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एक नए सुझाव में यह तर्क दिया गया है कि भारत में विधानसभा और लोकसभा चुनावों के लिए अमेरिका के समान दो साल का कार्यकाल होना चाहिए, ताकि देश में पनप रहे 'नकली' आंदोलनों और 'नकली' कार्यकर्ताओं पर रोक लगाई जा सके। पोस्ट के अनुसार, अमेरिका में हर दो साल में लोकसभा और विधानसभा चुनाव होते हैं, और अगर भारत में भी ऐसी ही व्यवस्था होती तो कई 'नकली' आंदोलन कभी शुरू ही नहीं हो पाते। उदाहरण के तौर पर, मई 2009 के लोकसभा चुनावों के बाद, अगला चुनाव मई 2014 में हुआ, इस पाँच साल के अंतराल ने 'दुरात्मा अन्ना' जैसे 'नकली लोगों' को 'हम सिर्फ आंदोलन करेंगे, चुनाव नहीं लड़ेंगे' जैसे दावे करने का मौका दिया। इसी तरह, मई 2024 के लोकसभा चुनावों के बाद, अगले चुनाव मई 2029 में होने हैं, जिससे 'हनीबीज़' को यह कहने का मौका मिल गया कि वे पाँच साल तक इंतजार नहीं कर सकते और इसलिए आंदोलन करेंगे। हालांकि, यह भी बताया गया है कि अगस्त 2026 में 4 विधानसभाओं के उपचुनाव और फरवरी 2027 में उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, और पंजाब विधानसभा चुनाव होने हैं। इसलिए, यह दृढ़ता से माना गया है कि भारत में लोकसभा और विधानसभा चुनावों के लिए अमेरिका जैसा दो साल का कार्यकाल लागू करना 'जनलोकपालवादी' या 'एपेक्स-हनीबीज़' जैसे 'नकली एक्टिविस्ट' को ऐसी 'नकली' गतिविधियों में शामिल होने से रोकने का एक प्रभावी तरीका होगा।

5 hrs ago
user_Sonu Kumar
Sonu Kumar
गायघाट, मुजफ्फरपुर, बिहार•
5 hrs ago

एक नए सुझाव में यह तर्क दिया गया है कि भारत में विधानसभा और लोकसभा चुनावों के लिए अमेरिका के समान दो साल का कार्यकाल होना चाहिए, ताकि देश में पनप रहे 'नकली' आंदोलनों और 'नकली' कार्यकर्ताओं पर रोक लगाई जा सके। पोस्ट के अनुसार, अमेरिका में हर दो साल में लोकसभा और विधानसभा चुनाव होते हैं, और अगर भारत में भी ऐसी ही व्यवस्था होती तो कई 'नकली' आंदोलन कभी शुरू ही नहीं हो पाते। उदाहरण के तौर पर, मई 2009 के लोकसभा चुनावों के बाद, अगला चुनाव मई 2014 में हुआ, इस पाँच साल के अंतराल ने 'दुरात्मा अन्ना' जैसे 'नकली लोगों' को 'हम सिर्फ आंदोलन करेंगे, चुनाव नहीं लड़ेंगे' जैसे दावे करने का मौका दिया। इसी तरह, मई 2024 के लोकसभा चुनावों के बाद, अगले चुनाव मई 2029 में होने हैं, जिससे 'हनीबीज़' को यह कहने का मौका मिल गया कि वे पाँच साल तक इंतजार नहीं कर सकते और इसलिए आंदोलन करेंगे। हालांकि, यह भी बताया गया है कि अगस्त 2026 में 4 विधानसभाओं के उपचुनाव