logo
Shuru
Apke Nagar Ki App…
  • Latest News
  • News
  • Politics
  • Elections
  • Viral
  • Astrology
  • Horoscope in Hindi
  • Horoscope in English
  • Latest Political News
logo
Shuru
Apke Nagar Ki App…

बैतूल जिले के चिचोली क्षेत्र में स्थित प्रसिद्ध गुरुसाहब बाबाजी दरबार, मलाजपुर के पूजनीय महंत श्री चंद्रसिंहजी महाराज का 4 जून को दुखद निधन हो गया। गुरुमहाराज को आज मलाजपुर धाम परिसर में ही समाधि दी गई, जिसमें हजारों की संख्या में भक्तों ने शामिल होकर उन्हें अपनी अंतिम श्रद्धांजलि अर्पित की। टीम बैतूल टॉक्स ने पूजनीय महंत जी के चरणों में भावभीनी श्रद्धांजलि व्यक्त की है।

21 hrs ago
user_भैंसदेही संवाददाता
भैंसदेही संवाददाता
Local News Reporter भैंसदेही, बैतूल, मध्य प्रदेश•
21 hrs ago

बैतूल जिले के चिचोली क्षेत्र में स्थित प्रसिद्ध गुरुसाहब बाबाजी दरबार, मलाजपुर के पूजनीय महंत श्री चंद्रसिंहजी महाराज का 4 जून को दुखद निधन हो गया। गुरुमहाराज को आज मलाजपुर धाम परिसर में ही समाधि दी गई, जिसमें हजारों की संख्या में भक्तों ने शामिल होकर उन्हें अपनी अंतिम श्रद्धांजलि अर्पित की। टीम बैतूल टॉक्स ने पूजनीय महंत जी के चरणों में भावभीनी श्रद्धांजलि व्यक्त की है।

More news from मध्य प्रदेश and nearby areas
  • माननीय जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्री कुंवर दिव्यादित शाह के जन्मदिन को लेकर खारमंडल क्षेत्र में जगह-जगह व्यापक तैयारियां चल रही हैं, जहाँ गांव-गांव में खुशियों का माहौल बना हुआ है। प्रेम से लोग उन्हें 'छोटे बॉस' या 'बाबा सा' कहकर संबोधित करते हैं, जिससे उनकी गरिमा बनी रहती है। उनके जन्मदिन के शुभ अवसर पर हर जगह बैनर और फ्लेक्स लगाए जा रहे हैं। इस अवसर पर खारमंडल के सभी लोगों से आग्रह किया गया है कि वे अपने-अपने घरों पर दो-दो पौधे लगाएं, ताकि यह बच्चों और परिवार को याद रहे कि ये पौधे 'बाबा साहब' के जन्मदिन के उपलक्ष्य में लगाए गए हैं। खारमंडल के देवली खुर्द, देवली कला, चिकतलाई सरमेश्वर, गधड़िया, तालियाधर जामुनिया कला, जामनिया खुर्द, मानपुरा और दूधकुंडिया जैसे सभी गांवों में हर्षोल्लास देखा जा रहा है। श्रीमान पिंटू भैया ने बताया कि वे जब गांवों का दौरा कर रहे हैं, तो उन्हें हर तरफ लोगों की खुशी का ठिकाना नहीं दिख रहा, मानो वे बेहद हर्षोल्लास में हों। यह उत्साह श्री कुंवर दिव्यादित शाह द्वारा करवाए गए अनगिनत कार्यों का परिणाम है। देवली खुर्द के श्री आत्माराम यादव के अनुसार, इनमें सबसे महत्वपूर्ण कार्य नहर के पानी की व्यवस्था है, जिसे लोग 100 में से 100 अंक देते हैं। ग्रामीण कहते हैं कि वे इस काम को कभी भूल नहीं सकते, क्योंकि जिन खेतों में पानी के लिए तरसते थे, वहाँ अब पानी पहुँच गया है, जिससे किसानों की खुशी का अंदाजा लगाना भी मुश्किल है। 'छोटे बॉस' के बैनर हर जगह उनकी बढ़ती आस्था और जनसंपर्क को दर्शा रहे हैं। उनके जन्मदिन के शुभ अवसर पर सभी गांवों की ओर से उन्हें ढेर सारी शुभकामनाएं और बधाई दी गई है।
    1
    माननीय जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्री कुंवर दिव्यादित शाह के जन्मदिन को लेकर खारमंडल क्षेत्र में जगह-जगह व्यापक तैयारियां चल रही हैं, जहाँ गांव-गांव में खुशियों का माहौल बना हुआ है। प्रेम से लोग उन्हें 'छोटे बॉस' या 'बाबा सा' कहकर संबोधित करते हैं, जिससे उनकी गरिमा बनी रहती है। उनके जन्मदिन के शुभ अवसर पर हर जगह बैनर और फ्लेक्स लगाए जा रहे हैं।

