शाजापुर पुलिस विभाग के दो अधिकारी, निरीक्षक मनोहर सिंह जगेत और सहायक उप निरीक्षक माला साहू, 01 जून 2026 को अपनी सेवाओं से सेवानिवृत्त हुए। इस अवसर पर पुलिस विभाग द्वारा उन्हें एक भावभीनी विदाई दी गई। पुलिस अधीक्षक यशपाल सिंह राजपूत ने दोनों अधिकारियों को शॉल, श्रीफल, प्रशस्ति पत्र और प्रतीक चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया, साथ ही उनके उज्ज्वल और सुखद भविष्य के लिए शुभकामनाएं व्यक्त कीं। निरीक्षक मनोहर सिंह जगेत ने पुलिस विभाग में लगभग 40 वर्षों तक उत्कृष्ट सेवाएं प्रदान कीं, जबकि सहायक उप निरीक्षक माला साहू ने 37 वर्षों की सराहनीय सेवाएं पूरी कीं। उनके कार्यकाल के दौरान विभाग के प्रति समर्पण, कर्तव्यनिष्ठा और अनुशासन की सभी अधिकारियों और कर्मचारियों द्वारा जमकर सराहना की गई। इस विदाई समारोह के दौरान विभागीय अधिकारियों और कर्मचारियों ने दोनों सेवानिवृत्त अधिकारियों के कार्यों की प्रशंसा करते हुए उनके स्वस्थ, सुखमय और दीर्घायु जीवन की कामना की। कार्यक्रम में संबंधित अधिकारियों के परिवारजन भी उपस्थित रहे, जिससे पूरा वातावरण भावनात्मक बन गया।
शाजापुर पुलिस विभाग के दो अधिकारी, निरीक्षक मनोहर सिंह जगेत और सहायक उप निरीक्षक माला साहू, 01 जून 2026 को अपनी सेवाओं से सेवानिवृत्त हुए। इस अवसर पर पुलिस विभाग द्वारा उन्हें एक भावभीनी विदाई दी गई। पुलिस अधीक्षक यशपाल सिंह राजपूत ने दोनों अधिकारियों को शॉल, श्रीफल, प्रशस्ति पत्र और प्रतीक चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया, साथ ही उनके उज्ज्वल और सुखद भविष्य के लिए शुभकामनाएं व्यक्त कीं। निरीक्षक मनोहर सिंह जगेत ने पुलिस विभाग में लगभग 40 वर्षों तक उत्कृष्ट सेवाएं प्रदान कीं, जबकि सहायक उप निरीक्षक माला साहू ने 37 वर्षों की सराहनीय सेवाएं पूरी कीं। उनके कार्यकाल के दौरान विभाग के प्रति समर्पण, कर्तव्यनिष्ठा और अनुशासन की सभी अधिकारियों और कर्मचारियों द्वारा जमकर सराहना की गई। इस विदाई समारोह के दौरान विभागीय अधिकारियों और कर्मचारियों ने दोनों सेवानिवृत्त अधिकारियों के कार्यों की प्रशंसा करते हुए उनके स्वस्थ, सुखमय और दीर्घायु जीवन की कामना की। कार्यक्रम में संबंधित अधिकारियों के परिवारजन भी उपस्थित रहे, जिससे पूरा वातावरण भावनात्मक बन गया।
- मध्य प्रदेश के सुसनेर में एक तूफानी तांडव देखने को मिला, जिसने मिनटों के भीतर आशियानों को उजाड़ दिया। इस भयंकर तूफान की चपेट में आकर बिजली दफ्तर का टीनशेड भी तिनके की तरह उड़ गया।1
- महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करना केवल सरकार की नहीं, बल्कि पूरे समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है। यह स्पष्ट किया गया है कि जागरूकता, सम्मान और सुरक्षा के प्रति सही सोच ही इस दिशा में वास्तविक बदलाव ला सकती है। हाल के महीनों में देश के कई शहरों में महिला सुरक्षा अभियान, हेल्पलाइन जागरूकता कार्यक्रम और आत्मरक्षा प्रशिक्षण जैसे विभिन्न कार्यक्रम चलाए गए हैं। यह हम सबकी जिम्मेदारी है कि अपराधों को रोका जाए, और यह संदेश भी दिया गया है कि बेटियों का सम्मान करना ही पूरे देश का सम्मान करना है, क्योंकि सुरक्षा के लिए जागरूकता ही सबसे बड़ा माध्यम है।1
