छत्तीसगढ़ के बस्तर जिले में संभागीय वाहन चालक एवं यांत्रिकी कर्मचारी संघ ने कलेक्टर और कमिश्नर को ज्ञापन सौंपकर सरकारी वाहन चालकों के कथित शोषण और शासकीय वाहनों के दुरुपयोग का गंभीर मुद्दा उठाया है। संघ का आरोप है कि कई अधिकारियों द्वारा छुट्टी के दिनों में भी वाहन चालकों से गैर-जरूरी कार्य कराया जाता है। यदि कोई चालक इसका विरोध करता है, तो उसका वेतन रोकने, तबादला करने या अटैचमेंट जैसी कार्रवाई का दबाव बनाकर उसे परेशान किया जाता है। इसके साथ ही कई स्थानों पर सरकारी वाहनों का निजी कार्यों में इस्तेमाल किया जा रहा है, जिससे शासन के संसाधनों और सरकारी धन का खुला दुरुपयोग हो रहा है। इस शोषण और दुरुपयोग को रोकने के लिए संघ ने सभी शासकीय वाहनों में जीपीएस लगाने, लॉगबुक का नियमित ऑडिट कराने और वाहनों की आवाजाही की सख्त निगरानी करने की मांग की है। संघ के पदाधिकारियों के अनुसार, कलेक्टर और कमिश्नर ने इन मांगों पर सकारात्मक कार्रवाई करने और आवश्यक दिशा-निर्देश जारी करने का आश्वासन दिया है। वहीं, संघ ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि इस समस्या का जल्द समाधान नहीं किया गया, तो वे आगे व्यापक आंदोलन की रणनीति तैयार करेंगे।
छत्तीसगढ़ के बस्तर जिले में संभागीय वाहन चालक एवं यांत्रिकी कर्मचारी संघ ने कलेक्टर और कमिश्नर को ज्ञापन सौंपकर सरकारी वाहन चालकों के कथित शोषण और शासकीय वाहनों के दुरुपयोग का गंभीर मुद्दा उठाया है। संघ का आरोप है कि कई अधिकारियों द्वारा छुट्टी के दिनों में भी वाहन चालकों से गैर-जरूरी कार्य कराया जाता है। यदि कोई चालक इसका विरोध करता है, तो उसका
वेतन रोकने, तबादला करने या अटैचमेंट जैसी कार्रवाई का दबाव बनाकर उसे परेशान किया जाता है। इसके साथ ही कई स्थानों पर सरकारी वाहनों का निजी कार्यों में इस्तेमाल किया जा रहा है, जिससे शासन के संसाधनों और सरकारी धन का खुला दुरुपयोग हो रहा है। इस शोषण और दुरुपयोग को रोकने के लिए संघ ने सभी शासकीय वाहनों में जीपीएस लगाने, लॉगबुक का नियमित ऑडिट
कराने और वाहनों की आवाजाही की सख्त निगरानी करने की मांग की है। संघ के पदाधिकारियों के अनुसार, कलेक्टर और कमिश्नर ने इन मांगों पर सकारात्मक कार्रवाई करने और आवश्यक दिशा-निर्देश जारी करने का आश्वासन दिया है। वहीं, संघ ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि इस समस्या का जल्द समाधान नहीं किया गया, तो वे आगे व्यापक आंदोलन की रणनीति तैयार करेंगे।
- तीसरी आँख के माध्यम से उस सच को सामने लाने का प्रयास किया गया है जो आसानी से दिखाई नहीं देता। इसमें बताया गया है कि 18 जुलाई 1925 को एक किताब प्रकाशित हुई थी, जिसके बारे में दुनिया का मानना था कि ये सिर्फ कोरी बातें हैं, लेकिन इसके बाद की आगे की कहानी कब्रिस्तानों ने लिखी। वर्तमान समय पर गंभीर सवाल खड़ा करते हुए पूछा गया है कि क्या आज हम सभी डिजिटल स्क्रीन के पीछे छिपकर दोबारा वही पुरानी गलती दोहरा रहे हैं? इस संवेदनशील विषय की गहराई को समझने के लिए दर्शकों से पूरा वीडियो देखने और आत्ममंथन करने की अपील की गई है।1
- छत्तीसगढ़ के जगदलपुर में "नक्सल मुक्त बस्तर योग युक्त बस्तर" के संकल्प के साथ एक समीक्षा बैठक आयोजित की गई। दिनांक 17/07/2026 को हुई इस बैठक में छत्तीसगढ़ योग आयोग के माननीय अध्यक्ष संजय अग्रवाल जी, माननीय सांसद महेश कश्यप और माननीय संजय पाण्डे जी मुख्य रूप से उपस्थित रहे। इसके साथ ही रोटरी क्लब के अध्यक्ष माननीय श्याम सोमानी जी एवं अन्य मुख्य गणमान्य सदस्य भी इस बैठक में सम्मिलित हुए।3
- छत्तीसगढ़ के बस्तर जिले में संभागीय वाहन चालक एवं यांत्रिकी कर्मचारी संघ ने कलेक्टर और कमिश्नर को ज्ञापन सौंपकर सरकारी वाहन चालकों के कथित शोषण और शासकीय वाहनों के दुरुपयोग का गंभीर मुद्दा उठाया है। संघ का आरोप है कि कई अधिकारियों द्वारा छुट्टी के दिनों में भी वाहन चालकों से गैर-जरूरी कार्य कराया जाता है। यदि कोई चालक इसका विरोध करता है, तो उसका वेतन रोकने, तबादला करने या अटैचमेंट जैसी कार्रवाई का दबाव बनाकर उसे परेशान किया जाता है। इसके साथ ही कई स्थानों पर सरकारी वाहनों का निजी कार्यों में इस्तेमाल किया जा रहा है, जिससे शासन के संसाधनों और सरकारी धन का खुला दुरुपयोग हो रहा है। इस शोषण और दुरुपयोग को रोकने के लिए संघ ने सभी शासकीय वाहनों में जीपीएस लगाने, लॉगबुक का नियमित ऑडिट कराने और वाहनों की आवाजाही की सख्त निगरानी करने की मांग की है। संघ के पदाधिकारियों के अनुसार, कलेक्टर और कमिश्नर ने इन मांगों पर सकारात्मक कार्रवाई करने और आवश्यक दिशा-निर्देश जारी करने का आश्वासन दिया है। वहीं, संघ ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि इस समस्या का जल्द समाधान नहीं किया गया, तो वे आगे व्यापक आंदोलन की रणनीति तैयार करेंगे।3