इस अवसर पर खारमंडल के सभी लोगों से आग्रह किया गया है कि वे अपने-अपने घरों पर दो-दो पौधे लगाएं, ताकि यह बच्चों और परिवार को याद रहे कि ये पौधे 'बाबा साहब' के जन्मदिन के उपलक्ष्य में लगाए गए हैं। खारमंडल के देवली खुर्द, देवली कला, चिकतलाई सरमेश्वर, गधड़िया, तालियाधर जामुनिया कला, जामनिया खुर्द, मानपुरा और दूधकुंडिया जैसे सभी गांवों में हर्षोल्लास देखा जा रहा है।

श्रीमान पिंटू भैया ने बताया कि वे जब गांवों का दौरा कर रहे हैं, तो उन्हें हर तरफ लोगों की खुशी का ठिकाना नहीं दिख रहा, मानो वे बेहद हर्षोल्लास में हों। यह उत्साह श्री कुंवर दिव्यादित शाह द्वारा करवाए गए अनगिनत कार्यों का परिणाम है। देवली खुर्द के श्री आत्माराम यादव के अनुसार, इनमें सबसे महत्वपूर्ण कार्य नहर के पानी की व्यवस्था है, जिसे लोग 100 में से 100 अंक देते हैं। ग्रामीण कहते हैं कि वे इस काम को कभी भूल नहीं सकते, क्योंकि जिन खेतों में पानी के लिए तरसते थे, वहाँ अब पानी पहुँच गया है, जिससे किसानों की खुशी का अंदाजा लगाना भी मुश्किल है।

'छोटे बॉस' के बैनर हर जगह उनकी बढ़ती आस्था और जनसंपर्क को दर्शा रहे हैं। उनके जन्मदिन के शुभ अवसर पर सभी गांवों की ओर से उन्हें ढेर सारी शुभकामनाएं और बधाई दी गई है।
    user_Atmaram Yadav
    Atmaram Yadav
    Farmer खलवा, पूर्वी निमाड़, मध्य प्रदेश•
    6 hrs ago
  • मध्य प्रदेश के खंडवा जिले के खालवा थाना क्षेत्र में शुक्रवार को एक दर्दनाक सड़क हादसा हो गया। एक मांगलिक कार्यक्रम में शामिल होने जा रहे ग्रामीणों से भरा ट्रक सुंदरदेव और आडाखेड़ा जंगल के बीच अनियंत्रित होकर पलट गया, जिससे मौके पर अफरा-तफरी मच गई और घायलों की चीख-पुकार सुनाई देने लगी। ट्रक क्रमांक MP09 KD 2295 खकनार क्षेत्र के एक गांव से खालवा के पास चुनाखाल गांव की ओर जा रहा था, जिसमें लगभग 100 से 150 लोग सवार थे। इस हादसे में 30 से अधिक लोगों के घायल होने की सूचना है, जिनमें से 6 गंभीर घायलों को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहाँ उनका उपचार जारी है। प्रारंभिक सूचना के अनुसार, किसी भी तरह की जनहानि की खबर नहीं है। हादसे की जानकारी मिलते ही खालवा पुलिस, तहसील प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की टीमें मौके पर पहुँच गईं। डायल-112 की आधा दर्जन गाड़ियां और 6 एंबुलेंस तुरंत तैनात की गईं। तहसीलदार विनोद कुमार यादव ने घटनास्थल पर पहुँचकर राहत कार्यों की निगरानी की। पुलिस और स्थानीय ग्रामीणों की मदद से घायलों को ट्रक से बाहर निकालकर खालवा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सहित आसपास के अस्पतालों में भर्ती कराया गया। प्रशासन द्वारा घायलों की एक प्रारंभिक सूची भी जारी की गई है, जिसमें नटेख (50 वर्ष), निर्मियाबाई पति रविजन (55 वर्ष), विवाहनी पिता पिपु (10 वर्ष), अक्षरा पिता कसलराम (10 वर्ष), नंदु पिता प्याराम (15 वर्ष), पामेद पिता सुका (18 वर्ष), झुगन पिता छेल्या (60 वर्ष), राकेश पिता संजू (20 वर्ष), पिंकोबाई पति अमर (52 वर्ष) और पियुष पिता बंधुकर (28 वर्ष) जैसे नाम शामिल हैं। खालवा पुलिस ने इस संबंध में मामला दर्ज कर लिया है और ट्रक पलटने के कारणों की जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक जांच में ओवरलोडिंग और तेज मोड़ पर असंतुलन को हादसे की मुख्य वजह माना जा रहा है। प्रशासन पूरे घटनाक्रम पर लगातार नजर बनाए हुए है और घायलों को हर संभव चिकित्सा सहायता प्रदान की जा रही है।
    1
    मध्य प्रदेश के खंडवा जिले के खालवा थाना क्षेत्र में शुक्रवार को एक दर्दनाक सड़क हादसा हो गया। एक मांगलिक कार्यक्रम में शामिल होने जा रहे ग्रामीणों से भरा ट्रक सुंदरदेव और आडाखेड़ा जंगल के बीच अनियंत्रित होकर पलट गया, जिससे मौके पर अफरा-तफरी मच गई और घायलों की चीख-पुकार सुनाई देने लगी।

