरके कुशवाहा ने बताया कि देर रात डायल-112 वाहन को नंदहा गांव में बुनकर परिवार के घर में भारी-भरकम अजगर घुसने की सूचना मिली थी। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और वन विभाग की मदद से अजगर को सुरक्षित बाहर निकलवाकर उसका रेस्क्यू कराया गया और आज अजगर को सुरक्षित जंगल में छोड़ दिया जाएगा ।2