और फरवरी 2027 में उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, और पंजाब विधानसभा चुनाव होने हैं। इसलिए, यह दृढ़ता से माना गया है कि भारत में लोकसभा और विधानसभा चुनावों के लिए अमेरिका जैसा दो साल का कार्यकाल लागू करना 'जनलोकपालवादी' या 'एपेक्स-हनीबीज़' जैसे 'नकली एक्टिविस्ट' को ऐसी 'नकली' गतिविधियों में शामिल होने से रोकने का एक प्रभावी तरीका होगा।

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  • मुजफ्फरपुर के अहियापुर थाना क्षेत्र से एक गंभीर आरोप सामने आया है, जहाँ एक महिला पर एक नाबालिग बच्चे को अपने घर में बंद करके उसकी छाती पर दांत से काटने का आरोप लगाया गया है।
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    मुजफ्फरपुर के अहियापुर थाना क्षेत्र से एक गंभीर आरोप सामने आया है, जहाँ एक महिला पर एक नाबालिग बच्चे को अपने घर में बंद करके उसकी छाती पर दांत से काटने का आरोप लगाया गया है।
    user_Crime Sach Khabar
    Crime Sach Khabar
    मुशहरी, मुजफ्फरपुर, बिहार•
    8 hrs ago
  • बिहार के आरा में हुआ भरत भूषण तिवारी एनकाउंटर मामला अब एक बेहद संवेदनशील और गंभीर मोड़ पर आ गया है। इस एनकाउंटर की सच्चाई पर अब बिहार के पूर्व डीजीपी गुप्तेश्वर पांडेय ने ही सबसे बड़ा सवाल उठाया है, जिन्होंने पुलिसिया कार्रवाई को पूरी तरह कटघरे में खड़ा करते हुए इसे 'एनकाउंटर' मानने से साफ इनकार कर दिया है और इसे 'प्रथम दृष्ट्या हत्या' का मामला बताया है। अयोध्या से जारी एक वीडियो संदेश में पूर्व डीजीपी गुप्तेश्वर पांडेय ने बेहद तल्ख लहजे में कहा कि मृतक भरत तिवारी कोई पेशेवर अपराधी, डकैत, रंगदार या आतंकवादी नहीं था। उन्होंने स्पष्ट किया कि वह स्थानीय लोगों और जवनिया गांव के विस्थापितों की समस्याओं के लिए लड़ने वाला एक व्यक्ति था। पूर्व डीजीपी ने सोशल मीडिया पर वायरल क्लिपिंग्स का हवाला देते हुए पुलिस की थ्योरी की धज्जियां उड़ा दी हैं। पूर्व डीजीपी ने जो सवाल उठाए हैं, वे कानून व्यवस्था और पुलिस की ट्रेनिंग को शर्मसार करने वाले हैं। उन्होंने पूछा कि जब पुलिस खुद मान रही है कि भरत तिवारी मानसिक रूप से विक्षिप्त यानी इमोशनली अनबैलेंस था, तो एक बीमार व्यक्ति पर इतनी बर्बरता क्यों की गई? उनका दूसरा सवाल था कि भरत तिवारी के हाथ में जो पिस्टल थी, उसकी मारक क्षमता महज 30 मीटर होती है, जबकि पुलिस बल उससे 200 मीटर की दूरी पर था; ऐसे में पुलिस को कौन सा जानलेवा खतरा था? तीसरा और सबसे बड़ा सवाल उठाते हुए उन्होंने कहा कि वीडियो में साफ दिख रहा है कि भरत तिवारी ने अपना हथियार फेंक दिया था, वह निहत्था हो चुका था और सरेंडर कर रहा था, तो फिर निहत्थे शख्स पर आधुनिक हथियारों से गोलियों की बौछार क्यों की गई? गुप्तेश्वर पांडेय ने साफ शब्दों में कहा है कि पुलिस को गाली देना या परेशान करना किसी की जान लेने का लाइसेंस नहीं बन जाता। