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आज मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय बिलासपुर के दौरे पर रहेंगे। इस दौरान वे सुशासन तिहार कार्यक्रम में शामिल होंगे।

1 hr ago
user_Durgesh maravi
Durgesh maravi
कोरबा, कोरबा, छत्तीसगढ़•
1 hr ago

आज मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय बिलासपुर के दौरे पर रहेंगे। इस दौरान वे सुशासन तिहार कार्यक्रम में शामिल होंगे।

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  • 70 वर्षीय पुरुषोत्तम खुटे और 35 वर्षीय गोहरिन बाई की निर्मम तरीके से सिर कुचलकर हत्या कर दी गई है।
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    70 वर्षीय पुरुषोत्तम खुटे और 35 वर्षीय गोहरिन बाई की निर्मम तरीके से सिर कुचलकर हत्या कर दी गई है।
    user_Dwarika prasad Yadaw
    Dwarika prasad Yadaw
    हरदीबाजार, कोरबा, छत्तीसगढ़•
    7 hrs ago
  • छत्तीसगढ़ के तारबहार उपचुनाव में कांग्रेस ने अपनी जीत का परचम लहराया है। इस महत्वपूर्ण उपचुनाव में कांग्रेस प्रत्याशी शेख आजम ने 1065 मतों के अंतर से एक ऐतिहासिक विजय दर्ज की है।
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    छत्तीसगढ़ के तारबहार उपचुनाव में कांग्रेस ने अपनी जीत का परचम लहराया है। इस महत्वपूर्ण उपचुनाव में कांग्रेस प्रत्याशी शेख आजम ने 1065 मतों के अंतर से एक ऐतिहासिक विजय दर्ज की है।
    user_जोगी जगत न्यूज़ नेटवर्क
    जोगी जगत न्यूज़ नेटवर्क
    बिलासपुर, बिलासपुर, छत्तीसगढ़•
    2 hrs ago
  • कर्नाटक की राजनीति में 3 जून 2026 को एक महत्वपूर्ण अध्याय जुड़ गया, जब कांग्रेस के वरिष्ठ नेता डी.के. शिवकुमार ने राज्य के 25वें मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ग्रहण की। इस शपथ ग्रहण के साथ ही उनका वर्षों पुराना राजनीतिक संघर्ष और एक व्यक्तिगत संकल्प पूरा हो गया। दरअसल, वर्ष 2019 में तिहाड़ जेल से रिहा होने के बाद डी.के. शिवकुमार ने यह प्रण लिया था कि जब तक वे मुख्यमंत्री नहीं बन जाते, तब तक अपनी दाढ़ी नहीं कटवाएंगे। लगभग सात वर्षों तक इस संकल्प का पालन करने के बाद, मुख्यमंत्री पद की शपथ लेते ही उनका यह प्रण भी पूर्ण हो गया। छात्र राजनीति से अपने राजनीतिक जीवन की शुरुआत करने वाले शिवकुमार वर्ष 1989 में पहली बार विधायक चुने गए थे। इसके बाद उन्होंने कांग्रेस संगठन को मजबूत करने, चुनावी रणनीति तैयार करने और पार्टी नेताओं को एकजुट रखने में अहम भूमिका निभाई, जिस कारण उन्हें कांग्रेस का "ट्रबलशूटर" भी कहा जाता है। साल 2019 में प्रवर्तन निदेशालय (ED) द्वारा गिरफ्तारी और तिहाड़ जेल में बिताए गए दिनों के बाद भी शिवकुमार ने हार नहीं मानी और राजनीति में दमदार वापसी करते हुए अपनी संगठनात्मक क्षमता के बल पर पार्टी में मजबूत स्थान बनाए रखा। मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के बाद डी.के. शिवकुमार ने इस उपलब्धि को जनता के विश्वास, कार्यकर्ताओं की मेहनत और लंबे संघर्ष की जीत बताया। उनके समर्थकों ने भी इसे धैर्य, संकल्प और राजनीतिक प्रतिबद्धता का एक उत्कृष्ट उदाहरण करार दिया। तिहाड़ जेल से मुख्यमंत्री की कुर्सी तक पहुंचने का डी.के. शिवकुमार का यह सफर भारतीय राजनीति की चर्चित संघर्ष गाथाओं में शुमार हो गया है, जो दृढ़ इच्छाशक्ति और निरंतर प्रयासों से बड़े से बड़े लक्ष्य हासिल करने की प्रेरणा देता है।
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    कर्नाटक की राजनीति में 3 जून 2026 को एक महत्वपूर्ण अध्याय जुड़ गया, जब कांग्रेस के वरिष्ठ नेता डी.के. शिवकुमार ने राज्य के 25वें मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ग्रहण की। इस शपथ ग्रहण के साथ ही उनका वर्षों पुराना राजनीतिक संघर्ष और एक व्यक्तिगत संकल्प पूरा हो गया। दरअसल, वर्ष 2019 में तिहाड़ जेल से रिहा होने के बाद डी.के. शिवकुमार ने यह प्रण लिया था कि जब तक वे मुख्यमंत्री नहीं बन जाते, तब तक अपनी दाढ़ी नहीं कटवाएंगे। लगभग सात वर्षों तक इस संकल्प का पालन करने के बाद, मुख्यमंत्री पद की शपथ लेते ही उनका यह प्रण भी पूर्ण हो गया।

