स्वतंत्रता दिवस पर जैनधर्म अनुयायियों द्वारा तिरंगा हाथ में लेकर आर्यिका माता वैराग्यमति संघ सहित गौरझामर नगर यात्रा आर्यिका माता वैराग्यमति संघ सहित गौरझामर में आजादी पर्व पर नगरयात्रा पूज्यनीय माता जी द्वारा स्वतंत्रता दिवस पर झंडावंदन कार्यक्रम के बाद दिया राष्ट्र के नाम संबोधन -अपने गुरु समाधिस्त आचार्य विद्यासागर जी को याद करते हुए उनके द्वारा धर्म के साथ राष्ट्र के लिए किए गए प्रयास पर प्रकाश डाला जिसमें उनके बचपन का वह किस्सा बताया जिसमें आचार्य विद्यासागर जब बालक विद्याधर थे तब कर्नाटक के सदलगा ग्राम में राष्ट्रीय पर्व के दौरान होने वाले झंडावंदन कार्यक्रम में सम्मिलित हुए तो देखते हैं कि झंडा फहराने के पहले उसकी गांठ बंधने से झंडा लहराने में दिक्कत आते देख उन्होंने उसको सुलझाने झंडा फहराने वाले पाइप पर चढ़ने का निर्णय लिया और चढ़कर बंधन की गांठ खोल दी और पाइप से उतरते ही झंडे में बंधे पुष्प उनके ऊपर आ गिरे आजादी के पूर्व जिनका जन्म 1946 में गुलाम भारत में हुआ और उनके भारत में जन्म होने के वर्ष भर में जैनकुल सूर्य के जन्म के बाद देश में आजादी का सूर्य का प्रभात हो गया जिन्होंने देश, में कई सुधार के लिए समय समय पर सरकार के प्रतिनिधियों को मार्गदर्शित किया, राष्ट्रभाषा, स्वदेशी से स्वरोजगार, हथकरघा के पुनः जीवंत करने, गौवंश सुरक्षा और संरक्षण से किसानों के लिए आय के साथ जीवदया धर्म का पालन, शिक्षा में सुधार के लिए अंग्रेजी माध्यम के अलावा हिंदी में कामकाज और श्रेष्ठ शिक्षण चरित्रवान अध्यापक और विद्यार्थियों पर कार्य करने के साथ प्रतिभा स्थली जैसी व्यवस्था शुरू करवाई वही 16बी शताब्दी में भारत में 70लाख गौशालाएं थी जब देश सोने की चिड़िया हुआ करता था परन्तु अंग्रेजी हुकूमत ने भारत को दूषित करने सबसे पहले भारत के इस गौरव पर वार करके गौवध जैसी व्यवस्था शुरू कर भारत को मांसाहार जैसी बुराई से कुंठित कर सोने की चिड़िया का गौरव छीन लिया जिसे पुनः जीवंत करने आचार्य विद्यासागर जी ने दयोदय जैसी प्रेरणा से गौशालाएं संचालित करवाई जो देशभर में गौपालन और संरक्षण की अलख जगाए हैं
स्वतंत्रता दिवस पर जैनधर्म अनुयायियों द्वारा तिरंगा हाथ में लेकर आर्यिका माता वैराग्यमति संघ सहित गौरझामर नगर यात्रा आर्यिका माता वैराग्यमति संघ सहित गौरझामर में आजादी पर्व पर नगरयात्रा पूज्यनीय माता जी द्वारा स्वतंत्रता दिवस पर झंडावंदन कार्यक्रम के बाद दिया राष्ट्र के नाम संबोधन -अपने गुरु समाधिस्त आचार्य विद्यासागर जी को याद करते हुए उनके द्वारा धर्म के साथ राष्ट्र के लिए किए गए प्रयास पर प्रकाश डाला जिसमें उनके बचपन का वह किस्सा बताया जिसमें आचार्य विद्यासागर जब बालक विद्याधर थे तब कर्नाटक
के सदलगा ग्राम में राष्ट्रीय पर्व के दौरान होने वाले झंडावंदन कार्यक्रम में सम्मिलित हुए तो देखते हैं कि झंडा फहराने के पहले उसकी गांठ बंधने से झंडा लहराने में दिक्कत आते देख उन्होंने उसको सुलझाने झंडा फहराने वाले पाइप पर चढ़ने का निर्णय लिया और चढ़कर बंधन की गांठ खोल दी और पाइप से उतरते ही झंडे में बंधे पुष्प उनके ऊपर आ गिरे आजादी के पूर्व जिनका जन्म 1946 में गुलाम भारत में हुआ और उनके भारत में जन्म होने के वर्ष
