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न जाने वे कौन कुत्ते है, जिन्हें दीपावली के पटाखों से परेशानी है। देशी नस्ल का शेरु पाले.. नर्तकी नदंन की तरह हाइब्रिड मिक्सचर टॉमी नहीं
Ashok verma
न जाने वे कौन कुत्ते है, जिन्हें दीपावली के पटाखों से परेशानी है। देशी नस्ल का शेरु पाले.. नर्तकी नदंन की तरह हाइब्रिड मिक्सचर टॉमी नहीं
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- न जाने वे कौन कुत्ते है, जिन्हें दीपावली के पटाखों से परेशानी है। देशी नस्ल का शेरु पाले.. नर्तकी नदंन की तरह हाइब्रिड मिक्सचर टॉमी नहीं1
- *दौलतपुर में नन्हीं बिटिया रानी ने किया वाहनों का पूजन, परिवार में दिखा दीपावली का उत्साह* दौलतपुर में नन्हीं बिटिया रानी ने किया वाहनों का पूजन, परिवार में दिखा दीपावली का उत्साह दौलतपुर (सुल्तानपुर)। दीपावली के पावन पर्व पर दौलतपुर निवासी पत्रकार प्रशांत यादव के घर श्रद्धा, उल्लास और पारंपरिक संस्कृति की सुंदर झलक देखने को मिली। इस अवसर पर उनकी नन्हीं बिटिया रानी ने घर में मौजूद सभी वाहनों के पास पहुंचकर विधि-विधान एवं श्रद्धाभाव से पूजा-अर्चना की। बिटिया रानी ने वाहनों पर तिलक लगाकर, पुष्प अर्पित कर तथा पैर रखकर पारंपरिक रीति-रिवाज के अनुसार पूजन किया। इस मनमोहक पल ने पूरे परिवार के चेहरों पर मुस्कान बिखेर दी। भारतीय संस्कृति में दीपावली के अवसर पर वाहनों, मशीनों और उपयोग में आने वाले साधनों की पूजा करने की परंपरा रही है। यह पूजा सुखद, सुरक्षित और मंगलमय यात्रा की कामना का प्रतीक मानी जाती है। नन्हीं बिटिया के इस अंदाज ने परिवार के लिए दीपावली की खुशियों को और भी खास बना दिया। परिवार ने बिटिया के उज्ज्वल भविष्य एवं सुख-समृद्धि की कामना की। दौलतपुर में बिटिया रानी की यह प्यारी पहल परिवार के लिए दीपावली की यादगार बन गई।4
- अयोध्या के दसवें, दीपोत्सव में जगमगायी रामनगरी, 30 लाख दियों से रोशन हुई सरयू नगरी ,लेजर शो में साकार हुई रामायण की दिव्य गाथा अयोध्या। प्रभु श्रीराम की पावन नगरी अयोध्या में 10वां दीपोत्सव भव्यता और दिव्यता के साथ मनाया गया। इस ऐतिहासिक आयोजन में पूरी रामनगरी दीपों की रोशनी से जगमगा उठी। सरयू नदी के किनारे स्थित 56 घाटों पर करीब 30 लाख दीप प्रज्ज्वलित किए गए, जिससे अयोध्या का नजारा अद्भुत और अलौकिक दिखाई दिया। दीपोत्सव के दौरान राम की पैड़ी और सरयू घाट पर अत्याधुनिक लेजर शो के माध्यम से रामायण की मनमोहक झलकियां प्रस्तुत की गईं। वहीं 2100 ड्रोनों के विशेष शो ने आसमान में प्रभु श्रीराम के जीवन से जुड़े अद्भुत दृश्य उकेरकर लोगों को मंत्रमुग्ध कर दिया। इस अवसर पर सरयू तट पर 2147 अर्चकों द्वारा भव्य सरयू महाआरती की गई। इसके बाद शानदार आतिशबाजी ने दीपोत्सव की भव्यता में चार चांद लगा दिए। कार्यक्रम में उपराष्ट्रपति, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सहित कई मंत्री एवं गणमान्य अतिथि मौजूद रहे। दीपों की रोशनी, मंत्रोच्चार, भव्य आरती और आधुनिक तकनीक के अद्भुत संगम ने अयोध्या को आस्था, संस्कृति और सनातन परंपरा के रंग में रंग दिया। यह दीपोत्सव एक बार फिर दुनिया को भगवान श्रीराम की नगरी की आध्यात्मिक महिमा और भारतीय संस्कृति की भव्यता का संदेश दे गया।1