छात्र राजनीति से अपने राजनीतिक जीवन की शुरुआत करने वाले शिवकुमार वर्ष 1989 में पहली बार विधायक चुने गए थे। इसके बाद उन्होंने कांग्रेस संगठन को मजबूत करने, चुनावी रणनीति तैयार करने और पार्टी नेताओं को एकजुट रखने में अहम भूमिका निभाई, जिस कारण उन्हें कांग्रेस का "ट्रबलशूटर" भी कहा जाता है। साल 2019 में प्रवर्तन निदेशालय (ED) द्वारा गिरफ्तारी और तिहाड़ जेल में बिताए गए दिनों के बाद भी शिवकुमार ने हार नहीं मानी और राजनीति में दमदार वापसी करते हुए अपनी संगठनात्मक क्षमता के बल पर पार्टी में मजबूत स्थान बनाए रखा।

मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के बाद डी.के. शिवकुमार ने इस उपलब्धि को जनता के विश्वास, कार्यकर्ताओं की मेहनत और लंबे संघर्ष की जीत बताया। उनके समर्थकों ने भी इसे धैर्य, संकल्प और राजनीतिक प्रतिबद्धता का एक उत्कृष्ट उदाहरण करार दिया। तिहाड़ जेल से मुख्यमंत्री की कुर्सी तक पहुंचने का डी.के. शिवकुमार का यह सफर भारतीय राजनीति की चर्चित संघर्ष गाथाओं में शुमार हो गया है, जो दृढ़ इच्छाशक्ति और निरंतर प्रयासों से बड़े से बड़े लक्ष्य हासिल करने की प्रेरणा देता है।
    user_Akhil Mittal
    Akhil Mittal
    उदयपुर, सरगुजा, छत्तीसगढ़•
    4 hrs ago
  • भिलाई के खुर्सीपार क्षेत्र की देवार बस्ती में दो गुटों के बीच हुए विवाद और मारपीट के बाद पुलिस ने एक व्यापक सर्च अभियान चलाया। इस घटना के बाद इलाके में भारी पुलिस बल तैनात किया गया था और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) स्वयं मौके पर पहुंचे। इसके साथ ही, नगर निगम ने अवैध नशाखोरी के ठिकानों पर कार्रवाई करते हुए कई अस्थायी ढांचों को हटाया, जिससे पूरे क्षेत्र को छावनी में बदल दिया गया। दुर्ग पुलिस द्वारा 3 जून को खुर्सीपार थाना क्षेत्र के देवार पारा में यह विशेष सघन तलाशी अभियान चलाया गया। इस अभियान का नेतृत्व नगर पुलिस अधीक्षक छावनी और थाना प्रभारी खुर्सीपार ने लगभग 50 जवानों के साथ किया। पुलिस को लंबे समय से इस इलाके में अवैध गांजा और शराब बिक्री की शिकायतें मिल रही थीं, जिसके बाद यह कार्रवाई की गई। तलाशी के दौरान, पुलिस ने घरों, खंडहर भवनों, कबाड़ के बोरों, मकानों की छतों और शौचालयों सहित हर संदिग्ध जगह की बारीकी से जांच की। इस कार्रवाई में लगभग 10 से 12 किलो गांजा, गांजा की पुड़िया बनाने में इस्तेमाल होने वाले प्लास्टिक रैपर, 62 पौआ अवैध शराब और 2 तलवार सहित अन्य धारदार हथियार बरामद किए गए। पुलिस ने