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हिमाचल प्रदेश के किन्नौर जिले में रविवार को हुई झमाझम बारिश से मौसम सुहावना हो गया है। इस बारिश से क्षेत्र के बागवानों और किसानों को राहत मिली है। हालांकि, बारिश के कारण कई इलाकों में नालों का जलस्तर बढ़ गया है और सड़कें फिसलन भरी हो गई हैं, जिसके चलते यात्रियों को सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। बढ़ते जलस्तर को देखते हुए प्रशासन ने लोगों से नदी और नालों के किनारे न जाने तथा सतर्क रहने की अपील की है। वहीं, मौसम विभाग ने किन्नौर जिले में अगले कुछ समय तक बारिश का दौर जारी रहने की संभावना व्यक्त की है।
Him News Update
हिमाचल प्रदेश के किन्नौर जिले में रविवार को हुई झमाझम बारिश से मौसम सुहावना हो गया है। इस बारिश से क्षेत्र के बागवानों और किसानों को राहत मिली है। हालांकि, बारिश के कारण कई इलाकों में नालों का जलस्तर बढ़ गया है और सड़कें फिसलन भरी हो गई हैं, जिसके चलते यात्रियों को सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। बढ़ते जलस्तर को देखते हुए प्रशासन ने लोगों से नदी और नालों के किनारे न जाने तथा सतर्क रहने की अपील की है। वहीं, मौसम विभाग ने किन्नौर जिले में अगले कुछ समय तक बारिश का दौर जारी रहने की संभावना व्यक्त की है।
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- NEET पेपर लीक मामले को लेकर जारी सियासी घटनाक्रम के बीच केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर कांग्रेस की प्रतिक्रिया आई है। AICC प्रवक्ता कुलदीप सिंह राठौर ने धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे को छात्रों के आंदोलन की बहुत बड़ी जीत बताया है। उन्होंने कहा कि यह फैसला किसी व्यक्ति विशेष का नहीं, बल्कि छात्रों की आवाज और उनके द्वारा छेड़े गए आंदोलन का परिणाम है। कुलदीप सिंह राठौर ने कहा कि इस मुद्दे पर नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी भी छात्रों के पक्ष में उतरे थे। उन्होंने कहा कि आधी रात में प्रधानमंत्री को वीडियो संदेश जारी करना पड़ा, जिससे स्थिति का अंदाजा हो गया था और आखिरकार धर्मेंद्र प्रधान को पद छोड़ना पड़ा। राठौर ने स्पष्ट किया कि उनकी धर्मेंद्र प्रधान से कोई व्यक्तिगत दुश्मनी नहीं है, लेकिन वे अपने मंत्रालय को संभालने में असमर्थ थे। इसके साथ ही उन्होंने शिक्षा के क्षेत्र में सुधार की आवश्यकता पर जोर दिया।1
- कुल्लू में गौ सेवा रक्षा दल की टीम ने सींग में पड़े कीड़ों का सफल इलाज किया है। इस इलाज अभियान में गौ सेवक कमलेश ठाकुर, अजय शर्मा, गरेश पुजारी, दलु नेगी, रजत ठाकुर, वीरेंद्र ठाकुर और संदेश ठाकुर शामिल रहे। सफल इलाज के बाद गौ सेवा रक्षा दल कुल्लू की टीम के अध्यक्ष श्री शेरा नेगी ने सभी गौ सेवकों का आभार व्यक्त किया।1
