उत्तराखण्ड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UKSSSC) द्वारा 14 जून 2026 को आयोजित होने वाली स्नातक स्तरीय प्रतियोगी परीक्षा के सफल, निष्पक्ष और पारदर्शी संचालन के लिए टिहरी गढ़वाल जिला प्रशासन ने व्यापक तैयारियां पूरी कर ली हैं। यह परीक्षा जिले के नई टिहरी, चम्बा और नरेंद्रनगर क्षेत्रों में स्थित कुल 11 केंद्रों पर सुबह 11:00 बजे से दोपहर 01:00 बजे तक आयोजित की जाएगी। जिलाधिकारी नितिका खण्डेलवाल ने परीक्षा के सुचारु संचालन के लिए अपर जिलाधिकारी शैलेन्द्र सिंह नेगी को नोडल अधिकारी नियुक्त किया है। जनपद के विभिन्न परीक्षा केंद्रों के लिए सेक्टर और जोनल मजिस्ट्रेटों की भी तैनाती की गई है। इन केंद्रों पर कड़ी सुरक्षा व्यवस्था, सीसीटीवी निगरानी, जैमर, बायोमैट्रिक सत्यापन और अभ्यर्थियों की सघन जांच की पुख्ता व्यवस्था सुनिश्चित की गई है। अपर जिलाधिकारी शैलेन्द्र नेगी ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि परीक्षा की गोपनीयता और शुचिता बनाए रखने के लिए आयोग द्वारा जारी सभी दिशा-निर्देशों का अक्षरशः पालन किया जाए। साथ ही, परीक्षा केंद्रों के आसपास कानून और शांति व्यवस्था बनाए रखने हेतु पर्याप्त पुलिस बल तैनात रहेगा। परीक्षा सामग्री के सुरक्षित परिवहन और संरक्षण के लिए विशेष प्रबंध किए गए हैं। परीक्षा संपन्न होने के बाद, उत्तर पुस्तिकाओं और अन्य गोपनीय सामग्री को निर्धारित प्रक्रिया के तहत सुरक्षित रूप से आयोग को उपलब्ध कराया जाएगा। जिलाधिकारी ने सभी अधिकारियों को आपसी समन्वय से काम करते हुए परीक्षा को शांतिपूर्ण, निष्पक्ष और पारदर्शी ढंग से संपन्न कराने के निर्देश दिए हैं।
उत्तराखण्ड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UKSSSC) द्वारा 14 जून 2026 को आयोजित होने वाली स्नातक स्तरीय प्रतियोगी परीक्षा के सफल, निष्पक्ष और पारदर्शी संचालन के लिए टिहरी गढ़वाल जिला प्रशासन ने व्यापक तैयारियां पूरी कर ली हैं। यह परीक्षा जिले के नई टिहरी, चम्बा और नरेंद्रनगर क्षेत्रों में स्थित कुल 11 केंद्रों पर सुबह 11:00 बजे से दोपहर 01:00 बजे तक आयोजित की जाएगी। जिलाधिकारी नितिका खण्डेलवाल ने परीक्षा के सुचारु संचालन के लिए अपर जिलाधिकारी शैलेन्द्र सिंह नेगी को नोडल अधिकारी नियुक्त किया है। जनपद के विभिन्न परीक्षा केंद्रों के लिए सेक्टर और जोनल मजिस्ट्रेटों की भी तैनाती की गई है। इन केंद्रों पर कड़ी सुरक्षा व्यवस्था, सीसीटीवी निगरानी, जैमर, बायोमैट्रिक सत्यापन और अभ्यर्थियों की सघन जांच की पुख्ता व्यवस्था सुनिश्चित की गई है। अपर जिलाधिकारी शैलेन्द्र नेगी ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि परीक्षा की गोपनीयता और शुचिता बनाए रखने के लिए आयोग द्वारा जारी सभी दिशा-निर्देशों का अक्षरशः पालन किया जाए। साथ ही, परीक्षा केंद्रों के आसपास कानून और शांति व्यवस्था बनाए रखने हेतु पर्याप्त पुलिस बल तैनात रहेगा। परीक्षा सामग्री के सुरक्षित परिवहन और संरक्षण के लिए विशेष प्रबंध किए गए हैं। परीक्षा संपन्न होने के बाद, उत्तर पुस्तिकाओं और अन्य गोपनीय सामग्री को निर्धारित प्रक्रिया के तहत सुरक्षित रूप से आयोग को उपलब्ध कराया जाएगा। जिलाधिकारी ने सभी अधिकारियों को आपसी समन्वय से काम करते हुए परीक्षा को शांतिपूर्ण, निष्पक्ष और पारदर्शी ढंग से संपन्न कराने के निर्देश दिए हैं।
- उत्तराखंड में यमुनोत्री धाम यात्रा मार्ग को लेकर एक महत्वपूर्ण अपडेट सामने आया है। मसूरी बैंड के पास हुए भूस्खलन के बाद, यात्रा मार्ग को अब पूरी तरह से सुचारू कर दिया गया है। इससे तीर्थयात्रियों और यात्रियों के लिए आवागमन में सुविधा बहाल हो गई है।1
- उत्तराखण्ड स्वाभिमान मोर्चा ने देहरादून में एक प्रेस वार्ता आयोजित कर मौजूदा स्थिति को 'जंगल राज' करार दिया। 'टीम बॉबी चकराता विधानसभा जौनसार बावर चकराता' की ओर से यह सवाल उठाया गया कि इस 'जंगल राज' का मास्टरमाइंड कौन है, और साथ ही यह घोषणा भी की गई कि बीते 70 सालों का पूरा हिसाब लिया जाएगा।1
