ड्राइवर एसोसिएशन का शहर में प्रदर्शन, 10 सूत्री मांगों को लेकर उठाई आवाज शेखपुरा – ड्राइवर एसोसिएशन ऑफ़ बिहार के तत्वाधान में सोमवार को शहर में दर्जनों ड्राइवरों ने अपनी 10 सूत्री मांगों को लेकर जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने केदार होटल से जुलूस की शुरुआत करते हुए शहर के मुख्य मार्गों से होकर बाईपास तक प्रदर्शन किया और सरकार के समक्ष अपनी मांगों को रखा। ड्राइवर की मृत्यु को आपदा श्रेणी में शामिल करने की मांग प्रदर्शन के दौरान एसोसिएशन के सदस्यों ने मांग करते हुए कहा कि ड्यूटी के दौरान ड्राइवर की मृत्यु होने पर उसे आपदा की श्रेणी में शामिल किया जाए। साथ ही सड़क दुर्घटना के बाद ड्राइवरों के लिए मुफ्त चिकित्सा व्यवस्था सुनिश्चित करने की भी मांग की गई। 60 वर्ष के बाद पेंशन योजना लागू करने की मांग संगठन के प्रतिनिधियों ने कहा कि ड्राइवरों के लिए 60 वर्ष की आयु के बाद पेंशन योजना लागू की जाए और जो ड्राइवर इसके पात्र हैं, उन्हें तत्काल प्रभाव से पेंशन का लाभ दिया जाए। इसके अलावा ड्राइवरों के बच्चों के लिए उच्च शिक्षा की व्यवस्था और आरक्षण की भी मांग की गई। वाहनों में CCTV कैमरा लगाने की मांग मौके पर संगठन के अध्यक्ष ने कहा कि सभी वाहनों के आगे और पीछे CCTV कैमरा लगाया जाए ताकि किसी दुर्घटना या विवाद की स्थिति में फोटो और वीडियो के आधार पर सही दोषी की पहचान कर कार्रवाई की जा सके। 1 सितंबर को ड्राइवर दिवस घोषित करने की मांग प्रदर्शनकारियों ने 1 सितंबर को “ड्राइवर दिवस” घोषित करने की मांग भी उठाई, ताकि साल में एक दिन ड्राइवरों को सम्मान और अवकाश मिल सके। साथ ही ड्राइवरों को “द्वितीय सैनिक” का दर्जा देने की भी मांग की गई। ड्राइवरों की सुरक्षा के लिए विशेष कानून बनाने की मांग एसोसिएशन के सदस्यों ने कहा कि सड़क दुर्घटनाओं को कम करने के लिए प्रत्येक सरकारी अस्पताल के ICU में ड्राइवरों के लिए एक बेड आरक्षित किया जाए। इसके साथ ही ड्राइवरों की सुरक्षा के लिए विशेष कानून बनाया जाए, ताकि सड़क पर मारपीट या दुर्व्यवहार करने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई हो सके। प्रदर्शन के दौरान बड़ी संख्या में ड्राइवर मौजूद रहे और अपनी मांगों को लेकर सरकार से जल्द कार्रवाई की मांग की।
ड्राइवर एसोसिएशन का शहर में प्रदर्शन, 10 सूत्री मांगों को लेकर उठाई आवाज शेखपुरा – ड्राइवर एसोसिएशन ऑफ़ बिहार के तत्वाधान में सोमवार को शहर में दर्जनों ड्राइवरों ने अपनी 10 सूत्री मांगों को लेकर जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने केदार होटल से जुलूस की शुरुआत करते हुए शहर के मुख्य मार्गों से होकर बाईपास तक प्रदर्शन किया और सरकार के समक्ष अपनी मांगों को रखा। ड्राइवर की मृत्यु को आपदा श्रेणी में शामिल करने की मांग प्रदर्शन के दौरान एसोसिएशन के सदस्यों ने मांग करते हुए कहा कि ड्यूटी के दौरान ड्राइवर की मृत्यु होने पर उसे आपदा की श्रेणी में शामिल किया जाए। साथ ही सड़क दुर्घटना के बाद ड्राइवरों के लिए मुफ्त चिकित्सा व्यवस्था सुनिश्चित करने की भी मांग की गई। 