Shuru
Apke Nagar Ki App…
बिहार के शिवहर जिले के पिपराही प्रखंड स्थित ऐतिहासिक बाबा भुवनेश्वर नाथ धाम, डूबा घाट पर करोड़ों रुपये की लागत से बन रहे मुक्तिधाम (श्मशान घाट) का पूर्वी हिस्सा बागमती नदी के कटाव की भेंट चढ़ गया है। बागमती नदी का जलस्तर बढ़ने के कारण इस निर्माणाधीन मुक्तिधाम के पिलर नदी में समा गए। इस हादसे के बाद से ही निर्माण कार्य की गुणवत्ता, योजना और सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। यह डूबा घाट शिवहर शहर के साथ-साथ लक्ष्मीपुर, रसीदपुर, कमरौली, परसौनी बैज, हरिहरपुर और देकुली धाम सहित आसपास के कई गांवों के लोगों के अंतिम संस्कार का प्रमुख स्थल है। इस घटना से आक्रोशित स्थानीय लोग अब पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने, दोषियों पर सख्त कार्रवाई करने और जल्द से जल्द कोई वैकल्पिक व्यवस्था करने की मांग कर रहे हैं।
Bihar ke Janta ki Awaaz
बिहार के शिवहर जिले के पिपराही प्रखंड स्थित ऐतिहासिक बाबा भुवनेश्वर नाथ धाम, डूबा घाट पर करोड़ों रुपये की लागत से बन रहे मुक्तिधाम (श्मशान घाट) का पूर्वी हिस्सा बागमती नदी के कटाव की भेंट चढ़ गया है। बागमती नदी का जलस्तर बढ़ने के कारण इस निर्माणाधीन मुक्तिधाम के पिलर नदी में समा गए। इस हादसे के बाद से ही निर्माण कार्य की गुणवत्ता, योजना और सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। यह डूबा घाट शिवहर शहर के साथ-साथ लक्ष्मीपुर, रसीदपुर, कमरौली, परसौनी बैज, हरिहरपुर और देकुली धाम सहित आसपास के कई गांवों के लोगों के अंतिम संस्कार का प्रमुख स्थल है। इस घटना से आक्रोशित स्थानीय लोग अब पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने, दोषियों पर सख्त कार्रवाई करने और जल्द से जल्द कोई वैकल्पिक व्यवस्था करने की मांग कर रहे हैं।
More news from बिहार and nearby areas
- शिवहर जिले के डुमरी कटसरी अंतर्गत श्यामपुर गांव के वार्ड नंबर 8 में लक्ष्मी नारायण मंदिर के पीछे बारिश के कारण भारी जलजमाव हो गया है। इस जलभराव की वजह से वहां से गुजरने वाले और आने-जाने वाले लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। श्यामपुर गांव में बारिश के बाद बने जलजमाव के इन हालातों ने राहगीरों के आवागमन को बेहद मुश्किल बना दिया है।1
- Post by मोतिहारी जिला के न्यूज़4
- बिहार के शिवहर जिले के पिपराही प्रखंड स्थित ऐतिहासिक बाबा भुवनेश्वर नाथ धाम, डूबा घाट पर करोड़ों रुपये की लागत से बन रहे मुक्तिधाम (श्मशान घाट) का पूर्वी हिस्सा बागमती नदी के कटाव की भेंट चढ़ गया है। बागमती नदी का जलस्तर बढ़ने के कारण इस निर्माणाधीन मुक्तिधाम के पिलर नदी में समा गए। इस हादसे के बाद से ही निर्माण कार्य की गुणवत्ता, योजना और सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। यह डूबा घाट शिवहर शहर के साथ-साथ लक्ष्मीपुर, रसीदपुर, कमरौली, परसौनी बैज, हरिहरपुर और देकुली धाम सहित आसपास के कई गांवों के लोगों के अंतिम संस्कार का प्रमुख स्थल है। इस घटना से आक्रोशित स्थानीय लोग अब पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने, दोषियों पर सख्त कार्रवाई करने और जल्द से जल्द कोई वैकल्पिक व्यवस्था करने की मांग कर रहे हैं।1
- बिहार के शिवहर में उच्च शिक्षा के क्षेत्र में एक नई क्रांति की शुरुआत हुई है।1
- पूर्वी चम्पारण के पकड़ीदयाल में दवा लेने निकली साली अपने जीजा के साथ लापता हो गई है। घटना के 9 दिन बीत जाने के बाद भी दोनों का कोई सुराग नहीं मिला है, जिससे परिजनों की चिंता काफी बढ़ गई है। फिलहाल पुलिस लापता दोनों लोगों की तलाश में जुटी हुई है।1
- बिहार के पीपराकोठी स्थित महात्मा गांधी समेकित कृषि अनुसंधान संस्थान में भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (आईसीएआर) का 98वां स्थापना दिवस मनाया गया। इस अवसर पर संस्थान परिसर में पौधारोपण, स्वच्छता अभियान और किसान प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए गए। कार्यक्रम के दौरान परिसर में पपीता, आम, अमरूद और केले सहित कुल 262 फलदार पौधे लगाए गए। इसके बाद वैज्ञानिकों, कर्मचारियों और किसानों ने मिलकर परिसर से गाजर घास (पार्थेनियम) हटाकर स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। संस्थान के निदेशक डॉ. राघवेन्द्र सिंह ने भारतीय कृषि के विकास में आईसीएआर के पिछले 98 वर्षों के महत्वपूर्ण योगदान को रेखांकित किया और किसानों से आधुनिक व वैज्ञानिक कृषि तकनीकों को अपनाने का आग्रह किया। कार्यक्रम में डॉ. एस. के. पुर्बे, डॉ. एस. के. सिंह और डॉ. वी. एस. मीणा ने किसानों को एकीकृत कृषि प्रणाली, संतुलित उर्वरक उपयोग, मृदा स्वास्थ्य और जलवायु के अनुकूल खेती के बारे में विस्तार से जानकारी दी। अनुसूचित जाति उपयोजना के तहत डॉ. अमोल के. जाधव के नेतृत्व में उच्च तकनीक सब्जी बीज उत्पादन पर विशेष प्रशिक्षण दिया गया, जिसके बाद अनुसूचित जाति वर्ग के किसानों को सब्जी बीज किट वितरित की गईं। इस पूरे कार्यक्रम में कुल 70 लोगों ने भाग लिया, जिनमें 40 महिलाएं और 30 पुरुष शामिल थे। इसमें अनुसूचित जाति वर्ग के 40 किसान प्रशिक्षण और बीज किट वितरण से लाभान्वित हुए। कार्यक्रम का संचालन डॉ. लैमेला ओझा और डॉ. शुभम मुखर्जी ने किया और अंत में सभी प्रतिभागियों ने स्वच्छ, हरित और वैज्ञानिक कृषि को बढ़ावा देने का संकल्प लिया।4
- मुजफ्फरपुर के औराई में बागमती नदी की बाढ़ के कारण राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय बुकची तालाब में तब्दील हो गया है। बाढ़ का पानी स्कूल परिसर में इस कदर फैल चुका है कि यहाँ लगा चापाकल तक पानी में डूब गया है। इस स्थिति के चलते स्कूल में पिछले कई दिनों से पढ़ाई पूरी तरह बंद पड़ी है।1
- पता नहीं कब ये दिन आएगा जीते जी में भी देख लेता SHIVAM KUMAR1