- *अमावस्या पर दो माह के मासूम की बलि देने की थी साजिश! महराजगंज से दिल्ली तक पुलिस ने खंगाले 100 से अधिक CCTV कैमरे, कश्मीरी गेट बस स्टैंड से बच्चा सकुशल बरामद* *अमावस्या पर दो माह के मासूम की बलि देने की थी साजिश! महराजगंज से दिल्ली तक पुलिस ने खंगाले 100 से अधिक CCTV कैमरे, कश्मीरी गेट बस स्टैंड से बच्चा सकुशल बरामद* *महराजगंज* जिले के ठूठीबारी थाना क्षेत्र से दो माह के मासूम बच्चे के अपहरण के मामले में महराजगंज पुलिस ने सनसनीखेज खुलासा किया है। पुलिस के मुताबिक, अपहृत मासूम विक्की को अमावस्या के दिन बलि देने की योजना बनाई गई थी। इस साजिश के तहत बच्चे का अपहरण किया गया था। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज, सर्विलांस और मुखबिर तंत्र की मदद से महराजगंज से दिल्ली तक पीछा करते हुए बच्चे को नई दिल्ली के कश्मीरी गेट बस स्टैंड से सकुशल बरामद कर लिया। मामले में दो महिलाओं समेत तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस अधीक्षक शक्ति मोहन अवस्थी के निर्देशन में अपर पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ एवं क्षेत्राधिकारी निचलौल रविन्द्र कुमार सिंह के पर्यवेक्षण में ठूठीबारी पुलिस, एसओजी, स्वाट और डॉग ट्रैकर स्क्वायड की संयुक्त टीम ने यह कार्रवाई की। पुलिस के अनुसार, 3 नवंबर 2026 को ग्राम राजाबारी के टोला रमजीता निवासी गोविन्द पुत्र नन्दलाल ने ठूठीबारी थाने में सूचना दी थी कि रात करीब 2 से 4 बजे के बीच वह अपनी पत्नी और दो माह के बेटे विक्की के साथ घर में सो रहा था। इसी दौरान किसी अज्ञात व्यक्ति ने घर में घुसकर उसके बच्चे का अपहरण कर लिया। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर कई टीमें गठित कीं और बच्चे की तलाश शुरू कर दी। पुलिस टीम ने घटनास्थल और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। जांच के दौरान रात करीब 3:57 बजे राजाबारी पुल के पास एक संदिग्ध महिला हाथ में बच्चा लेकर निचलौल रोड की तरफ जाती दिखाई दी। इसके बाद पुलिस ने रास्ते में लगे कैमरों की फुटेज खंगालनी शुरू की। महिला ठूठीबारी बस स्टैंड तक पहुंची और फिर बस से शिकारपुर मोड़ पर उतरकर घुघली की तरफ जाती दिखाई दी। स्थानीय पूछताछ और मुखबिर की सूचना के आधार पर महिला की पहचान सावित्री पत्नी स्वर्गीय उमेश राजभर निवासी ग्राम कफवा, थाना घुघली के रूप में हुई। इसके बाद पुलिस ने सर्विलांस के जरिए उसकी लोकेशन ट्रैक करनी शुरू की। तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पुलिस