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प्रदीप शर्मा एसीएन भारत नरसिंहपुर फर्जी डॉक्यूमेंट लगाकर निकाली दो आरोपियों ने सैकड़ो मोबाइल सिम,, पुलिस ने किया गिरफ्तार

6 hrs ago
user_कृष्णकांत प्रदीप शर्मा करेली
कृष्णकांत प्रदीप शर्मा करेली
Electrician करेली, नरसिंहपुर, मध्य प्रदेश•
6 hrs ago

प्रदीप शर्मा एसीएन भारत नरसिंहपुर फर्जी डॉक्यूमेंट लगाकर निकाली दो आरोपियों ने सैकड़ो मोबाइल सिम,, पुलिस ने किया गिरफ्तार

  • user_बल्ली कुमार
    बल्ली कुमार
    सैखेड़ा, नरसिंहपुर, मध्य प्रदेश
    🙏
    3 hrs ago
More news from मध्य प्रदेश and nearby areas
  • Post by कृष्णकांत प्रदीप शर्मा करेली
    1
    Post by कृष्णकांत प्रदीप शर्मा करेली
    user_कृष्णकांत प्रदीप शर्मा करेली
    कृष्णकांत प्रदीप शर्मा करेली
    Electrician करेली, नरसिंहपुर, मध्य प्रदेश•
    10 min ago
  • नरसिंहपुर से सतीश विश्वकर्मा की रिपोर्ट नरसिंहपुर फर्जी डॉक्यूमेंट लगाकर निकाली दो आरोपियों ने सैकcड़ो मोबाइल सिम,, पुलिस ने किया गिरफ्तार
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    नरसिंहपुर से सतीश विश्वकर्मा की रिपोर्ट
नरसिंहपुर फर्जी डॉक्यूमेंट लगाकर निकाली दो आरोपियों ने सैकcड़ो मोबाइल सिम,, पुलिस ने किया गिरफ्तार
    user_Satish Vishwakarma
    Satish Vishwakarma
    Photographer Kareli, Narsinghpur•
    1 hr ago
  • ​शिक्षकों ने हुंकार भरी पुरानी नियुक्तियों और वरिष्ठता को लेकर मुख्यमंत्री के नाम सौंपा ज्ञापन ​नरसिंहपुर | अध्यापक शिक्षक संयुक्त मोर्चा, जिला नरसिंहपुर के बैनर तले आज जिले के शिक्षकों ने अपनी लंबित मांगों को लेकर जिला प्रशासन के माध्यम से प्रदेश के मुख्यमंत्री के नाम एक महत्वपूर्ण ज्ञापन सौंपा। शिक्षकों ने स्पष्ट किया है कि यदि उनकी मांगों पर संवेदनशीलता से विचार नहीं किया गया, तो वे अपने भविष्य की सुरक्षा के लिए बड़े स्तर पर संघर्ष करेंगे। ​ज्ञापन की मुख्य मांगें: ​शिक्षक संघ ने मुख्य रूप से दो बिंदुओं पर सरकार का ध्यान आकर्षित किया है: ​TET और सुप्रीम कोर्ट का मामला माननीय सर्वोच्च न्यायालय के हालिया आदेश के परिप्रेक्ष्य में, शिक्षकों ने मांग की है कि मध्य प्रदेश शासन जल्द से जल्द रिव्यू पिटीशन (पुनर्विचार याचिका) दायर करे। उनकी मांग है कि शिक्षा का अधिकार अधिनियम (RTE) 2009 के लागू होने से पहले नियुक्त हुए शिक्षकों को TET की बाध्यता से मुक्त रखने के लिए सरकार न्यायालय में मजबूती से पक्ष रखे। ​वरिष्ठता का निर्धारण वर्ष 1998 से कार्यरत शिक्षकों ने मांग की है कि उनकी वरिष्ठता की गणना प्रथम नियुक्ति दिनांक से की जाए, ताकि उन्हें नियमानुसार सभी लाभ प्राप्त हो सकें। ​यह ज्ञापन प्रांतीय आह्वान के तहत सौंपा गया है। "अध्यापक शिक्षक संयुक्त मोर्चा" के पदाधिकारियों ने बताया कि हजारों शिक्षक वर्षों से सेवा देने के बाद भी अपनी वरिष्ठता और पात्रता संबंधी तकनीकी उलझनों के कारण मानसिक और आर्थिक दबाव महसूस कर रहे हैं। ​नरसिंहपुर कलेक्टर के प्रतिनिधि को ज्ञापन सौंपते हुए जिला संयोजक और अन्य शिक्षक प्रतिनिधियों ने आग्रह किया कि मुख्यमंत्री जी तक इन समस्याओं को पहुँचाया जाए और इनका त्वरित समाधान निकाला जाए। इस दौरान बड़ी संख्या में शिक्षक मौजूद रहे और अपनी एकजुटता प्रदर्शित की।
