शेखपुरा नगर परिषद की स्थायी सशक्त समिति के तीन पदों के लिए मंगलवार को भारी गहमागहमी और राजनीतिक उठापटक के बीच चुनाव संपन्न हुए। इन चुनावों में लालबाग वार्ड की पार्षद गुलाम फिरदौसी अंसारी निर्विरोध निर्वाचित घोषित की गईं। वहीं, शेष दो पदों पर हुए कड़े मुकाबले में फूल कुमारी और स्वाति सरगम ने मात्र एक-एक वोट के अंतर से रोमांचक जीत दर्ज की। निर्वाची पदाधिकारी सह जिला भू-अर्जन पदाधिकारी संजय कुमार ने विजयी प्रत्याशियों को प्रमाण पत्र प्रदान किए, जबकि मतदान प्रक्रिया कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच दोपहर करीब दो बजे शुरू हुई थी। जानकारी के अनुसार, एक पद के लिए इंदाय के मुरारी कुमार और जमालपुर की फूल कुमारी के बीच सीधा मुकाबला हुआ, जिसमें फूल कुमारी को 16 मत मिले, जबकि मुरारी कुमार को 15 मत प्राप्त हुए। दूसरे पद पर मकदूमपुर की वार्ड पार्षद स्वाति सरगम और एकसारीबीघा की पार्षद सुनैना देवी के बीच हुए कड़े संघर्ष में स्वाति सरगम ने 16 मतों के साथ जीत हासिल की, वहीं सुनैना देवी को 15 मत प्राप्त हुए। इस प्रकार, फूल कुमारी और स्वाति सरगम दोनों ने स्थायी सशक्त समिति में अपनी जगह एक-एक वोट के मामूली अंतर से बनाई। इन परिणामों को लेकर लोगों में खुशी साफ देखी जा रही है और नगर परिषद कार्यालय के बाहर स्वाति सरगम को पुष्प गुच्छ देकर बधाई दी गई। चुनाव को लेकर नगर परिषद की राजनीति पूरे दिन गर्म रही, जहाँ वार्ड पार्षदों को अपने पक्ष में करने के लिए देर रात तक राजनीतिक गतिविधियाँ चलती रहीं। सूत्रों के अनुसार, कई पार्षदों के ऐन वक्त पर पाला बदलने से पहले से तय मानी जा रही जीत हार में बदल गई, जिससे चुनाव परिणाम काफी रोमांचक हो गया।
शेखपुरा नगर परिषद की स्थायी सशक्त समिति के तीन पदों के लिए मंगलवार को भारी गहमागहमी और राजनीतिक उठापटक के बीच चुनाव संपन्न हुए। इन चुनावों में लालबाग वार्ड की पार्षद गुलाम फिरदौसी अंसारी निर्विरोध निर्वाचित घोषित की गईं। वहीं, शेष दो पदों पर हुए कड़े मुकाबले में फूल कुमारी और स्वाति सरगम ने मात्र एक-एक वोट के अंतर से रोमांचक जीत दर्ज की। निर्वाची पदाधिकारी सह जिला भू-अर्जन पदाधिकारी संजय कुमार ने विजयी प्रत्याशियों को प्रमाण पत्र प्रदान किए, जबकि मतदान प्रक्रिया कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच दोपहर करीब दो बजे शुरू हुई थी। जानकारी के अनुसार, एक पद के लिए इंदाय के मुरारी कुमार और जमालपुर की फूल कुमारी के बीच सीधा मुकाबला हुआ, जिसमें फूल कुमारी को 16 मत मिले, जबकि मुरारी कुमार को 15 मत प्राप्त हुए। दूसरे पद पर मकदूमपुर की वार्ड पार्षद स्वाति सरगम और एकसारीबीघा की पार्षद सुनैना देवी के बीच हुए कड़े संघर्ष में स्वाति सरगम ने 16 मतों के साथ जीत हासिल की, वहीं सुनैना देवी को 15 मत प्राप्त हुए। इस प्रकार, फूल कुमारी और स्वाति सरगम दोनों ने स्थायी सशक्त समिति में अपनी जगह एक-एक वोट के मामूली अंतर से बनाई। इन परिणामों को लेकर लोगों में खुशी साफ देखी जा रही है और नगर परिषद कार्यालय के बाहर स्वाति सरगम को पुष्प गुच्छ देकर बधाई दी गई। चुनाव को लेकर नगर परिषद की राजनीति पूरे दिन गर्म रही, जहाँ वार्ड पार्षदों को अपने पक्ष में करने के लिए देर रात तक राजनीतिक गतिविधियाँ चलती रहीं। सूत्रों के अनुसार, कई पार्षदों के ऐन वक्त पर पाला बदलने से पहले से तय मानी जा रही जीत हार में बदल गई, जिससे चुनाव परिणाम काफी रोमांचक हो गया।
