प्रतापगढ़ जिले के छोटीसादड़ी में एक युवती भावना जटिया की संदिग्ध मौत का मामला एक बार फिर चर्चा में आ गया है। मृतका की मां रेखा जटिया ने प्रशासन को ज्ञापन सौंपकर इस मामले की निष्पक्ष और गहन जांच कराने की मांग की है। परिजनों का आरोप है कि भावना की मौत से पहले कुछ युवक उसे सोशल मीडिया और मोबाइल के माध्यम से लगातार परेशान कर रहे थे। ज्ञापन में यह आरोप लगाया गया है कि इंस्टाग्राम के जरिए संपर्क बढ़ाना, बार-बार फोन करना और सोशल मीडिया अकाउंट्स से छेड़छाड़ जैसी गतिविधियों के कारण युवती मानसिक रूप से बेहद परेशान थी। परिवार ने बताया कि घटना के बाद मृतका का मोबाइल फोन पुलिस को सबूत के तौर पर सौंपा गया था, लेकिन अभी तक उसके डेटा की पूरी तरह से जांच नहीं की गई है। परिजनों ने यह भी आरोप लगाया है कि जिन लोगों पर उन्होंने संदेह व्यक्त किया है, उनके खिलाफ भी अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। मृतका की मां ने प्रशासन से यह मांग की है कि मोबाइल डेटा और अन्य डिजिटल साक्ष्यों की जांच करके मामले की सच्चाई को सामने लाया जाए। उन्होंने यह भी कहा कि यदि जांच में किसी की भी भूमिका सामने आती है, तो उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए। हालांकि, ये सभी आरोप फिलहाल परिजनों द्वारा लगाए गए हैं। मामले की वास्तविक स्थिति और इसमें किसी भी व्यक्ति की जिम्मेदारी का निर्धारण पुलिस की जांच और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर ही किया जाएगा। अब यह देखना होगा कि प्रशासन इस मामले में आगे क्या कदम उठाता है और जांच से क्या नए तथ्य सामने आते हैं।
प्रतापगढ़ जिले के छोटीसादड़ी में एक युवती भावना जटिया की संदिग्ध मौत का मामला एक बार फिर चर्चा में आ गया है। मृतका की मां रेखा जटिया ने प्रशासन को ज्ञापन सौंपकर इस मामले की निष्पक्ष और गहन जांच कराने की मांग की है। परिजनों का आरोप है कि भावना की मौत से पहले कुछ युवक उसे सोशल मीडिया और मोबाइल के माध्यम से लगातार परेशान कर रहे थे। ज्ञापन में यह आरोप लगाया गया है कि इंस्टाग्राम के जरिए संपर्क बढ़ाना, बार-बार फोन करना और सोशल मीडिया अकाउंट्स से छेड़छाड़ जैसी गतिविधियों के कारण युवती मानसिक रूप से बेहद परेशान थी। परिवार ने बताया कि घटना के बाद मृतका का मोबाइल फोन पुलिस को सबूत के तौर पर सौंपा गया था, लेकिन अभी तक उसके डेटा की पूरी तरह से जांच नहीं की गई है। परिजनों ने यह भी आरोप लगाया है कि जिन लोगों पर उन्होंने संदेह व्यक्त किया है, उनके खिलाफ भी अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। मृतका की मां ने प्रशासन से यह मांग की है कि मोबाइल डेटा और अन्य डिजिटल साक्ष्यों की जांच करके मामले की सच्चाई को सामने लाया जाए। उन्होंने यह भी कहा कि यदि जांच में किसी की भी भूमिका सामने आती है, तो उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए। हालांकि, ये सभी आरोप फिलहाल परिजनों द्वारा लगाए गए हैं। मामले की वास्तविक स्थिति और इसमें किसी भी व्यक्ति की जिम्मेदारी का निर्धारण पुलिस की जांच और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर ही किया जाएगा। अब यह देखना होगा कि प्रशासन इस मामले में आगे क्या कदम उठाता है और जांच से क्या नए तथ्य सामने आते हैं।
- रामपुरा क्षेत्र में एक लापता युवती का मामला शनिवार को काफी गरमा गया। गांधी सागर-रावतभाटा मार्ग पर एक कंकाल मिलने की सूचना के बाद युवती के परिजन और ग्रामीण भड़क उठे, जिससे इलाके में भारी आक्रोश फैल गया। बड़ी संख्या में लोगों ने रामपुरा थाने के सामने चक्का जाम कर दिया और स्टेट हाईवे-31 पर यातायात पूरी तरह से रोक दिया। प्रदर्शनकारियों ने आरोपी पर सख्त कार्रवाई करने और उसके मकान पर बुलडोजर चलाने की मांग की। सूचना मिलने पर मौके पर पहुंचीं एसडीओपी निकिता सिंह ने प्रदर्शनकारियों को समझाइश देकर शांत कराया। उनके आश्वासन के बाद ही जाम समाप्त हुआ। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच अभी जारी है और पुष्टि होने के बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।1