- हमीरपुर के शहीद कैप्टन मृदुल शर्मा पार्क एवं निर्माणाधीन युद्ध स्मारक के परिसर में रविवार को जिला स्तरीय कारगिल विजय दिवस कार्यक्रम पूरे उत्साह के साथ आयोजित किया गया। इस समारोह में मुख्यमंत्री के राजनीतिक सलाहकार सुनील शर्मा बिट्टू ने मुख्य अतिथि और उपायुक्त गंधर्वा राठौड़ ने विशिष्ट अतिथि के रूप में शिरकत की। कार्यक्रम की शुरुआत में मुख्य अतिथि सुनील शर्मा बिट्टू, उपायुक्त गंधर्वा राठौड़, एसपी बलवीर सिंह, कांग्रेस जिला अध्यक्ष सुमन भारती, एपीएमसी अध्यक्ष अजय शर्मा, एडीसी अभिषेक गर्ग, नगर निगम आयुक्त राकेश शर्मा, सैनिक कल्याण विभाग के उपनिदेशक स्क्वॉड्रन लीडर मनोज राणा, एसडीएम संजीत सिंह, होमगार्ड्स कमांडेंट विनय कुमार और कांग्रेस नेता राजेश आनंद समेत अन्य गणमान्य लोगों ने शहीदों को पुष्पांजलि अर्पित की। इसके बाद पुलिस की गार्द ने सशस्त्र बलों की परंपराओं के अनुसार सलामी दी। समारोह को संबोधित करते हुए सुनील शर्मा बिट्टू ने कारगिल युद्ध के शहीदों, वीर सैनिकों, अन्य ऑपरेशनों के शहीदों और सेवारत सैनिकों के योगदान को याद किया। उन्होंने कहा कि वीरों के शौर्य एवं बलिदान की गाथाएं सदैव अमर रहेंगी और देश का हर नागरिक उनके सर्वोच्च बलिदान के प्रति कृतज्ञ रहेगा। उन्होंने यह भी कहा कि मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू के नेतृत्व में प्रदेश सरकार शहीदों के परिवारों, भूतपूर्व सैनिकों और सेवारत सैनिकों के कल्याण के लिए पूरी तरह कृतसंकल्प है। विशेष कार्यक्रम के दौरान कारगिल युद्ध में शहीद हुए जिला हमीरपुर के 8 वीर सैनिकों—हवलदार कश्मीर सिंह, हवलदार राजकुमार, सिपाही दिनेश कुमार, राइफलमैन दीप चंद, हवलदार स्वामी दास चंदेल, राइफलमैन प्रवीण कुमार, राइफलमैन सुनील कुमार और सिपाही राकेश कुमार के परिजनों को सम्मानित किया गया। समारोह में कारगिल युद्ध के दौरान घायल हुए भूतपूर्व सैनिक मेहर सिंह ने अपने युद्ध के प्रत्यक्ष अनुभव साझा किए, वहीं डिग्री कॉलेज हमीरपुर के छात्र जतिन कुमार, ऐपशिता और अंशिता ने भी विजय दिवस पर अपने विचार रखे। सैनिक कल्याण विभाग के उपनिदेशक स्क्वाड्रन लीडर मनोज राणा ने सभी अतिथियों का स्वागत कर कारगिल युद्ध के बारे में विस्तृत जानकारी दी और उपस्थित लोगों को शहीदों के सम्मान की शपथ दिलाई।1
- चंडीगढ़ में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि केंद्र सरकार सार्वजनिक परीक्षाओं में पेपर लीक और नकल जैसे अपराधों पर कानूनी व्यवस्था को और सख्त करने जा रही है। उन्होंने इस कदम को करोड़ों युवाओं की मेहनत और उनके भविष्य की सुरक्षा के लिए बेहद महत्वपूर्ण बताया। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में युवाओं के हित सर्वोच्च प्राथमिकता हैं। पेपर लीक माफिया, नकल गिरोह और युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने वाले दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। इसके साथ ही उन्होंने हरियाणा में 'बिना पर्ची, बिना खर्ची' के माध्यम से लागू की गई पारदर्शी और मेरिट आधारित भर्ती व्यवस्था का भी उल्लेख किया।1