60 वर्ष के बाद पेंशन योजना लागू करने की मांग संगठन के प्रतिनिधियों ने कहा कि ड्राइवरों के लिए 60 वर्ष की आयु के बाद पेंशन योजना लागू की जाए और जो ड्राइवर इसके पात्र हैं, उन्हें तत्काल प्रभाव से पेंशन का लाभ दिया जाए। इसके अलावा ड्राइवरों के बच्चों के लिए उच्च शिक्षा की व्यवस्था और आरक्षण की भी मांग की गई। वाहनों में CCTV कैमरा लगाने की मांग मौके पर संगठन के अध्यक्ष ने कहा कि सभी वाहनों के आगे और पीछे CCTV कैमरा लगाया जाए ताकि किसी दुर्घटना या विवाद की स्थिति में फोटो और वीडियो के आधार पर सही दोषी की पहचान कर कार्रवाई की जा सके। 1 सितंबर को ड्राइवर दिवस घोषित करने की मांग प्रदर्शनकारियों ने 1 सितंबर को “ड्राइवर दिवस” घोषित करने की मांग भी उठाई, ताकि साल में एक दिन ड्राइवरों को सम्मान और अवकाश मिल सके। साथ ही ड्राइवरों को “द्वितीय सैनिक” का दर्जा देने की भी मांग की गई। ड्राइवरों की सुरक्षा के लिए विशेष कानून बनाने की मांग एसोसिएशन के सदस्यों ने कहा कि सड़क दुर्घटनाओं को कम करने के लिए प्रत्येक सरकारी अस्पताल के ICU में ड्राइवरों के लिए एक बेड आरक्षित किया जाए। इसके साथ ही ड्राइवरों की सुरक्षा के लिए विशेष कानून बनाया जाए, ताकि सड़क पर मारपीट या दुर्व्यवहार करने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई हो सके। प्रदर्शन के दौरान बड़ी संख्या में ड्राइवर मौजूद रहे और अपनी मांगों को लेकर सरकार से जल्द कार्रवाई की मांग की।
- चेवाड़ा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में 61 गर्भवती महिलाओं की स्वास्थ्य जांच चेवाड़ा। प्रखंड क्षेत्र के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र चेवाड़ा में सोमवार को गर्भवती महिलाओं के स्वास्थ्य को लेकर विशेष जांच शिविर का आयोजन किया गया। इस दौरान कुल 61 गर्भवती महिलाओं का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया। इस संबंध में जानकारी देते हुए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के काउंसिलर नीरज कुमार ने बताया कि शिविर के दौरान गर्भवती महिलाओं का नियमित स्वास्थ्य जांच, वजन, ब्लड प्रेशर तथा आवश्यक चिकित्सकीय परामर्श दिया गया। साथ ही गर्भवती महिलाओं को समय-समय पर जांच कराने, पौष्टिक आहार लेने और सुरक्षित प्रसव के लिए अस्पताल में ही प्रसव कराने के प्रति जागरूक किया गया। उन्होंने बताया कि गर्भावस्था के दौरान किसी भी प्रकार की परेशानी होने पर तुरंत स्वास्थ्य केंद्र से संपर्क करने की सलाह दी गई, ताकि समय रहते उचित उपचार मिल सके। इस मौके पर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के प्रबंधक संतोष कुमार भी उपस्थित रहे और स्वास्थ्य कर्मियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि गर्भवती महिलाओं और नवजात शिशुओं के स्वास्थ्य को बेहतर बनाने के लिए इस तरह के जांच शिविर नियमित रूप से आयोजित किए जाते रहेंगे। स्वास्थ्य जांच के दौरान अस्पताल के अन्य स्वास्थ्य कर्मी भी मौजूद रहे और गर्भवती महिलाओं को आवश्यक सहयोग प्रदान किया। स्वास्थ जांच की कार्यक्रम सोमवार कि शाम 4:00 बजे संपन्न हुआ।1