- बड़ोद नगर और आसपास के क्षेत्रों में 1 जून को मौसम ने अचानक करवट ली, जहाँ तेज आंधी-तूफान के साथ झमाझम बारिश हुई। इस अचानक हुए बदलाव से जनजीवन प्रभावित हुआ; कई मकानों के टीन शेड उड़ गए, वहीं कुछ स्थानों पर पेड़ों की शाखाएं टूटकर सड़कों पर गिर पड़ीं। आंधी के कारण लोगों में अफरा-तफरी का माहौल बन गया और बाजारों में भी लोग सुरक्षित स्थानों की ओर भागते दिखे। हालाँकि, इसके बाद शुरू हुई जोरदार बारिश ने पिछले कई दिनों से भीषण गर्मी और उमस से परेशान लोगों को बड़ी राहत दी। तेज धूप और बढ़ते तापमान से बेहाल लोगों के लिए मौसम सुहावना हो गया। बच्चों और युवाओं ने इस बारिश का भरपूर आनंद लिया, जबकि किसानों ने भी इसे अपनी खेतों के लिए बेहद लाभकारी बताया। इस बदले हुए मिजाज से पूरे क्षेत्र में ठंडक का एहसास हुआ और लोगों ने चैन की सांस ली। मौसम विभाग ने आगामी दिनों में भी मौसम में इसी तरह के बदलाव की संभावना जताई है। विभाग ने लोगों से अपील की है कि आंधी-तूफान के चलते वे बिना किसी काम के अपने घर से बाहर न निकलें।2
- सुसनेर में पुलिस ने बोरवेल के एक ऑफिस में चल रहे इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) के सट्टे का भंडाफोड़ किया है। इस कार्रवाई के दौरान पुलिस ने तीन सटोरियों को मौके पर रंगे हाथों पकड़ा।1
- मुख्यमंत्री मोहन यादव के एक बयान पर कांग्रेस ने तीखी प्रतिक्रिया दी है, जिसमें उन्होंने मोहन यादव को "पर्ची वाले फर्जी मुख्यमंत्री" कहकर संबोधित किया। कांग्रेस के राष्ट्रीय सचिव कुणाल चौधरी ने इस पर पलटवार करते हुए कहा कि "पर्ची वाले फर्जी मुख्यमंत्री की भाषा का हल्कापन प्रदेश की जनता देख रही है।" यह बयानबाजी जीतू पटवारी के समर्थन में की गई है, जहाँ कांग्रेस ने किसानों के मुद्दे पर भाजपा सरकार को घेरा है। इस घटना ने प्रदेश की राजनीति में एक नई जंग की शुरुआत का संकेत दिया है, जिससे यह सवाल उठता है कि क्या यह सिर्फ राजनीतिक बयानबाजी है या इसके पीछे कोई गहरा कारण है। कांग्रेस ने इतने कड़े शब्दों में जवाब क्यों दिया, इसे लेकर राजनीतिक गलियारों में चर्चा तेज है। पूरा वीडियो देखकर और इस बयानबाजी में किसे सही माना जाए, इस पर जनता से अपनी राय कमेंट में लिखने का आह्वान किया गया है।1
- मध्य प्रदेश के राजगढ़ में समान नागरिक संहिता (यूसीसी) पर सुझाव और विचार प्राप्त करने के लिए गठित उच्च स्तरीय समिति की बैठक रविवार को जिला पंचायत सभागृह में आयोजित हुई। इस दौरान माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विचारों को साझा किया गया, जिसमें उन्होंने समान नागरिक संहिता का समर्थन करते हुए कहा कि देश में अलग-अलग व्यक्तिगत कानूनों के बजाय सभी नागरिकों के लिए एक समान नागरिक कानून होना चाहिए। उनके