ट्रक क्रमांक MP09 KD 2295 खकनार क्षेत्र के एक गांव से खालवा के पास चुनाखाल गांव की ओर जा रहा था, जिसमें लगभग 100 से 150 लोग सवार थे। इस हादसे में 30 से अधिक लोगों के घायल होने की सूचना है, जिनमें से 6 गंभीर घायलों को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहाँ उनका उपचार जारी है। प्रारंभिक सूचना के अनुसार, किसी भी तरह की जनहानि की खबर नहीं है।

हादसे की जानकारी मिलते ही खालवा पुलिस, तहसील प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की टीमें मौके पर पहुँच गईं। डायल-112 की आधा दर्जन गाड़ियां और 6 एंबुलेंस तुरंत तैनात की गईं। तहसीलदार विनोद कुमार यादव ने घटनास्थल पर पहुँचकर राहत कार्यों की निगरानी की। पुलिस और स्थानीय ग्रामीणों की मदद से घायलों को ट्रक से बाहर निकालकर खालवा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सहित आसपास के अस्पतालों में भर्ती कराया गया। प्रशासन द्वारा घायलों की एक प्रारंभिक सूची भी जारी की गई है, जिसमें नटेख (50 वर्ष), निर्मियाबाई पति रविजन (55 वर्ष), विवाहनी पिता पिपु (10 वर्ष), अक्षरा पिता कसलराम (10 वर्ष), नंदु पिता प्याराम (15 वर्ष), पामेद पिता सुका (18 वर्ष), झुगन पिता छेल्या (60 वर्ष), राकेश पिता संजू (20 वर्ष), पिंकोबाई पति अमर (52 वर्ष) और पियुष पिता बंधुकर (28 वर्ष) जैसे नाम शामिल हैं।