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    ​शिक्षकों ने हुंकार भरी पुरानी नियुक्तियों और वरिष्ठता को लेकर मुख्यमंत्री के नाम सौंपा ज्ञापन
​नरसिंहपुर | अध्यापक शिक्षक संयुक्त मोर्चा, जिला नरसिंहपुर के बैनर तले आज जिले के शिक्षकों ने अपनी लंबित मांगों को लेकर जिला प्रशासन के माध्यम से प्रदेश के मुख्यमंत्री के नाम एक महत्वपूर्ण ज्ञापन सौंपा। शिक्षकों ने स्पष्ट किया है कि यदि उनकी मांगों पर संवेदनशीलता से विचार नहीं किया गया, तो वे अपने भविष्य की सुरक्षा के लिए बड़े स्तर पर संघर्ष करेंगे।
​ज्ञापन की मुख्य मांगें:
​शिक्षक संघ ने मुख्य रूप से दो बिंदुओं पर सरकार का ध्यान आकर्षित किया है:
​TET और सुप्रीम कोर्ट का मामला माननीय सर्वोच्च न्यायालय के हालिया आदेश के परिप्रेक्ष्य में, शिक्षकों ने मांग की है कि मध्य प्रदेश शासन जल्द से जल्द रिव्यू पिटीशन (पुनर्विचार याचिका) दायर करे। उनकी मांग है कि शिक्षा का अधिकार अधिनियम (RTE) 2009 के लागू होने से पहले नियुक्त हुए शिक्षकों को TET की बाध्यता से मुक्त रखने के लिए सरकार न्यायालय में मजबूती से पक्ष रखे।
​वरिष्ठता का निर्धारण वर्ष 1998 से कार्यरत शिक्षकों ने मांग की है कि उनकी वरिष्ठता की गणना प्रथम नियुक्ति दिनांक से की जाए, ताकि उन्हें नियमानुसार सभी लाभ प्राप्त हो सकें। ​यह ज्ञापन प्रांतीय आह्वान के तहत सौंपा गया है। "अध्यापक शिक्षक संयुक्त मोर्चा" के पदाधिकारियों ने बताया कि हजारों शिक्षक वर्षों से सेवा देने के बाद भी अपनी वरिष्ठता और पात्रता संबंधी तकनीकी उलझनों के कारण मानसिक और आर्थिक दबाव महसूस कर रहे हैं। ​नरसिंहपुर कलेक्टर के प्रतिनिधि को ज्ञापन सौंपते हुए जिला संयोजक और अन्य शिक्षक प्रतिनिधियों ने आग्रह किया कि मुख्यमंत्री जी तक इन समस्याओं को पहुँचाया जाए और इनका त्वरित समाधान निकाला जाए। इस दौरान बड़ी संख्या में शिक्षक मौजूद रहे और अपनी एकजुटता प्रदर्शित की।
    user_Ashish Dubey
    Ashish Dubey
    Media and information sciences faculty नरसिंहपुर, नरसिंहपुर, मध्य प्रदेश•
    8 min ago
  • प्रदेश में टीईटी शिक्षक पात्रता परीक्षा को रद्द करने की मांग को लेकर शिक्षकों ने मोर्चा खोल दिया है।और बड़ी संख्या में एकत्रित होकर शिक्षकों ने कलेक्ट्रेट पहुँचकर मुख्यमंत्री के नाम एक ज्ञापन डिप्टी कलेक्टर को सौंपा। शिक्षकों का आरोप है कि परीक्षा के आयोजन और नियमों में कई विसंगतियां हैं। प्रदर्शनकारि शिक्षकों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर जल्द विचार नहीं किया गया, तो वे उग्र आंदोलन करेंगे। शिक्षकों का कहना है कि वर्तमान आदेश को जल्द निरस्त किया जाए।