अनुसार, यूसीसी का उद्देश्य कानून के समक्ष समानता, महिलाओं को समान अधिकार और लैंगिक न्याय सुनिश्चित करना है। प्रधानमंत्री मोदी का मानना है कि एक धर्मनिरपेक्ष और समान नागरिक संहिता से विवाह, तलाक, उत्तराधिकार और गोद लेने जैसे मामलों में सभी नागरिकों के साथ समान व्यवहार होगा, जिससे संविधान में निहित समानता के सिद्धांत को मजबूती मिलेगी। बैठक को संबोधित करते हुए प्रोफेसर गोपाल शर्मा ने जोर देकर कहा कि समान नागरिक संहिता जैसे महत्वपूर्ण विषय पर समाज के सभी वर्गों और आमजन की राय लेना तथा उसे विधिवत दर्ज करना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने बताया कि इस प्रक्रिया का मुख्य उद्देश्य विभिन्न समुदायों के विचारों, सुझावों और मतों को संकलित कर उन्हें नीति निर्माण की प्रक्रिया में शामिल करना है। प्रोफेसर शर्मा ने यह भी स्पष्ट किया कि यूसीसी की अवधारणा कोई नई नहीं है, बल्कि इसका उल्लेख भारतीय संविधान के नीति निदेशक तत्वों के अंतर्गत अनुच्छेद 44 में किया गया है। संविधान निर्माताओं ने पहले ही यह परिकल्पना की थी कि देश की सामाजिक परिस्थितियों और विकास के अनुरूप समय आने पर समान नागरिक संहिता को लागू किया जाएगा। इस अवसर पर प्रदेश सरकार के राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) मछुआ कल्याण एवं मत्स्य विकास विभाग नारायण सिंह पंवार, राजगढ़ विधायक अमर सिंह यादव, खिलचीपुर विधायक हजारीलाल दांगी, भाजपा जिला अध्यक्ष ज्ञान सिंह गुर्जर, कलेक्टर डॉ. गिरीश कुमार मिश्रा, पुलिस अधीक्षक अमित तोलानी, मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत डॉ. इच्छित गढ़पाले, अपर कलेक्टर प्रताप सिंह चौहान, और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक के.एल. बंजारे सहित कई स्थानीय जनप्रतिनिधि व अधिकारी-कर्मचारीगण उपस्थित रहे। बैठक में उपस्थित जनप्रतिनिधियों और प्रतिभागियों ने सुझाव दिया कि समान नागरिक संहिता का मूल उद्देश्य एवं भावना वही बनी रहनी चाहिए, जिसकी परिकल्पना संविधान निर्माताओं ने की थी।1
- मध्य प्रदेश के कालापीपल में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के 'टपोरी लाल' बयान को लेकर सियासी बवाल खड़ा हो गया है। इसी कड़ी में, कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने कालापीपल के पंचमुखी चौराहे पर डॉ. यादव के खिलाफ उग्र प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने उनके पुतले को जलाने का प्रयास किया, लेकिन मौके पर मौजूद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए इस कोशिश को नाकाम कर दिया। हालात उस वक्त और तनावपूर्ण हो गए जब पुलिस और कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच सीधी झड़प हो गई। स्थिति को नियंत्रित करने और प्रदर्शनकारियों को आगे बढ़ने से रोकने के लिए पुलिस को वाटर कैनन का इस्तेमाल करना पड़ा। यह घटना राजनीतिक गलियारों में नेताओं की बयानबाजी से पैदा हो रहे टकराव की राजनीति पर गंभीर सवाल उठाती है।1