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस ने अपने अहंकार को चोट पहुंचने के कारण आपा खोया और एक निहत्थे की जान ले ली। उन्होंने मुख्यमंत्री और मौजूदा डीजीपी से मांग की है कि इस मामले में तुरंत एफआईआर दर्ज हो, दोषी पुलिसकर्मियों की गिरफ्तारी हो और माननीय उच्च न्यायालय के न्यायाधीश की निगरानी में एसआईटी जांच कराई जाए। खाकी पर लगे इस गहरे दाग के बाद अब प्रशासन क्या जवाब देगा, इस पर हमारी नजर बनी रहेगी।
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    बिहार के आरा में हुआ भरत भूषण तिवारी एनकाउंटर मामला अब एक बेहद संवेदनशील और गंभीर मोड़ पर आ गया है। इस एनकाउंटर की सच्चाई पर अब बिहार के पूर्व डीजीपी गुप्तेश्वर पांडेय ने ही सबसे बड़ा सवाल उठाया है, जिन्होंने पुलिसिया कार्रवाई को पूरी तरह कटघरे में खड़ा करते हुए इसे 'एनकाउंटर' मानने से साफ इनकार कर दिया है और इसे 'प्रथम दृष्ट्या हत्या' का मामला बताया है।

अयोध्या से जारी एक वीडियो संदेश में पूर्व डीजीपी गुप्तेश्वर पांडेय ने बेहद तल्ख लहजे में कहा कि मृतक भरत तिवारी कोई पेशेवर अपराधी, डकैत, रंगदार या आतंकवादी नहीं था। उन्होंने स्पष्ट किया कि वह स्थानीय लोगों और जवनिया गांव के विस्थापितों की समस्याओं के लिए लड़ने वाला एक व्यक्ति था। पूर्व डीजीपी ने सोशल मीडिया पर वायरल क्लिपिंग्स का हवाला देते हुए पुलिस की थ्योरी की धज्जियां उड़ा दी हैं।

पूर्व डीजीपी ने जो सवाल उठाए हैं, वे कानून व्यवस्था और पुलिस की ट्रेनिंग को शर्मसार करने वाले हैं। उन्होंने पूछा कि जब पुलिस खुद मान रही है कि भरत तिवारी मानसिक रूप से विक्षिप्त यानी इमोशनली अनबैलेंस था, तो एक बीमार व्यक्ति पर इतनी बर्बरता क्यों की गई? उनका दूसरा सवाल था कि भरत तिवारी के हाथ में जो पिस्टल थी, उसकी मारक क्षमता महज 30 मीटर होती है, जबकि पुलिस बल उससे 200 मीटर की दूरी पर था; ऐसे में पुलिस को कौन सा जानलेवा खतरा था? तीसरा और सबसे बड़ा सवाल उठाते हुए उन्होंने कहा कि वीडियो में साफ दिख रहा है कि भरत तिवारी ने अपना हथियार फेंक दिया था, वह निहत्था हो चुका था और सरेंडर कर रहा था, तो फिर निहत्थे शख्स पर आधुनिक हथियारों से गोलियों की बौछार क्यों की गई?

