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देसी दयाल परिहार
More news from मध्य प्रदेश and nearby areas
- दतिया में विशाल कुशवाहा हत्याकांड के फरार आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर कुशवाहा समाज और आजाद समाज पार्टी के सैकड़ों कार्यकर्ता एसपी कार्यालय पहुंचे। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने जमकर नारेबाजी की और अमित तिवारी एवं बंटी तिवारी को तत्काल गिरफ्तार करने की मांग की। उन्होंने क्रॉस केस की निष्पक्ष जांच कराने पर भी जोर दिया। कुशवाहा समाज के लोगों ने दतिया एसपी मयूर खंडेलवाल को एक ज्ञापन सौंपा, जिसके बाद पुलिस अधीक्षक ने मामले की जांच एएसपी मंजीत सिंह चावला को सौंप दी। साथ ही, एसपी ने हत्याकांड के आरोपियों के शस्त्र लाइसेंस निरस्त कराने के लिए कलेक्टर को एक प्रस्ताव भी भेजा है।1
- भिंड जिले के मौ विकासखंड अंतर्गत ग्राम गुमार निवासी दिव्यांग खिलाड़ी सीताराम ने अपनी लगन और खेल प्रतिभा से बड़ी उपलब्धि हासिल की है। उनका चयन जापान में होने वाली पैरा एशियन व्हीलचेयर रग्बी चैंपियनशिप के लिए भारतीय टीम में किया गया है, जहाँ वे देश का प्रतिनिधित्व करेंगे। उनकी इस उपलब्धि से जिले और पूरे प्रदेश में खुशी और गर्व का माहौल है। सीताराम ने कठिन परिस्थितियों और शारीरिक चुनौतियों का सामना करते हुए खेल जगत में अपनी पहचान बनाई है। उन्होंने लगातार मेहनत और समर्पण के साथ व्हीलचेयर रग्बी में उत्कृष्ट प्रदर्शन किया, जिसके परिणामस्वरूप उन्हें भारतीय टीम में जगह मिली। उनकी यह सफलता क्षेत्र के युवाओं और अन्य दिव्यांग खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत मानी जा रही है। भारतीय टीम में चयन पर सीताराम ने अपनी सफलता का श्रेय अपने पिता रामलाल, परिवारजनों, प्रशिक्षकों, साथियों और शुभचिंतकों को दिया। उन्होंने कहा कि देश का प्रतिनिधित्व करना उनके जीवन का सबसे गौरवपूर्ण क्षण है और वे पूरी निष्ठा व मेहनत से प्रतियोगिता में अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन कर भारत का नाम रोशन करने का प्रयास करेंगे। सीताराम के चयन पर क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों, सामाजिक संगठनों, खेल प्रेमियों और ग्रामीणों ने उन्हें बधाई दी और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। लोगों का मानना है कि उनकी सफलता यह दर्शाती है कि मजबूत इच्छाशक्ति और निरंतर प्रयासों से किसी भी लक्ष्य को प्राप्त किया जा सकता है। ग्राम गुमार और मौ क्षेत्र के लोगों ने इसे पूरे जिले के लिए गौरव का विषय बताया है और उन्हें विश्वास है कि सीताराम जापान में होने वाली इस प्रतिष्ठित प्रतियोगिता में शानदार प्रदर्शन कर देश, प्रदेश और भिंड जिले का नाम अंतरराष्ट्रीय स्तर पर गौरवान्वित करेंगे।1
- मध्य प्रदेश के डबरा में विधायक के गनरों का एक वीडियो सामने आया है जो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इस वीडियो में विधायक के गनर ग्रामीणों के साथ गाली-गलौज करते हुए दिखाई दे रहे हैं, जिसके चलते एक बड़ा विवाद खड़ा हो गया है।1
- कानपुर में मोबाइल चोरी के आरोप में पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज के आधार पर दो युवकों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तारी के बाद पुलिस इन दोनों युवकों के साथ फोटो और वीडियो बनवाने लगी। इसी दौरान एक युवक ने डिब्बा पकड़ने से इनकार करते हुए कहा, "जब मैंने चोरी ही नहीं की, तो डिब्बा कैसे पकड़ लें?" हालांकि, एसीएन भारत इस वीडियो की पुष्टि नहीं करता है।1
- लहार विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत कई जगहों पर रेत का अवैध कारोबार बेरोकटोक जारी है। वरिष्ठ अधिकारियों के आदेशों का खुलेआम उल्लंघन हो रहा है, जिससे अवैध रेत खनन और परिवहन पर कोई लगाम नहीं लग पा रही है। भिंड जिले के असवार थाना क्षेत्र के गिरवासा में अवैध रेत खनन और इसका परिवहन धड़ल्ले से चल रहा है, जिसका अंदाजा आज के एक वीडियो से लगाया जा सकता है। पोस्ट में इस बात पर जोर दिया गया है कि अवैध रेत उत्खनन रुकने का नाम नहीं ले रहा है और इस पर लगाम लगाने के लिए खनन विभाग को सख्ती दिखानी पड़ेगी।1
- इंदरगढ़ क्षेत्र में ग्वालियर रोड पर स्थित राजीव नगर मोड़ के आगे सड़क पर फैली गिट्टी और रेत लोगों की जान के लिए एक बड़ा खतरा बन गई है। यह स्थिति पिछले लगभग एक सप्ताह से बनी हुई है, लेकिन संबंधित विभाग ने इसे हटाने या इस ओर ध्यान देने के लिए अब तक कोई कदम नहीं उठाया है। गोराघाट और उचाड़ की दिशा से आने वाले दोपहिया वाहन चालकों को रोजाना इस गंभीर समस्या का सामना करना पड़ रहा है। सड़क के मोड़ पर बिखरी इस गिट्टी और रेत के कारण बाइक सवारों का संतुलन बिगड़ रहा है, जिससे कई लोग दुर्घटनाओं का शिकार हो चुके हैं। दुर्घटनाग्रस्त लोगों का स्पष्ट कहना है कि यही कारण है कि उनके वाहन असंतुलित हो रहे हैं और लगातार हादसे हो रहे हैं। इस समस्या से स्कूली बच्चों, बुजुर्गों और दोपहिया वाहन चालकों को सबसे अधिक परेशानी झेलनी पड़ रही है। लोगों ने प्रशासन से तत्काल सड़क से गिट्टी और रेत को हटाने की मांग की है, ताकि किसी बड़े और गंभीर हादसे को होने से रोका जा सके। फिलहाल, यह सवाल जस का तस बना हुआ है कि प्रशासन इस जानलेवा समस्या पर कब ध्यान देगा और लोगों को इस खतरे से कब मुक्ति मिलेगी।1