भर में जैनकुल सूर्य के जन्म के बाद देश में आजादी का सूर्य का प्रभात हो गया जिन्होंने देश, में कई सुधार के लिए समय समय पर सरकार के प्रतिनिधियों को मार्गदर्शित किया, राष्ट्रभाषा, स्वदेशी से स्वरोजगार, हथकरघा के पुनः जीवंत करने, गौवंश सुरक्षा और संरक्षण से किसानों के लिए आय के साथ जीवदया धर्म का पालन, शिक्षा में सुधार के लिए अंग्रेजी माध्यम के अलावा हिंदी में कामकाज और श्रेष्ठ शिक्षण चरित्रवान अध्यापक और विद्यार्थियों पर कार्य करने के साथ प्रतिभा स्थली जैसी
व्यवस्था शुरू करवाई वही 16बी शताब्दी में भारत में 70लाख गौशालाएं थी जब देश सोने की चिड़िया हुआ करता था परन्तु अंग्रेजी हुकूमत ने भारत को दूषित करने सबसे पहले भारत के इस गौरव पर वार करके गौवध जैसी व्यवस्था शुरू कर भारत को मांसाहार जैसी बुराई से कुंठित कर सोने की चिड़िया का गौरव छीन लिया जिसे पुनः जीवंत करने आचार्य विद्यासागर जी ने दयोदय जैसी प्रेरणा से गौशालाएं संचालित करवाई जो देशभर में गौपालन और संरक्षण की अलख जगाए हैं
- शासकीय एकीकृत माध्यमिक विद्यालय नाहर मऊ के पूर्व प्रधानाचार्य ने ग्राम पंचायत पर फहराया तिरंगा ग्राम पंचायत सरपंच श्री मुकेश कुमार यादव ने सेवानिवृत्त प्राचार्य श्री पूरन सिंह ठाकुर का सम्मान करते हुए तिरंगा फहराने का आमंत्रण दिया ग्राम पंचायत में आयोजित एक गरिमामय समारोह में शासकीय एकीकृत माध्यमिक विद्यालय के पूर्व प्रधानाचार्य श्री पूरन सिंह ठाकुर ने तिरंगा फहराया। इस अवसर पर ग्राम पंचायत सरपंच श्री मुकेश कुमार ने सेवानिवृत्त प्राचार्य का विशेष सम्मान करते हुए उन्हें तिरंगा फहराने के लिए आमंत्रित किया। सरपंच मुकेश कुमार ने कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में लंबे समय तक समर्पित सेवा देने वाले श्री ठाकुर जैसे व्यक्तित्व का सम्मान करना हमारा कर्तव्य है। उन्होंने पूर्व प्राचार्य के योगदान की सराहना करते हुए उन्हें राष्ट्रीय ध्वज फहराने का गौरव प्रदान किया। इस मौके पर गांव के गणमान्य नागरिक, पंचायत सदस्य और स्थानीय लोग बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। तिरंगा फहराने के बाद राष्ट्रगान और देशभक्ति गीतों से वातावरण गूंज उठा। सभी ने एक स्वर में कहा कि ऐसे कार्यक्रम राष्ट्रीय एकता और देशभक्ति की भावना को मजबूत करते हैं। सेवानिवृत्त प्राचार्य श्री पूरन सिंह ठाकुर ने इस सम्मान के लिए सरपंच और ग्रामवासियों का आभार व्यक्त किया तथा युवाओं से देश के प्रति समर्पण की भावना बनाए रखने की अपील की।1
- स्वतंत्रता दिवस पर जैनधर्म अनुयायियों द्वारा तिरंगा हाथ में लेकर आर्यिका माता वैराग्यमति संघ सहित गौरझामर नगर यात्रा आर्यिका माता वैराग्यमति संघ सहित गौरझामर में आजादी पर्व पर नगरयात्रा पूज्यनीय माता जी द्वारा स्वतंत्रता दिवस पर झंडावंदन कार्यक्रम के बाद दिया राष्ट्र के नाम संबोधन -अपने गुरु समाधिस्त आचार्य विद्यासागर जी को याद करते हुए उनके द्वारा धर्म के साथ राष्ट्र के लिए किए गए प्रयास पर प्रकाश डाला जिसमें उनके बचपन का वह किस्सा बताया जिसमें आचार्य विद्यासागर जब बालक विद्याधर थे तब कर्नाटक के सदलगा ग्राम में राष्ट्रीय पर्व के दौरान होने वाले झंडावंदन कार्यक्रम में सम्मिलित हुए तो देखते हैं कि झंडा फहराने के पहले उसकी गांठ बंधने से झंडा लहराने में दिक्कत आते देख उन्होंने उसको सुलझाने झंडा फहराने वाले पाइप पर चढ़ने का निर्णय