जालौन.. एक साल बाद भी नहीं हुई सुनवाई नाली न होने से जलभराव की समस्या से परेशान मोहल्ला भवानीराम नहर कोठी के पास रहने वाले लोग अधिशाषी अधिकारी नगर पालिका को प्रार्थना पत्र देकर पक्की नाली निर्माण और पानी निकासी की मांग की थी । प्रार्थना पत्र में बताया गया कि कई वर्षों से लगभग 10 मकानों के पास पानी निकासी की उचित व्यवस्था नहीं है, जिससे सड़क पर पानी भर जाता है और लोगों को आने-जाने में भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। मोहल्लेवासियों का कहना है कि जलभराव के कारण मकानों को भी नुकसान पहुंच रहा है तथा गंदगी और बीमारी फैलने का खतरा बना रहता है। लोगों ने नगर पालिका से जल्द पक्की नाली बनवाकर पानी निकासी की व्यवस्था कराने की मांग की है। प्रार्थना पत्र पर कई स्थानीय लोगों के हस्ताक्षर भी मौजूद हैं। अब देखना होगा कि नगर पालिका प्रशासन इस समस्या पर कब तक कार्रवाई करता है।
जालौन.. एक साल बाद भी नहीं हुई सुनवाई नाली न होने से जलभराव की समस्या से परेशान मोहल्ला भवानीराम नहर कोठी के पास रहने वाले लोग अधिशाषी अधिकारी नगर पालिका को प्रार्थना पत्र देकर पक्की नाली निर्माण और पानी निकासी की मांग की थी । प्रार्थना पत्र में बताया गया कि कई वर्षों से लगभग 10 मकानों के पास पानी निकासी की उचित व्यवस्था नहीं है, जिससे सड़क पर पानी भर जाता है और लोगों को आने-जाने में भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। मोहल्लेवासियों का कहना है कि जलभराव के कारण मकानों को भी नुकसान पहुंच रहा है तथा गंदगी और बीमारी फैलने का खतरा बना रहता है। लोगों ने नगर पालिका से जल्द पक्की नाली बनवाकर पानी निकासी की व्यवस्था कराने की मांग की है। प्रार्थना पत्र पर कई स्थानीय लोगों के हस्ताक्षर भी मौजूद हैं। अब देखना होगा कि नगर पालिका प्रशासन इस समस्या पर कब तक कार्रवाई करता है।
- पश्चिम बंगाल में सम्पन्न हुए विधानसभा चुनावों में भाजपा की अप्रत्याशित जीत पर मिठाईयां बांटी गई जालौन नगर में पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों में भाजपा की अप्रत्याशित जीत के बाद खुशी का माहौल देखने को मिला। इस अवसर पर विश्व हिंदू महासंघ की महिलाओं ने दीप प्रज्ज्वलित कर मिठाइयां बांटकर जीत का उत्सव मनाया। कार्यक्रम में महिलाओं ने एक-दूसरे को मिठाई खिलाकर भाजपा की जीत पर प्रसन्नता व्यक्त की और इसे राष्ट्रवादी विचारधारा की विजय बताया। कार्यक्रम के दौरान विश्व हिंदू महासंघ उत्तर प्रदेश की प्रदेश उपाध्यक्ष एवं जालौन जिलाध्यक्ष मातृशक्ति प्रकोष्ठ आशा प्रजापति ने कहा कि पश्चिम बंगाल की जनता ने विकास और राष्ट्रहित की राजनीति पर विश्वास जताया है। उन्होंने कहा कि भाजपा की यह जीत कार्यकर्ताओं की मेहनत और जनता के समर्थन का परिणाम है। इस मौके पर उपमा प्रजापति, महिमा दोहरे, हेमबाला, रोली, रीता साहनी, संगीता सहित बड़ी संख्या में मातृशक्ति की महिलाएं मौजूद रहीं। कार्यक्रम प्रदेश अध्यक्ष भिखारी प्रजापति के नेतृत्व में सम्पन्न हुआ। महिलाओं ने दीप जलाकर और मिठाइयां बांटकर अपनी खुशी जाहिर की तथा देश और प्रदेश की उन्नति की कामना की।2
- जालौन.. एक साल बाद भी नहीं हुई सुनवाई नाली न होने से जलभराव की समस्या से परेशान मोहल्ला भवानीराम नहर कोठी के पास रहने वाले लोग अधिशाषी अधिकारी नगर पालिका को प्रार्थना पत्र देकर पक्की नाली निर्माण और पानी निकासी की मांग की थी । प्रार्थना पत्र में बताया गया कि कई वर्षों से लगभग 10 मकानों के पास पानी निकासी की उचित व्यवस्था नहीं है, जिससे सड़क पर पानी भर जाता है और लोगों को आने-जाने में भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। मोहल्लेवासियों का कहना है कि जलभराव के कारण मकानों को भी नुकसान पहुंच रहा है तथा गंदगी और बीमारी फैलने का खतरा बना रहता है। लोगों ने नगर पालिका से जल्द पक्की नाली बनवाकर पानी निकासी की व्यवस्था कराने की मांग की है। प्रार्थना पत्र पर कई स्थानीय लोगों के हस्ताक्षर भी मौजूद हैं। अब देखना होगा कि नगर पालिका प्रशासन इस समस्या पर कब तक कार्रवाई करता है।2