टीम लगातार संदिग्धों का पीछा करते हुए दिल्ली पहुंची। नई दिल्ली के कश्मीरी गेट बस स्टैंड पर सावित्री अपने साथी करण कुमार गौतम के साथ एक शिशु के साथ मिली। बच्चे के संबंध में पूछताछ करने पर दोनों कोई संतोषजनक जवाब नहीं दे सके। पुलिस ने बच्चे की तस्वीर पिता गोविन्द को व्हाट्सएप पर भेजी, जिसके बाद उन्होंने अपने बेटे विक्की के रूप में उसकी पहचान की। पुलिस ने मासूम को सकुशल बरामद कर लिया। चिकित्सकीय परीक्षण कराने के बाद बच्चे को उसके परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया। पुलिस प्रेस नोट के मुताबिक, पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि दो माह के मासूम की बलि देने की योजना बनाई गई थी। आगामी एक-दो दिनों में अमावस्या के दिन इस घटना को अंजाम देने की तैयारी थी। बताया गया कि आरोपियों का अंधविश्वास था कि मासूम की बलि देने से सरस्वती का कई वर्षों से लापता पति और पुत्र वापस आ जाएंगे तथा परिवार में पूर्व में हुई अकाल मृत्यु की घटनाएं रुक जाएंगी। पुलिस के अनुसार, नेपाल के बैरियहवा में एक कथित झाड़-फूंक करने वाले व्यक्ति ने उन्हें ऐसा करने की सलाह दी थी। इसी अंधविश्वास के चलते सावित्री और सरस्वती ने अपहरण की योजना बनाई, जिसमें सावित्री का दूसरा पति करण कुमार गौतम भी शामिल था। *पुलिस टीम को ₹25 हजार का पुरस्कार* पुलिस ने बताया कि डॉग स्क्वायड, 100 से अधिक सीसीटीवी कैमरों की फुटेज, स्थानीय पूछताछ, मुखबिर तंत्र और सर्विलांस की मदद से इस पूरे मामले का खुलासा किया गया। पुलिस अधीक्षक महराजगंज ने मासूम की सकुशल बरामदगी करने वाली टीम को ₹25,000 नकद पुरस्कार देने की घोषणा की है। फिलहाल गिरफ्तार तीनों आरोपियों के विरुद्ध अग्रिम विधिक कार्रवाई करते हुए न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया जा रहा है।1
- *लाइसेंस देर से मिलने से पटाखा दुकानदारों की बिक्री घटी,व्यापारी महंगाई और बढ़े किराए से नाराज* सुल्तानपुर के खुर्शीद क्लब ग्राउंड पर दीपावली के लिए आतिशबाजी की दुकानें लग गई हैं। व्यापारियों का कहना है कि इस बार बिक्री पिछले साल के मुकाबले कम है। उन्होंने देर से लाइसेंस मिलने, पाबंदियों, महंगाई और बढ़े किराए को इसकी वजह बताया। पटाखा विक्रेता प्रिंस कुमार अग्रहरी ने बताया कि उनकी दुकान करीब 27-28 साल पुरानी है। वर्ष 2020 में भाई के निधन के बाद उन्होंने कारोबार संभाला। दुकान पर काग, सोनी, तिलक, आरआर, मोरी और मगर ब्रांड के पटाखे उपलब्ध हैं। उन्होंने बताया कि सबसे सस्ते पटाखे 10 रुपये के हैं, जिनमें छुटपुटिया, नाग और बम शामिल हैं। सबसे महंगे स्काई शॉट 80 से 120 शॉट वाले हैं और इनकी कीमत 1,100 से 2,400 रुपये तक है। प्रिंस कुमार के मुताबिक, प्रशासन से लाइसेंस समय पर नहीं मिला। 