*मिट्टी के घर के टूटने पर भावुक हुए राजा भैया, बोले— एक युग का अंत हो रहा है।* *इंस्टाग्राम पोस्ट में छलका गांव और मिट्टी से जुड़ाव, लोगों ने भी जताई सहमति* रविंद्र प्रताप सिंह विशाल प्रभात प्रतापगढ़। राजनीति की बात हो या फिर धर्म की, रघुराज प्रताप सिंह उर्फ ‘राजा भैया’ हमेशा मुखर होकर अपनी बात रखते हैं। वे अक्सर सार्वजनिक मंचों पर संस्कृति और सामाजिक मुद्दों पर चर्चा करते हुए नजर आते हैं। सोशल मीडिया पर उनकी पहचान ऐसे जनप्रतिनिधि के रूप में है, जो अपने गांव, देश और मिट्टी से गहराई से जुड़े हुए हैं। कई बार उनकी पोस्ट में यह जुड़ाव साफ तौर पर दिखाई देता है। इसी क्रम में राजा भैया ने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर एक भावुक पोस्ट साझा की है, जिसमें वे एक मिट्टी के टूटते हुए घर के सामने खड़े नजर आ रहे हैं। घर की तस्वीर के साथ उन्होंने एक इमोशनल संदेश भी लिखा है, जिसने लोगों का ध्यान अपनी ओर आकर्षित किया है। अपने पोस्ट में उन्होंने लिखा, “एक गांव में यह घर हमको बहुत प्रिय लगता था। पूरे क्षेत्र में सबसे प्यारा घर, जब भी उधर से गुजरते तो गाड़ी धीमी करके देखते हुए जाते थे। आज देखा वह घर टूट रहा है, पक्के मकान के लिए जगह बनाने के लिए। बहुत दुख हुआ, लगा जैसे एक युग का अंत हो रहा है—हमेशा के लिए। मिट्टी के घर अब धीरे-धीरे इतिहास में विलीन होते जा रहे हैं और उनका स्थान पक्के मकान लेते जा रहे हैं, किंतु वे हम सभी की मधुर स्मृतियों में सदैव जीवित रहेंगे।” राजा भैया की इस भावनात्मक पोस्ट पर लोगों की प्रतिक्रियाएं भी तेजी से सामने आ रही हैं। बड़ी संख्या में लोग उनकी बातों से सहमति जताते हुए मिट्टी के घरों से जुड़ी पुरानी यादों को साझा कर रहे हैं। गौरतलब है कि वर्ष 2022 के विधानसभा चुनाव में राजा भैया की पार्टी ने दो सीटों पर जीत दर्ज की थी। रघुराज प्रताप सिंह ने वर्ष 1993 में पहली बार कुंडा विधानसभा सीट से निर्दलीय चुनाव जीतकर राजनीति में कदम रखा था। इसके बाद वे लगातार कई बार इसी सीट से विधायक चुने जाते रहे हैं। राजा भैया उत्तर प्रदेश की कई सरकारों में मंत्री भी रह चुके हैं। उन्होंने कल्याण सिंह और मुलायम सिंह यादव की सरकारों में कैबिनेट मंत्री के रूप में कार्य किया है। अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने खाद्य एवं रसद, कारागार और ग्राम्य विकास जैसे महत्वपूर्ण विभागों की जिम्मेदारी संभाली है।
*मिट्टी के घर के टूटने पर भावुक हुए राजा भैया, बोले— एक युग का अंत हो रहा है।