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    प्रदेश में टीईटी शिक्षक पात्रता परीक्षा को रद्द करने की मांग को लेकर शिक्षकों ने मोर्चा खोल दिया है।और बड़ी संख्या में एकत्रित होकर शिक्षकों ने कलेक्ट्रेट पहुँचकर मुख्यमंत्री के नाम एक ज्ञापन डिप्टी कलेक्टर को सौंपा। शिक्षकों का आरोप है कि परीक्षा के आयोजन और नियमों में कई विसंगतियां हैं। प्रदर्शनकारि शिक्षकों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर जल्द विचार नहीं किया गया, तो वे उग्र आंदोलन करेंगे। शिक्षकों का कहना है कि वर्तमान आदेश को जल्द निरस्त किया जाए।
    user_SATISH DUBEY
    SATISH DUBEY
    पत्रकार Narsimhapur, Narsinghpur•
    40 min ago
  • टीईटी परीक्षा के विरोध में "अध्यापक शिक्षक संयुक्त मोर्चा नरसिंहपुर" का जोरदार प्रदर्शन, सैकड़ों शिक्षकों ने सौंपा ज्ञापन टीईटी (Teacher Eligibility Test) परीक्षा को लेकर प्रदेशभर में चल रहे विरोध के बीच आज जिले में भी "अध्यापक शिक्षक संयुक्त मोर्चा मध्यप्रदेश" के प्रांतीय आह्वान पर "अध्यापक शिक्षक संयुक्त मोर्चा नरसिंहपुर" के नेतृत्व में बड़ा आंदोलन देखने को मिला। जिले के समस्त शिक्षक एकजुट होकर सड़कों पर उतरे और सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। संघ के बैनर तले आयोजित इस विरोध प्रदर्शन में जिले के विभिन्न विकासखंडों से आए सैकड़ों शिक्षकों ने भाग लिया। शिक्षकों का कहना है कि टीईटी परीक्षा को अनिवार्य बनाए जाने से वर्षों से कार्यरत शिक्षकों के भविष्य पर संकट खड़ा हो गया है। प्रदर्शन के बाद अध्यापक संघ के प्रतिनिधिमंडल ने जिला प्रशासन के माध्यम से राज्य सरकार के नाम ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में मांग की गई कि टीईटी परीक्षा की अनिवार्यता को समाप्त किया अथवा आरटीआई एक्ट क्रियान्वयन से पूर्व कार्यरत शिक्षकों को इससे छूट प्रदान किए जाने हेतु मध्यप्रदेश शासन द्वारा सुप्रीम कोर्ट में रिव्यू पिटीशन दायर कर राहत प्रदान की जावे एवं वर्ष 1998 से कार्यरत शिक्षकों की वरिष्ठता का निर्धारण प्रथम नियुक्ति दिनाँक से प्रदान की जाए। संघ पदाधिकारियों ने कहा कि शिक्षक लंबे समय से शिक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं, ऐसे में उनके साथ इस प्रकार की शर्तें लागू करना न्यायसंगत नहीं है। यदि सरकार ने जल्द ही मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया, तो आने वाले समय में आंदोलन को और उग्र किया जाएगा। इस दौरान जिले के लगभग सभी स्कूलों के शिक्षक उपस्थित रहे, जिससे यह स्पष्ट हुआ कि इस मुद्दे पर शिक्षकों में भारी असंतोष है। प्रदर्शन शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हुआ, लेकिन शिक्षकों ने चेतावनी दी कि उनकी मांगों की अनदेखी होने पर वे चरणबद्ध आंदोलन करेंगे।
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    टीईटी परीक्षा के विरोध में "अध्यापक शिक्षक संयुक्त मोर्चा नरसिंहपुर" का जोरदार प्रदर्शन, सैकड़ों शिक्षकों ने सौंपा ज्ञापन
