मंडला में राष्ट्रीय किशोर स्वास्थ्य कार्यक्रम के अंतर्गत साथिया समूह के किशोर-किशोरियों ने तीन दिवसीय पल्स पोलियो अभियान में सक्रिय भागीदारी दर्ज की है। इस राष्ट्रव्यापी अभियान को सफल बनाने के लिए युवा साथिया ने मैदानी स्तर पर मोर्चा संभाला। उन्होंने स्वास्थ्य अमले के साथ मिलकर 0 से 5 वर्ष तक के बच्चों को पोलियो से सुरक्षा प्रदान करने वाली 'दो बूंद जिंदगी की' दवा पिलाई। नारायणगंज सीएचसी में पदस्थ काउंसलर नीलम पटेल के अनुसार, साथिया समूह के सदस्यों ने न केवल बूथों पर बच्चों को दवा पिलाई, बल्कि छूटे हुए बच्चों की तलाश में घर-घर जाकर भी अपनी सेवाएं दीं। इसके अतिरिक्त, साथिया समूह के युवाओं ने समाज में शत-प्रतिशत टीकाकरण के प्रति जागरूकता लाने के उद्देश्य से रचनात्मक पहल की। इसके तहत क्षेत्र के प्रमुख स्थानों पर दीवार लेखन किया गया, जिसके माध्यम से ग्रामीणों को पोलियो जैसी गंभीर बीमारी से बचाव और समय पर दवा पिलाने के महत्व को समझाया गया। युवाओं की इस सामाजिक सहभागिता और जागरूकता अभियान की स्थानीय प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग द्वारा सराहना की जा रही है।
मंडला में राष्ट्रीय किशोर स्वास्थ्य कार्यक्रम के अंतर्गत साथिया समूह के किशोर-किशोरियों ने तीन दिवसीय पल्स पोलियो अभियान में सक्रिय भागीदारी दर्ज की है। इस राष्ट्रव्यापी अभियान को सफल बनाने के लिए युवा साथिया ने मैदानी स्तर पर मोर्चा संभाला। उन्होंने स्वास्थ्य अमले के साथ मिलकर 0 से 5 वर्ष तक के बच्चों को पोलियो से सुरक्षा प्रदान करने वाली 'दो बूंद जिंदगी की' दवा पिलाई। नारायणगंज सीएचसी में पदस्थ काउंसलर नीलम पटेल के अनुसार, साथिया समूह के सदस्यों ने न केवल बूथों पर बच्चों को दवा पिलाई, बल्कि छूटे हुए बच्चों की तलाश में घर-घर जाकर भी अपनी सेवाएं दीं। इसके अतिरिक्त, साथिया समूह के युवाओं ने समाज में शत-प्रतिशत टीकाकरण के प्रति जागरूकता लाने के उद्देश्य से रचनात्मक पहल की। इसके तहत क्षेत्र के प्रमुख स्थानों पर दीवार लेखन किया गया, जिसके माध्यम से ग्रामीणों को पोलियो जैसी गंभीर बीमारी से बचाव और समय पर दवा पिलाने के महत्व को समझाया गया। युवाओं की इस सामाजिक सहभागिता और जागरूकता अभियान की स्थानीय प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग द्वारा सराहना की जा रही है।
- मासूम बच्ची ने नीट परीक्षा में जो बोला है आप को जरूर सुनना चाहिए मासूम बच्ची ने नीट परीक्षा में जो बोला है आप को जरूर सुनना चाहिए1
- डिंडोरी में जनसुनवाई के दौरान एक गंभीर मामला सामने आया है, जहाँ खाम्हा उचित मूल्य दुकान के सेल्समैन पर प्रशासन की जाँच में आरोपी सिद्ध होने के बावजूद जिला प्रशासन ने चुप्पी साध रखी है। यह सेल्समैन रसोई, खाम्हा और बीतल बहरा गांवों के आदिवासी बैगा राशनकार्ड धारकों को राशन न देने का आरोपी है। इस मामले को लेकर सवाल उठाया जा रहा है कि जब प्रशासन की अपनी जाँच में ही सेल्समैन दोषी साबित हो चुका है, तो फिर जिला प्रशासन ने उस पर कोई कार्रवाई क्यों नहीं की है और इस विषय पर मौन क्यों धारण कर रखा है।3
- आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ (EOW) ने जबलपुर में भ्रष्टाचार के खिलाफ एक महत्वपूर्ण कार्रवाई की है। इस दौरान बिजली विभाग (MPEB) के दो बड़े अधिकारियों को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया गया है।1
- बालाघाट जिले में स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण प्रगति हुई है, जहाँ समाधान हॉस्पिटल में रोबोटिक सर्जरी तकनीक का शुभारंभ किया गया है। इस नई सुविधा के तहत, अब जिले में ही रोबोटिक नी-रिप्लेसमेंट सर्जरी की जा सकेगी। यह पहल उन लोगों के लिए बड़ी राहत लेकर आई है, जिन्हें अब तक इस विशिष्ट सर्जरी के लिए महानगरों की ओर दौड़ना पड़ता था, जिससे उनकी यह परेशानी समाप्त हो जाएगी।1