- शेखपुरा – ड्राइवर एसोसिएशन ऑफ़ बिहार के तत्वाधान में सोमवार को शहर में दर्जनों ड्राइवरों ने अपनी 10 सूत्री मांगों को लेकर जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने केदार होटल से जुलूस की शुरुआत करते हुए शहर के मुख्य मार्गों से होकर बाईपास तक प्रदर्शन किया और सरकार के समक्ष अपनी मांगों को रखा। ड्राइवर की मृत्यु को आपदा श्रेणी में शामिल करने की मांग प्रदर्शन के दौरान एसोसिएशन के सदस्यों ने मांग करते हुए कहा कि ड्यूटी के दौरान ड्राइवर की मृत्यु होने पर उसे आपदा की श्रेणी में शामिल किया जाए। साथ ही सड़क दुर्घटना के बाद ड्राइवरों के लिए मुफ्त चिकित्सा व्यवस्था सुनिश्चित करने की भी मांग की गई। 60 वर्ष के बाद पेंशन योजना लागू करने की मांग संगठन के प्रतिनिधियों ने कहा कि ड्राइवरों के लिए 60 वर्ष की आयु के बाद पेंशन योजना लागू की जाए और जो ड्राइवर इसके पात्र हैं, उन्हें तत्काल प्रभाव से पेंशन का लाभ दिया जाए। इसके अलावा ड्राइवरों के बच्चों के लिए उच्च शिक्षा की व्यवस्था और आरक्षण की भी मांग की गई। वाहनों में CCTV कैमरा लगाने की मांग मौके पर संगठन के अध्यक्ष ने कहा कि सभी वाहनों के आगे और पीछे CCTV कैमरा लगाया जाए ताकि किसी दुर्घटना या विवाद की स्थिति में फोटो और वीडियो के आधार पर सही दोषी की पहचान कर कार्रवाई की जा सके। 1 सितंबर को ड्राइवर दिवस घोषित करने की मांग प्रदर्शनकारियों ने 1 सितंबर को “ड्राइवर दिवस” घोषित करने की मांग भी उठाई, ताकि साल में एक दिन ड्राइवरों को सम्मान और अवकाश मिल सके। साथ ही ड्राइवरों को “द्वितीय सैनिक” का दर्जा देने की भी मांग की गई। ड्राइवरों की सुरक्षा के लिए विशेष कानून बनाने की मांग एसोसिएशन के सदस्यों ने कहा कि सड़क दुर्घटनाओं को कम करने के लिए प्रत्येक सरकारी अस्पताल के ICU में ड्राइवरों के लिए एक बेड आरक्षित किया जाए। इसके साथ ही ड्राइवरों की सुरक्षा के लिए विशेष कानून बनाया जाए, ताकि सड़क पर मारपीट या दुर्व्यवहार करने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई हो सके। प्रदर्शन के दौरान बड़ी संख्या में ड्राइवर मौजूद रहे और अपनी मांगों को लेकर सरकार से जल्द कार्रवाई की मांग की।1
- बिहार के लड़कों का क्या हाल बना दिया है नीतीश और मोदी ने1
- मोकामा। गुप्त सूचना के आधार पर मोकामा थाना पुलिस ने वाहन चेकिंग के दौरान बड़ी कार्रवाई करते हुए करीब 400 किलो गांजा बरामद किया है। बरामद गांजे की कीमत लगभग एक करोड़ रुपये बताई जा रही है। यह कार्रवाई इंस्पेक्टर कुणाल कुमार की सूझबूझ और तत्परता से की गई। पुलिस ने संदिग्ध वाहन को रोककर तलाशी ली, जिसमें भारी मात्रा में गांजा बरामद हुआ। मौके से तीन तस्करों को गिरफ्तार किया गया है। गिरफ्तार आरोपियों में बिंदर सिंह और लाल सिंह (पिता निमल सिंह), निवासी उत्तराखंड तथा टिंकु कुमार (पिता बंगली राय), निवासी बख्तियारपुर शामिल हैं। पुलिस तीनों आरोपियों से पूछताछ कर रही है और यह पता लगाने में जुटी है कि गांजा कहां से लाया जा रहा था और इसे कहां पहुंचाया जाना था। मामले में तस्करी के बड़े नेटवर्क की आशंका जताई जा रही है। फिलहाल पूरे मामले की जांच जारी है। 🚨1