- पंचकूला के सेक्टर 6 स्थित सर छोटू राम जाट भवन में भाईचारा स्नेह मिलन समारोह का आयोजन किया गया। इस समारोह में बीजेपी के वरिष्ठ नेता और पूर्व वित्त मंत्री कैप्टन अभिमन्यु मुख्य रूप से मौजूद रहे। कार्यक्रम में पूर्व स्पीकर ज्ञानचंद गुप्ता, पूर्व डीजीपी एमएस मलिक के अलावा गुर्जर, ब्राह्मण, अग्रवाल, ओबीसी और एससी समाज समेत तमाम सामाजिक संगठनों के पदाधिकारी और गणमान्य लोग उपस्थित रहे। कार्यक्रम में पहुंचने पर कैप्टन अभिमन्यु का भव्य स्वागत और अभिनंदन किया गया। उनका स्वागत करने वालों में एमएस मलिक, बाबा नौनिहाल जी, जाट सभा ट्राइसिटी के प्रधान महेंद्र सांगवान, पार्षद ज्योति प्रसाद, परमजीत कौर, हरेंद्र मलिक, दीपक शर्मा, महिपाल चौशाला, ओबीसी समाज से जगमेंद्र वैरागी, प्रमोद शर्मा और राजकुमार शर्मा सहित विभिन्न सामाजिक संगठनों के पदाधिकारी शामिल थे। इस भाईचारा स्नेह मिलन समारोह में पंचकूला, चंडीगढ़ और आसपास के क्षेत्रों से सर्व समाज के गणमान्य लोग काफी तादाद में एकत्र हुए।3
- हिमाचल प्रदेश सरकार ने राज्य की प्राथमिक शिक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ और प्रभावी बनाने के लिए पूरे प्रदेश में आधुनिक 'अल्फा पैडागोजी' शिक्षण पद्धति लागू करने का निर्णय लिया है। प्रदेश के सरकारी स्कूलों में प्राथमिक स्तर के बच्चों के बुनियादी ज्ञान को मजबूत करने के मकसद से राज्य सरकार ने लखनऊ स्थित 'देवी संस्थान' के साथ तीन वर्षों के लिए एक समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए हैं। शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने इस साझेदारी की घोषणा करते हुए बताया कि वर्ष 2023 में 'देवी संस्थान' के सहयोग से सोलन और शिमला जिलों के कुछ चुनौतीपूर्ण ब्लॉकों में प्रायोगिक (Pilot) आधार पर इसकी शुरुआत की गई थी। इसके सकारात्मक परिणामों को देखते हुए पहले इसे 6 जिलों और अब प्रदेश के सभी 12 जिलों के प्राथमिक स्कूलों में लागू किया जा रहा है। प्रथम चरण में यह समझौता 3 साल के लिए 'वन-टाइम' पहल के रूप में किया गया है, जिसका मुख्य उद्देश्य बच्चों के लिए पढ़ाई को तनावमुक्त, सहज और आनंददायक बनाकर बुनियादी स्तर (FLN) में सुधार करना है। भविष्य में आवश्यकता महसूस होने पर इस समझौते को आगे बढ़ाने पर भी विचार किया जा सकता है।4
- असम में लगातार हो रही भारी बारिश और नदियों के उफान से बाढ़ की स्थिति बेहद गंभीर बनी हुई है। इस भीषण आपदा के कारण 7 लाख से अधिक लोग प्रभावित हुए हैं और कई गाँव पूरी तरह जलमग्न हो चुके हैं। हालात को देखते हुए हजारों परिवारों को अपना घर-बार छोड़कर राहत शिविरों में शरण लेने के लिए मजबूर होना पड़ा है। बाढ़ के पानी से सड़कें, पुल और बड़े पैमाने पर खेती की जमीन जलमग्न हो गई है, जिससे यातायात और कृषि को भारी नुकसान पहुँचा है। प्रारंभिक रिपोर्टों के अनुसार इस तबाही में कई लोगों की जान भी जा चुकी है। जमीनी स्तर पर प्रशासन, एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमें मुस्तैदी से राहत एवं बचाव अभियान में जुटी हुई हैं, हालांकि कई जलमग्न क्षेत्रों तक पहुँचना अभी भी एक बड़ी चुनौती बना हुआ है।1