- छत्तीसगढ़ के सुकमा में नक्सल मामलों में वर्षों से जेल में बंद बताए जा रहे निर्दोष आदिवासियों की रिहाई की मांग तेज हो गई है। इसी सिलसिले में कांग्रेस जिलाध्यक्ष हरीश कवासी ने पीड़ित परिवारों से मुलाकात की। उन्होंने पीड़ित परिवारों की परेशानियों और उनके गहरे दुख-दर्द को सुना तथा उन्हें पूरा भरोसा दिलाया कि निर्दोष आदिवासियों की जल्द से जल्द रिहाई कराने के लिए हर संभव प्रयास किया जाएगा। इस मुलाकात के दौरान हरीश कवासी ने परिजनों की बातचीत बीजापुर विधायक विक्रम मंडावी से भी कराई। विधायक मंडावी ने भी पीड़ित परिवारों को आश्वस्त किया कि निर्दोष आदिवासियों की रिहाई का मुद्दा प्रमुखता से उठाया जाएगा और उन्हें न्याय दिलाने के लिए हर स्तर पर ठोस प्रयास किए जाएंगे। परिजनों ने अपने परिवार के सदस्यों की शीघ्र रिहाई की मांग करते हुए अपनी पीड़ा साझा की, जिस पर कांग्रेस नेताओं ने भरोसा दिलाया कि उनकी आवाज शासन-प्रशासन तक मजबूती से पहुंचाई जाएगी और इस मामले में लगातार पहल जारी रहेगी।1
- छत्तीसगढ़ के कोंडागांव में धान खरीदी और शासकीय योजनाओं का लाभ उठाने के लिए 31 जुलाई 2026 तक एग्री स्टैक किसान पंजीयन कराना अनिवार्य कर दिया गया है। नए नियमों के तहत अब एक ही खाते के सभी हिस्सेदार किसानों को अपना अलग-अलग पंजीयन कराना होगा। किसान अपने आधार कार्ड, ऋण पुस्तिका और आधार से लिंक मोबाइल नंबर के साथ नजदीकी चॉइस सेंटर, सीएससी सेंटर या समिति में जाकर तय समय सीमा के भीतर अपना पंजीयन जरूर पूरा करा लें। समय पर पंजीयन नहीं कराने की स्थिति में किसानों को भविष्य में धान बेचने और शासकीय योजनाओं का लाभ प्राप्त करने में कठिनाई का सामना करना पड़ सकता है।1
- नारायणपुर जिला मुख्यालय में कांग्रेस जिला अध्यक्ष राजेश दीवान ने एक प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए राम मंदिर चढ़ावा चोरी को लेकर केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है। कांग्रेस ने इस मामले को लेकर सीधे पीएम मोदी से जवाब की मांग की है। राजेश दीवान ने कहा कि मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान राम करोड़ों भारतीयों की आस्था, संस्कृति और नैतिक चेतना के प्रतीक हैं, और देश के कोने-कोने से गरीब, किसान, मजदूर, महिलाओं और श्रद्धालुओं ने अपनी मेहनत की कमाई व बचत राम मंदिर निर्माण के लिए समर्पित की थी। कांग्रेस ने आरोप लगाया कि भाजपा, आरएसएस, विश्व हिंदू परिषद और संघ परिवार के संगठनों ने लगभग तीन दशकों तक भगवान राम के नाम पर राजनीति की और देश के गरीब व मध्यम वर्ग से चंदा एकत्र कर सत्ता प्राप्त की। आज करोड़ों रामभक्त यह पूछने को मजबूर हैं कि भगवान राम के नाम पर जुटाया गया चंदा और चढ़ावा आखिर किसके संरक्षण में लूटा गया है। कांग्रेस ने इसे महज एक आर्थिक घोटाला नहीं, बल्कि करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था, विश्वास और भावनाओं के साथ किया गया घोर विश्वासघात करार दिया है।1
- कांकेर के सरोना थाना क्षेत्र के अंतर्गत साढ़े 3 लाख रुपये के कंडक्टर तार चोरी के मामले का खुलासा हुआ है। इस मामले में पुलिस ने कार्रवाई करते हुए एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि घटना में शामिल एक अन्य आरोपी अभी फरार है।1
- छत्तीसगढ़ में जगदलपुर शहर से सटे तोकापाल इलाके में शुक्रवार को एक भीषण सड़क हादसा हो गया। यहाँ एक ट्रक और ट्रैक्टर के बीच जोरदार टक्कर हो गई, जिससे ट्रैक्टर के दो टुकड़े हो गए। इस हादसे में एक व्यक्ति की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि करीब पांच लोग घायल बताए जा रहे हैं। दुर्घटना के बाद सभी घायलों को तुरंत उपचार के लिए मेकाज पहुंचाया गया है। वहीं, बीच सड़क पर फैले ट्रैक्टर के मलबे के कारण सड़क के दोनों ओर भारी जाम की स्थिति निर्मित हो गई है।1