- प्रतापगढ़ जिले के छोटीसादड़ी में एक युवती भावना जटिया की संदिग्ध मौत का मामला एक बार फिर चर्चा में आ गया है। मृतका की मां रेखा जटिया ने प्रशासन को ज्ञापन सौंपकर इस मामले की निष्पक्ष और गहन जांच कराने की मांग की है। परिजनों का आरोप है कि भावना की मौत से पहले कुछ युवक उसे सोशल मीडिया और मोबाइल के माध्यम से लगातार परेशान कर रहे थे। ज्ञापन में यह आरोप लगाया गया है कि इंस्टाग्राम के जरिए संपर्क बढ़ाना, बार-बार फोन करना और सोशल मीडिया अकाउंट्स से छेड़छाड़ जैसी गतिविधियों के कारण युवती मानसिक रूप से बेहद परेशान थी। परिवार ने बताया कि घटना के बाद मृतका का मोबाइल फोन पुलिस को सबूत के तौर पर सौंपा गया था, लेकिन अभी तक उसके डेटा की पूरी तरह से जांच नहीं की गई है। परिजनों ने यह भी आरोप लगाया है कि जिन लोगों पर उन्होंने संदेह व्यक्त किया है, उनके खिलाफ भी अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। मृतका की मां ने प्रशासन से यह मांग की है कि मोबाइल डेटा और अन्य डिजिटल साक्ष्यों की जांच करके मामले की सच्चाई को सामने लाया जाए। उन्होंने यह भी कहा कि यदि जांच में किसी की भी भूमिका सामने आती है, तो उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए। हालांकि, ये सभी आरोप फिलहाल परिजनों द्वारा लगाए गए हैं। मामले की वास्तविक स्थिति और इसमें किसी भी व्यक्ति की जिम्मेदारी का निर्धारण पुलिस की जांच और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर ही किया जाएगा। अब यह देखना होगा कि प्रशासन इस मामले में आगे क्या कदम उठाता है और जांच से क्या नए तथ्य सामने आते हैं।1
- मंदसौर जिले के मऊ खेड़ा गांव में एक भव्य कलश यात्रा का आयोजन किया गया। यह कलश यात्रा बहुत धूमधाम से निकाली गई, जिसके दौरान पूरे क्षेत्र में 'हर-हर महादेव' के जयकारे गूंज उठे।1
- यह एक कहानी है जो बुढ़ापे के सहारे के विषय पर आधारित है।1
- स्लोवाकिया ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अपने देश का सर्वोच्च सम्मान 'व्हाइट डबल क्रॉस' प्रदान कर सम्मानित किया है। इस प्रतिष्ठित सम्मान के साथ, प्रधानमंत्री मोदी को अब तक दुनिया के विभिन्न देशों से मिले वैश्विक सम्मानों की कुल संख्या 33 हो गई है।1
- प्रतापगढ़ में 20 जून को बोहरा समुदाय ने इमाम हुसैन की याद में सेवा कार्य किया। इस पहल के तहत, समुदाय के सदस्यों ने लोगों के बीच केरी पानी का वितरण किया। इसके साथ ही, उन्होंने स्वच्छता का संदेश देते हुए डिस्पोजल भी उठाकर निपटाए।1
- मन्दसौर में आम आदमी पार्टी (आप) ने अपने संगठन के विस्तार और आगामी चुनावों के लिए प्रभावी रणनीति तैयार करने पर महत्वपूर्ण मंथन किया। इस बैठक में पार्टी के कार्यकर्ता संगठन को मजबूत करने और चुनावी लक्ष्यों को प्राप्त करने की दिशा में गहन विचार-विमर्श करते दिखे। इस मंथन सत्र के दौरान दिल्ली से लेकर मन्दसौर तक के आप कार्यकर्ताओं में भारी जोश और उत्साह का माहौल देखा गया, जो पार्टी की भावी योजनाओं के प्रति उनकी सक्रियता और प्रतिबद्धता को दर्शाता है।1
- मध्य प्रदेश के आलोट तहसील के ग्राम लूनी रिछा के पास गुरुवार को इंदौर से जोधपुर जा रही रणथंभौर एक्सप्रेस के जनरल कोच में शॉर्ट सर्किट के कारण आग लग गई। कोच के नीचे से अचानक लपटें और धुआँ उठने लगा, जिसके बाद ट्रेन को लूनी रिछा स्टेशन के पास तत्काल इमरजेंसी ब्रेक लगाकर रोक दिया गया। इस घटना से यात्रियों में अफरा-तफरी मच गई और कई यात्री अपनी सुरक्षा के लिए ट्रेन से नीचे उतर गए, जिससे कुछ समय के लिए मौके पर भगदड़ जैसी स्थिति भी बन गई। सूचना मिलते ही रेलवे कर्मचारियों और ट्रेन स्टाफ ने तुरंत आग पर काबू पाने के प्रयास शुरू किए। लगभग 20 मिनट तक ट्रेन मौके पर खड़ी रही, जिसके बाद स्थिति सामान्य होने पर उसे आगे रवाना किया गया। समय रहते आग पर नियंत्रण पा लेने से एक बड़ा हादसा टल गया और फिलहाल किसी यात्री के घायल होने की कोई सूचना नहीं है। इस घटना के कारण अप लाइन का रेल यातायात भी प्रभावित हुआ। पीछे से आ रही अवध एक्सप्रेस को भी रोकना पड़ा, और अन्य ट्रेनों की आवाजाही पर भी असर पड़ा। रेलवे के तकनीकी कर्मचारियों ने कोच की जाँच कर आवश्यक सुधार कार्य किया। आग लगने के कारणों की जाँच की जा रही है, हालांकि प्रारंभिक तौर पर शॉर्ट सर्किट को ही घटना की वजह माना जा रहा है। इस समय रहते हुई सतर्कता ने एक बड़े हादसे को तो टाल दिया, लेकिन रेलवे की सुरक्षा व्यवस्था पर एक बार फिर सवाल उठ खड़े हुए हैं।1