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आज मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय बिलासपुर के दौरे पर रहेंगे। इस दौरान वे सुशासन तिहार कार्यक्रम में शामिल होंगे।
Durgesh maravi
आज मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय बिलासपुर के दौरे पर रहेंगे। इस दौरान वे सुशासन तिहार कार्यक्रम में शामिल होंगे।
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- 70 वर्षीय पुरुषोत्तम खुटे और 35 वर्षीय गोहरिन बाई की निर्मम तरीके से सिर कुचलकर हत्या कर दी गई है।1
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- कर्नाटक की राजनीति में 3 जून 2026 को एक महत्वपूर्ण अध्याय जुड़ गया, जब कांग्रेस के वरिष्ठ नेता डी.के. शिवकुमार ने राज्य के 25वें मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ग्रहण की। इस शपथ ग्रहण के साथ ही उनका वर्षों पुराना राजनीतिक संघर्ष और एक व्यक्तिगत संकल्प पूरा हो गया। दरअसल, वर्ष 2019 में तिहाड़ जेल से रिहा होने के बाद डी.के. शिवकुमार ने यह प्रण लिया था कि जब तक वे मुख्यमंत्री नहीं बन जाते, तब तक अपनी दाढ़ी नहीं कटवाएंगे। लगभग सात वर्षों तक इस संकल्प का पालन करने के बाद, मुख्यमंत्री पद की शपथ लेते ही उनका यह प्रण भी पूर्ण हो गया। छात्र राजनीति से अपने राजनीतिक जीवन की शुरुआत करने वाले शिवकुमार वर्ष 1989 में पहली बार विधायक चुने गए थे। इसके बाद उन्होंने कांग्रेस संगठन को मजबूत करने, चुनावी रणनीति तैयार करने और पार्टी नेताओं को एकजुट रखने में अहम भूमिका निभाई, जिस कारण उन्हें कांग्रेस का "ट्रबलशूटर" भी कहा जाता है। साल 2019 में प्रवर्तन निदेशालय (ED) द्वारा गिरफ्तारी और तिहाड़ जेल में बिताए गए दिनों के बाद भी शिवकुमार ने हार नहीं मानी और राजनीति में दमदार वापसी करते हुए अपनी संगठनात्मक क्षमता के बल पर पार्टी में मजबूत स्थान बनाए रखा। मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के बाद डी.के. शिवकुमार ने इस उपलब्धि को जनता के विश्वास, कार्यकर्ताओं की मेहनत और लंबे संघर्ष की जीत बताया। उनके समर्थकों ने भी इसे धैर्य, संकल्प और राजनीतिक प्रतिबद्धता का एक उत्कृष्ट उदाहरण करार दिया। तिहाड़ जेल से मुख्यमंत्री की कुर्सी तक पहुंचने का डी.के. शिवकुमार का यह सफर भारतीय राजनीति की चर्चित संघर्ष गाथाओं में शुमार हो गया है, जो दृढ़ इच्छाशक्ति और निरंतर प्रयासों से बड़े से बड़े लक्ष्य हासिल करने की प्रेरणा देता है।3
- भिलाई के खुर्सीपार क्षेत्र की देवार बस्ती में दो गुटों के बीच हुए विवाद और मारपीट के बाद पुलिस ने एक व्यापक सर्च अभियान चलाया। इस घटना के बाद इलाके में भारी पुलिस बल तैनात किया गया था और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) स्वयं मौके पर पहुंचे। इसके साथ ही, नगर निगम ने अवैध नशाखोरी के ठिकानों पर कार्रवाई करते हुए कई अस्थायी ढांचों को हटाया, जिससे पूरे क्षेत्र को छावनी में बदल दिया गया। दुर्ग पुलिस द्वारा 3 जून को खुर्सीपार थाना क्षेत्र के देवार पारा में यह विशेष सघन तलाशी अभियान चलाया गया। इस अभियान का नेतृत्व नगर पुलिस अधीक्षक छावनी और थाना प्रभारी खुर्सीपार ने लगभग 50 जवानों के साथ किया। पुलिस को लंबे समय से इस इलाके में अवैध गांजा और शराब बिक्री की शिकायतें मिल रही थीं, जिसके बाद यह कार्रवाई की गई। तलाशी के दौरान, पुलिस ने घरों, खंडहर भवनों, कबाड़ के बोरों, मकानों की छतों और शौचालयों सहित हर संदिग्ध जगह की बारीकी से जांच की। इस कार्रवाई में लगभग 10 से 12 किलो गांजा, गांजा की पुड़िया बनाने में इस्तेमाल होने वाले प्लास्टिक रैपर, 62 पौआ अवैध शराब और 2 तलवार सहित अन्य धारदार हथियार बरामद किए गए। पुलिस ने बताया कि बरामद गांजे के संबंध में अज्ञात आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत अपराध दर्ज करने की प्रक्रिया जारी है, जबकि शराब के मामले में आबकारी अधिनियम के तहत कार्रवाई की जा रही है। इसके अतिरिक्त, बिना नंबर वाली संदिग्ध दोपहिया वाहनों को भी जब्त कर उनकी जांच शुरू कर दी गई है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, इस अभियान का मुख्य उद्देश्य क्षेत्र में कानून व्यवस्था बनाए रखना, असामाजिक तत्वों पर नियंत्रण करना और 'ऑपरेशन विश्वास' के तहत नशे के कारोबार पर कड़ी कार्रवाई करना है। दुर्ग पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे अपने आसपास किसी भी संदिग्ध गतिविधि, नशीले पदार्थों की बिक्री या अवैध हथियारों की सूचना तत्काल पुलिस को दें, ताकि क्षेत्र को सुरक्षित बनाया जा सके।1
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- बिलासपुर में NSUI ने NEET पेपर लीक मामले को लेकर 'हल्ला बोल' प्रदर्शन किया। इस प्रदर्शन के दौरान जमकर धक्का-मुक्की हुई और लाठी भी चली। घटना के बाद कांग्रेस के कई नेताओं और कार्यकर्ताओं को हिरासत में ले लिया गया।1