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- एसएसपी हरिद्वार द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करते हुए, फायर स्टेशन मायापुर की टीम ने आज दिनांक 12.06.2026 को हरिद्वार क्षेत्र में स्थित विभिन्न होटल, रेस्टोरेंट, होमस्टे और अन्य संस्थानों का अग्नि सुरक्षा के दृष्टिकोण से गहन निरीक्षण किया। इस अभियान के तहत, मायापुर फायर स्टेशन की टीम ने विशेष रूप से होटल हरी हेरिटेज भूपतवाला, होटल पार्क ग्रेस भूपतवाला, होटल शर्मा परिवार भूपतवाला और होटल गंगा विलिस भूपतवाला जैसे प्रतिष्ठानों की जाँच की। निरीक्षण के दौरान आपातकालीन निकास मार्ग व्यवस्था, अग्निशमन सुरक्षा व्यवस्था, प्राथमिक अग्निशमन यंत्रों की कार्यक्षमता एवं वैधता के साथ-साथ अग्निशमन अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC) की भी गहनता से पड़ताल की गई। निरीक्षण के उपरांत, इन संस्थानों के प्रबंधकों को निर्देशित किया गया कि वे अपने अग्निशमन उपकरणों को सदैव कार्यशील स्थिति में रखें। फायर स्टेशन मायापुर ने अपने क्षेत्र में संचालित सभी होटल, रेस्टोरेंट, होमस्टे और अन्य संस्थानों में यह अभियान चलाया।1
- हरिद्वार पुलिस ने अपनी तत्परता, संवेदनशीलता और पेशेवर कार्यशैली का परिचय देते हुए करीब 10 दिन पहले चोरी हुई 4 माह की मासूम बच्ची को पश्चिम बंगाल के हावड़ा से सकुशल बरामद कर उसके परिजनों से मिलवा दिया। बच्ची की तलाश में पुलिस टीम ने हरिद्वार से हावड़ा तक का लंबा सफर तय किया। बच्ची को उस समय चोरी किया गया था जब उसका परिवार एक पेड़ के नीचे सो रहा था। घटना के बाद पुलिस ने तत्काल जांच शुरू की और कई राज्यों में सुराग तलाशे। शुरुआती जांच में आरोपियों के धामपुर तक पहुंचने की जानकारी मिली, लेकिन इसके बाद सुराग टूट जाने पर पुलिस को जांच नए सिरे से शुरू करनी पड़ी। लगातार प्रयासों तथा तकनीकी व मानवीय संसाधनों के बेहतर उपयोग से पुलिस आखिरकार आरोपियों तक पहुंचने में सफल रही। जांच में यह सामने आया कि एक दंपत्ति ने अपने एक परिचित के साथ मिलकर बच्ची के अपहरण की साजिश रची थी। बताया गया कि तीन लाख रुपये में एक लड़का दिलाने का सौदा हुआ था, लेकिन आरोपियों ने गलती से 4 माह की बच्ची को ही उठा लिया। कप्तान नवनीत सिंह के नेतृत्व में कार्य कर रही हरिद्वार पुलिस टीम ने हावड़ा पहुंचकर बच्ची को सकुशल बरामद किया और तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। बच्ची के सुरक्षित मिलने पर परिजनों ने राहत की सांस ली और पुलिस का आभार व्यक्त किया। आमजन भी हरिद्वार पुलिस की इस सफलता की सराहना कर रहे हैं, उनका कहना है कि एसएसपी नवनीत सिंह के नेतृत्व में पुलिस लगातार चुनौतीपूर्ण मामलों का सफल खुलासा कर रही है और पीड़ितों को न्याय दिलाने के लिए पूरी संवेदनशीलता तथा समर्पण के साथ कार्य कर रही है।1
- बिजनौर जिले के नजीबाबाद में एक टीम राहगीरों को ठंडा शरबत पिलाने का कार्य कर रही है।1
- उत्तराखंड के चमोली जिले में हेलंग के समीप एक भीषण सड़क दुर्घटना सामने आई है, जहाँ एक आईसर ट्रक (UK11CA-1710) लगभग 200 मीटर गहरी खाई में गिरकर सीधे नदी में जा पहुंचा। इस दुखद हादसे में ट्रक चालक की मौके पर ही मौत हो गई। मृतक की पहचान 34 वर्षीय गोपाल सिंह के रूप में हुई है, जो नेपाल का निवासी था। घटना की सूचना मिलते ही उप निरीक्षक जगमोहन सिंह के नेतृत्व में SDRF की टीम तुरंत मौके पर पहुंची और बचाव अभियान शुरू किया। रेस्क्यू प्रयासों के दौरान पता चला कि ट्रक चालक दुर्घटना के समय वाहन से छिटककर करीब 150 मीटर नीचे पहाड़ी में फंस गया था। SDRF और NDRF की संयुक्त टीम ने बेहद कठिन और विषम परिस्थितियों में चालक तक पहुंच बनाई, लेकिन दुर्भाग्यवश तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। SDRF ने कड़ी मशक्कत के बाद शव को खाई से बाहर निकाला और आवश्यक कानूनी कार्रवाई पूरी करने के लिए जिला पुलिस को सौंप दिया। इस दुखद हादसे में अपनी जान गंवाने वाले चालक को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की गई है।1