- मिशन थाना क्षेत्र में पुलिस ने शराबबंदी अभियान के तहत कार्रवाई करते हुए दो व्यक्तियों को नशे की हालत में गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार किए गए लोगों की पहचान सोनू कुमार, पिता महेंद्र सिंह, निवासी भगवान बीघा, थाना मिशन और शशिकांत कुमार, पिता स्वर्गीय रामचंद्र यादव, निवासी मिशन जीरो माइल, थाना मिशन के रूप में हुई है। पुलिस सूत्रों के अनुसार, दोनों व्यक्ति शराब के नशे में हंगामा कर रहे थे। सूचना मिलने पर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और उन्हें हिरासत में ले लिया। बाद में कराई गई मेडिकल जांच में शराब के सेवन की पुष्टि होने के बाद उन्हें विधिवत गिरफ्तार कर लिया गया। मिशन थानाध्यक्ष आदित्य रंजन ने बताया कि बिहार में लागू शराबबंदी कानून का सख्ती से पालन कराने के लिए लगातार अभियान चलाया जा रहा है। इसी कड़ी में क्षेत्र में गश्ती और छापेमारी अभियान तेज कर दिया गया है। पुलिस ने चेतावनी दी है कि शराब पीने, बेचने या अवैध कारोबार में शामिल लोगों के खिलाफ आगे भी कठोर कार्रवाई जारी रहेगी। आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद दोनों आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेजने की तैयारी की गई और सोमवार की शाम 4:00 बजे उन्हें न्यायालय भेज दिया गया।1
- गंगा दशहरा के पावन अवसर पर मोकामा और आसपास के क्षेत्रों में श्रद्धा और आस्था का अद्भुत संगम देखने को मिला। मंगलवार की सुबह तड़के से ही मां पतित पाविनी गंगा में स्नान के लिए श्रद्धालुओं की भारी भीड़ गंगा घाटों पर उमड़ पड़ी, जिससे पूरा क्षेत्र "हर-हर गंगे" और "जय मां गंगे" के जयघोष से भक्तिमय माहौल में डूब गया। मोकामा के महादेव स्थान घाट, तपस्वी स्थान घाट, सिद्धनाथ घाट, चिंतामणि चक घाट और सिमरिया घाट सहित सभी प्रमुख घाटों पर श्रद्धालुओं का जनसैलाब उमड़ पड़ा। सुबह से ही स्नान और पूजा-अर्चना के लिए लंबी कतारें लगी रहीं, विशेषकर महादेव स्थान घाट और सिमरिया घाट पर दूर-दराज से आए श्रद्धालुओं की भारी भीड़ देखी गई। पवित्र गंगा स्नान के बाद, श्रद्धालुओं ने विधि-विधान से मां गंगा की पूजा-अर्चना की तथा पुरोहितों के मंत्रोच्चारण के बीच दान-पुण्य कर अपने परिवार की सुख-समृद्धि, स्वास्थ्य और खुशहाली की कामना की। परंपरा के अनुसार, कई श्रद्धालुओं ने मिट्टी के दीपक दान कर धार्मिक अनुष्ठान भी संपन्न किए। गंगा स्नान के उपरांत श्रद्धालुओं ने घाट किनारे स्थित मंदिरों की ओर रुख किया, जहां महादेव स्थान मंदिर सहित विभिन्न शिवालयों और देवी मंदिरों में भक्तों की लंबी कतारें लगी रहीं। श्रद्धालुओं ने भगवान शिव का जलाभिषेक कर विशेष पूजा-अर्चना की और अपनी मनोकामनाओं की पूर्ति की प्रार्थना की। इस दौरान भीड़ को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए थे। घाटों पर बैरिकेडिंग, पुलिस बल की तैनाती तथा गोताखोरों की व्यवस्था की गई थी ताकि श्रद्धालु सुरक्षित तरीके से स्नान कर सकें। स्वयंसेवी संस्थाओं के कार्यकर्ताओं ने भी भीड़ प्रबंधन और श्रद्धालुओं की सहायता में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। गंगा दशहरा के अवसर पर मोकामा में आस्था, भक्ति और धार्मिक उल्लास का यह अनुपम दृश्य एक यादगार आयोजन बन गया, जिसने हजारों श्रद्धालुओं की मौजूदगी और शांतिपूर्ण माहौल के साथ पूरे क्षेत्र को आध्यात्मिक ऊर्जा से सराबोर कर दिया।1