खालवा पुलिस ने इस संबंध में मामला दर्ज कर लिया है और ट्रक पलटने के कारणों की जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक जांच में ओवरलोडिंग और तेज मोड़ पर असंतुलन को हादसे की मुख्य वजह माना जा रहा है। प्रशासन पूरे घटनाक्रम पर लगातार नजर बनाए हुए है और घायलों को हर संभव चिकित्सा सहायता प्रदान की जा रही है।
    user_Ramchandra Kasde
    Ramchandra Kasde
    Newspaper distribution खलवा, पूर्वी निमाड़, मध्य प्रदेश•
    18 hrs ago
  • इटारसी अपडेट के अनुसार, शहर के व्यस्त बाजार क्षेत्र को व्यवस्थित करने के उद्देश्य से नगरपालिका का अतिक्रमण दल पूरी तरह सक्रिय हो गया है। कल दोपहर, टीम ने बाजार की सड़कों पर घूमकर दुकानदारों को कड़ी हिदायत और समझाइश दी है। अधिकारियों ने साफ शब्दों में चेतावनी दी है कि सभी दुकानदार अपने सामान को निर्धारित सीमा के भीतर ही रखें। यदि सड़कों पर दोबारा अतिक्रमण पाया गया, तो बिना किसी रियायत के उन पर भारी चालानी कार्रवाई की जाएगी।
    1
    इटारसी अपडेट के अनुसार, शहर के व्यस्त बाजार क्षेत्र को व्यवस्थित करने के उद्देश्य से नगरपालिका का अतिक्रमण दल पूरी तरह सक्रिय हो गया है। कल दोपहर, टीम ने बाजार की सड़कों पर घूमकर दुकानदारों को कड़ी हिदायत और समझाइश दी है। अधिकारियों ने साफ शब्दों में चेतावनी दी है कि सभी दुकानदार अपने सामान को निर्धारित सीमा के भीतर ही रखें। यदि सड़कों पर दोबारा अतिक्रमण पाया गया, तो बिना किसी रियायत के उन पर भारी चालानी कार्रवाई की जाएगी।
    user_Itarsi_update_786
    Itarsi_update_786
    Newspaper publisher इटारसी, नर्मदापुरम, मध्य प्रदेश•
    3 hrs ago
  • ode All Videos Images Short videos Shopping News Web Maps Books Flights Finance 16 sites रामायण के अनुसार माता सीता को अपने जीवन में दो बार वनवास का सामना करना पड़ा था। पहला वनवास उन्होंने भगवान श्रीराम और लक्ष्मण के साथ सहर्ष स्वीकार किया था, जबकि दूसरा वनवास उन्हें अयोध्या की प्रजा के संकोच और राजधर्म के कारण एकाकी बिताना पड़ा।  Wikipedia +2 माता सीता के दोनों वनवास की मुख्य बातें नीचे विस्तार से दी गई हैं: 1. पहला वनवास (प्रभु श्रीराम के साथ 14 वर्ष) जब राजा दशरथ ने कैकेयी के वचनों के कारण श्री राम को 14 वर्ष का वनवास दिया, तब सीता जी ने महलों के सुख त्याग कर पति के साथ वन जाने का निर्णय लिया।  YouTube·Tilak +4 दिव्य वस्त्र: वनवास यात्रा के दौरान अत्रि ऋषि की पत्नी माता अनुसूया ने सीता जी को एक दिव्य साड़ी और आभूषण भेंट किए थे, जो कभी मैले नहीं होते थे।  Quora +1 प्रमुख निवास स्थान: इस वनवास के दौरान उन्होंने चित्रकूट, दंडकारण्य और पंचवटी जैसे वनों में कुटिया बनाकर लंबा समय बिता ode All Videos Images Short videos Shopping News Web Maps Books Flights Finance 16 sites रामायण के अनुसार माता सीता को अपने जीवन में दो बार वनवास का सामना करना पड़ा था। पहला वनवास उन्होंने भगवान श्रीराम और लक्ष्मण के साथ सहर्ष स्वीकार किया था, जबकि दूसरा वनवास उन्हें अयोध्या की प्रजा के संकोच और राजधर्म के कारण एकाकी बिताना पड़ा।  Wikipedia +2 माता सीता के दोनों वनवास की मुख्य बातें नीचे विस्तार से दी गई हैं: 1. पहला वनवास (प्रभु श्रीराम के साथ 14 वर्ष) जब राजा दशरथ ने कैकेयी के वचनों के कारण श्री राम को 14 वर्ष का वनवास दिया, तब सीता जी ने महलों के सुख त्याग कर पति के साथ वन जाने का निर्णय लिया।  YouTube·Tilak +4 दिव्य वस्त्र: वनवास यात्रा के दौरान अत्रि ऋषि की पत्नी माता अनुसूया ने सीता जी को एक दिव्य साड़ी और आभूषण भेंट किए थे, जो कभी मैले नहीं होते थे।  प्रमुख निवास स्थान: इस वनवास के दौरान उन्होंने चित्रकूट, दंडकारण्य और पंचवटी जैसे वनों में कुटिया बनाकर लंबा समय बिता
    1
    ode

