चतरा समाहरणालय सभागार में चतरा लोकसभा क्षेत्र के लोकप्रिय सांसद आदरणीय श्री कालीचरण सिंह की अध्यक्षता में जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति (दिशा) की एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई। इस उच्च स्तरीय बैठक में केंद्र और राज्य सरकार द्वारा संचालित विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं तथा चालू विकास परियोजनाओं की बिंदुवार और विस्तृत समीक्षा की गई। सांसद श्री कालीचरण सिंह ने अधिकारियों को कड़े और स्पष्ट शब्दों में निर्देशित करते हुए कहा कि योजनाओं का लाभ केवल कागजों तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि वह धरातल पर स्पष्ट रूप से दिखाई देना चाहिए। उन्होंने प्रशासन को जवाबदेह और संवेदनशील बनने का आह्वान किया, और यह दोहराया कि चतरा का सर्वांगीण विकास और समाज के अंतिम व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुँचाना ही उनका मुख्य संकल्प और प्राथमिकता है। सांसद महोदय ने सभी विकास कार्यों को पूरी पारदर्शिता, गुणवत्ता और समयबद्ध तरीके से पूरा करने के सख्त निर्देश दिए, ताकि आम जनता को इसका प्रभावी लाभ मिल सके। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही या शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इस बैठक में क्षेत्र के माननीय विधायकगण, उपायुक्त महोदया, जिला विकास पदाधिकारी (डीडीसी) सहित विभिन्न विभागों के तमाम वरिष्ठ अधिकारी और कार्यपालक अभियंता प्रमुख रूप से उपस्थित थे। सभी विभागों के अधिकारियों ने अपनी-अपनी प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की, जिस पर सांसद महोदय ने आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए।
चतरा समाहरणालय सभागार में चतरा लोकसभा क्षेत्र के लोकप्रिय सांसद आदरणीय श्री कालीचरण सिंह की अध्यक्षता में जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति (दिशा) की एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई। इस उच्च स्तरीय बैठक में केंद्र और राज्य सरकार द्वारा संचालित विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं तथा चालू विकास परियोजनाओं की बिंदुवार और विस्तृत समीक्षा की गई। सांसद श्री कालीचरण सिंह ने अधिकारियों को कड़े और स्पष्ट शब्दों में निर्देशित करते हुए कहा कि योजनाओं का लाभ केवल कागजों तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि वह धरातल पर स्पष्ट रूप से दिखाई देना चाहिए। उन्होंने प्रशासन को जवाबदेह और संवेदनशील बनने का आह्वान किया, और यह दोहराया कि चतरा का सर्वांगीण विकास और समाज के अंतिम व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुँचाना ही उनका मुख्य संकल्प और प्राथमिकता है। सांसद महोदय ने सभी विकास कार्यों को पूरी पारदर्शिता, गुणवत्ता और समयबद्ध तरीके से पूरा करने के सख्त निर्देश दिए, ताकि आम जनता को इसका प्रभावी लाभ मिल सके। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही या शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इस बैठक में क्षेत्र के माननीय विधायकगण, उपायुक्त महोदया, जिला विकास पदाधिकारी (डीडीसी) सहित विभिन्न विभागों के तमाम वरिष्ठ अधिकारी और कार्यपालक अभियंता प्रमुख रूप से उपस्थित थे। सभी विभागों के अधिकारियों ने अपनी-अपनी प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की, जिस पर सांसद महोदय ने आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए।
- हाजीपुर में एक महिला BPSC टीचर बनने के तुरंत बाद, अपने पति को छोड़कर एक प्रेमी के साथ चली गई। जब इस मामले पर बबीता मिश्रा ने सवाल पूछे, तो कथित तौर पर संबंधित व्यक्ति के पसीने छूट गए। एक बच्चे ने खुलासा किया कि उसने अपनी माँ को नेपाल में एक 'अंकल' के साथ देखा था।1