6 तारीख की रात 10 बजे लाइसेंस मिलने के कारण दुकान देर से लग पाई और कारोबार के लिए करीब दो दिन ही मिले। उन्होंने कहा कि बाहर और ग्रामीण इलाकों के लोग बाजार तक नहीं पहुंच पा रहे हैं। कई पाबंदियों के चलते ग्राउंड पर खरीदार भी कम हैं। उन्होंने बताया कि दुकान का किराया पिछले साल करीब 25,000 रुपये था, जो इस बार 30,000 रुपये से ज्यादा हो गया है। मौजूदा हालात में खर्च निकालना भी मुश्किल हो सकता है। पटाखा कारोबार से 10-15 साल से जुड़े व्यापारी संजय कुमार गुप्ता ने भी बिक्री घटने की बात कही। उन्होंने इसकी वजह महंगाई और दुकान का ज्यादा किराया बताया। संजय कुमार गुप्ता के अनुसार, उन्हें भी लाइसेंस समय पर नहीं मिला। लाइसेंस रात करीब 10:30 बजे जारी हुआ, जिससे शुरुआती बिक्री पर असर पड़ा। उन्होंने दुकान के भारी-भरकम किराए पर चिंता जाहिर करते हुए बताया कि पिछले साल उन्होंने अपनी दुकान का किराया ₹26,000 दिया था, लेकिन इस बार उनसे ₹35,000 वसूले गए हैं। सीधे ₹9,000 की बढ़ोतरी पर सवाल उठाते हुए उन्होंने कहा, "जब बिक्री ही नहीं हो रही है तो हम इतना किराया कहां से देंगे? ऐसे हालात में व्यापारियों के पास कर्जा लेने के अलावा कोई रास्ता नहीं बचता।" दुकान पर सबसे सस्ता पटाखा ₹10 का है, जबकि सबसे महंगा पटाखा ₹4,000 का (चटाई पटाखा) उपलब्ध है। बच्चों के बीच ₹10 वाला 'पॉप-पॉप' और 'पड़-पड़' पटाखा सबसे ज्यादा लोकप्रिय है और इसी की मांग सर्वाधिक बनी हुई है। वहीं, बड़े लोग आसमान में रंग-बिरंगी रोशनी बिखेरने वाले 'स्काई शॉट' पटाखे अधिक पसंद कर रहे हैं। व्यापारियों ने उम्मीद जताई है कि आने वाले दिनों में बाजार की स्थिति सुधरेगी, ताकि वे अपना लागत और किराया निकाल सकें। पुरानी पटाखा दुकान के संचालक इम्तियाज हाशमी ने बताया उनकी दुकान पर ग्राहकों के लिए हर बजट के पटाखे उपलब्ध हैं। बच्चों के पटकने वाले पटाखे मात्र ₹10 और बच्चों का अनार ₹20 की शुरुआती कीमत पर उपलब्ध है। आसमान में रंग-बिरंगे चित्र और आतिशबाजी दिखाने वाले बड़े आइटम ₹2,500 से ₹3,000 तक की कीमत में बिक रहे हैं। बच्चे मुख्य रूप से अनार, छुछुरिया (छुचुंदरी), मिर्ची पटाखे और छोटी चटाई अधिक पसंद कर रहे हैं। वयस्क और युवा डबल या ट्रिपल आवाज वाले सुतली बम और बड़े गोले वाले बमों की खरीदारी कर रहे हैं। व्यापार की स्थिति पर चर्चा करते हुए दुकानदार इम्तियाज हाशमी ने बताया कि पिछले साल की तुलना में इस बार बाजार में वह भीड़ और रौनक देखने को नहीं मिल रही है। महंगाई के असर के कारण लोगों की जेब पर प्रभाव पड़ा है, जिसके चलते इस वर्ष पटाखों की कुल बिक्री में कमी दर्ज की गई है।1