- प्रत्येक मंगलवार को होने वाली जनसुनवाई अब केवल कागजी कार्रवाई बनकर रह गई है, जिससे फरियादी अत्यधिक परेशान हैं। उच्च अधिकारियों के लगातार अनुपस्थित रहने के कारण यह जनसुनवाई एक मखौल साबित हो रही है। शिकायतकर्ताओं की समस्याओं का कोई समाधान नहीं हो पा रहा है, जिससे उनकी मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं।1
- कबीरधाम जिले के ग्राम सरोदादर में पुलिस अधीक्षक श्री धर्मेंद्र सिंह (आईपीएस) ने स्कूली छात्र-छात्राओं को शैक्षणिक सामग्री वितरित की, जिससे बच्चों के चेहरों पर खुशी बिखर गई। उन्होंने बच्चों को पेन, कॉपी, पेंसिल, कटर, रबर, स्लेट और पहाड़ा सहित अन्य अध्ययन सामग्री प्रदान की। इस मानवीय पहल के लिए अभिभावकों और ग्रामीणों ने पुलिस विभाग के प्रति आभार व्यक्त करते हुए उसकी सराहना की, और विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक पुलिस अधीक्षक का आत्मीय स्वागत किया। पुलिस अधीक्षक श्री धर्मेंद्र सिंह ने इस अवसर पर कहा कि शिक्षा बच्चों के उज्ज्वल भविष्य की सबसे मजबूत नींव है और हर बच्चे को पढ़ने-लिखने का अवसर मिलना चाहिए। उन्होंने जोर देकर कहा कि पुलिस केवल कानून व्यवस्था तक सीमित नहीं है, बल्कि समाज के सर्वांगीण विकास और बच्चों के बेहतर भविष्य के लिए भी लगातार प्रयासरत है। उन्होंने विद्यार्थियों से नियमित रूप से विद्यालय आने, अनुशासन का पालन करने, मेहनत से पढ़ाई करने तथा अपने माता-पिता व शिक्षकों का सम्मान करने का आग्रह किया, और ग्रामीणों से बच्चों की शिक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने की अपील भी की। शैक्षणिक सामग्री वितरण कार्यक्रम के बाद, पुलिस अधीक्षक ने ग्राम में जन चौपाल लगाकर ग्रामीणों से सीधा संवाद किया। इस दौरान उन्होंने ग्रामीणों की समस्याओं, सुझावों और शिकायतों को सुना और संबंधित अधिकारियों को उनके त्वरित समाधान के निर्देश दिए। साथ ही, उन्होंने ग्रामीणों को पुलिस की कार्यप्रणाली और विभिन्न जनहितकारी योजनाओं की जानकारी भी दी। उन्होंने युवाओं और ग्रामीणों को साइबर ठगी से सतर्क रहने, किसी भी संदिग्ध कॉल या लिंक पर भरोसा न करने और आपात स्थिति में तुरंत पुलिस को सूचित करने का संदेश दिया। उन्होंने युवाओं से नशे से दूर रहकर शिक्षा और रोजगार पर ध्यान केंद्रित करने का आह्वान किया। ग्रामवासियों ने पुलिस अधीक्षक की इस पहल के लिए उनका आभार व्यक्त करते हुए कहा कि ऐसे कार्यक्रम बच्चों को शिक्षा के प्रति प्रोत्साहित करते हैं और पुलिस व जनता के बीच विश्वास व आत्मीयता को मजबूत करते हैं। कार्यक्रम की सबसे बड़ी उपलब्धि बच्चों के हाथों में शैक्षणिक सामग्री और उनके चेहरों पर छाई मुस्कान रही, जिसकी ग्रामीणों, अभिभावकों और शिक्षकों ने खुले मन से सराहना की। इस अवसर पर थाना प्रभारी चिल्फी श्री लालजी सिन्हा सहित अन्य पुलिसकर्मी, ग्रामवासी और शिक्षक उपस्थित रहे।1
- घंसौर थाना क्षेत्र के बिनोरी बंजारी के पास मंगलवार, 30 जून 2026 को सुबह 8:00 बजे एक सड़क हादसे में एक बाइक सवार युवक गंभीर रूप से घायल हो गया। जानकारी के अनुसार, पाडींवाड़ा निवासी लक्ष्मण सरोते (30 वर्ष), जो वीर सिंह सरोते के पुत्र हैं, सुबह घंसौर रेलवे स्टेशन ट्रेन पकड़ने के लिए मोटरसाइकिल से आ रहे थे। इसी दौरान बिनोरी बंजारी के पास अचानक उनकी मोटरसाइकिल फिसलकर अनियंत्रित हो गई, जिससे वे सड़क पर गिरकर गंभीर रूप से चोटिल हो गए। घटना की सूचना मिलते ही 108 एंबुलेंस मौके पर पहुंची और घायल लक्ष्मण सरोते को तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र घंसौर ले जाया गया, जहाँ चिकित्सकों द्वारा उनका उपचार जारी है।1