गुप्तेश्वर पांडेय ने साफ शब्दों में कहा है कि पुलिस को गाली देना या परेशान करना किसी की जान लेने का लाइसेंस नहीं बन जाता। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस ने अपने अहंकार को चोट पहुंचने के कारण आपा खोया और एक निहत्थे की जान ले ली। उन्होंने मुख्यमंत्री और मौजूदा डीजीपी से मांग की है कि इस मामले में तुरंत एफआईआर दर्ज हो, दोषी पुलिसकर्मियों की गिरफ्तारी हो और माननीय उच्च न्यायालय के न्यायाधीश की निगरानी में एसआईटी जांच कराई जाए। खाकी पर लगे इस गहरे दाग के बाद अब प्रशासन क्या जवाब देगा, इस पर हमारी नजर बनी रहेगी।
    user_Nitesh Sinha
    Nitesh Sinha
    गोरा बौरम, दरभंगा, बिहार•
    10 hrs ago
  • दरभंगा के निवासियों के लिए विदेश जाकर रोज़गार पाने का एक सुनहरा अवसर सामने आया है। इस अवसर के तहत दुबई सहित कई अन्य स्थानों के लिए आकर्षक वेतन वाले जॉब्स उपलब्ध हैं। इच्छुक उम्मीदवार इन अवसरों के बारे में अधिक जानकारी दरभंगा टेस्ट एंड ट्रेनिंग सेंटर से प्राप्त कर सकते हैं।
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    दरभंगा के निवासियों के लिए विदेश जाकर रोज़गार पाने का एक सुनहरा अवसर सामने आया है। इस अवसर के तहत दुबई सहित कई अन्य स्थानों के लिए आकर्षक वेतन वाले जॉब्स उपलब्ध हैं। इच्छुक उम्मीदवार इन अवसरों के बारे में अधिक जानकारी दरभंगा टेस्ट एंड ट्रेनिंग सेंटर से प्राप्त कर सकते हैं।
    user_Darpan24 News
    Darpan24 News
    Local News Reporter लहेरिअसारै, दरभंगा•
    11 hrs ago
  • वैशाली के चेहराकलां प्रखंड मुख्यालय स्थित ई-किसान भवन के प्रांगण में शनिवार को 'प्रधानमंत्री - किसान उत्सव' मनाया गया। इस दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा संध्या 3.00 बजे प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की राशि सीधे किसानों के खातों में हस्तांतरित की गई, जिसका सीधा प्रसारण कार्यक्रम स्थल पर दिखाया गया। यह राशि शारदीय खरीफ महाभियान 0.26 में किसानों को खरीफ फसलों की खेती करने में सहायक सिद्ध हो रही है। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए प्रखंड कृषि पदाधिकारी (बीएओ) शशि प्रकाश ने अपने संबोधन में फसल चक्र के साथ जैविक खाद से खेती करने पर जोर दिया। उन्होंने यह भी बताया कि आने वाले समय में केवल उन्हीं किसानों को डीएपी और यूरिया मिलेगा जिनके नाम पर जमीन होगी, और इसके लिए कृषि विभाग द्वारा एक विशेष ऐप भी जारी किया गया है। इस मौके पर प्रखंड तकनीकी प्रबंधक मो शरीफ ने मिट्टी जांच के बाद ही खेती करने पर बल दिया, ताकि खेतों में आवश्यक खनिज पदार्थों की सही जानकारी मिल सके। प्रधानमंत्री - किसान सम्मान निधि योजना को उत्सव के रूप में मनाया जा रहा है, और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा तीन बजे यह राशि जारी की गई।
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    वैशाली के चेहराकलां प्रखंड मुख्यालय स्थित ई-किसान भवन के प्रांगण में शनिवार को 'प्रधानमंत्री - किसान उत्सव' मनाया गया। इस दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा संध्या 3.00 बजे प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की राशि सीधे किसानों के खातों में हस्तांतरित की गई, जिसका सीधा प्रसारण कार्यक्रम स्थल पर दिखाया गया। यह राशि शारदीय खरीफ महाभियान 0.26 में किसानों को खरीफ फसलों की खेती करने में सहायक सिद्ध हो रही है।

कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए प्रखंड कृषि पदाधिकारी (बीएओ) शशि प्रकाश ने अपने संबोधन में फसल चक्र के साथ जैविक खाद से खेती करने पर जोर दिया। उन्होंने यह भी बताया कि आने वाले समय में केवल उन्हीं किसानों को डीएपी और यूरिया मिलेगा जिनके नाम पर जमीन होगी, और इसके लिए कृषि विभाग द्वारा एक विशेष ऐप भी जारी किया गया है।

इस मौके पर प्रखंड तकनीकी प्रबंधक मो शरीफ ने मिट्टी जांच के बाद ही खेती करने पर बल दिया, ताकि खेतों में आवश्यक खनिज पदार्थों की सही जानकारी मिल सके। प्रधानमंत्री - किसान सम्मान निधि योजना को उत्सव के रूप में मनाया जा रहा है, और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा तीन बजे यह राशि जारी की गई।
    user_बिहारी लाइव खबर
    बिहारी लाइव खबर
    चेहरा कलां, वैशाली, बिहार•
    6 hrs ago
  • बिहार के औराई में सड़कों की बदहाली को लेकर जनता में गहरा रोष व्याप्त है। स्थानीय जनप्रतिनिधियों द्वारा विकास के वादे केवल चुनावी पोस्टरों तक ही सीमित होकर रह गए हैं, जबकि धरातल पर सड़कें आज भी कीचड़ और गंदगी से भरी हुई हैं। जनता ने सीधे तौर पर सवाल उठाया है कि चुनाव के समय तो उन्हें याद किया जाता है, लेकिन अगले पाँच साल तक उनकी समस्याओं और विकास की जिम्मेदारी कौन उठाएगा। यह स्थिति क्षेत्र में जमीनी हकीकत और किए गए वादों के बीच के बड़े अंतर को उजागर करती है।
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    बिहार के औराई में सड़कों की बदहाली को लेकर जनता में गहरा रोष व्याप्त है। स्थानीय जनप्रतिनिधियों द्वारा विकास के वादे केवल चुनावी पोस्टरों तक ही सीमित होकर रह गए हैं, जबकि धरातल पर सड़कें आज भी कीचड़ और गंदगी से भरी हुई हैं। जनता ने सीधे तौर पर सवाल उठाया है कि चुनाव के समय तो उन्हें याद किया जाता है, लेकिन अगले पाँच साल तक उनकी समस्याओं और विकास की जिम्मेदारी कौन उठाएगा। यह स्थिति क्षेत्र में जमीनी हकीकत और किए गए वादों के बीच के बड़े अंतर को उजागर करती है।
    user_BIHAR NEWS NOW
    BIHAR NEWS NOW
    Marwan, Muzaffarpur•
    7 hrs ago
  • मुजफ्फरपुर के गायघाट क्षेत्र में बकरी चराने को लेकर हुए विवाद में एक महिला के साथ मारपीट की घटना सामने आई है।
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    मुजफ्फरपुर के गायघाट क्षेत्र में बकरी चराने को लेकर हुए विवाद में एक महिला के साथ मारपीट की घटना सामने आई है।
    user_Crime Sach Khabar
    Crime Sach Khabar
    मुशहरी, मुजफ्फरपुर, बिहार•
    8 hrs ago
  • दरभंगा में नगर अध्यक्ष मोहम्मद अफसर की अध्यक्षता में शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का पुतला दहन कार्यक्रम आयोजित किया गया। मोहम्मद अफसर ने केंद्र सरकार के शिक्षा मंत्री पर आरोप लगाया कि उन्होंने 22 लाख बच्चों के भविष्य के साथ गंभीर खिलवाड़ किया है, जिसका मुख्य कारण नीट परीक्षा का बार-बार पेपर लीक होना है। उन्होंने बताया कि छात्र कड़ी मेहनत और लगन से एक साल पढ़ाई करने के बाद परीक्षा देते हैं, लेकिन बाद