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भोपाल देहात के परवलिया सड़क थाना क्षेत्र में एक दर्दनाक सड़क हादसा सामने आया है। सूत्रों के मुताबिक, श्यामपुर की ओर से आ रही एक तेज रफ्तार गाड़ी ने सड़क किनारे खड़ी पिकअप में जोरदार टक्कर मार दी। भिड़ंत इतनी तेज थी कि वाहन में बैठा व्यक्ति गाड़ी के बीच में ही फंस गया, जिसका एक वीडियो भी सामने आया है। हादसे के बाद मौके पर मौजूद राहगीरों ने तत्परता दिखाते हुए गाड़ी में फंसे व्यक्ति को बाहर निकाला। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय थाना पुलिस मौके पर पहुंची और घायल व्यक्तियों को उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया।
Mohammad faisal
भोपाल देहात के परवलिया सड़क थाना क्षेत्र में एक दर्दनाक सड़क हादसा सामने आया है। सूत्रों के मुताबिक, श्यामपुर की ओर से आ रही एक तेज रफ्तार गाड़ी ने सड़क किनारे खड़ी पिकअप में जोरदार टक्कर मार दी। भिड़ंत इतनी तेज थी कि वाहन में बैठा व्यक्ति गाड़ी के बीच में ही फंस गया, जिसका एक वीडियो भी सामने आया है। हादसे के बाद मौके पर मौजूद राहगीरों ने तत्परता दिखाते हुए गाड़ी में फंसे व्यक्ति को बाहर निकाला। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय थाना पुलिस मौके पर पहुंची और घायल व्यक्तियों को उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया।
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- मध्य प्रदेश के दतिया में एक बुजुर्ग आदिवासी महिला की 2 एकड़ ज़मीन महज़ ₹3,500 में हड़पने का दावा सामने आने के बाद प्रदेश की राजनीति गरमा गई है। इस मामले को लेकर विपक्ष ने इसे आदिवासियों के अधिकारों पर हमला बताते हुए मोहन यादव सरकार को घेरा है। यह आरोप विपक्ष की ओर से लगाया गया है। मामले में सरकार या संबंधित पक्ष का विस्तृत जवाब सामने आने पर खबर को अपडेट किया जा सकता है।1
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- राजधानी भोपाल में बीजेपी कार्यालय तक निकाले जा रहे कांग्रेस के पैदल मार्च के दौरान पार्टी के भीतर ही विवाद सामने आया है। इस दौरान कांग्रेस कार्यकर्ता माज़ कुरैशी के साथ कथित तौर पर विधायक आरिफ मसूद के समर्थकों ने जमकर मारपीट की। आरोप है कि माज़ कुरैशी पर जेबकतरा होने का आरोप लगाते हुए उन्हें पुलिस के हवाले भी कर दिया गया। माज़ कुरैशी का कहना है कि यह हमला पुरानी रंजिश के कारण किया गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि उन्होंने पहले सोशल मीडिया पर विधायक आरिफ मसूद के खिलाफ कुछ वीडियो साझा किए थे, जिसके बाद भी उनके साथ मारपीट हुई थी और आज पैदल मार्च के दौरान उन्हें फिर निशाना बनाया गया। जेबकतरा बताए जा रहे माज़ कुरैशी पूर्व में आरिफ मसूद के समर्थक रहे हैं और उनके कई वीडियो भी सोशल मीडिया पर मौजूद हैं।1
- भोपाल पुलिस द्वारा चलाए जा रहे "नशे से दूरी है ज़रूरी" अभियान के तहत थाना शाहजहानाबाद के प्रभारी उमेश पाल सिंह चौहान ने आमजन से सोशल मीडिया के जरिए नशा मुक्ति का संदेश फैलाने की अपील की है। उन्होंने लोगों से आग्रह किया है कि वे इस नशा मुक्ति संदेश को अपने व्हाट्सएप स्टेटस के साथ-साथ फेसबुक और इंस्टाग्राम पर भी ज़रूर साझा करें। पुलिस का उद्देश्य है कि इस मुहिम के माध्यम से अधिक से अधिक लोग नशे से दूर रहने के लिए प्रेरित हों और समाज में नशा मुक्ति के प्रति जागरूकता बढ़े।1
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- दिल्ली के जंतर-मंतर पर NEET पेपर लीक मामले में प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर हुई पुलिस कार्रवाई के विरोध में भोपाल के नीलम पार्क में राज्य स्तरीय छात्र-युवा प्रदर्शन आयोजित किया गया। मूवमेंट अगेंस्ट अनएम्प्लॉयमेंट के बैनर तले आयोजित इस प्रदर्शन में मध्य प्रदेश के करीब 30 जिलों से छात्र, प्रतियोगी परीक्षा अभ्यर्थी, युवा और नर्सिंग छात्र शामिल हुए। प्रदर्शन के दौरान युवाओं ने बेरोजगारी, प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित पेपर लीक, भर्ती प्रक्रिया में अनियमितताओं, ठेका प्रथा, नर्सिंग छात्रों की समस्याओं और सरकारी पदों पर भर्ती न होने को लेकर सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। छात्रों के हाथों में विभिन्न मांगों से जुड़ी तख्तियां थीं, जिनमें सबसे चर्चित पोस्टर पर लिखा था—"ये पेपर लीक नहीं, सिस्टम का लीकेज है।" इसके अलावा कई छात्र सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक और सांसद चंद्रशेखर आजाद की तस्वीरें लेकर पहुंचे और उनके समर्थन में नारे लगाए। प्रदर्शनकारियों ने "मन की बात तो करते हैं, मगर सरकार हमारी बात क्यों नहीं सुनती", "जंतर-मंतर के शांतिपूर्ण आंदोलन पर लाठीचार्ज के दोषियों को सजा दो", "प्रतियोगी परीक्षाओं में भ्रष्टाचार बंद करो" और "धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा दो" जैसे नारे भी लगाए। मूवमेंट अगेंस्ट अनएम्प्लॉयमेंट के मध्य प्रदेश संयोजक प्रमोद नामदेव ने आरोप लगाया कि संसद मार्च के दौरान पुलिस ने आंसू गैस, वाटर कैनन और लाठीचार्ज का इस्तेमाल किया, जिसकी न्यायिक जांच कर दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई होनी चाहिए। एडवोकेट श्रीराम ने कहा कि देश का भविष्य बर्बाद हो रहा है और सोनम वांगचुक देश की धरोहर हैं, जिनकी जान बचाना सबकी जिम्मेदारी है। वहीं नर्सिंग छात्रा लक्ष्मी ने शिक्षा प्रणाली और धर्मेंद्र प्रधान पर सवाल उठाते हुए चेतावनी दी कि जंतर-मंतर पर हुई बर्बरता को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और आने वाले दिनों में प्रदेश के हर जिले को जंतर-मंतर बना दिया जाएगा। आंदोलन से जुड़े मनोज रजक ने कहा कि मध्य प्रदेश में व्यापम घोटाले के बाद भी भर्ती परीक्षाओं में अनियमितताओं और पेपर लीक से युवाओं का विश्वास टूटा है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में लाखों सरकारी पद रिक्त होने के बावजूद नियमित भर्ती नहीं की जा रही है, जबकि नर्सिंग कॉलेजों से जुड़े विवादों और समय पर परीक्षाएं, परिणाम व छात्रवृत्ति न मिलने से छात्र परेशान हैं।2