- लखीसराय जिले के रामगढ़ चौक प्रखंड अंतर्गत लखीसराय-शेखपुरा पथ पर नदियामा गांव के निकट एक दर्दनाक सड़क हादसा हुआ, जिसमें मजदूरी के लिए दिल्ली जा रहे बाइक सवार दो मजदूर गंभीर रूप से घायल हो गए। यह घटना तब हुई जब लखीसराय से शेखपुरा की ओर तेज रफ्तार से जा रहे एक पिकअप वाहन का अगला धूरा अचानक टूट गया, जिसकी चपेट में बगल से ओवरटेक कर रही बाइक आ गई। घायल मजदूरों की पहचान कछियाना गांव निवासी रोहित राम और जोगी महतो के रूप में हुई है, जो अपने गांव से दिल्ली मजदूरी करने जा रहे थे और शेखपुरा स्टेशन से ट्रेन पकड़ने वाले थे। स्थानीय लोगों और प्रशासन की मदद से दोनों घायलों को तुरंत इलाज के लिए सदर अस्पताल लखीसराय लाया गया। वहां प्राथमिक उपचार के बाद, उन्हें समुचित इलाज हेतु हायर सेंटर पटना रेफर कर दिया गया। रामगढ़ चौक थाना अध्यक्ष चुन्नू कुमार ने जानकारी दी कि दुर्घटनाग्रस्त पिकअप वाहन और बाइक दोनों को जब्त कर लिया गया है, और पीड़ित परिवार से आवेदन प्राप्त होने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।1
- लखीसराय जिला अस्पताल से एक तीन वर्षीय बच्चा अचानक लापता हो गया है। इस घटना से बच्चे के परिजन गहरे सदमे में हैं और उनकी चिंता व परेशानी काफी बढ़ गई है।1
- IPL 2026 में महेंद्र सिंह धोनी के मैदान पर न उतरने से उनके IPL सफर के खत्म होने की अटकलें लगने लगी हैं। यह पहली बार देखा गया कि 'थाला' पूरे सीज़न अपनी टीम चेन्नई सुपर किंग्स के साथ रहे, लेकिन मैदान पर एक भी मैच खेलने नहीं उतरे, जिससे फैंस के मन में बड़े सवाल उठ रहे हैं। पोस्ट में इस बात पर विचार किया गया है कि क्या उनकी चोट इसके पीछे की वजह थी, या फिर चेन्नई सुपर किंग्स में युवाओं को मौका देने के लिए यह एक बड़ा फैसला लिया गया। इस स्थिति ने चेपॉक में फैंस को भावुक कर दिया है, जिनकी आँखें नम हैं और दिल में एक ही सवाल है कि क्या 'थाला' अगले सीज़न, IPL 2027 में फिर मैदान पर लौटेंगे। धोनी के बिना IPL 2026 का गुज़रना कईयों के लिए एक युग के अंत जैसा है, जिसके चलते उनके भविष्य पर बड़े खुलासे की चर्चा की जा रही है। फैंस से भी यह पूछा गया है कि क्या 'माही' को एक और सीज़न खेलना चाहिए।1
- महंगाई से बेहद नाराज देश की जनता ने सीधे तौर पर 'मोदी जी' से गद्दी छोड़ने की मांग की है, यह कहते हुए कि देश चलाना उनके बस की बात नहीं है। जनता का कहना है कि इन्हें सिर्फ जनता से पैसे लूटने और गरीबों को मारना है।1
- राजगीर में इन दिनों मलमास को लेकर एक भव्य मेले का आयोजन किया गया है, जिसमें कई झूलों के साथ-साथ थिएटर और सर्कस भी बुलाए गए हैं। इसी दौरान बीते दिन एक दर्दनाक घटना सामने आई। बताया गया कि दो भाई झूले पर चढ़े थे, और छोटे भाई ने अपने बड़े भाई को झूले से गिरते हुए देखा। युवक की मौके पर ही मौत हो गई।1
