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प्रयागराज के नैनी क्षेत्र में मिर्जापुर रोड पर जलभराव के कारण एक कार सीधे नाले में जा फंसी। यह हादसा उस समय हुआ जब कार प्रयागराज शहर से मेवालाल बगिया की ओर जा रही थी। भारी बारिश के बाद नाले की समय पर सफाई न होने के चलते सड़क पर जलजमाव हो गया था, जिससे राहगीरों और वाहन चालकों को भारी मुसीबतों का सामना करना पड़ रहा है। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, सड़क पर पानी इतना अधिक भरा हुआ था कि नाला पूरी तरह ओझल हो चुका था और उसकी स्थिति का अंदाजा लगाना नामुमकिन था। जैसे ही कार चालक ने जलभराव वाले हिस्से से वाहन को निकालने की कोशिश की, कार अनियंत्रित होकर पानी में छिपे नाले में जा धंसी।
अजय सरोज~पत्रकार
प्रयागराज के नैनी क्षेत्र में मिर्जापुर रोड पर जलभराव के कारण एक कार सीधे नाले में जा फंसी। यह हादसा उस समय हुआ जब कार प्रयागराज शहर से मेवालाल बगिया की ओर जा रही थी। भारी बारिश के बाद नाले की समय पर सफाई न होने के चलते सड़क पर जलजमाव हो गया था, जिससे राहगीरों और वाहन चालकों को भारी मुसीबतों का सामना करना पड़ रहा है। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, सड़क पर पानी इतना अधिक भरा हुआ था कि नाला पूरी तरह ओझल हो चुका था और उसकी स्थिति का अंदाजा लगाना नामुमकिन था। जैसे ही कार चालक ने जलभराव वाले हिस्से से वाहन को निकालने की कोशिश की, कार अनियंत्रित होकर पानी में छिपे नाले में जा धंसी।
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- प्रयागराज में पौराणिक परंपरा का पालन करते हुए भगवान श्री जगन्नाथ को बीमार माना गया है, जिसके चलते वे 15 दिनों के लिए अपनी मौसी के घर आए हैं। भीषण गर्मी के कारण भगवान बीमार बताए गए हैं और 15 जुलाई तक उनके एकांतवास के दौरान उनका उपचार किया जा रहा है। इस अवधि में सुबह-शाम औषधि काढ़ा और दवा का भोग लगाया जा रहा है, और डॉक्टर उनकी नियमित जांच भी कर रहे हैं। इस दौरान केवल पुजारी और वैद्यजी को ही भगवान के पास जाने की अनुमति है। भगवान जगन्नाथ की रथ यात्रा 16 जुलाई 2026 को निकाली जाएगी। मंदिर की सेवा से जुड़ीं प्रीति गुप्ता के अनुसार, पुरी के श्रीमंदिर में ज्येष्ठ पूर्णिमा के दिन स्नान पूर्णिमा के पश्चात भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और देवी सुभद्रा बीमार होकर 14 दिन के अनवसर काल में विश्राम करते हैं। इस परंपरा के पीछे माधवदास नामक भक्त की कथा प्रचलित है, जिन्हें एक बार अतिसार का गंभीर रोग हो गया था। मंदिर के प्रबंधक गगन गुप्ता के मुताबिक, स्वयं भगवान ने अपने भक्त माधवदास की पीड़ा को साझा करते हुए उनके प्रारब्ध के 15 दिनों के रोग को अपने ऊपर ले लिया था। इसी घटना की स्मृति में प्रतिवर्ष स्नान पूर्णिमा के बाद भगवान बीमार होकर विश्राम करते हैं और आषाढ़ शुक्ल द्वितीया को स्वस्थ होने पर भक्तों को दर्शन देने रथ यात्रा पर निकलते हैं।1
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- कौशाम्बी में पुलिस टीम ने एक सराहनीय कार्य करते हुए आम नागरिकों के खोए हुए मोबाइल फोनों को बरामद किया है। इन फोनों को CEIR पोर्टल की मदद से ट्रैक करके खोजा गया और बाद में नियमानुसार उनके वास्तविक स्वामियों को सुपुर्द कर दिया गया। इस पूरी बरामदगी और सुपुर्दगी की प्रक्रिया के संबंध में कौशाम्बी के पुलिस अधीक्षक श्री सत्यनारायण ने जानकारी साझा की है। पुलिस की इस कार्रवाई से मोबाइल मालिकों को बड़ी राहत मिली है।1
- सोशल मीडिया पर एक स्कूली बच्ची का बारिश में मस्ती करने का वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में स्कूल ड्रेस पहने बच्ची बारिश के पानी में बेफिक्र होकर खेलती नजर आ रही है, जिसकी मासूमियत लोगों का दिल जीत रही है। यह वीडियो फोटोग्राफर संदीप यादव ने 6 जुलाई 2026 को सुबह 11:30 बजे वाराणसी के सेंट फ्रांसिस ज़ेवियर्स स्कूल (V.N.S.) के पास रिकॉर्ड किया था। बच्ची के इस अंदाज़ को देखकर बशीर बद्र की इन पंक्तियों की याद ताजा हो जाती है— "उड़ने दो परिंदों को अभी शौख़ हवा में, फिर लौट के बचपन के ज़माने नहीं आते।"1
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- प्रयागराज के नैनी क्षेत्र में मिर्जापुर रोड पर जलभराव के कारण एक कार सीधे नाले में जा फंसी। यह हादसा उस समय हुआ जब कार प्रयागराज शहर से मेवालाल बगिया की ओर जा रही थी। भारी बारिश के बाद नाले की समय पर सफाई न होने के चलते सड़क पर जलजमाव हो गया था, जिससे राहगीरों और वाहन चालकों को भारी मुसीबतों का सामना करना पड़ रहा है। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, सड़क पर पानी इतना अधिक भरा हुआ था कि नाला पूरी तरह ओझल हो चुका था और उसकी स्थिति का अंदाजा लगाना नामुमकिन था। जैसे ही कार चालक ने जलभराव वाले हिस्से से वाहन को निकालने की कोशिश की, कार अनियंत्रित होकर पानी में छिपे नाले में जा धंसी।1