बाबा साहेब के बनाए संविधान के बावजूद, देश में शासन और प्रशासन हमेशा सत्ता के धनबली प्रभावशालियों और इच्छाधारी मठाधीशों के विधान से चलता है, जिससे गरीब और कमजोरों का शोषण, जुल्म और अन्याय आजाद भारत की एक आम परिपाटी बन गई है। 'जिसकी लाठी उसकी भैंस' का सिद्धांत आज भी हावी है, जहाँ संविधान बनाम इच्छाधारी विधान की लड़ाई जारी है। इसी पृष्ठभूमि में, संत कबीर नगर में एक स्कूल से जुड़े मामले में न्याय की मांग उठाई जा रही है, जिसमें शिक्षा माफिया, दलित उत्पीड़न, SC/ST अधिनियम के कथित उल्लंघन और अदालत की अवमानना जैसे गंभीर मुद्दे शामिल हैं, जिससे अर्चना बेटी और 150 बच्चों के भविष्य पर सवाल खड़े हो गए हैं। इतिहास में तमाम संत महापुरुषों, समाज सुधारकों और क्रांतिकारियों ने अपने त्याग और बलिदान से समाज को दिशा दी, लेकिन मुगलों और अंग्रेजों की चाटुकारिता करके अपनी तानाशाही हुकूमत कायम करने वाले जयचंद आज भी जनता में वैमनस्यता का जहर घोल रहे हैं। इस गंभीर स्थिति के लिए लचर कानून व्यवस्था और भ्रष्ट कार्यप्रणाली जिम्मेदार है, जिसके लिए हमारे बीच के अधिकारी और कर्मचारी सीधे तौर पर जवाबदेह हैं। साथ ही, जनप्रतिनिधियों के माध्यम से उनका नियंत्रण आज भी अत्याचारी धनबली प्रभावशालियों के हाथों में है, जो पाला बदलकर सत्ता की सियासत के पारंगत खिलाड़ी माने जाते हैं। यह ज़ोर दिया गया है कि यदि निस्वार्थ भाव से समाजोत्थान चाहने वाला वर्ग, खासकर शिक्षित तबका, वास्तव में परिवर्तन चाहता है, तो सबसे पहले शासन, प्रशासन और सरकार के नुमाइंदों को ठीक करना होगा। जनता ने स्पष्ट रूप से 'तानाशाही नहीं चलेगी' का नारा बुलंद किया है और न्याय के लिए जन आंदोलन की बात कही है। इस मामले में, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और प्रधानमंत्री कार्यालय सहित अन्य उच्च अधिकारियों से तत्काल हस्तक्षेप की अपील की गई है, साथ ही इलाहाबाद उच्च न्यायालय और राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग का भी ध्यान आकर्षित किया गया है। अंततः, लोकतंत्र में जनमत की कीमत पर बल देते हुए न्याय और संविधान की जीत की कामना की गई है।
बाबा साहेब के बनाए संविधान के बावजूद, देश में शासन और प्रशासन हमेशा सत्ता के धनबली प्रभावशालियों और इच्छाधारी मठाधीशों के विधान से चलता है, जिससे गरीब और कमजोरों का शोषण, जुल्म और अन्याय आजाद भारत की एक आम परिपाटी बन गई है। 'जिसकी लाठी उसकी भैंस' का सिद्धांत आज भी हावी है, जहाँ संविधान बनाम इच्छाधारी विधान की लड़ाई जारी है। इसी पृष्ठभूमि में, संत कबीर नगर में एक स्कूल से जुड़े मामले में न्याय की मांग उठाई जा रही है, जिसमें शिक्षा माफिया, दलित उत्पीड़न, SC/ST अधिनियम के कथित उल्लंघन और अदालत की अवमानना जैसे गंभीर मुद्दे शामिल हैं, जिससे अर्चना बेटी और 150 बच्चों के भविष्य पर सवाल खड़े हो गए हैं। इतिहास में तमाम