* *इंस्टाग्राम पोस्ट में छलका गांव और मिट्टी से जुड़ाव, लोगों ने भी जताई सहमति* रविंद्र प्रताप सिंह विशाल प्रभात प्रतापगढ़। राजनीति की बात हो या फिर धर्म की, रघुराज प्रताप सिंह उर्फ ‘राजा भैया’ हमेशा मुखर होकर अपनी बात रखते हैं। वे अक्सर सार्वजनिक मंचों पर संस्कृति और सामाजिक मुद्दों पर चर्चा करते हुए नजर आते हैं। सोशल मीडिया पर उनकी पहचान ऐसे जनप्रतिनिधि के रूप में है, जो अपने गांव, देश और मिट्टी से गहराई से जुड़े हुए हैं। कई बार उनकी पोस्ट में यह जुड़ाव साफ तौर पर दिखाई देता है। इसी क्रम में राजा भैया ने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर एक भावुक पोस्ट साझा की है, जिसमें वे एक मिट्टी के टूटते हुए घर के सामने खड़े नजर आ रहे हैं। घर की तस्वीर के साथ उन्होंने एक इमोशनल संदेश भी लिखा है, जिसने लोगों का ध्यान अपनी ओर आकर्षित किया है। अपने पोस्ट में उन्होंने लिखा, “एक गांव में यह घर हमको बहुत प्रिय लगता था। पूरे क्षेत्र में सबसे प्यारा घर, जब भी उधर से गुजरते तो गाड़ी धीमी करके देखते हुए जाते थे। आज देखा वह घर टूट रहा है, पक्के मकान के लिए जगह बनाने के लिए। बहुत दुख हुआ, लगा जैसे एक युग का अंत हो रहा है—हमेशा के लिए। मिट्टी के घर अब धीरे-धीरे इतिहास में विलीन होते जा रहे हैं और उनका स्थान पक्के मकान लेते जा रहे हैं, किंतु वे हम सभी की मधुर स्मृतियों में सदैव जीवित रहेंगे।” राजा भैया की इस भावनात्मक पोस्ट पर लोगों की प्रतिक्रियाएं भी तेजी से सामने आ रही हैं। बड़ी संख्या में लोग उनकी बातों से सहमति जताते हुए मिट्टी के घरों से जुड़ी पुरानी यादों को साझा कर रहे हैं। गौरतलब है कि वर्ष 2022 के विधानसभा चुनाव में राजा भैया की पार्टी ने दो सीटों पर जीत दर्ज की थी। रघुराज प्रताप सिंह ने वर्ष 1993 में पहली बार कुंडा विधानसभा सीट से निर्दलीय चुनाव जीतकर राजनीति में कदम रखा था। इसके बाद वे लगातार कई बार इसी सीट से विधायक चुने जाते रहे हैं। राजा भैया उत्तर प्रदेश की कई सरकारों में मंत्री भी रह चुके हैं। उन्होंने कल्याण सिंह और मुलायम सिंह यादव की सरकारों में कैबिनेट मंत्री के रूप में कार्य किया है। अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने खाद्य एवं रसद, कारागार और ग्राम्य विकास जैसे महत्वपूर्ण विभागों की जिम्मेदारी संभाली है।
- Post by Dharmendra Mishra1
- Post by अपना प्रतापगढ़ न्यूज1
- Post by नीरज पांडेय पत्रकार प्रतापगढ़1
- संवादाता –डीके शर्मा Slug –सोमनाथ दर्शन हेतु यूपी से स्पेशल ट्रेन को सी एम योगी नें किया रवाना Anchor : गुजरात में समुद्र तट पर स्थित प्राचीन एवं प्रथम ज्योतिर्लिंग सोमनाथ मंदिर पर स्वाभिमान पर्व का आयोजन किया जा रहा है। इस अवसर पर उत्तर प्रदेश के हजारों की संख्या दर्शनर्थियों को सरकारी खर्च पर सीएम योगी आदित्यनाथ नें स्पेशल ट्रेन को हरि झंडी दिखा कर रवाना किया। प्रदेश के सभी जिलों से चिन्हित श्रद्धालुओं को इस स्वाभिमान पर्व का हिस्सा बनने के लिए प्रदेश सरकार नें रविवार को लखनऊ के गोमती नगर रेलवे स्टेशन से उन्हें रवाना किया। इस अवसर पर जहाँ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ नें हरि झंडी दिखाई वहीं उनके साथ डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य