- *3 सेकेंड में हथेली पर फटा पटाखा, कटकर गिरीं उंगलियां:* बेटे का सदमा मां बर्दाश्त नहीं कर सकीं; पटाखे दगाएं, लेकिन सावधानी से • हाथ में रखकर पटाखा कभी न जलाएं: कोई भी पटाखा (चाहे वह छोटा बम हो या फुलझड़ी) हाथ में पकड़कर जलाने की गलती न करें। पटाखे को हमेशा जमीन पर रखकर ही जलाएं। • 'फुस्स' पटाखों के पास तुरंत न जाएं: अगर कोई पटाखा जलाने के बाद नहीं फटा, तो उसके पास तुरंत न जाएं। उस पर दूर से पानी डाल दें। कई बार उनमें अंदर ही अंदर चिंगारी सुलगती रहती है और वे अचानक फट जाते हैं। • सुरक्षित दूरी बनाए रखें: पटाखा जलाते ही तुरंत उससे सुरक्षित दूरी (कम से कम 5-10 फीट) पर हट जाएं। • बच्चों पर कड़ी नजर रखें: बच्चों को अकेले कभी भी पटाखे न जलाने दें। बड़ों की निगरानी में ही उन्हें पटाखे छूने दें। • सूती कपड़े पहनें: पटाखे जलाते समय ढीले या नायलॉन/सिंथेटिक कपड़े पहनने से बचें, क्योंकि इनमें आग बहुत तेजी से पकड़ती है। हमेशा तंग और सूती (cotton) कपड़े पहनें। • पास में पानी और रेत रखें: किसी भी आपातकालीन स्थिति या आग लगने पर तुरंत काबू पाने के लिए पास में पानी से भरी बाल्टी या रेत जरूर रखें। ब्रेकिंग न्यूज़ संवाददाता आशीष मिश्रा हिंदी दैनिक समाचार पत्र साभार दैनिक भास्कर1
- पहले एक सॉन्ग सुनिए उसके बाद एक जवाब दीजिए आपको कैसा लगा यह सॉन्ग उसको आप कमेंट में जरूर बताइए पहले एक सॉन्ग सुनिए उसके बाद एक जवाब दीजिए आपको कैसा लगा यह सॉन्ग उसको आप कमेंट में जरूर बताइए1
- बाइक सवार को अज्ञात वाहन ने मारी टक्कर हुई मौत सड़क हादसे में बाइक सवार युवक की मौत, परिवार में मचा कोहराम पट्टी-अमरगढ़ मार्ग पर शनिवार देर शाम अज्ञात वाहन की टक्कर से बाइक सवार 35 वर्षीय युवक गंभीर रूप से घायल हो गया। इलाज के दौरान मेडिकल कॉलेज में उसकी मौत हो गई। युवक की मौत की खबर मिलते ही परिजनों में कोहराम मच गया। जानकारी के अनुसार, पट्टी कस्बे के रायपुर रोड निवासी रोहित जायसवाल (35) पुत्र राजकुमार जायसवाल शनिवार की देर शाम करीब नौ बजे बाइक से निमंत्रण में शामिल होने जा रहे थे। जैसे ही वह शोभवा गांव के आगे पहुंचे, तभी सामने से आ रहे एक अज्ञात वाहन ने उनकी बाइक में जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर लगने से रोहित सड़क पर गिर पड़े और गंभीर रूप से घायल होकर बेहोश हो गए। हादसे के बाद वाहन चालक मौके से फरार हो गया। काफी देर तक रोहित सड़क पर घायल अवस्था में पड़े रहे। इसी दौरान मझिगवां गांव निवासी राकेश कुमार उधर से घर जा रहे थे। सड़क पर युवक को घायल पड़ा देखकर उन्होंने मानवता का परिचय देते हुए अपनी गाड़ी से उन्हें सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) पट्टी पहुंचाया। वहां चिकित्सकों ने हालत गंभीर देखते हुए प्राथमिक उपचार के बाद मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया। मेडिकल कॉलेज पहुंचने पर चिकित्सकों ने जांच के बाद रोहित जायसवाल को मृत घोषित कर दिया। सूचना मिलते ही परिवार के लोगों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। उधर, पट्टी कोतवाल प्रदीप कुमार पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे और शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस अज्ञात वाहन की तलाश में जुटी है।1