बताया कि बरामद गांजे के संबंध में अज्ञात आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत अपराध दर्ज करने की प्रक्रिया जारी है, जबकि शराब के मामले में आबकारी अधिनियम के तहत कार्रवाई की जा रही है। इसके अतिरिक्त, बिना नंबर वाली संदिग्ध दोपहिया वाहनों को भी जब्त कर उनकी जांच शुरू कर दी गई है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, इस अभियान का मुख्य उद्देश्य क्षेत्र में कानून व्यवस्था बनाए रखना, असामाजिक तत्वों पर नियंत्रण करना और 'ऑपरेशन विश्वास' के तहत नशे के कारोबार पर कड़ी कार्रवाई करना है। दुर्ग पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे अपने आसपास किसी भी संदिग्ध गतिविधि, नशीले पदार्थों की बिक्री या अवैध हथियारों की सूचना तत्काल पुलिस को दें, ताकि क्षेत्र को सुरक्षित बनाया जा सके।
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    भिलाई के खुर्सीपार क्षेत्र की देवार बस्ती में दो गुटों के बीच हुए विवाद और मारपीट के बाद पुलिस ने एक व्यापक सर्च अभियान चलाया। इस घटना के बाद इलाके में भारी पुलिस बल तैनात किया गया था और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) स्वयं मौके पर पहुंचे। इसके साथ ही, नगर निगम ने अवैध नशाखोरी के ठिकानों पर कार्रवाई करते हुए कई अस्थायी ढांचों को हटाया, जिससे पूरे क्षेत्र को छावनी में बदल दिया गया।

दुर्ग पुलिस द्वारा 3 जून को खुर्सीपार थाना क्षेत्र के देवार पारा में यह विशेष सघन तलाशी अभियान चलाया गया। इस अभियान का नेतृत्व नगर पुलिस अधीक्षक छावनी और थाना प्रभारी खुर्सीपार ने लगभग 50 जवानों के साथ किया। पुलिस को लंबे समय से इस इलाके में अवैध गांजा और शराब बिक्री की शिकायतें मिल रही थीं, जिसके बाद यह कार्रवाई की गई। तलाशी के दौरान, पुलिस ने घरों, खंडहर भवनों, कबाड़ के बोरों, मकानों की छतों और शौचालयों सहित हर संदिग्ध जगह की बारीकी से जांच की।

इस कार्रवाई में लगभग 10 से 12 किलो गांजा, गांजा की पुड़िया बनाने में इस्तेमाल होने वाले प्लास्टिक रैपर, 62 पौआ अवैध शराब और 2 तलवार सहित अन्य धारदार हथियार बरामद किए गए। पुलिस ने बताया कि बरामद गांजे के संबंध में अज्ञात आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत अपराध दर्ज करने की प्रक्रिया जारी है, जबकि शराब के मामले में आबकारी अधिनियम के तहत कार्रवाई की जा रही है। इसके अतिरिक्त, बिना नंबर वाली संदिग्ध दोपहिया वाहनों को भी जब्त कर उनकी जांच शुरू कर दी गई है।