All

Videos

Images

Short videos

Shopping

News

Web

Maps

Books

Flights

Finance

16 sites

रामायण के अनुसार माता सीता को अपने जीवन में दो बार वनवास का सामना करना पड़ा था। पहला वनवास उन्होंने भगवान श्रीराम और लक्ष्मण के साथ सहर्ष स्वीकार किया था, जबकि दूसरा वनवास उन्हें अयोध्या की प्रजा के संकोच और राजधर्म के कारण एकाकी बिताना पड़ा। 

Wikipedia +2

माता सीता के दोनों वनवास की मुख्य बातें नीचे विस्तार से दी गई हैं:

1. पहला वनवास (प्रभु श्रीराम के साथ 14 वर्ष)

जब राजा दशरथ ने कैकेयी के वचनों के कारण श्री राम को 14 वर्ष का वनवास दिया, तब सीता जी ने महलों के सुख त्याग कर पति के साथ वन जाने का निर्णय लिया। 

YouTube·Tilak +4

दिव्य वस्त्र: वनवास यात्रा के दौरान अत्रि ऋषि की पत्नी माता अनुसूया ने सीता जी को एक दिव्य साड़ी और आभूषण भेंट किए थे, जो कभी मैले नहीं होते थे। 

Quora +1

प्रमुख निवास स्थान: इस वनवास के दौरान उन्होंने चित्रकूट, दंडकारण्य और पंचवटी जैसे वनों में कुटिया बनाकर लंबा समय बिता