टीईटी (Teacher Eligibility Test) परीक्षा को लेकर प्रदेशभर में चल रहे विरोध के बीच आज जिले में भी "अध्यापक शिक्षक संयुक्त मोर्चा मध्यप्रदेश" के प्रांतीय आह्वान पर "अध्यापक शिक्षक संयुक्त मोर्चा नरसिंहपुर" के नेतृत्व में बड़ा आंदोलन देखने को मिला। जिले के समस्त शिक्षक एकजुट होकर सड़कों पर उतरे और सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
संघ के बैनर तले आयोजित इस विरोध प्रदर्शन में जिले के विभिन्न विकासखंडों से आए सैकड़ों शिक्षकों ने भाग लिया। शिक्षकों का कहना है कि टीईटी परीक्षा को अनिवार्य बनाए जाने से वर्षों से कार्यरत शिक्षकों के भविष्य पर संकट खड़ा हो गया है।
प्रदर्शन के बाद अध्यापक संघ के प्रतिनिधिमंडल ने जिला प्रशासन के माध्यम से राज्य सरकार के नाम ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में मांग की गई कि टीईटी परीक्षा की अनिवार्यता को समाप्त किया अथवा आरटीआई एक्ट क्रियान्वयन से पूर्व कार्यरत शिक्षकों को इससे छूट प्रदान किए जाने हेतु मध्यप्रदेश शासन द्वारा सुप्रीम कोर्ट में रिव्यू पिटीशन दायर कर राहत प्रदान की जावे एवं  वर्ष 1998 से कार्यरत शिक्षकों की वरिष्ठता का निर्धारण प्रथम नियुक्ति दिनाँक से प्रदान की जाए।
संघ पदाधिकारियों ने कहा कि शिक्षक लंबे समय से शिक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं, ऐसे में उनके साथ इस प्रकार की शर्तें लागू करना न्यायसंगत नहीं है। यदि सरकार ने जल्द ही मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया, तो आने वाले समय में आंदोलन को और उग्र किया जाएगा।
इस दौरान जिले के लगभग सभी स्कूलों के शिक्षक उपस्थित रहे, जिससे यह स्पष्ट हुआ कि इस मुद्दे पर शिक्षकों में भारी असंतोष है। प्रदर्शन शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हुआ, लेकिन शिक्षकों ने चेतावनी दी कि उनकी मांगों की अनदेखी होने पर वे चरणबद्ध आंदोलन करेंगे।
    user_Tara patel - MO,9424301511
    Tara patel - MO,9424301511
    मीडिया कंपनी नरसिंहपुर, नरसिंहपुर, मध्य प्रदेश•
    52 min ago
  • Post by News Chandra Shekher Sonu
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    Post by News Chandra Shekher Sonu
    user_News Chandra Shekher Sonu
    News Chandra Shekher Sonu
    नरसिंहपुर, नरसिंहपुर, मध्य प्रदेश•
    1 hr ago
  • गाडरवारा: भाजपा नेता पर हमले से बढ़ा जनाक्रोश, 7 दिन में गिरफ्तारी नहीं तो आंदोलन
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    गाडरवारा: भाजपा नेता पर हमले से बढ़ा जनाक्रोश, 7 दिन में गिरफ्तारी नहीं तो आंदोलन
    user_Ranjeet Tomar
    Ranjeet Tomar
    पत्रकार Narsimhapur, Narsinghpur•
    1 hr ago
  • Post by कृष्णकांत प्रदीप शर्मा करेली
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    Post by कृष्णकांत प्रदीप शर्मा करेली
    user_कृष्णकांत प्रदीप शर्मा करेली
    कृष्णकांत प्रदीप शर्मा करेली
    Electrician करेली, नरसिंहपुर, मध्य प्रदेश•
    6 hrs ago
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