- चेवाड़ा प्रखंड के अंबेडकर भवन में सोमवार शाम पर्यवेक्षकों और प्रगणकों की एक बैठक आयोजित की गई, जो शाम करीब 4:00 बजे संपन्न हुई। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य विभिन्न क्षेत्रों में किए गए कार्यों की समीक्षा करना था। बैठक के दौरान, पर्यवेक्षकों एवं प्रगणकों द्वारा तैयार किए गए मानचित्रों (मैप) की जाँच की गई और कार्य की प्रगति पर विस्तार से चर्चा हुई। प्रखंड विकास पदाधिकारी विपिन कुमार ने बताया कि सभी कर्मियों के कार्यों का मूल्यांकन किया गया और उन्हें आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। उन्होंने जोर दिया कि कार्य को समय पर एवं सही तरीके से पूरा करने के लिए लगातार निगरानी रखी जा रही है, और मैपिंग कार्य में किसी प्रकार की त्रुटि न हो, इसे लेकर भी विशेष निर्देश दिए गए हैं। इस बैठक में प्रखंड सांख्यिकी पदाधिकारी साकेत कुमार भी उपस्थित रहे। अधिकारियों ने सभी पर्यवेक्षकों एवं प्रगणकों को जिम्मेदारी के साथ कार्य करने तथा आंकड़ों की शुद्धता बनाए रखने पर विशेष जोर दिया। कार्यों की समीक्षा के साथ-साथ, आगामी दिशा-निर्देशों पर भी बैठक में चर्चा की गई।1
- हाथीदह स्थित राजेंद्र सेतु के नीचे गंगा नदी में डूब रहे एक व्यक्ति को स्थानीय नाविकों की तत्परता से बचाया गया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, नाविकों ने समय रहते व्यक्ति को नदी से बाहर निकाला, जिसके बाद एक बस चालक ने मानवता दिखाते हुए उसे तत्काल इलाज के लिए प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र मरांची पहुंचाया। हालांकि, अस्पताल पहुंचने के बाद स्वास्थ्य विभाग की गंभीर लापरवाही सामने आई। आरोप है कि भर्ती कराने के बावजूद करीब एक घंटे तक मरीज का समुचित इलाज शुरू नहीं किया गया, जिससे उसकी हालत लगातार बिगड़ती रही। चिकित्सा कर्मियों की ओर से आवश्यक तत्परता नहीं दिखाई गई। News Mirror को जानकारी मिलने और मीडिया प्रतिनिधियों के अस्पताल पहुंचने के बाद ही अस्पताल प्रशासन हरकत में आया और मरीज की औपचारिक जांच व इलाज की प्रक्रिया शुरू हुई, लेकिन तब तक उसकी स्थिति पहले से अधिक गंभीर हो चुकी थी। बाद में खानापूर्ति करते हुए उसे बेहतर इलाज के लिए रेफर कर दिया गया। इस मामले में जब अस्पताल के चिकित्सकों से देरी और लापरवाही को लेकर सवाल किए गए, तो उन्होंने स्पष्ट जवाब देने के बजाय बात को टालने की कोशिश की, जिससे अस्पताल प्रशासन की कार्यशैली पर और भी सवाल खड़े हो गए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि नाविकों और बस चालक ने समय पर मदद न की होती, तो व्यक्ति की जान जा सकती थी, जबकि अस्पताल में इलाज न मिलने से मरीज की स्थिति और खराब होना स्वास्थ्य व्यवस्था की गंभीर खामी को उजागर करता है। यह घटना बिहार की स्वास्थ्य व्यवस्था पर एक बार फिर सवालिया निशान खड़ा करती है, जहाँ सरकार द्वारा करोड़ों रुपये खर्च करने और आधुनिक उपकरण व संसाधन उपलब्ध कराने के बावजूद जमीनी स्तर पर चिकित्सकों व कर्मियों की लापरवाही मरीजों के लिए जानलेवा साबित हो रही है। लोगों ने ऐसी घटनाओं की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है, ताकि भविष्य में किसी मरीज को इलाज के अभाव में परेशानी का सामना न करना पड़े।1