ode
All
Videos
Images
Short videos
Shopping
News
Web
Maps
Books
Flights
Finance
16 sites
रामायण के अनुसार माता सीता को अपने जीवन में दो बार वनवास का सामना करना पड़ा था। पहला वनवास उन्होंने भगवान श्रीराम और लक्ष्मण के साथ सहर्ष स्वीकार किया था, जबकि दूसरा वनवास उन्हें अयोध्या की प्रजा के संकोच और राजधर्म के कारण एकाकी बिताना पड़ा। 
Wikipedia +2
माता सीता के दोनों वनवास की मुख्य बातें नीचे विस्तार से दी गई हैं:
1. पहला वनवास (प्रभु श्रीराम के साथ 14 वर्ष)
जब राजा दशरथ ने कैकेयी के वचनों के कारण श्री राम को 14 वर्ष का वनवास दिया, तब सीता जी ने महलों के सुख त्याग कर पति के साथ वन जाने का निर्णय लिया। 
YouTube·Tilak +4
दिव्य वस्त्र: वनवास यात्रा के दौरान अत्रि ऋषि की पत्नी माता अनुसूया ने सीता जी को एक दिव्य साड़ी और आभूषण भेंट किए थे, जो कभी मैले नहीं होते थे। 
प्रमुख निवास स्थान: इस वनवास के दौरान उन्होंने चित्रकूट, दंडकारण्य और पंचवटी जैसे वनों में कुटिया बनाकर लंबा समय बिता
    user_Sachinphotograpy Harsud
    Sachinphotograpy Harsud
    Photographer हरसूद, पूर्वी निमाड़, मध्य प्रदेश•
    14 hrs ago
  • नर्मदापुरम में सिल्वर मिस्ट रिटेल प्राइवेट लिमिटेड रेत कंपनी ने जल संरक्षण गतिविधियों और पर्यावरण जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया। इस पहल के तहत, विश्व पर्यावरण दिवस (5 जून) के अवसर पर, कंपनी ने पवारखेड़ा ग्राम मंदिर के पास, ग्राम मरोड़ा के उच्चतर माध्यमिक विद्यालय और ग्राम गुवाड़ी के सी एम राइज विद्यालय में फलदार वृक्ष लगाए। कंपनी ने नर्मदापुरम जिले में 800 सदाबहार फलदार पेड़ पौधे लगाने का लक्ष्य रखा था, जिसका उद्देश्य आसपास के क्षेत्रों को हरा-भरा और पर्यावरण के लिए बेहतर बनाना है। इस मौके पर 'एक पेड़ मां के नाम' अभियान के तहत व्यापक वृक्षारोपण और स्वच्छता अभियान भी चलाया गया। वृक्षारोपण में मुख्य रूप से अमरूद, आम, जामुन, नीम, पीपल, अशोक, आंवला, गुलमोहर, करंज, बादाम और सप्तकर्णी के पौधे शामिल थे। कंपनी ने पिछले वर्ष भी कुलामड़ी रोड पर 'स्वच्छता ही सेवा अभियान' के तहत जिले में 1000 फलदार पौधे लगाए थे, जिनके साथ ट्री गार्ड भी लगाए गए थे ताकि वृक्षों का उचित रखरखाव सुनिश्चित हो सके। इस कार्यक्रम में कंपनी के प्रतिनिधियों के साथ-साथ जिला खनिज अधिकारी देवेश मरकाम जी, मध्यप्रदेश माइनिंग कॉर्पोरेशन के अधिकारी गोपाल सिंह जी, पवारखेड़ा सरपंच अशोक कीर जी, मरोड़ा सरपंच कलाबाई, गुवाड़ी सरपंच संतोष ककोड़िया जी, विद्यालयों के प्राचार्य और कंपनी के समस्त कर्मचारीगण उपस्थित रहे। खनिज अधिकारी देवेश मरकाम जी ने इस अवसर पर कहा कि पर्यावरण संरक्षण केवल एक दिन का अभियान नहीं, बल्कि एक सतत प्रक्रिया है। उन्होंने वृक्षारोपण के महत्व पर जोर दिया, जो पर्यावरण संतुलन बनाए रखने, जैव विविधता के संरक्षण और आने वाली पीढ़ियों के लिए स्वच्छ एवं स्वस्थ वातावरण उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण योगदान देता है। उन्होंने सभी नागरिकों से अधिक से अधिक पौधे लगाने और उनकी नियमित देखभाल करने की अपील की। रेत कंपनी के ठेकेदार प्रतिनिधि ने बताया कि यह अभी शुरुआत है और बारिश के मौसम से पहले तक नियमित रूप से विभिन्न स्थानों पर वृक्षारोपण का कार्य जारी रहेगा। कंपनी द्वारा जिले में समय-समय पर ऐसे सामाजिक कार्य किए जाते रहे हैं।
    2
    नर्मदापुरम में सिल्वर मिस्ट रिटेल प्राइवेट लिमिटेड रेत कंपनी ने जल संरक्षण गतिविधियों और पर्यावरण जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया। इस पहल के तहत, विश्व पर्यावरण दिवस (5 जून) के अवसर पर, कंपनी ने पवारखेड़ा ग्राम मंदिर के पास, ग्राम मरोड़ा के उच्चतर माध्यमिक विद्यालय और ग्राम गुवाड़ी के सी एम राइज विद्यालय में फलदार वृक्ष लगाए। कंपनी ने नर्मदापुरम जिले में 800 सदाबहार फलदार पेड़ पौधे लगाने का लक्ष्य रखा था, जिसका उद्देश्य आसपास के क्षेत्रों को हरा-भरा और पर्यावरण के लिए बेहतर बनाना है। इस मौके पर 'एक पेड़ मां के नाम' अभियान के तहत व्यापक वृक्षारोपण और स्वच्छता अभियान भी चलाया गया।

वृक्षारोपण में मुख्य रूप से अमरूद, आम, जामुन, नीम, पीपल, अशोक, आंवला, गुलमोहर, करंज, बादाम और सप्तकर्णी के पौधे शामिल थे। कंपनी ने पिछले वर्ष भी कुलामड़ी रोड पर 'स्वच्छता ही सेवा अभियान' के तहत जिले में 1000 फलदार पौधे लगाए थे, जिनके साथ ट्री गार्ड भी लगाए गए थे ताकि वृक्षों का उचित रखरखाव सुनिश्चित हो सके।