में उन्हें पेपर लीक होने की खबर मिलती है। इस निराशा के कारण कई छात्र हताश होकर ज़हर खा लेते हैं, फांसी लगा लेते हैं या रेल की पटरी पर अपनी जान दे देते हैं। मोहम्मद अफसर ने एक दर्दनाक उदाहरण देते हुए बताया कि नागपुर का एक बच्चा पिछले एक महीने से नीट री-एग्जाम की तैयारी कर रहा था। परीक्षा से ठीक एक दिन पहले जब उसने अपना एडमिट कार्ड डाउनलोड किया, तो उसका सेंटर अबू धाबी निकला। बच्चे के पास न तो पासपोर्ट था, न ही उसके परिवार के पास उसे विदेश भेजने के लिए पैसे थे, और न ही अब कोई समय बचा था। उन्होंने कहा कि वह बच्चा रात भर रोता रहा और परीक्षा देने से ही मना कर रहा है, जिसके तनाव की कल्पना भी नहीं की जा सकती। मोहम्मद अफसर ने ज़ोर देकर कहा कि ऐसी शिक्षा मंत्री को जल्द से जल्द उनके पद से हटाया जाना चाहिए, और चेतावनी दी कि यदि ऐसा नहीं होता है, तो आंदोलन जारी रहेगा। इस कार्यक्रम में विश्वविद्यालय अध्यक्ष भाई नसरुल्ला, जिला अध्यक्ष दिलखुश कुमार, जिला उपाध्यक्ष ओमप्रकाश, जिला उपाध्यक्ष ताल्हा ताबिश, जिला महासचिव तिरुपति नाथ चौधरी, नगर उपाध्यक्ष मोहम्मद आकिब, नगर महासचिव मोहम्मद सद्दाम, नगर महासचिव नूरुल कमर, नगर सचिव नदीम अहमद और अन्य लोग उपस्थित थे।
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    दरभंगा में नगर अध्यक्ष मोहम्मद अफसर की अध्यक्षता में शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का पुतला दहन कार्यक्रम आयोजित किया गया। मोहम्मद अफसर ने केंद्र सरकार के शिक्षा मंत्री पर आरोप लगाया कि उन्होंने 22 लाख बच्चों के भविष्य के साथ गंभीर खिलवाड़ किया है, जिसका मुख्य कारण नीट परीक्षा का बार-बार पेपर लीक होना है। उन्होंने बताया कि छात्र कड़ी मेहनत और लगन से एक साल पढ़ाई करने के बाद परीक्षा देते हैं, लेकिन बाद में उन्हें पेपर लीक होने की खबर मिलती है। इस निराशा के कारण कई छात्र हताश होकर ज़हर खा लेते हैं, फांसी लगा लेते हैं या रेल की पटरी पर अपनी जान दे देते हैं।

मोहम्मद अफसर ने एक दर्दनाक उदाहरण देते हुए बताया कि नागपुर का एक बच्चा पिछले एक महीने से नीट री-एग्जाम की तैयारी कर रहा था। परीक्षा से ठीक एक दिन पहले जब उसने अपना एडमिट कार्ड डाउनलोड किया, तो उसका सेंटर अबू धाबी निकला। बच्चे के पास न तो पासपोर्ट था, न ही उसके परिवार के पास उसे विदेश भेजने के लिए पैसे थे, और न ही अब कोई समय बचा था। उन्होंने कहा कि वह बच्चा रात भर रोता रहा और परीक्षा देने से ही मना कर रहा है, जिसके तनाव की कल्पना भी नहीं की जा सकती।

मोहम्मद अफसर ने ज़ोर देकर कहा कि ऐसी शिक्षा मंत्री को जल्द से जल्द उनके पद से हटाया जाना चाहिए, और चेतावनी दी कि यदि ऐसा नहीं होता है, तो आंदोलन जारी रहेगा। इस कार्यक्रम में विश्वविद्यालय अध्यक्ष भाई नसरुल्ला, जिला अध्यक्ष दिलखुश कुमार, जिला उपाध्यक्ष ओमप्रकाश, जिला उपाध्यक्ष ताल्हा ताबिश, जिला महासचिव तिरुपति नाथ चौधरी, नगर उपाध्यक्ष मोहम्मद आकिब, नगर महासचिव मोहम्मद सद्दाम, नगर महासचिव नूरुल कमर, नगर सचिव नदीम अहमद और अन्य लोग उपस्थित थे।
    user_LIVE CITY DARBHANGA
    LIVE CITY DARBHANGA
    Media and information sciences faculty Jale, Darbhanga•
    5 hrs ago
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