- दामोदर पासवान ने हजारीबाग जिले के बड़कागांव अनुमंडल कार्यालय में अनुमंडल पदाधिकारी को अपनी निजी भूमि पर जबरन कब्जे को रोकने और सरकारी मापी कराकर अतिक्रमण की गई भूमि को खाली कराकर वापस सौंपने के संबंध में आवेदन दिया है। उन्होंने अपनी निजी भूमि की सुरक्षा के लिए अधिकारी की शरण ली है। आवेदक के अनुसार, उनकी निजी भूमि ग्राम गोसाई बलिया, अंचल बरकागांव के अंतर्गत खाता संख्या 108, प्लॉट संख्या 783 पर स्थित है। इस भूमि की सरकारी मापी के लिए पूर्व में ही आवेदन दिया जा चुका है, जिसकी जांच और स्वीकृति अंचल अधिकारी द्वारा हो चुकी है। राजस्व उपनिरीक्षक (हल्का कर्मचारी) द्वारा भी इसकी तंत्र पाली जा चुकी है, लेकिन वर्तमान में मापी का यह मामला अंचल निरीक्षक (सीआई) स्तर पर लंबित है। आवेदक ने शिकायत की है कि मापी की प्रक्रिया पूरी होने से पहले ही स्थानीय दबंगों और असामाजिक तत्वों द्वारा उनकी निजी भूमि की व्यापक सीमा के अंदर घुसकर जबरन कब्जा करने का प्रयास किया जा रहा है, और वे उनकी जमीन दबा रहे हैं। रोकने पर ये लोग लड़ाई-झगड़े और मारपीट पर उतर आते हैं। इस अवैध कब्जे के प्रयास के कारण उनका पूरा परिवार अत्यंत भयभीत और मानसिक तनाव में है, और उन्हें अपनी ही भूमि से बेदखल होने का पूरा डर सता रहा है। अतः, दामोदर पासवान ने अनुमंडल पदाधिकारी से करबद्ध प्रार्थना की है कि उनकी संवेदनशीलता को देखते हुए उपयुक्त भूमि का नक्शा करवाकर उन्हें सौंपा जाए, ताकि निजी भूमि से जबरन कब्जा रोका जा सके और सरकारी मापी द्वारा उनकी भूमि खाली कराकर उन्हें वापस मिल सके।1
- हजारीबाग जिले के कोर्रा थाना क्षेत्र में एक अज्ञात युवती का शव बरामद किया गया है। स्थानीय पुलिस को आशंका है कि युवती की हत्या की गई है।1
- झारखंड के हजारीबाग जिले में एक अत्यंत दुखद और इंसानियत को शर्मसार करने वाली घटना सामने आई है, जहाँ एक तालाब से 13 साल की बच्ची का शव बरामद हुआ है।1
- झारखंड के हज़ारीबाग़ में एक हृदयविदारक घटना सामने आई है, जहाँ एक माँ ने अपने दो मासूम बच्चों को एक साथ खो दिया है। इस दुखद घटना को केवल एक इत्तेफाक नहीं, बल्कि इंसानियत को झकझोर देने वाला एक गहरा दर्द बताया गया है।1
- हजारीबाग स्थित सेंटर ऑफ परफॉर्मिंग आर्ट्स ने सामाजिक जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से विष्णुगढ़ प्रखंड की विभिन्न पंचायतों में नुक्कड़ नाटकों का आयोजन किया। इन नाटकों के माध्यम से ग्रामीणों को नशामुक्ति और डायन-बिसाही जैसी कुप्रथाओं के प्रति जागरूक किया गया, जिसमें नशे के दुष्प्रभावों और अंधविश्वास से होने वाले नुकसान पर विस्तार से बताया गया। कलाकारों ने अपने प्रभावशाली अभिनय से दर्शाया कि नशे की लत न केवल व्यक्तिगत स्वास्थ्य को प्रभावित करती है, बल्कि परिवार और समाज को भी नुकसान पहुँचाती है, साथ ही लोगों से नशे से दूर रहकर स्वस्थ जीवन अपनाने की अपील की। नाटकों में डायन-बिसाही जैसी कुप्रथा के कारण महिलाओं पर होने वाले अत्याचार, हिंसा और सामाजिक भेदभाव को भी प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया गया, जिसमें यह संदेश दिया गया कि शिक्षा, जागरूकता और वैज्ञानिक सोच के माध्यम से ही ऐसी सामाजिक बुराइयों को खत्म किया जा सकता है। कार्यक्रम में दीपक, शशिकांत, भीम, अनित, शिवानी, नंदनी, अरुण, मनोज पुरी, अमित कुशवाहा, अनिल, कृष्णा और अन्य कलाकारों ने अपनी शानदार प्रस्तुतियों से दर्शकों तक महत्वपूर्ण सामाजिक संदेश पहुँचाया। उनके जीवंत अभिनय को ग्रामीणों, महिलाओं