एवं मंत्री संजय निषाद समेत कई मंत्री और नेता मौजूद रहे। आपको बताते चलें कि यात्रा में हमारे संवादाता डी के शर्मा भी मौजूद हैं जो इस यात्रा का हर अनोखा छड़ हमसे साझा करते रहेंगे। उन्होंने बताया कि सम्पूर्ण सुदृढ़ व्यवस्था के बीच यात्रा का शुभारम्भ हुआ है। यात्रा कि स्पेशल ट्रेन 19 अप्रैल रविवार को यह यात्रा शुरू हुई है 21 अप्रैल को सुबह तकरीबन 6 बजे सोमनाथ विरावल पहुंचेगी। जिसके बाद यहाँ कि पौराणिक एवं ऐतिहासिक स्थलों के दर्शन कि योजना है।1
- *पाण्डेयपुर पावर हाउस के पीछे खेतों में फिर लगी आग ग्रामीण बुझाने में जुटे आग पर काबू रखने में सफल* *लगातार हो रही आग की घटनाओं से बढ़ रहा नुकसान किसानों में आक्रोश अब सबक सीखाने की बारी * *लम्भुआ सुल्तानपुर* लम्भुआ कोतवाली क्षेत्र के पाँड़ेपुर पावर हाउस के पीछे स्थित खेतों में गुरुवार को फिर आग लग गई। सूचना के बावजूद खबर लिखे जाने तक फायर ब्रिगेड की कोई गाड़ी मौके पर नहीं पहुंची थी। आग की लपटें देख ग्रामीण खुद ही आग बुझाने में जुट गए। खेतों में खड़ी फसल एवं पराली में लगी आग से किसानों को नुकसान की आशंका है। तेज हवा के कारण आग फैलने का खतरा भी बना रहा। स्थानीय लोगों ने बताया कि लंभुआ में फायर स्टेशन न होने से सुल्तानपुर से गाड़ी आने में काफी समय लग जाता है। तब तक ग्रामीणों को ही मशक्कत करनी पड़ती है। गौरतलब है कि बीते दिन भी अनापुर नारायणगंज तकियवा गांव में शॉर्ट सर्किट से दो घरों की गृहस्थी जलकर राख हो गई थी। वहां भी समय पर फायर ब्रिगेड नहीं पहुंच पाई थी।3
- जौनपुर। बदलापुर विधानसभा क्षेत्र के विधायक रमेश चंद्र मिश्र अपने एक विवादित बयान को लेकर सियासी घमासान में घिर गए हैं। क्षेत्र में विकास कार्यों को लेकर उठ रहे सवालों पर प्रतिक्रिया देते हुए विधायक ने कहा था कि “जिन्हें विकास नहीं दिखाई दे रहा, उनकी आंखों में मोतियाबिंद है” और ऐसे लोगों का मुफ्त ऑपरेशन कराया जाएगा। उनके इस बयान के बाद राजनीतिक माहौल गर्म हो गया है। विधायक का यह बयान ऐसे समय में आया है जब वे अपने क्षेत्र में सड़कों, आवास, शौचालय और अन्य बुनियादी सुविधाओं के विकास का दावा कर रहे हैं। हालांकि विपक्षी दलों ने इसे जनता का अपमान बताते हुए कड़ी आपत्ति जताई है। समाजवादी पार्टी के नेता प्रमोद शर्मा ने विधायक के बयान पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यह बदलापुर का दुर्भाग्य है कि जनप्रतिनिधि इस तरह की घमंडी भाषा का इस्तेमाल कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि जब जनता विकास का हिसाब मांग रही है, तब विधायक को अपने कार्यों का विवरण देना चाहिए, न कि इस तरह के तंज कसने चाहिए। प्रमोद शर्मा ने आगे कहा कि यदि क्षेत्र में विकास कार्य हुए हैं तो यह कोई एहसान नहीं, बल्कि जनता का अधिकार है। जनता ने ही उन्हें चुनकर इस पद तक पहुंचाया है, इसलिए उन्हें