इस कार्यक्रम में कंपनी के प्रतिनिधियों के साथ-साथ जिला खनिज अधिकारी देवेश मरकाम जी, मध्यप्रदेश माइनिंग कॉर्पोरेशन के अधिकारी गोपाल सिंह जी, पवारखेड़ा सरपंच अशोक कीर जी, मरोड़ा सरपंच कलाबाई, गुवाड़ी सरपंच संतोष ककोड़िया जी, विद्यालयों के प्राचार्य और कंपनी के समस्त कर्मचारीगण उपस्थित रहे। खनिज अधिकारी देवेश मरकाम जी ने इस अवसर पर कहा कि पर्यावरण संरक्षण केवल एक दिन का अभियान नहीं, बल्कि एक सतत प्रक्रिया है। उन्होंने वृक्षारोपण के महत्व पर जोर दिया, जो पर्यावरण संतुलन बनाए रखने, जैव विविधता के संरक्षण और आने वाली पीढ़ियों के लिए स्वच्छ एवं स्वस्थ वातावरण उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण योगदान देता है। उन्होंने सभी नागरिकों से अधिक से अधिक पौधे लगाने और उनकी नियमित देखभाल करने की अपील की। रेत कंपनी के ठेकेदार प्रतिनिधि ने बताया कि यह अभी शुरुआत है और बारिश के मौसम से पहले तक नियमित रूप से विभिन्न स्थानों पर वृक्षारोपण का कार्य जारी रहेगा। कंपनी द्वारा जिले में समय-समय पर ऐसे सामाजिक कार्य किए जाते रहे हैं।
    user_Maneesh dubey
    Maneesh dubey
    इटारसी, नर्मदापुरम, मध्य प्रदेश•
    21 hrs ago
  • राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का 18 जून को बैतूल दौरा प्रस्तावित है। उनके इस दौरे के मद्देनजर प्रशासनिक तैयारी प्रारम्भ कर दी गई है और प्रशासन पूरी तरह से अलर्ट है।
    1
    राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का 18 जून को बैतूल दौरा प्रस्तावित है। उनके इस दौरे के मद्देनजर प्रशासनिक तैयारी प्रारम्भ कर दी गई है और प्रशासन पूरी तरह से अलर्ट है।
    user_M. Afsar khan
    M. Afsar khan
    Local News Reporter Multai, Betul•
    20 hrs ago
  • जुन्नारदेव के पुलिस थाना नवेगांव अंतर्गत ग्राम पंचायत श्रीझौत के ग्राम आवंरीया में, अधिकारी प्रमोद उट्टी को एक मकान में अवैध उर्वरक भंडारण की सूचना प्राप्त हुई थी। इस जानकारी पर कार्रवाई करते हुए, पुलिस और कृषि विभाग की टीम ने 5 जून की रात लगभग 8:30 बजे मौके पर पहुंचकर छापा मारा। छापेमारी के दौरान, मकान के अंदर 110 बैग यूरिया और 10 बैग डीएपी का अवैध भंडार पाया गया, जिसकी कीमत 42,815 रुपए बताई गई है। यह अवैध भंडारण दौलत महलवंशी के खिलाफ दर्ज किया गया है। पूछताछ के दौरान, दौलत महलवंशी लगातार टीम को गुमराह करता रहा, यह कहते हुए कि वह अनाज व्यापारी का काम करता है और खाद-उर्वरक का व्यापार नहीं करता। पुलिस थाने में दौलत महलवंशी के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है।
    1
    जुन्नारदेव के पुलिस थाना नवेगांव अंतर्गत ग्राम पंचायत श्रीझौत के ग्राम आवंरीया में, अधिकारी प्रमोद उट्टी को एक मकान में अवैध उर्वरक भंडारण की सूचना प्राप्त हुई थी। इस जानकारी पर कार्रवाई करते हुए, पुलिस और कृषि विभाग की टीम ने 5 जून की रात लगभग 8:30 बजे मौके पर पहुंचकर छापा मारा।