- लखीसराय । ड्राइवर एसोसिएशन ऑफ बिहार के बैनर तले ड्राइवरों ने अपनी 10 सूत्री मांगों को लेकर जोरदार प्रदर्शन किया। लखीसराय इकाई के द्वारा शहर में पैदल मार्च निकालते हुए जिला समाहरणालय पहुंचकर धरना दिया गया।प्रदेश अध्यक्ष उपेंद्र राय के निर्देश पर राज्यव्यापी आंदोलन के तहत लखीसराय में ड्राइवर एसोसिएशन के सदस्यों ने शहर में पैदल मार्च निकाला। मार्च के दौरान ड्राइवरों ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर नारेबाजी भी की। इसके बाद सभी प्रदर्शनकारी जिला समाहरणालय स्थित धरना स्थल पर पहुंचे और सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया।बताया गया कि उनकी 10 सूत्री मांगों में सड़क दुर्घटना में ड्राइवर की मौत को आपदा की श्रेणी में शामिल करने, ड्राइवरों के लिए वेलफेयर फंड की व्यवस्था करने और दुर्घटना में मृत्यु होने पर 20 लाख रुपये मुआवजा देने की मांग प्रमुख है।इसके अलावा दुर्घटना में अपंग होने पर 10 लाख रुपये सहायता राशि, दुर्घटना में घायल ड्राइवरों के लिए मुफ्त चिकित्सा सुविधा, 60 वर्ष की आयु के बाद पेंशन योजना लागू करने और दुर्घटना में मौत होने पर आश्रितों को तत्काल पेंशन देने की मांग भी शामिल है।ड्राइवरों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर जल्द सकारात्मक पहल नहीं की गई तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।1
- Post by VN News Bihar1
- लहेरी थाना की बड़ी कार्रवाई: 23 लाख नकद और 132 ग्राम सोना बरामद। Nalanda Police Bihar Police1
- मिशन थाना पुलिस ने एक कुर्की वारंटी व दो शराबियों को किया गिरफ्तार। गौरतलब है कि शेखपुरा जिले के मिशन थाना क्षेत्र में पुलिस ने कार्रवाई करते हुए एक कुर्की वारंटी और दो शराबियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। इस संबंध में जानकारी देते हुए मिशन थानाध्यक्ष आदित्य रंजन ने बताया कि शराब मामले में फरार चल रहे एक आरोपी को कुर्की वारंटी के आधार पर गिरफ्तार किया गया। थानाध्यक्ष ने बताया कि सामाचाक गांव निवासी विकास रावत शराब से जुड़े मामले में लंबे समय से फरार चल रहा था। पुलिस को उसकी तलाश थी। गुप्त सूचना के आधार पर पुलिस ने कार्रवाई करते हुए उसे गिरफ्तार कर लिया। आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद उसे जेल भेज दिया गया। इसके अलावा पुलिस ने शराब के नशे में हंगामा कर रहे दो लोगों को भी गिरफ्तार किया। गिरफ्तार व्यक्तियों की पहचान सामाचाक गांव निवासी विजय राम और सोनू कुमार के रूप में हुई है। दोनों को शराब के नशे में पाए जाने पर पुलिस ने हिरासत में लिया। थानाध्यक्ष आदित्य रंजन ने बताया कि तीनों आरोपियों के खिलाफ आवश्यक कानूनी कार्रवाई पूरी कर सोमवार की शाम करीब 5 बजे न्यायालय में प्रस्तुत किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया। पुलिस ने बताया कि क्षेत्र में शराब के विरुद्ध अभियान लगातार चलाया जा रहा है और इस तरह की कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।1