जवाबदेह होना चाहिए। उन्होंने बिजली बिलों के मुद्दे को उठाते हुए कहा कि कई जगहों पर 10 दिनों के भीतर ही 5 हजार से लेकर 15 हजार रुपये तक के बिल आ रहे हैं, जो आम लोगों के लिए बड़ी समस्या बन गए हैं। इस पर तंज कसते हुए उन्होंने कहा कि “मोतियाबिंद” का इलाज जनता को नहीं, बल्कि बिजली विभाग के अधिकारियों को कराने की जरूरत है, ताकि उन्हें असली समस्याएं नजर आ सकें। इसके अलावा प्रमोद शर्मा ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की व्यवस्थाओं पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि विधायक निरीक्षण और सोशल मीडिया पर बयान तो देते हैं, लेकिन अस्पताल में मौजूद बुनियादी कमियां, जैसे एक्स-रे मशीन की समस्या, उन्हें दिखाई नहीं देती। विधायक के इस बयान के बाद क्षेत्र में राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है और आने वाले दिनों में यह मुद्दा और गरमाने के आसार हैं।1
- अज्ञात कारणों से लगी भीषण आग, दो परिवारों की गृहस्थी जलकर राख सुलतानपुर जनपद के लम्भुआ क्षेत्र अंतर्गत आनापुर नरायणगंज (तकियवा) गांव में बुधवार को अचानक लगी भीषण आग ने दो परिवारों की पूरी जिंदगी उजाड़ दी। अज्ञात कारणों से लगी इस आग में अफसर अली पुत्र सोबराती और पीर अली पुत्र सोबराती के घर पूरी तरह जलकर राख हो गए। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार आग इतनी तेजी से फैली कि लोगों को संभलने तक का मौका नहीं मिला। देखते ही देखते घरों में रखा समस्त सामान—कपड़े, अनाज, बर्तन और अन्य जरूरी घरेलू सामग्री जलकर नष्ट हो गई। इतना ही नहीं, परिवारों द्वारा पाली गई लगभग एक दर्जन मुर्गियां भी आग की चपेट में आकर मर गईं। घटना के बाद गांव में अफरा-तफरी मच गई। ग्रामीणों ने अपने स्तर पर बाल्टी और पानी के अन्य साधनों से आग बुझाने की कोशिश की, लेकिन पर्याप्त संसाधन न होने के कारण आग पर समय रहते काबू नहीं पाया जा सका। आग की लपटें इतनी तेज थीं कि कुछ ही देर में दोनों घर पूरी तरह राख में तब्दील हो गए। हैरानी की बात यह रही कि सूचना के बावजूद मौके पर न तो दमकल विभाग की टीम समय पर पहुंच सकी और न ही राजस्व विभाग के अधिकारी। इससे ग्रामीणों में प्रशासन के प्रति नाराजगी देखी गई। इस हादसे के बाद दोनों परिवारों के सामने गंभीर संकट खड़ा हो गया है। उनके पास न तो रहने के लिए घर बचा है और न ही खाने-पीने का कोई सामान। छोटे-छोटे बच्चों के सामने जीवन यापन की बड़ी चुनौती खड़ी हो गई है। पीड़ित परिवारों और ग्रामीणों ने प्रशासन से तत्काल राहत सामग्री, आर्थिक सहायता और पुनर्वास की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि अगर समय रहते मदद नहीं मिली तो इन परिवारों के लिए हालात और भी गंभीर हो सकते हैं। प्रशासन से उम्मीद जताई जा रही है कि वह जल्द से जल्द मौके का निरीक्षण कर पीड़ितों को सहायता उपलब्ध कराएगा।4
- Post by Dharmendra Mishra1