और युवाओं ने खूब सराहा। बड़ी संख्या में स्थानीय लोगों ने इन आयोजनों में भाग लिया और ऐसे नुक्कड़ नाटकों को समाज में जागरूकता फैलाने तथा सकारात्मक बदलाव लाने का एक प्रभावी माध्यम बताया। इस अवसर पर संस्था के पदाधिकारियों ने जोर देकर कहा कि कला समाज को जागरूक करने का एक सशक्त माध्यम है। उन्होंने भविष्य में भी जनहित और सामाजिक सरोकार से जुड़े विषयों पर ऐसे कार्यक्रम आयोजित करते रहने की प्रतिबद्धता दोहराई। सेंटर ऑफ परफॉर्मिंग आर्ट्स, हजारीबाग कला और संस्कृति के क्षेत्र में लगातार अपनी पहचान बना रहा है, जहाँ नाटक, संगीत, नृत्य और अन्य सांस्कृतिक गतिविधियों के जरिए सामाजिक जागरूकता फैलाई जाती है और युवाओं की प्रतिभा को भी मंच प्रदान किया जाता है।1
- चतरा समाहरणालय सभागार में चतरा लोकसभा क्षेत्र के लोकप्रिय सांसद आदरणीय श्री कालीचरण सिंह की अध्यक्षता में जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति (दिशा) की एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई। इस उच्च स्तरीय बैठक में केंद्र और राज्य सरकार द्वारा संचालित विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं तथा चालू विकास परियोजनाओं की बिंदुवार और विस्तृत समीक्षा की गई। सांसद श्री कालीचरण सिंह ने अधिकारियों को कड़े और स्पष्ट शब्दों में निर्देशित करते हुए कहा कि योजनाओं का लाभ केवल कागजों तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि वह धरातल पर स्पष्ट रूप से दिखाई देना चाहिए। उन्होंने प्रशासन को जवाबदेह और संवेदनशील बनने का आह्वान किया, और यह दोहराया कि चतरा का सर्वांगीण विकास और समाज के अंतिम व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुँचाना ही उनका मुख्य संकल्प और प्राथमिकता है। सांसद महोदय ने सभी विकास कार्यों को पूरी पारदर्शिता, गुणवत्ता और समयबद्ध तरीके से पूरा करने के सख्त निर्देश दिए, ताकि आम जनता को इसका प्रभावी लाभ मिल सके। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही या शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इस बैठक में क्षेत्र के माननीय विधायकगण, उपायुक्त महोदया, जिला विकास पदाधिकारी (डीडीसी) सहित विभिन्न विभागों के तमाम वरिष्ठ अधिकारी और कार्यपालक अभियंता प्रमुख रूप से उपस्थित थे। सभी विभागों के अधिकारियों ने अपनी-अपनी प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की, जिस पर सांसद महोदय ने आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए।1
- बुढ़मू थाना क्षेत्र के ठाकुरगांव-बुढ़मू मुख्य पथ पर रविवार रात एक सड़क दुर्घटना में दो नाबालिगों की दुखद मौत हो गई। मृतकों की पहचान नामकुम थाना अंतर्गत लोवाड़ीह निवासी तुमिल खाखा के 17 वर्षीय पुत्र आयुष खाखा और अनूप लिंडा की 16 वर्षीय पुत्री सायना अंजलि लिंडा के रूप में हुई। ये दोनों आपस में मौसेरे भाई-बहन थे, जिन्होंने हाल ही में 10वीं की परीक्षा उत्तीर्ण की थी और गर्मी की छुट्टियां बिताने के लिए अपने नाना विलियम के घर बुढ़मू के सिदरौल आए हुए थे। मिली जानकारी के अनुसार, रविवार रात दोनों ठाकुरगांव की दिशा में चाउमीन और कोल्ड ड्रिंक लेने जा रहे थे। इसी दौरान उनकी बाइक तेज गति और नियंत्रण खोने के कारण एक पेड़ से जा टकराई, जिससे घटनास्थल पर ही दोनों की मौत हो गई। घटना के तुरंत बाद बुढ़मू पुलिस ने दोनों नाबालिगों के शवों को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए रिम्स भेज दिया था। सोमवार को पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी होने के बाद शव परिजनों को सौंप दिए गए हैं, और पुलिस ने इस मामले की जांच शुरू कर दी है।1