संत महापुरुषों, समाज सुधारकों और क्रांतिकारियों ने अपने त्याग और बलिदान से समाज को दिशा दी, लेकिन मुगलों और अंग्रेजों की चाटुकारिता करके अपनी तानाशाही हुकूमत कायम करने वाले जयचंद आज भी जनता में वैमनस्यता का जहर घोल रहे हैं। इस गंभीर स्थिति के लिए लचर कानून व्यवस्था और भ्रष्ट कार्यप्रणाली जिम्मेदार है, जिसके लिए हमारे बीच के अधिकारी और कर्मचारी सीधे तौर पर जवाबदेह हैं। साथ ही, जनप्रतिनिधियों के माध्यम से उनका नियंत्रण आज भी अत्याचारी धनबली प्रभावशालियों के हाथों में है, जो पाला बदलकर सत्ता की सियासत के पारंगत खिलाड़ी माने जाते हैं। यह ज़ोर दिया गया है कि यदि निस्वार्थ भाव से समाजोत्थान चाहने वाला वर्ग, खासकर शिक्षित तबका, वास्तव में परिवर्तन चाहता है, तो सबसे पहले शासन, प्रशासन और सरकार के नुमाइंदों को ठीक करना होगा। जनता ने स्पष्ट रूप से 'तानाशाही नहीं चलेगी' का नारा बुलंद किया है और न्याय के लिए जन आंदोलन की बात कही है। इस मामले में, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और प्रधानमंत्री कार्यालय सहित अन्य उच्च अधिकारियों से तत्काल हस्तक्षेप की अपील की गई है, साथ ही इलाहाबाद उच्च न्यायालय और राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग का भी ध्यान आकर्षित किया गया है। अंततः, लोकतंत्र में जनमत की कीमत पर बल देते हुए न्याय और संविधान की जीत की कामना की गई है।
- 23 जून 2026 को आकाशवाणी के माध्यम से 'भगवान और मनुष्य' विषय पर एक संदेश प्राप्त हुआ। यह संदेश उस प्रसंग को छूता है जब भगवान मानव का निर्माण कर रहे थे, किंतु इसका विवरण अधूरा है।1
- संत कबीर नगर जिले के खलीलाबाद कोतवाली थाना क्षेत्र में एक वाहन की टक्कर से घायल हुए व्यक्ति की उपचार के दौरान मृत्यु हो गई है। इस संबंध में खलीलाबाद के क्षेत्राधिकारी ने एक बयान जारी कर जानकारी दी है।1
- भरत तिवारी के एनकाउंटर ने एक बहुत कड़वा सबक दिया है कि जब मौत तय हो तो हथियार नहीं डालने चाहिए। पोस्ट के अनुसार, जब तक भरत के पास हथियार था और उसका पूरा नियंत्रण उसके हाथ में था, तब तक वह जीवित था और पुलिस उससे दूरी बनाकर बात कर रही थी। हालांकि, जैसे ही उसने पुलिस पर भरोसा करके अपनी पिस्तौल नीचे फेंकी, उसे तुरंत घेरकर गोलियों से भून दिया गया। इस घटना पर सवाल उठाते हुए यह कहा गया है कि यदि पुलिस के मुताबिक वह मानसिक रूप से बीमार या पागल था, तो उसने किसी भी पुलिसकर्मी या आम आदमी पर गोली क्यों नहीं चलाई? किसी को एक खरोंच तक न आना इस बात को साबित करता है कि भरत किसी की जान लेना नहीं चाहता था। हथियार फेंकने के बाद भी उसका एनकाउंटर कर देना यह साफ करता है कि कसाब जैसे आतंकवादी को भी अदालत जाने का मौका मिलता है, जबकि सरेंडर कर चुके अपने ही देश के एक निहत्थे नागरिक को सीधे मौत दे दी गई। भरत तिवारी अमर रहें।1