- जालौन के कोंच तहसील परिसर में एक बाइक को पुलिस ने लाठी में फंसाकर हटाया। एसडीएम के निर्देश पर हुई इस अनोखी कार्रवाई का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से फैल रहा है, जिससे पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे हैं।3
- जनपद जालौन के नागराज धाम में एक अनूठा दरबार लग रहा है, जहाँ महाराज सत्या जी ज्योतिष विद्या से बिना पूछे ही लोगों की समस्याओं का समाधान बता रहे हैं। हर सोमवार को यहाँ सैकड़ों श्रद्धालु अपनी परेशानियों का हल पाने की उम्मीद में पहुंचते हैं, जिससे इस धाम के प्रति लोगों की आस्था लगातार बढ़ रही है।1
- जालौन नगर की लौना रोड पर फटी पाइपलाइन से पानी भरने और बड़े गड्ढों के कारण सड़क दलदल में तब्दील हो गई है। यह रास्ता राहगीरों व वाहन चालकों के लिए बेहद खतरनाक बन गया है, जिससे कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। स्थानीय लोग प्रशासन से तत्काल मरम्मत की मांग कर रहे हैं।3
- कोंच में विधिक साक्षरता शिविर में छात्र-छात्राओं व आमजन को अधिकारों की दी जानकारी कोंच में विधिक साक्षरता शिविर में छात्र-छात्राओं व आमजन को अधिकारों की दी जानकारी1
- उरई। जनपद में संभावित बाढ़ एवं जलभराव की स्थिति से निपटने के लिए जिला प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय ने कलेक्ट्रेट सभागार में फ्लड स्टियरिंग ग्रुप की बैठक कर वर्ष 2026 की बाढ़ प्रबंधन कार्य योजना की समीक्षा की तथा सभी संबंधित विभागों को अलर्ट मोड में रहने के निर्देश दिए। बैठक में बाढ़ नियंत्रण कक्ष की स्थापना, राहत एवं बचाव कार्य, नाव-मोटरबोट और गोताखोरों की उपलब्धता, जल निकासी के लिए पंपों की व्यवस्था, खाद्यान्न, पशुचारा, दवाइयों, पेयजल एवं विद्युत आपूर्ति सहित विभिन्न व्यवस्थाओं पर विस्तार से चर्चा की गई। जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि सभी विभाग 15 मई तक आवश्यक सामग्री की निविदाएं पूरी कर लें तथा आपदा की स्थिति में तत्काल राहत कार्य शुरू किए जाएं। अपर जिलाधिकारी के नियंत्रण में जिला बाढ़ नियंत्रण कक्ष स्थापित किया जाएगा, जहां 24 घंटे कर्मचारियों की ड्यूटी रहेगी। वहीं बेतवा नहर प्रखंड प्रथम उरई कार्यालय में 15 जून से 15 अक्टूबर तक पृथक बाढ़ नियंत्रण कक्ष संचालित रहेगा। तहसील स्तर पर भी आवश्यकतानुसार नियंत्रण कक्ष बनाए जाएंगे। बैठक में बताया गया कि जनपद की पांचों तहसीलों के 1155 गांवों में से 158 गांवों को संभावित बाढ़ एवं जलभराव प्रभावित श्रेणी में चिन्हित किया गया है। इन क्षेत्रों में 27 बाढ़ चौकियां स्थापित की जाएंगी। कालपी तहसील के 35, उरई के 31, कोंच के 33, माधौगढ़ के 38 तथा जालौन तहसील के 21 गांव प्रभावित श्रेणी में शामिल हैं। जिलाधिकारी ने कहा कि यमुना एवं बेतवा नदियों के जलस्तर की प्रतिदिन निगरानी की जाएगी और खतरे के निशान के करीब पहुंचते ही राहत एवं बचाव कार्य शुरू कर दिए जाएंगे। उन्होंने अधिकारियों को सड़कों एवं पुलों की मरम्मत, कटान रोकने के उपाय तथा बाढ़ शरणालयों में आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए। बैठक में अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व संजय कुमार, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. बीरेंद्र सिंह, अधिशाषी अभियंता सिंचाई धर्म घोष सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।1
- जालौन जिले की नवीन गल्ला मंडी स्थित गेंहू खरीद केंद्र पर गड़बड़झाले के गंभीर आरोप सामने आए हैं। इन आरोपों ने स्थानीय किसानों और प्रशासन के बीच हड़कंप मचा दिया है।1