लिया और चढ़कर बंधन की गांठ खोल दी और पाइप से उतरते ही झंडे में बंधे पुष्प उनके ऊपर आ गिरे आजादी के पूर्व जिनका जन्म 1946 में गुलाम भारत में हुआ और उनके भारत में जन्म होने के वर्ष भर में जैनकुल सूर्य के जन्म के बाद देश में आजादी का सूर्य का प्रभात हो गया जिन्होंने देश, में कई सुधार के लिए समय समय पर सरकार के प्रतिनिधियों को मार्गदर्शित किया, राष्ट्रभाषा, स्वदेशी से स्वरोजगार, हथकरघा के पुनः जीवंत करने, गौवंश सुरक्षा और संरक्षण से किसानों के लिए आय के साथ जीवदया धर्म का पालन, शिक्षा में सुधार के लिए अंग्रेजी माध्यम के अलावा हिंदी में कामकाज और श्रेष्ठ शिक्षण चरित्रवान अध्यापक और विद्यार्थियों पर कार्य करने के साथ प्रतिभा स्थली जैसी व्यवस्था शुरू करवाई वही 16बी शताब्दी में भारत में 70लाख गौशालाएं थी जब देश सोने की चिड़िया हुआ करता था परन्तु अंग्रेजी हुकूमत ने भारत को दूषित करने सबसे पहले भारत के इस गौरव पर वार करके गौवध जैसी व्यवस्था शुरू कर भारत को मांसाहार जैसी बुराई से कुंठित कर सोने की चिड़िया का गौरव छीन लिया जिसे पुनः जीवंत करने आचार्य विद्यासागर जी ने दयोदय जैसी प्रेरणा से गौशालाएं संचालित करवाई जो देशभर में गौपालन और संरक्षण की अलख जगाए हैं4
- जर्नलिस्ट सोनू प्रजापति की तरफ से स्वतंत्रता दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं। जर्नलिस्ट सोनू प्रजापति की तरफ से स्वतंत्रता दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं।1
- तेंदूखेड़ा: ट्रक ने स्कूटी चालक को रौंदा हादसे में स्कूटी चालक की मौत ट्रक चालक मौके से हुआ फरार मौके पर पहुंची तेंदूखेड़ा पुलिस तेंदूखेड़ा थाना क्षेत्र की घटना ✍️Dharmendra sahu1
- सभी देशवासियों को आज 15 अगस्त स्वतंत्रता दिवस की बहुत-बहुत हार्दिक बधाई तथा ढेर सारी अनंत अनंत मंगल शुभकामनाएं। वंदे मातरम।1
- नरसिंहपुर जिले की तेंदूखेड़ा थाना प्रभारी द्वारा देश के सभी को 15 ऑगस्ट स्वतंत्र दिवस की बधाई दी है नरसिंहपुर जिले के तेंदूखेड़ा थाना प्रभारी द्वारा क्षेत्र एवं प्रदेशवासियों को स्वतंत्रता दिवस की बधाई दी है1
- नरसिंहपुर जिले की ग्राम पंचायत डोंगरगांव नर्मदा के शासकीय माध्यमिक शाला स्कूल में स्वतंत्रता दिवस/गणतंत्र दिवस के पावन अवसर पर ध्वजारोहण समारोह का आयोजन सम्मानपूर्वक संपन्न हुआ।गांव के सरपंच द्वारा शासकीय माध्यमिक शाला परिसर में राष्ट्रीय ध्वज तिरंगा फहराया गया। इस दौरान राष्ट्रीय गान का गायन किया गया एवं भारत माता की जय के नारों के साथ वातावरण देशभक्तिमय हो गया। नरसिंहपुर जिले की ग्राम पंचायत डोंगरगांव नर्मदा के शासकीय माध्यमिक शाला स्कूल में स्वतंत्रता दिवस/गणतंत्र दिवस के पावन अवसर पर ध्वजारोहण समारोह का आयोजन सम्मानपूर्वक संपन्न हुआ।गांव के सरपंच द्वारा शासकीय माध्यमिक शाला परिसर में राष्ट्रीय ध्वज तिरंगा फहराया गया। इस दौरान राष्ट्रीय गान का गायन किया गया एवं भारत माता की जय के नारों के साथ वातावरण देशभक्तिमय हो गया।1
- श्री नर्मदेश्वर महादेव जन कल्याण समिति अरमान नगर कॉलोनी जरजोला रोड नरसिंहपुर शंकर मंदिर में अखण्ड रामायण पाठ चल रहा है जय श्री राम श्री नर्मदेश्वर महादेव जन कल्याण समिति अरमान नगर कॉलोनी जरजोला रोड नरसिंहपुर शंकर मंदिर में अखण्ड रामायण पाठ चल रहा है जय श्री राम1