- गर्मियों की छुट्टियों के बाद संतकबीरनगर जिले के प्रमुख शिक्षण संस्थानों में से एक सूर्या सीनियर सेकेंडरी स्कूल, खलीलाबाद में सोमवार से शैक्षणिक गतिविधियां फिर से शुरू होने जा रही हैं। विद्यालय में कक्षा 6 और उससे ऊपर की कक्षाओं के छात्र-छात्राएं कल से नियमित रूप से अध्ययन कार्य प्रारंभ करेंगे। विद्यालय के प्रबंधक डॉ. उदय प्रताप चतुर्वेदी ने जानकारी दी कि उच्च कक्षाओं का संचालन कल से शुरू किया जा रहा है, जबकि प्लेवे से कक्षा 5 तक के विद्यार्थियों की कक्षाएं 1 जुलाई से प्रारंभ होंगी। उन्होंने यह भी बताया कि नए सत्र में विद्यार्थियों को आधुनिक एवं तकनीक आधारित शिक्षा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से पूरे विद्यालय परिसर को स्मार्ट और डिजिटल क्लासरूम से सुसज्जित किया गया है। विद्यालय के प्रधानाचार्य रविनेश श्रीवास्तव ने इस बात पर जोर दिया कि डिजिटल शिक्षण व्यवस्था के माध्यम से विद्यार्थियों को एक बेहतर शैक्षणिक वातावरण मिलेगा। नए सत्र को लेकर छात्र-छात्राओं में भी उत्साह का माहौल है। इस बीच, विद्यालय में नए प्रवेश की प्रक्रिया भी लगातार जारी है। प्रबंधन ने घोषणा की है कि कक्षा 10 उत्तीर्ण कर विद्यालय में नया प्रवेश लेने वाले छात्र-छात्राओं को प्रोत्साहन स्वरूप निःशुल्क टैबलेट प्रदान किया जाएगा। शिक्षा की गुणवत्ता को और अधिक सुदृढ़ बनाने के लिए विद्यालय में 25 जून को एक बड़ा शिक्षक भर्ती कार्यक्रम भी आयोजित किया जाएगा, जिसमें वेबसाइट के माध्यम से आवेदन करने वाले और सीधे विद्यालय पहुंचने वाले योग्य अभ्यर्थियों का साक्षात्कार लिया जाएगा।2
- उत्तर प्रदेश के लखनऊ में हुए कोचिंग अग्निकांड से जुड़ा एक नया वीडियो सामने आया है। यह वीडियो आग लगने की शुरुआत का बताया जा रहा है। इस फुटेज में देखा जा सकता है कि कैसे बच्चे अपनी जान बचाने के लिए कोचिंग की दूसरी मंजिल से रस्सी के सहारे नीचे उतर रहे हैं।1
- मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के गृह जनपद गोरखपुर के थाना कैंपियरगंज क्षेत्र में तीन साल पुराने मारपीट और चोरी के एक मामले में पुलिस ने अब जाकर चार्जशीट दाखिल की है। इस कार्रवाई के बाद, पीड़ित ने पुलिस पर गंभीर आरोप लगाते हुए दावा किया है कि उनकी चार्जशीट को बदल दिया गया है और इसमें लगाई गई धाराओं को भी हल्का कर दिया गया है। पीड़ित का कहना है कि चार्जशीट को 84 दिनों के भीतर दाखिल करने का आदेश होता है, लेकिन पुलिस ने इस प्रक्रिया को पूरा करने में तीन साल का लंबा समय लगा दिया। इस विलंब और आरोपों ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।1
- आकाशवाणी द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, 23 जून 2026 को मंगलवार का दिन है। इस शुभ अवसर पर 'हंग हनुमते नमः' का स्मरण किया गया है।1
- लखनऊ से एक ब्रेकिंग न्यूज़ सामने आई है, जिसमें शहर के एक कोचिंग सेंटर में आग लगने की खबर मिली है।1