पुलिस अधिकारियों के अनुसार, इस अभियान का मुख्य उद्देश्य क्षेत्र में कानून व्यवस्था बनाए रखना, असामाजिक तत्वों पर नियंत्रण करना और 'ऑपरेशन विश्वास' के तहत नशे के कारोबार पर कड़ी कार्रवाई करना है। दुर्ग पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे अपने आसपास किसी भी संदिग्ध गतिविधि, नशीले पदार्थों की बिक्री या अवैध हथियारों की सूचना तत्काल पुलिस को दें, ताकि क्षेत्र को सुरक्षित बनाया जा सके।
    user_The YUVA WORLD News
    The YUVA WORLD News
    Media company बिलासपुर, बिलासपुर, छत्तीसगढ़•
    20 hrs ago
  • छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले में एक बुजुर्ग दंपति अपनी जमीन पर हुए अवैध कब्जे के कारण गंभीर परेशानी का सामना कर रहा है। अपनी पैतृक भूमि को वापस पाने और न्याय की उम्मीद में, यह दंपति पिछले कई सालों से लगातार सरकारी दफ्तरों के चक्कर काट रहा है, लेकिन उन्हें अब तक इस समस्या का कोई समाधान नहीं मिल पाया है।
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    छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले में एक बुजुर्ग दंपति अपनी जमीन पर हुए अवैध कब्जे के कारण गंभीर परेशानी का सामना कर रहा है। अपनी पैतृक भूमि को वापस पाने और न्याय की उम्मीद में, यह दंपति पिछले कई सालों से लगातार सरकारी दफ्तरों के चक्कर काट रहा है, लेकिन उन्हें अब तक इस समस्या का कोई समाधान नहीं मिल पाया है।
    user_Durgesh maravi
    Durgesh maravi
    कोरबा, कोरबा, छत्तीसगढ़•
    17 min ago
  • आकाशवाणी के 90 साल पूरे होने के उपलक्ष्य में एक कृषि चौपाल का आयोजन किया गया।
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    आकाशवाणी के 90 साल पूरे होने के उपलक्ष्य में एक कृषि चौपाल का आयोजन किया गया।
    user_Dwarika prasad Yadaw
    Dwarika prasad Yadaw
    हरदीबाजार, कोरबा, छत्तीसगढ़•
    10 hrs ago
  • बिलासपुर जिले के वार्ड क्रमांक 58 में स्थित हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी गंभीर बदहाली का सामना कर रही है। कॉलोनी के निवासी पानी, बिजली और सुरक्षा से जुड़े गंभीर संकटों से लगातार जूझ रहे हैं।
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    बिलासपुर जिले के वार्ड क्रमांक 58 में स्थित हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी गंभीर बदहाली का सामना कर रही है। कॉलोनी के निवासी पानी, बिजली और सुरक्षा से जुड़े गंभीर संकटों से लगातार जूझ रहे हैं।
    user_जोगी जगत न्यूज़ नेटवर्क
    जोगी जगत न्यूज़ नेटवर्क
    बिलासपुर, बिलासपुर, छत्तीसगढ़•
    10 hrs ago
  • बिलासपुर में NSUI ने NEET पेपर लीक मामले को लेकर 'हल्ला बोल' प्रदर्शन किया। इस प्रदर्शन के दौरान जमकर धक्का-मुक्की हुई और लाठी भी चली। घटना के बाद कांग्रेस के कई नेताओं और कार्यकर्ताओं को हिरासत में ले लिया गया।
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    बिलासपुर में NSUI ने NEET पेपर लीक मामले को लेकर 'हल्ला बोल' प्रदर्शन किया। इस प्रदर्शन के दौरान जमकर धक्का-मुक्की हुई और लाठी भी चली। घटना के बाद कांग्रेस के कई नेताओं और कार्यकर्ताओं को हिरासत में ले लिया गया।
    user_CG CRIME.NEWS
    CG CRIME.NEWS
    पत्रकार बिलासपुर, बिलासपुर, छत्तीसगढ़•
    19 hrs ago
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