छापेमारी के दौरान, मकान के अंदर 110 बैग यूरिया और 10 बैग डीएपी का अवैध भंडार पाया गया, जिसकी कीमत 42,815 रुपए बताई गई है। यह अवैध भंडारण दौलत महलवंशी के खिलाफ दर्ज किया गया है। पूछताछ के दौरान, दौलत महलवंशी लगातार टीम को गुमराह करता रहा, यह कहते हुए कि वह अनाज व्यापारी का काम करता है और खाद-उर्वरक का व्यापार नहीं करता। पुलिस थाने में दौलत महलवंशी के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है।
    user_मो मुजम्मिल
    मो मुजम्मिल
    मीडिया जमाई, छिंदवाड़ा, मध्य प्रदेश•
    5 hrs ago
  • पांढुर्णा के खैरी तायगांव स्थित UKR कम्पनी से निकलने वाला जहरीला काला धुआँ और कोयले की राख अब आसपास के औद्योगिक और आवासीय क्षेत्रों के लोगों के लिए एक गंभीर समस्या बन गया है। स्थानीय लोगों और आसपास की कम्पनियों के कर्मचारियों का आरोप है कि कम्पनी से लगातार निकल रहे इस धुएँ के कारण स्वास्थ्य संबंधी परेशानियाँ बढ़ रही हैं। आसपास कार्यरत मजदूरों को जहरीले धुएँ के कारण साँस लेने में तकलीफ, आँखों में जलन और अन्य स्वास्थ्य समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। इसके साथ ही, धुएँ और उड़ती राख से पड़ोसी कम्पनियों का तैयार माल भी प्रभावित हो रहा है, जिससे उन्हें लाखों रुपये के नुकसान की बात सामने आ रही है। खैरी तायगांव में 20-ए, एम.पी.आई.डी.सी. स्थित "माउली पैकेजिंग एंड प्रॉडक्ट्स" कम्पनी ने इस पूरे मामले को लेकर शासन और प्रशासन को कई बार शिकायतें भेजी हैं। बताया गया है कि इस समस्या को लेकर कम्पनी के वरिष्ठ अधिकारियों को कई बार अवगत कराया गया है, लेकिन अब तक कोई ठोस समाधान नहीं निकल पाया है। स्थानीय लोगों ने मांग की है कि संबंधित विभाग तत्काल संज्ञान लेते हुए प्रदूषण फैलाने वाली गतिविधियों पर कार्रवाई करे, ताकि लोगों के स्वास्थ्य और पर्यावरण को हो रहे नुकसान को रोका जा सके।
    1
    पांढुर्णा के खैरी तायगांव स्थित UKR कम्पनी से निकलने वाला जहरीला काला धुआँ और कोयले की राख अब आसपास के औद्योगिक और आवासीय क्षेत्रों के लोगों के लिए एक गंभीर समस्या बन गया है। स्थानीय लोगों और आसपास की कम्पनियों के कर्मचारियों का आरोप है कि कम्पनी से लगातार निकल रहे इस धुएँ के कारण स्वास्थ्य संबंधी परेशानियाँ बढ़ रही हैं।

आसपास कार्यरत मजदूरों को जहरीले धुएँ के कारण साँस लेने में तकलीफ, आँखों में जलन और अन्य स्वास्थ्य समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। इसके साथ ही, धुएँ और उड़ती राख से पड़ोसी कम्पनियों का तैयार माल भी प्रभावित हो रहा है, जिससे उन्हें लाखों रुपये के नुकसान की बात सामने आ रही है। खैरी तायगांव में 20-ए, एम.पी.आई.डी.सी. स्थित "माउली पैकेजिंग एंड प्रॉडक्ट्स" कम्पनी ने इस पूरे मामले को लेकर शासन और प्रशासन को कई बार शिकायतें भेजी हैं।

बताया गया है कि इस समस्या को लेकर कम्पनी के वरिष्ठ अधिकारियों को कई बार अवगत कराया गया है, लेकिन अब तक कोई ठोस समाधान नहीं निकल पाया है। स्थानीय लोगों ने मांग की है कि संबंधित विभाग तत्काल संज्ञान लेते हुए प्रदूषण फैलाने वाली गतिविधियों पर कार्रवाई करे, ताकि लोगों के स्वास्थ्य और पर्यावरण को हो रहे नुकसान को रोका जा सके।
    user_Roshan Kapse
    Roshan Kapse
    पांढुर्ना, छिंदवाड़ा, मध्य प्रदेश•
    2 hrs ago
View latest news on Shuru App
Download_Android
  • Terms & Conditions
  • Career
  • Privacy Policy
  • Blogs
Shuru, a product of Close App Private Limited.